*वीरेंद्र से नाराजगी हो सकती है लेकिन सीएम और पीएम का रास्ता रोकने वालों को सिखाएं सबक- नरेंद्र सिंह तोमर*
- *कोलारस में गुटबाजी थामने के लिए नरेंद्र सिंह ने कार्यकर्ताओं को पढ़ाया एकता का पाठ*
- *एकता के जरिए उपचुनाव की भूल को सुधारने की बात कही*
*शिवपुरी।*
केेंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कोलारस विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों को एकता का पाठ पढ़ाया। कोलारस में चल रही गुटबाजी को थामने के लिए नरेंद्र सिंह तोमर ने कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी नेताओं को सीख दी कि भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र रघुवंशी से आप में से कुछ लोगों को नाराजगी हो सकती है लेकिन इस नाराजगी को पार्टी को जीत में रोड़ा न बनाएं। श्री तोमर ने कहा कि कार्यकर्ता वक्त की नजाकत को समझें और सीएम शिवराज व पीएम नरेंद्र मोदी का रास्ता रोकने वालों को सबक सिखाएं।
हेलीकॉफ्टर से कोलारस आए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कार्यकर्ता कही इस बार चूक गए तो आगे कोई रास्ता नहीं बचेगा। गुटबाजी से दूर रहने की नसीहत देते श्री तोमर ने कहा कि वीरेंद्र रघुवंशी से जो शिकायत है उसे सुनने के लिए मैं (स्वयं) हो, हमारे सीएम शिवराज हैं और संगठन मंत्री हैं लेकिन हम चूक गए तो आपको सुनाने के लिए कुछ नहीं बचेगा। गौरतलब है कि कोलारस में इस बार भाजपा ने वीरेंद्र रघुवंशी को मैदान में उतारा है। यहां पर पूर्व विधायक देवेंद्र जैन को टिकट नहीं दिया है। ऐसे में देवेंद्र जैन सहित उनके भाई जितेंद्र जैन गोटू इस समय चुनाव प्रचार से दूर हैं। भाजपा नेताओं की इस नाराजगी को दूर करने के लिए ही यह कार्यकर्ता सम्मेलन कोलारस में आयोजित किया गया था। श्री तोमर के इस दौरे के दौरान देवेंद्र जैन और उनके भाई नदारद थे।
*सीएम की राह में सिंधिया और कमलनाथ रोड़े अटका रहे हैं*
कार्यकर्ता सम्मेलन में श्री तोमर ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने कांग्रेसियों की दलाली बंद कर दी और देश व विदेश में भारत की साख मोदी सरकार के कारण बढ़ी है। इसके अलावा प्रदेश के सीएम शिवराज ने मप्र का विकास किया और आम जन के लिए कई योजनाएं बनाई। इसका लाभ जनता को मिल रहा है लेकिन सत्ता के लालच में कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ और राहुल गांधी ने सीएम को हटाने का संकल्प लिया है इसे भाजपा का कार्यकर्ता पूरा न होने दें। श्री तोमर ने कहा कि सच और झूठ के बीच यह चुनाव हो रहा है। कांग्रेसियों ने मप्र की राजनीति का अवमूल्यन कर दिया है। इसे जनता तक भाजपा कार्यकर्ता पहुंचाए।
*उपचुनाव के कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही*
श्री तोमर ने कहा कि कोलारस उपचुनाव के समय भाजपा की प्रदेश सरकार ने इस विधानसभा को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए करोड़ों रुपए की विकास योजनाएं मंजूर की। इन योजनाएं का काम जल्द से जल्द आगे बढ़े और जनता को इसका लाभ मिले इसलिए यहां पर भाजपा का विधायक होना जरूरी है। इसलिए सब एकजुटता का परिचय दें।

भाजपा प्रत्याशी को जिताने बड़ी संख्या में यादवों ने संकल्प लिया!

कोलारस जिला शिवपुरी

ब्रेकिंग
आज खतौरा में पास यादव समाज की एक विशाल बैठक संपन्न हुई जिसमें बड़ी संख्या में यादव समाज द्वारा भाजपा के प्रत्याशी विरेन्द्र रघुवंशी को जिताने का संकल्प लिया गया यादव समाज की बैठक में कहा गया कि यादव समाज खुलकर विरेन्द्र रघुवंशी ओर भाजपा की जीत के लिए संकल्पित है जिससे कोलारस का सम्पूर्ण विकास हो सके!

लोकनीति सीएसडीएस सर्वे के मुताबिक राजस्थान में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है. सूबे में सीएम के रूप में वसुंधरा अभी भी 32 फीसदी के साथ पहली पसंद बनी हुई हैं. दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री के रूप में 26 फीसदी लोग गहलोत के साथ हैं और महज 14 फीसदी लोग पायलट के साथ हैं.

लोकसभा चुनावों से पहले होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी घमासान जारी है. मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा इसे लेकर लोकनीति सीएसडीएस ने सर्वे जारी किया है. इन तीनों राज्यों में बीजेपी और कांग्रेस में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है.

मध्य प्रदेश में BJP का पलरा भारी

सर्वे के मुताबिक कुल 230 सीटों वाले मध्य प्रदेश में बीजेपी को 41 फीसदी, कांग्रेस को 40 फीसदी और अन्य को 19 फीसदी वोट मिलने के आसार हैं. सीटों की बात करें तो प्रदेश में बीजेपी 121-131 सीटों के साथ बहुमत का आंकड़ा पार करती नजर आ रही है, वहीं, कांग्रेस को प्रदेश में 90-100सीटें और अन्य को 6-12 सीटें मिलने की संभावना है.

मध्य प्रदेश में 15 से सत्ता की कुर्सी पर आसीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अभी भी सूबे में मुख्यमंत्री के चेहरों की रेस में पहले पायदान पर बने हुए हैं. लोकनीति सीएसडीएस सर्वे के मुताबिक 37 फीसदी जनता अभी भी शिवराज को ही अपने मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहती है. वहीं, 24 फीसदी जनता की पसंद के साथ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी पार्टी के नेता और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ से आगे निकल गए हैं. सर्वे में सीएम के रूप में महज 10 फीसदी लोगों ने ही कमलनाथ को अपना सीएम देखना चाहा है.

छत्तीसगढ़ में सीएम के रूप में रमन पहली पसंद, जोगी ने बघेल को पछाड़ा

लोकनीति सीएसडीएस सर्वे के मुताबिक छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री रमन सिंह की कुर्सी को किसी प्रकार का खतरा नजर नहीं आ रहा है. 90 सीटों वाले प्रदेश में 43 फीसदी लोग बीजेपी की सरकार चाहते हैं, 36 फीसदी लोग कांग्रेस की और 15 फीसदी लोग जोगी गठबंधन पर भरोसा जता रहे हैं. सीटों के मामले में भी रमन सिंह की अगुवाई में बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें मिलती नजर आ रही हैं. सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को 52-60 सीटें, कांग्रेस को 17-33 सीटें और जोगी गठबंधन को 2-6 सीटें मिलने के आसार हैं.

वहीं, मुख्यमंत्री के रूप में अभी भी रमन सिंह 40 फीसदी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. हालांकि, दिलचस्प बात ये है कि सर्वे में 20 फीसदी के साथ अजीत जोगी मुख्यमंत्री के रूप में लोगों की दूसरी पसंद बने हुए हैं और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को महज 14 फीसदी लोग सूबे के सीएम के रूप में देखना चाहते हैं.

राजस्थान: खतरे में वसुंधरा की कुर्सी!

राजस्थान में बीजेपी की नाव डूबती नजर आ रही है. लोकनीति सीएसडीएस सर्वे में मुख्यमंत्री वसुधरा राजे के प्रति लोगों की नाराजगी साफ तौर पर देखी जा सकती है. यहां वोट परसेंटेज के मामले में कांग्रेस 45 फीसदी के साथ पहले स्थान पर, बीजेपी 41 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है. वहीं, अन्य के खाते में 14 फीसदी वोट जाते नजर आ रहे हैं.

सीएम के रेस में गहलोत पायलट से आगे

200 सीटों वाले राजस्थान में बीजेपी को बड़ा नुकसान होता दिख रहा है, यहां बीजेपी बहुत बहुत नीचे 79-89 सीटों पर सिमट सकती है. वहीं, कांग्रेस को 104-116 सीटों के साथ सरकार बना सकती है. यहां अन्य को 3-9 सीटें मिल सकती हैं. हालांकि, सीएम के रूप में वसुंधरा अभी भी 32 फीसदी के साथ पहली पसंद बनी हुई हैं. दिलचस्प बात यह है कि मुख्यमंत्री के रूप में 26 फीसदी लोग गहलोत के साथ हैं और महज 14 फीसदी लोग पायलट के साथ हैं.

छत्तसीगढ़ में 12 और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान होंगे. जबकि मध्य प्रदेश में 28 नवंबर को और राजस्थान में 7 दिसंबर को वोटिंग होगी. सभी राज्यों के चुनाव नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे


दिल्ली: सीवीसी की रिपोर्ट पर सीबीआई चीफ आलोक वर्मा  के जवाब के कुछ अंश लीक होने पर नाराज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 29 नवंबर तक के लिए टाल दी है.दरअसल इस रिपोर्ट की कुछ बातें मीडिया के पास आई हैं. सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने पूछा आलोक वर्मा के वकील फली नरीमन से पूछा कि हम ये रिपोर्ट आपको वर्मा के वकील के तौर पर नहीं वरिष्ठ वकील के तौर पर दी थी ये पेपर बाहर कैसे आ गए. इस पर वकील ने जानकारी न होने की बात कही और कहा कि रिपोर्ट लीक करने वालों को कोर्ट में हाजिर कराया जाना चाहिए. इस जवाब से गुस्साए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आप में से कोई सुनवाई के लायक नहीं है.आपको बता दें कि  आलोक वर्मा ने उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर केन्द्रीय सतर्कता आयोग की प्रारंभिक रिपोर्ट पर सोमवार को अपराह्न सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब दाखिल किया था. शीर्ष अदालत ने इससे पहले, सोमवार को आलोक वर्मा से कहा था कि वह सीवीसी की रिपोर्ट पर आज ही सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब दाखिल करें. साथ ही न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि इस मामले की सुनवाई के निर्धारित कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया जायेगा. प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वर्मा के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने जवाब दाखिल करने के लिये सोमवार की सुबह जब थोड़ा वक्त देने का अनुरोध किया तो न्यायालय ने मंगलवार को सुनवाई का कार्यक्रम स्थगित करने से इनकार कर दिया.

वर्मा के वकील गोपाल ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘‘हालांकि हमने न्यायालय से थोड़ा वक्त और देने का अनुरोध किया था. वर्मा का जवाब सीलबंद लिफाफे में न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को अपराह्न एक बजे सौंप दिया गया है.'' शीर्ष अदालत ने सीबीआई निदेशक के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर सीवीसी की प्रारंभिक रिपोर्ट पर 16 नवंबर को आलोक वर्मा को सीलबंद लिफाफे में सोमवार तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था. इससे पहले, 16 नवंबर को न्यायालय ने कहा था कि सीवीसी ने अपनी जांच रिपोर्ट में कुछ ‘बहुत ही प्रतिकूल' टिप्पणियां की हैं और वह कुछ आरोपों की आगे जांच करना चाहता है, जिसके लिए उसे और समय चाहिए.  न्यायालय ने सीबीआई प्रमुख आलोक वर्मा के सभी अधिकार वापस लेने और उन्हें अवकाश पर भेजने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली वर्मा की याचिका पर सुनवाई के दौरान पिछले शुक्रवार को यह निर्देश दिया था. 



भोपाल। मध्य प्रदेश चुनाव में प्रचार करने पहुंची बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। भोपाल में बसपा प्रत्याशी के पक्ष में चुनावी सभा करने आईं मायवती ने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं होने के पीछे कांग्रेस का प्रदेश में कमजोर होना बताया। बसपा प्रमुख के मुताबिक कमजोर कांग्रेस प्रदेश में गठबंधन कर सत्ता हासिल करना चाहती थी लेकिन पार्टी ने अपने दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।

 मायावती ने कहा कि कांग्रेस खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे की तरह बीएसपी पर जानबूझकर गलत आरोप लगा रही है। बसपा प्रमुख ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों पार्टियां दलित, अल्पसंख्यक और किसान विरोधी हैं। मायावती ने इस बार चुनाव में बीएसपी के पक्ष में मतदान की अपील की।


बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बसपा का गठबंधन होते-होते नहीं हो पाया था। गठबंधन के लिए चर्चाएं तेज थीं लेकिन अंतिम समय पर बसपा प्रमुख ने ऐलान किया था कि बसपा एमपी में कांग्रेस से गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने आरोप लगाया था कि कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह आरएसएस के एजेंट हैं।

मध्य प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी का विंध्य, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल संभाग में प्रभाव है। साल 2013 के चुनाव में बसपा के खाते में चार सीटें गई थी। इसमें 62 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां बीएसपी को दस हजार और 17 सीटों पर तीस हजार वोट मिले थे।

अयोध्या (उत्तर प्रदेश) : राम मंदिर निर्माण की दिशा में मुस्लिम पक्षकार इकबाल अंसारी ने बड़ा बयान दिया है। इकबाल अंसारी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून का समर्थन किया है। अंसारी ने कहा है कि मंदिर निर्माण के लिए सरकार यदि कानून लाती है तो उन्हें इस पर कोई आपत्ति नहीं होगी। वह इस मामले में राजनीतिक विवाद का अंत चाहते हैं। वहीं, राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने अंसारी के बयान का समर्थन किया है। अंसारी का यह बयान चौंकाने वाला और महत्वपूर्ण है क्योंकि अंसारी इसके पहले राम मंदिर विवाद का समाधान सुप्रीम कोर्ट के जरिए करने की बात कहते आए हैं।   


टाइम्स नाउ से खास बातचीत में इकबाल अंसारी ने कहा, 'राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार को लोकसभा में बिल लाना चाहिए और उसे बिल के जरिए इस मामले को खत्म करना चाहिए। सरकार यदि कानून बनाती है तो हमें कोई ऐतराज नहीं है। हम अकेले कानून को रोक नहीं सकते। भाजपा सरकार अच्छा काम कर रही है, हम उसकी तारीफ करते हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'अयोध्या में जो राजनेता धरना-प्रदर्शन करने के लिए आते हैं, वे अपना मकसद बताएं। मामला सुप्रीम कोर्ट में है। अयोध्या में भीड़ जुटती है और कोई काम बिगड़ जाए तो लोग क्या करेंगे।'

अंसारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राम मंदिर के पुजारी सत्येंद्र दास ने कहा, 'अंसारी ने जो कहा है, हम उसका स्वागत करते हैं। सरकार को चाहिए कि वह जल्द से जल्द कानून बनाकर मंदिर का निर्माण कराए। इनके पिता हाशिम अंसारी ने भी अयोध्या विवाद के समाधान की पहल की थी लेकिन वह सफल नहीं हो पाए थे। अंसारी का बयान स्वागतयोग्य है। मुझे लगता है कि उनके बयान का असर सरकार पर भी पड़ेगा।'

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई टलने के बाद हिंदूवादी संगठनों एवं साधु संतों ने मंदिर निर्माण की मांग तेज कर दी है। वे अध्यादेश के जरिए मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर दबाव बना रहे हैं। अयोध्या में 25 नवंबर को विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) की एक बड़ी रैली होनी है और इसी दिन शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे भी यहां पहुंच रहे हैं।

 दिल्ली, । आम आदमी पार्टी (AAP) मुखिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर मंगलवार दोपहर दिल्ली सचिवालय में मिर्च पाउडर से हमला किया गया। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली सचिवालय में चैंबर से बाहर निकलने के दौरान केजरीवाल के ऊपर अनिल शर्मा नाम के शख्स ने अचानक मिर्च पाउडर फेंक दिया। बताया जा रहा है कि अरविंद केजरीवाल की आंखों में भी मिर्च पाउडर गिरा है।


वहीं, इस दौरान वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तत्काल हमलावर अनिल को पकड़ लिया। पुलिस की मानें तो अनिल दिल्ली के नारायणा विहार इलाके का रहने वाला है। फिलहाल आरोपित अनिल को हिरासत में लेकर आइपी एस्टेट थाने ले जाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।


ऐसे हुआ पूरा घटनाक्रम 
बताया जा रहा है कि नारायणा विहार का रहने वाला अनिल कुमार सीएम केजरीवाल को किसी समस्या को लेकर एक पत्र देने आया था। इस दौरान सीएम रुके तो वह उनके पैरों पर गिर गया। इस पर सीएम ने रोकने की कोशिश की तो इसमें उसका चश्मा गिर गया और टूट गया। फिर अनिल ने केजरीवाल के ऊपर मिर्च पाउडर फेंका। इससे पहले अनिल केजरीवाल से मुलाकात के लिए वेटिंग रूम में इंतजार कर रहा था। 


केजरीवाल का चश्मा टूटा


प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमले से पहले आरोपित अनिल शर्मा ने केजरीवाल के साथ धक्का-मुक्की भी की। इस दौरान अरविंद केजरीवाल का चश्मा भी टूट गया। 


अपने नेता अरविंद केजरीवाल पर मिर्च पाउडर से हमले को लेकर आम आदमी पार्टी नेता और कार्यकर्ता बेहद नाराज हैं। इस घटना के बाद AAP ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इतना ही नहीं, इस बाबत मामले की जानकारी देने के लिए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कुछ देर बाद पत्रकार वार्ता बुलाई है। 


वहीं, इस हमले को लेकर आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीट करके कहा- 'दिल्ली सचिवालय की सुरक्षा मोदी सरकार के अधीन है तो कोई व्यक्ति कैसे मिर्च पाउडर और माचिस लेकर सीएम अरविंद केजरीवाल तक कैसे पहुंच गया?'


क्या केजरीवाल से नाराज था अनिल शर्मा 


दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री के ऊपर मिर्च पाउडर डालने का पहला मामला सामने आया है। सचिवालय में केजरीवाल के ऊपर आरोपित अनिल शर्मा ने मिर्ची पाउडर क्यों फेंका? यह नहीं पता चल पाया है।


अरविंद केजरीवाल पर कभी थप्पड़, कभी स्याही तो कभी फेंके गए अंडे


दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमले का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई बार उन पर इस तरह के हमले हो चुके हैं। अप्रैल, 2016 में दिल्ली सचिवालय में ही पत्रकार वार्ता के दौरान उन पर जूता फेंका गया था। जूता फेंकने वाला आम आदमी सेना का कार्यकर्ता वेदप्रकाश शर्मा था। जूते के अलावा केजरीवाल की ओर सीडी भी उछाली गई। 


लुधियाना में गाड़ी पर हमला


फरवरी, 2016 में ही पंजाब के लुधियाना में अरविंद केजरीवाल की कार पर कुछ लोगों ने लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया था, जिससे कार का सामने वाला शीशा टूट गया था। 


महिला ने फेंकी थी स्याही फेंकी 
जनवरी, 2016 में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में ऑड ईवन फॉर्मूले के 15 दिवसीय ट्रायल की सफलता का जश्न मना रहे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर स्याही फेंकने का मामला सामने आया था। मुख्यमंत्री जब मंच से सभा को संबोधि‍त कर रहे थे, तभी एक महिला ने नाराजगी जाहिर करते हुए उन पर स्याही फेंकी थी।


इससे पहले 27 दिसंबर 2014 को दिल्ली में रैली के दौरान एक लड़के ने केजरीवाल पर पत्थर मारा था, यह अलग बात है कि उन्हें कोई चोट नहीं आई थी। फिर 26 दिसंबर 2014 को दिल्ली में रैली के दौरान उन पर अंडे फेंके गए थे।


इससे भी पहले 2014 के लोकसभा चुनावों में दिल्ली में रोड शो के दौरान केजरीवाल को एक ऑटो ड्राइवर ने थप्पड़ मारा था। केजरीवाल को थप्पड़ मारने वाला व्यक्ति अपने हाथ में एक माला लिए हुए था। उसने एक जीप पर सवार केजरीवाल को पहले माला पहनाई फिर उसके बाद उन्हें थप्पड़ मार दिया था। 


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