1. भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता श्री राहुल कोठारी ने कहा है कि मध्यप्रदेश में पुलिस विभाग में व्यापक स्तर पर तबादला एवं संशोधन घोटाला चल रहा है जिसका लोकायुक्त संगठन के द्वारा संज्ञान लेकर तत्काल जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि 50 उप पुलिस अधीक्षकों की सूची में से 40 ट्रांसफरों का संशोधित हो जाना या कैंसल हो जाना कमलनाथ सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। मध्यप्रदेश सरकार के कई मंत्री नोट शीट लिखकर तबादला निरस्त करा रहे हैं एवं कई कांग्रेस के नेताओ ने इसे व्यापार का रूप दे दिया है जिसकी गहराई से जांच कराई जानी चाहिए।

श्री कोठारी ने कहा कि सरकार बनने के बाद से लगातार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर टी आई की पोस्टिंग की सूची जिस तरह से किश्तों में जारी की जा रही है भाजपा के आरोप और दृढ़ हो गए हैं। कांग्रेस पार्टी सरकार में आने के पहले बदलाव की बयार की बात करती थी लेकिन सरकार में आने के बाद से ही  तबादले की बहार चल रही है, इसलिए कोई भी शासकीय कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है। 
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशों की आड़ में मध्यप्रदेश में जिस तरह से यह तबादला उद्योग पनप रहा है उससे मध्य प्रदेश की जनता में गलत संदेश जा रहा है।अन्य जिलों के अतिरिक्त छिंदवाड़ा से ट्रांसफर किए गए अधिकारी ही अपना तबादला निरस्त कराकर ना केवल व्यवस्था पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर रहे हैं यह भी साबित हो रहा है कि इस पूरे मामले के तार मुख्यमंत्री जी से जुड़े हुए हैं।



   


कर्ज माफी पर होगा सरकार का घेराव, विधायकों ने 727 सवाल और 150 लगाए ध्यानाकर्षण

भोपाल। सोमवार 18 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में सरकार के लिए विपक्षी दल भाजपा ने की है। प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था, जय किसान कर्ज माफी योजना, ओला-पाला फसल बर्वादी, किसान आत्महत्या सहित अन्य विषयों पर विधायकों ने सरकार से लिखित सवाल पूछे हैं। विधानसभा सचिवालय को ७२७ सवाल और 150 ध्यानाकर्षण प्राप्त हुए हैं।


विधानसभा सचिवालय ने विधायकों से ऑनलाइन के अलावा ऑफ लाइन सवाल पूछने की सुविधा दी है। इस बार 186 विधायकों ने ऑनलाइन सवाल पूछे हैं। जबकि शेष सवाल ऑफ लाइन आए हैं। 150 ध्यानाकर्षण और 50 शून्यकाल की सूचनाएं भी आई हैं। इसमें अधिकांश ध्यानाकर्षण क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर है।

विधायक दल की बैठक आज -

सत्र के एक दिन पहले १७ फरवरी को भाजपा और कांग्रेस विधायक दल की बैठक आयोजित की गई है। कांग्रेस विधायक दल की बैठक मुख्यमंत्री निवास और भाजपा विधायक दल की बैठक नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव के निवास पर होगी। इस बैठक में दोनों दल रणनीति पर मंथन करेंगे।



   


सियासत में एंट्री कर सकती हैं ये तीन महिलाएं, महारानी, रानी और मामी भी लड़ सकती हैं चुनाव

भोपाल. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। पहले यहां राजशाही थी। आजादी के बाद राजशाही समाप्त हुई और लोकतंत्र स्थापित हुआ, लेकिन यहां लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा कुछ ऐसे भी चेहरे हैं जिनका संबंध पूर्व राज परिवारों से रहा है। मध्यप्रदेश की सियासत में राजा और महाराजओं का दौर आज भी है। बस फर्क इतना है आज का राजतंत्र लोकतांत्रिक है। देश में लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। राजपरिवारों से संबंध रखने वाले राजा-महाराजा एक बार फिर चुनावी मैदान में दिखाई देंगे तो उनके रिश्तेदारों के भी उम्मीदवार बनने की अटकलें हैं तो दूसरी तरफ एक बार फिर से पऱिवारवाद की बात सामने आ रही है।


 

ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया, दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता सिंह और शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। यानी कि इस बार मध्यप्रदेश की सियासत में महारनी, रानी और मामी चुनावी मैदान में दिखाई देंगी। हालांकि किसी के भी नाम की अभी तक आधिकारिक पुष्ठी नहीं की गई है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं मध्यप्रदेश की सियासत में परिवारवाद और राजघराने की।

 

सियासत में हैं ये परिवार

सिंधिया परिवार
मध्यप्रदेश की सियासत में ग्वालियर राजघराने का लंबे समय से दबदबा रहा है। सिंधिया राज घराने ने भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के लिए राजनीति की और दोनों ही दलों में इस घराने का प्रभाव है। कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शनी राजे सिंधिया के लोकसभा चुनाव लड़ने की चर्चाएं हैं। गुना-शिवपुरी संसदीय सीट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रियदर्शनी राजे सिंधिया के समर्थन में प्रस्ताव भी पास किया है। प्रियदर्शनी राजे अगर सियासत में आती हैं तो सिंधिया परिवार की तीसरी पीढ़ी की महिला होंगी। ज्योतिरादित्य सिंधिया को प्रदेश में महाराज कहा जाता है। उनके पिता माधवराव सिंधिया के गांधी परिवार के बेहद नज़दीक संबंध थे। माधवराव सिंधिया ग्वालियर और गुना-शिवपुरी संसदीय सीट से सांसद रहे। केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। पिता के आकास्मिक निधन के बाद सियासत में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एंट्री की। सिंधिया ने गुना-शिवपुरी संसदीय सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की।

 

ज्योतिरादित्य सिंधिया भी राहुल के करीबी हैं और केन्द्र में मंत्री रह चुके हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी विजयाराजे सिंधिया जनसंघ और भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से एक थीं । राजमाता विजयाराजे सिंधिया इस परिवार की पहली महिला थीं जिन्होंने सियासत में कदम रखा था। उसके बाद इस परिवार का कद देश और प्रदेश कि सियासत में लगातार बढ़ता गया।

सियासत में बेटियों ने भी की एंट्री
विजयाराजे सिंधिया की दो बेटियों ने भी सियासत में एंट्री की। वसुंधरा राजे सिंधिया राजस्थान में भाजपा की सबसे बड़ी नेता हैं। वो प्रदेश की मुख्यमंत्री भी रह चुकी हैं। वो 2003 से 2008 और 2013 से 2018 तक राज्य की सीएम रहीं।
वहीं, दूसरी तरफ विजयाराजे सिंधिया की दूसरी बेटी यशोधरा राजे सिंधिया मध्यप्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। वो प्रदेश की शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं वहीं, यशोधरा राजे ग्वालियर संसदीय सीट से दो बार सांसद
भी रह चुके हैं।

 

मध्यप्रदेश के दूसरे राजघराने की बात की जाए तो दिग्विजय सिंह का नंबर आता है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह का राघौगढ़ राजघराना कभी ग्वालियर राजघराने का हिस्सा था। दिग्विजय ग्वालियर राजघराने के प्रति सम्मान रखते
हैं. लेकिन सियासत में अब ज्योतिरादित्य सिंधिया और इससे पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया की राजनीतिक घेराबंदी में भी दिग्विजय सिंह ने कोई कसर नहीं छोड़ी। दिग्विजय सिंह राघौगढ़ विधानसभा से विधायक रहे और
मध्य प्रदेश के सीएम। अब 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी दूसरी पत्नी अमृता सिंह के चुनाव लड़ने की खबरें सामने आ रही हैं। दिग्विजय सिंह के सियासत में एंट्री के बाद उनके बेटे और भाई भी सियासत में हैं। जयवर्धन सिंह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के इकलौते बेटे हैं। वो अपने पिता की परंपरागत सीट राघौगढ़ से वे पहली बार 2013 में चुनाल लड़े। 2018 में दूसरी बार जीत दर्ज की और प्रदेश सरकार में मंत्री बने। दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह भी सियासत में हैं और वर्तमान में चिचौड़ा से विधायक हैं। हालांकि बीच में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे और बाद में कांग्रेस में शामिल हुए।

 

अब बात करते हैं परिवार वाद की
मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस ने नेता पुत्रों और पुत्रियों को टिकट दिया है। ऐसे में मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह के भी विदिशा संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की अकटलें लगाई जा रही हैं। मोदी सरकार में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अभी विदिशा संसदीय सीट से सांसद हैं लेकिन इस बार उन्होंने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। अब चर्चा है कि सियासत में साधना सिंह की भी एंट्री हो सकती है। साधना राजनीति में अभी तक केवल पति शिवराज सिंह चौहान के विधानसभा सीट तक सक्रिय हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि नेताओं की प|ियों को चुनाव लड़ाना...



पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर कहा है कि नेताओं की प|ियों को चुनाव लड़ाना नुकसानदायक हो सकता है। सिंह के इस बयान से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। 
ट्वीट में लक्ष्मण सिंह ने कहा है कि ऐसा नया चेहरा जो कभी लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ा हो, उन्हें मौका देना चाहिए। पुराने चेहरों पर दांव लगाने से पार्टी को नुकसान हो सकता है। उल्लेखनीय है कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह की प|ियों के नाम भावी प्रत्याशी के रूप में चर्चा में चल रहे हैं। इस बीच विधायक के ट्वीट से कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। अभी लोकसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों के नाम की रायशुमारी चल रही है।

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की अध्यक्षता में आज पहली बार जबलपुर में संपन्न मंत्रि-परिषद बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी संचालनालय एवं उसके लिए आवश्यक कैडर के गठन को मंजूरी दी गई। बैठक में महिलाओं को आपातकालीन स्थिति में सहायता देने के लिए 24 घंटे महिला हेल्पलाइन 181 (टोल फ्री नंबर) योजना को स्वीकृति प्रदान की गई।
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में प्रोद्यौगिकी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार के परिप्रेक्ष्य में सूचना प्रौद्योगिकी संचालनालय के गठन के साथ ही सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स प्रोजेक्ट ई-मिशन को जारी रखने को मंजूरी दी। यह मिशन 2017-18 से 2019-20 तक चालू रहेगा। मंत्रि-परिषद ने महिलाओं को आपातकालीन सहायता देने की मंशा से महिला हेल्पलाइन केन्द्रों के लिए 27 पदों की पूर्ति आऊटसोर्स से करने के लिए एक करोड़ सात लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। महिला हेल्पलाइन 181 को वर्तमान में उपलब्ध सभी आपातकालीन सेवाओं का वन स्टाप सेन्टर तथा अन्य हेल्पलाइन से जोड़ा जायेगा। किसी भी दूरसंचार माध्यम जैसे पोस्ट/प्रीपेड/मोबाइल/लैंडलाइन/प्राइवेट/पब्लिक नेटवर्क जैसे जीएसएम/सीडीएमए/थ्रीजी/ फोरजी से 181 नंबर का उपयोग किया जा सकता है। हेल्पलाइन केन्द्रों से हिंसा पीड़ित महिलाओं को दूरसंचार के जरिए 24 घंटे सहायता मिलेगी। पीड़ित महिला को आपातकालीन सेवाओं के साथ विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी।
मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश में दूरसंचार सेवा, इंटरनेट सेवा, अधोसंरचना प्रदाताओं द्वारा वायर लाइन एवं वायरलेस आधारित वाइस एवं डाटा पहुँच सेवाएँ उपलब्ध करवाने के लिए नीति 2019 के दिशा-निर्देश का अनुमोदन किया। शहरी क्षेत्रों में मोबाइल टावर स्थापना के संबंध में मध्यप्रदेश नगर पालिका नियम 2012 में प्रस्तावित संशोधनों को सैद्धांतिक अनुमति प्रदान की गई ।
लोकसभा चुनाव के लिये सीईओ आफिस में 1634 पदों की मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने लोकसभा चुनाव 2019 के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में 76, जिला निर्वाचन कार्यालयों के लिए 408 तथा रिटर्निंग आफिसर कार्यालयों के लिए 1150 कुल 1634 पदों की पूर्ति, प्रति नियुक्ति, आउटसोर्स और पदोन्नति से करने को मंजूरी दी। इन पदों का निर्माण एक मार्च 2019 से 30 जून 2019 तक के लिए होगा।
मंत्रि-परिषद ने संयुक्त आवासीय आयुक्त मुंबई को कार्यालय प्रमुख और आहरण संवितरण अधिकारी घोषित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की।
शहीदों को मंत्रि-परिषद ने दी श्रृद्धांजलि
मंत्रि-परिषद की बैठक में जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले के श्री अश्वनी काछी और अन्य शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक के प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ सहित सभी उपस्थित मंत्रियों ने दो मिनिट का मौन धारण कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।

पीएम मोदी ने कहा, 'इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. आतंकी संगठनों ने, आतंक के सरपरस्तों ने जो गुनाह किया है, वह चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सज़ा जरूर दी जाएगी.'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महाराष्ट्र के यवतमाल में कहा कि पुलवामा में शहीद हुए 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों को पूरी छूट दे दी गई है ताकि वे आतंकवादियों को सज़ा दे सकें. उन्होंने यवतमाल में सड़क से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास भी किया.पीएम मोदी ने कहा, 'इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा. आतंकी संगठनों ने, आतंक के सरपरस्तों ने जो गुनाह किया है, वह चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सज़ा जरूर दी जाएगी. सैनिकों में और विशेषकर सीआरपीएफ में जो गुस्सा है, वह भी देश समझ रहा है. इसलिए सुरक्षाबलों को खूली छूट दी गई है. अगर आतंकी संगठन छिपने की कोशिश करेंगे तो भी उनको खोज निकाला जाएगा और सजा दी जाएगी.'

पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए पीएम मोदी ने कहा एक ऐसा देश जो कि कंगाली की कगार पर है वह अब आतंक का दूसरा नाम बन चुका है. मोदी ने लोगों से ये भी जानने की कोशिश की कि क्या लोग उनके काम से खुश हैं.पीएम ने आदिवासी बच्चों के लिए एकलव्य मॉडल पर आधारित स्कूल का उद्घाटन किया और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए घरों के कुछ लाभार्थियों को घरों की चाबियां सौंपीं.

स्वच्छता अभियान पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा यवतमाल की कोलाम जनजाति का स्वच्छता के प्रति जो आग्रह है, उसका जिक्र मैंने मन की बात कार्यक्रम में भी किया था. चंद्रपुर के युवाओं ने जिस तरह वहां के किले को साफ किया था, उससे देश के अनेक युवाओं को ऐसे ही स्वच्छता अभियान की प्रेरणा मिली है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज महाराष्ट्र के यवतमाल और धुले जिले का दौरे पर हैं. जहां उन्होंने कई परियोजनाओं की शुरुआत की.


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महाराट्र दौरे पर पीएम मोदी


खास बातें


पीएम मोदी का महाराष्ट्र दौरा


प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को सौंपी चाभियां


पुलवामा हमले का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगे- पीएम मोदी


नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज महाराष्ट्र के यवतमाल और धुले जिले का दौरे पर हैं. जहां उन्होंने कई परियोजनाओं की शुरुआत की. विदर्भ के यवतमाल में प्रधानमंत्री  आदिवासी छात्रों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन किया. इसके अलाव प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गये घरों की चाभियां कुछ लाभार्थियों को सौंपी. इस दौरान उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया.पीएम  मोदी ने कहा कि देश तरक्की के पीछे कई बलिदानों का योगदान है. उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि हम सभी किस गहरी वेदना से गुजर रहे हैं. पुलवामा में जो हुआ, उसको लेकर आपके आक्रोश को मैं समझ रहा हूं. यहां महाराष्ट्र के 2 वीर सपूतों ने पुलवामा में अपने प्राणों की आहूति दी है. पीएम मोदी  ने कहा कि इन शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा, आतंकी संगठनों ने, आतंक के सरपरस्तों ने जो गुनाह किया है, वो चाहे जितना छिपने की कोशिश करें, उन्हें सज़ा जरूर दी जाएगी. उन्होंने बताया कि सैनिकों में और विशेषकर CRPF में जो गुस्सा है, वो भी देश समझ रहा है, इसलिए सुरक्षाबलों को खूली छूट दी गई है. 



 पीएम मोदी ने कहा कि देश की सुरक्षा के साथ ही देश की समृद्धि के लिए भी हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है. इसलिए विकास की पंचधारा यानि बच्चों को पढ़ाई, युवाओं को कमाई, बुजुर्गों को दवाई, किसान को सिंचाई और जन-जन की सुनवाई पर बल दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि थोड़ी देर पहले सड़क से जुड़े करीब 500 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया गया है, इसके अलावा पुणे- अजनी-पुणे हमसफर एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई गई है. ये ट्रेन दौंड, मनमाड, भुसावल और बडनेरा होते हुए जाएगी. इससे इन सभी जगहों के लोगों को बहुत सुविधा होने वाली है. 

यवतमाल के साढ़े 14 हज़ार से अधिक गरीब परिवारों ने आज अपने नए घर में प्रवेश भी किया है.केंद्र सरकार ने 2022 तक हर बेघर को पक्का घर देने का लक्ष्य रखा है और सरकार तेज़ी से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है. अब तक देश के गांव और शहरों में 1.5 करोड़ गरीबों के घर बनाए जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि पिछली बार जब मैं यहां आया था, तो शेतकरी समाज से लंबा संवाद किया था. आज ये जानकारी देना चाहता हूं कि हाल के बजट में शेतकरी समाज के साथ-साथ, जो हमारे घुमंतु समाज के लोग हैं, हमारे श्रमिक हैं, इन सभी के लिए बड़ी योजनाओं का ऐलान किया गया है. 

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