कश्मीर में धारा लागू 370 पर जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ​विचार कर सकता है। संविधान के अनुच्छेद -370 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। 






बीजेपी नेता ने भी दायर की है याचिका


अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट जल्द सुनवाई के लिए ​विचार बना रहा है।


बीजेपी नेता व अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने भी याचिका दायर की है। अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा मिला है।


मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ के समक्ष उपाध्याय ने इस मामले का उल्लेख करते हुए जल्द सुनवाई की अपील की।




उन्होंने कहा कि यह मसला देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इस पर चीफ जस्टिस ने उपाध्याय को मेमो रजिस्ट्रार को देने का निर्देश देते हुए कहा कि हम इस पर विचार करेंगे।


अनुच्छेद -370 की वैधता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दायर की गई हैं। याचिकाओं में कहा गया कि अनुच्छेद -370 अस्थायी प्रावधान था,जो वर्ष 1957 में राज्य की संविधान सभा के भंग होने के साथ ही खत्म हो गया।


प्रधानमंत्री मोदी ने रविदास मंदिर में माथा टेका।


एक महीने में मोदी का उत्तरप्रदेश का तीसरा दौरा


प्रधानमंत्री ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में कैंसर हॉस्पिटल का लोकार्पण किया


वाराणसी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि उनकी सरकार ने जनता का पैसा लूटने वालों को सजा दी है तो ईमानदारों की मदद भी की है। भ्रष्ट लोगों पर नकेल कसने के लिए नोटबंदी करने के साथ, बेनामी संपत्ति और कालेधन के खिलाफ कानून बनाया। उनका कहना था कि नए भारत में बेईमानी, भ्रष्ट आचरण के लिए जगह नहीं है। सरकार संत रविदास के बताए उस रास्ते को आत्मसात कर रही है, जिसमें सच्चे श्रम को ईश्वर का रूप बताया गया है। 

 

डीजल से इलेक्ट्रिक में बदले गए इंजन को हरी झंडी दिखाई

मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। यह उनका 17वां दौरा है। सबसे पहले उन्होंने डीजल से इलेक्ट्रिक में बदले गए इंजन को हरी झंडी दिखाई। रविदास जयंती के मौके पर मोदी ने सीर गोवर्धनपुर स्थित उनके मंदिर में माथा भी टेका। दोपहर बाद वे संत समागम स्थल पहुंचे। इसके बाद उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में कैंसर हॉस्पिटल का लोकार्पण किया। 

 

वाराणसी में मोदी 2130 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मोदी कुछ परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। इनमें सेंट्रल डिस्‍कवरी सेंटर, स्‍मार्ट सिटी इं‍टीग्रेटेड कमांड सेंटर, मान महल म्‍यूजियम, गोइठहां एसटीपी प्रमुख हैं। फरवरी महीने में उनका उत्तरप्रदेश का यह तीसरा दौरा है। मोदी वाराणसी में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

 

पुलवामा के शहीदों के परिवार से मिल सकते हैं प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री पुलवामा में शहीद हुए रमेश यादव और अवधेश यादव के परिवार से मुलाकात कर सकते हैं। यहां से वे औढ़े गांव जनसभा स्थल पहुंचेंगे। फरवरी में मोदी का यह तीसरा उत्तरप्रदेश दौरा है। इससे पहले 11 फरवरी को वे वृंदावन और नोएडा, जबकि 17 फरवरी को झांसी पहुंचे थे। इसके बाद 24 फरवरी को गोरखपुर और 27 फरवरी को कांग्रेस के गढ़ अमेठी जाएंगे।





भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अर्जेंटिना के राष्ट्रपति मोरिसियो मैक्री ने सोमवार को विभिन्न क्षेत्रों में 10 मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच आईसीटी, परमाणु ऊर्जा और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में 10 सहमति पत्रों को अंतिम रूप दिया। दोनों नेताओं ने बातचीत के बाद समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया। 



संयुक्त बयान में पुलवामा में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'मैं और राष्ट्रपति मोरिसियो मैक्री इस बात पर सहमत हुए हैं कि आतंकवाद वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए बहुत बड़ा खतरा है। पुलवामा (जम्मू-कश्मीर) में हुए क्रूर आतंकवादी हमला यह साबित करता है कि बातचीत का समय बीत चुका है। अब पूरी दुनिया को आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ एकजुट होना पड़ेगा और उसके खिलाफ सख्त कदम उठाने पड़ेंगे।'

पीएम ने आगे कहा, 'आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने से हिचकना भी एक तरह से आतंकवाद को बढ़ावा देना है। जी20 देशों का हिस्सा होने के नाते यह भी महत्वपूर्ण है कि हम हैम्बर्ग लीडर्स स्टेटमेंट के 11 बिंदु एजेंडे को लागू करें। भारत और अर्जेंटिना आज आतंकवाद पर एक विशेष घोषणा जारी करेंगे।'

अर्जेंटिना के राष्ट्रपति मैक्री ने कहा, 'मैं कुछ दिन पहले हुए क्रूर हमले (पुलवामा) के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं। हम तरह के आतंकी हमले की निंदा करते हैं। मुझे खुशी है कि मैं मानव जाति पर आए इस संकट से लड़ने के लिए मिलकर काम करने में सक्षम हूं।'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्री के साथ उनकी यह पांचवी मुलाकात दोनों देशों के बीच आपसी संबंधों की तेज रफ्तार और बढ़ते महत्व को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने यह साबित कर दिया है कि उनके बीच 15,000 किलोमीटर की दूरी एक संख्या मात्र है। मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति मैक्री की यह यात्रा विशेष वर्ष में हो रही है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों की स्थापना का यह 70वां वर्ष है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘दोनों देशों ने अपने साझा मूल्यों और हितों को देखते हुए और शांति, स्थिरता, आर्थिक प्रगति तथा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए, अपने संबंधों को सामरिक सहयोग के स्तर का बनाने का निर्णय लिया है।' मोदी ने कहा कि अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में हमारा सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि रक्षा सहयोग के संबंध में आज जिस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए हैं, वह रक्षा क्षेत्र में हमारे सहयोग को एक नया स्वरुप देगा। पीएम ने कहा, ‘भारत और अर्जेंटीना कई मायनों में एक दूसरे के पूरक हैं। हमारा यह प्रयास है कि आपसी हित के लिए इनका पूरा लाभ उठाया जाए।’ 

उन्होंने कहा कि आज दोनों देशों ने अपने वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ाने के लिए विशिष्ट तरीकों की पहचान की है। उन्हें खुशी है कि राष्ट्रपति मैक्री के साथ अर्जेंटीना की अनेक महत्वपूर्ण कंपनियों के प्रतिनिधि आए हैं। इससे पहले अर्जेन्टीना के राष्ट्रपति मैक्री का आज सुबह राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद थे।
 

   


पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू कश्मीर पुलिस ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 100 घंटे में जैश के आतंकियों को मार गिराया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीओसी चिनार कॉर्प्स लेफ्टिनेंट जनरल के जेएस ढिल्लन, सीआरपीएफ के आईजी जुल्फिकार हसन और श्रीनगर के आईजी एसपी पाणि ने कहा कि जैश के बड़ें आतंकियों की तलाश में अभियान जारी है। उन्होंने कहा कि जो बंदूक उठाएंगे उनको मार गिराएंगे। उन्होंने कश्मीर के नौजवानों की मांओं की सेना से अपील है कि बेटे को समझाएं कि घर वापास आ जाए।


सेना ने कहा कि पुलवामा हमले में पाकिस्तान की सेना का हाथ और  जैश को आईएसआई कंट्रोल कर रहा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में जो घुसपैठ करेगा जिंदा नहीं बचेगा। कल की मुठभेड़ में जैश की तीन टॉप कमांडर ढेर किया गया है। उन्होंने कहा कि कश्मीर में कितने गाजी आए और चले गए।

उन्होंने कहा कि जैश ए मोहम्म पाकिस्तान सेना का बच्चा है और कामरान ही पुलवामा हमले का मास्टमाइंड था। पुलवामा हमले को जैश ने पाकिस्तान के कहने पर किया और आईएसआई लगातार कामरान को निर्देश दे रहा था। कश्मीरियों की प्रताड़ना के सवाल पर कहा कि यह प्रोपोगंडा है और बिना सबूत के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि हम आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन उस वक्त के हालत के हिसाब से चलाते हैं। 

ये जवान पुलवामा एनकाउंट में हुए शहीद
 

- मेजर वीएस ढौंडियाल: पिछले साल ही हुई थी शादी
पौड़ी जिले के बैजरो ढौंड गांव के मूल निवासी 33 वर्षीय मेजर विभूति कुमार ढौंडियाल का घर देहरादून के नेश्विवला रोड के 36 डंगवाल मार्ग में हैं। सेना के 55 राष्ट्रीय राइफल में तैनात मेजर की शादी पिछले साल अप्रैल में कश्मीरी पंडित निकिता कौल से हुई थी। सोमवार सुबह की मेजर की पत्नी दिल्ली मायके के लिए निकली थी। वह जब ट्रेन में थीं तब उन्हें इसकी जानकारी मिली।

 --झुंझुनूं राजस्थान के रहने वाले हवलदार एस राम 55 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे। 36 वर्षीय राम वर्ष 2000 में भर्ती हुए थे। 
--मेरठ उत्तर प्रदेश के रहने वाले सिपाही अजय कुमार भी 55 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे।
--सिपाही हरि सिंह हरियाणा के रेवाड़ी जिले के रहने वाले थे। सेना के 55 आरआर में तैनात थे।
-एक हेड कांस्टेबल की भी जान गई है।




पाााकिस्तान के  प्रधानमंत्री इमरान खान ने पुलवामा आतंकवादी हमले पर आज भारत को गीदड़ भभकी देते हुए कहा कि अगर युद्ध हुआ तो वे खामोश नहीं बैठेंगे और उसका जवाब देंगे। हालांकि इमरान ने यह भी कहा कि पुलवामा की घटना की किसी भी तरह की जांच कराने के वास्ते पाकिस्तान तैयार है। पुलवामा में सीआरपीएफ के जवानों पर हुए आंतकी हमले को लेकर भारत के लोगों में काफी रोष है और ज्यादातर का यही मानना है कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए एकमात्र तरीका युद्ध ही है क्योंकि पड़ोसी मुल्क अक्सर परमाणु की धौंस दिखाता है। हालांकि यहां याद करा दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच चार बार (1947,1965, 1971 और 1999) में युद्ध हो चुका है और चारों बार ही पाकिस्‍तान को भारत के हाथों बड़ी शिकस्त खानी पड़ी।

भारतीय सेना दुनिया की पांच सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक
सैन्य बल के आंकड़ों में भारत का कद पाकिस्तान से कहीं बढ़ा है। मौजूदा समय में भारतीय सेना दुनिया की पांच सबसे ताकतवर सेनाओं में से एक है। चर्चित ग्लोबल फायरपावर सूची में उसे चौथा स्थान मिला है। चीन तीसरे नंबर पर है। अमेरिका पहले और रूस दूसरे स्थान पर। पाकिस्तान इस सूची में 13वें नंबर पर है। भारतीय सेना में 13 लाख सैनिक हैं जबकि पाकिस्तानी सेना में 6 लाख सैनिक हैं। भारत के 11 लाख 29 हजार 900 एक्टिव सैनिक हैं तो 9 लाख 60 हजार रिजर्व सैनिक बल है। अगर भारत की पैरामिलिट्री और रिजर्व सेना को भी इसमें जोड़ा जाए तो भारतीय सैन्य बल 47 लाख 68 हजार के पार पहुंच जाएगी।


भारत के टैंक और मिसाइल
भारत की सेना के पास कई तरीकों के टैंक है। जिनकी संख्या करीब 5000 के आस-पास है, जबकि पाकिस्तान इस मामले में भारत से बहुत पीछे है। अगर मिसाईल्स की बात करें तो पूरी दुनिया इस मामले में भारत की ताकत को जानती है। भारतीय सेना के बेड़े में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी, आकाश,बैलेस्टि और नाग जैसी आधुनिक मिसाइलें हैं, जो दुश्मनों के ठिकानों को नेस्तेनाबूद करने के लिए काफी है। अग्नि 5 भारत की सबसे आधुनिक और घातक मिसाइल है, इसकी मारक क्षमता 5000 किमी है। वहीं पाकिस्तान के पास गौरी, शाहीन, गजनवी, हत्फ और बाबर जैसी मिसाइलें हैं। अग्नि 5 भारत की सबसे आधुनिक और घातक मिसाइल है।

वायुसेना
भारत के पास इतनी बड़ी वायुसेना है कि वो पूरे पाकिस्तान को एक बार में घेर सकती है। भारतीय एयरफोर्स विश्व की चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है। भारत में कुल 2086 विमान हैं। पाकिस्तान के पास 923 विमान है और ये दुनिया में 11 वें स्थान पर है। भारतीय वायुसेना के पास 1 लाख 27 हजार जवान हैं, जबकि पाकिस्तान के पास 65 हजार वायुसेना के सैनिक हैं। विमानों की बात की जाए तो भारत के पास 1380 विमानों का बेड़ा है जिसमें सुखोई एम 30, मिग-29, मिग-27, मिग-21, मिराज और जगुआर जैसे आधुनिक विमान हैं। भारतीय पायलटों का लोहा पूरा विश्व मानता है। जबकि पाकिस्तान के पास चीनी एफ-7, अमेरिकी F-16 और मिराज शामिल हैं, लेकिन उसके पायलटों का तकनीकी ज्ञान कमजोर है।

नौसेना
नौसेना में भी भारत की ताकत तीन गुने से भी ज्यादा है। भारत की सेना के पास एयरक्राफ्ट बैरियर,16 जल और थल पर चलने वाले युद्धक पोत, 31 गश्ती पोत, 8 माइनवीपर्स, परमाणु हमला करने वाली पनडुब्बी के अलावा 8 गाइडेड मिसाइल्स, 15 गाइडेड मिसाइल्स युद्धक पोत,14 डीजल इलेक्ट्रिक हमलावर पनडुब्बी, 24 क्वर्टीज और 18 सहायक जहाजों का बेड़ा है। इसके अलावा भारत की नौसेना, पानी में सुरक्षा करने का बड़ा अनुभव रखती है। जबकि पाकिस्तान इन सभी वर्गों में भारत के सामने शुरुआती दौर में है। भारत के पास करीब 58350 जल सैनिक हैं जबकि पाकिस्तान के पास इनकी संख्या मात्र 25 हजार है।

परमाणु हथियार
पाकिस्तान हमेशा भारत को परमाणु बम की धमकी देता है। भारत और पाकिस्तान के पास परमाणु बमों की संख्या को लेकर सही आकंड़ा किसी के पास उपलब्ध नहीं है। हालांकि पिछले साल अमेरिका की सुरक्षा एजेंसी के थिंक टैंक की रिपोर्ट ने भारत की परमाणु शक्ति को पाकिस्तान से बेहतर बताया था। रिपोर्ट के मुताबिक भारत की परमाणु शक्ति विकासशील देशों की लिस्ट में सबसे व्यापक है। कुल मिलाकर भारत को आंख दिखाने वाला पाकिस्तान भारतीय सेना के आगे कहीं भी नहीं टिकता है। अगर पाकिस्तान परमाणु पर अपनी धौंस दिखाता है तो युद्ध में इसके पास इस बम के अलावा कुछ नहीं बचेगा।

रशीद अहमद ने इमरान खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए कहा कि इमरान खान ने 20 करोड़ पाकिस्तानियों की ओर से बयान दिया है. भारत अगर अमन की बात करेगा तो अमन की बात होगी, लेकिन अगर जंग की बात करेगा तो जंग की बात होगी.


 



पाकिस्तान सरकार में रेल मंत्री शेख रशीद अहमद


पुलवामा हमले के 5 दिन बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत ने बगैर किसी सबूत के इस आतंकी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहरा दिया. साथ ही उन्होंने अपना पुराना बातचीत का राग अलापा और कहा कि अगर हमले की पीछे पाकिस्तानी आतंकी हैं तो उनके खिलाफ भारत सबूत सौंपे जिस पर गारंटी के साथ कार्रवाई की जाएगी.


प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद पाकिस्तान सरकार में रेल मंत्री शेख रशीद अहमद ने मोर्चा संभाला और भारत को गीदड़ भभकी देना शुरू कर दिया. उन्होंने इमरान खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए कहा कि इमरान खान ने 20 करोड़ पाकिस्तानियों की ओर से बयान दिया है. भारत अगर अमन की बात करेगा तो अमन की बात होगी, लेकिन अगर जंग की बात करेगा तो जंग की बात होगी.

इसके बाद इमरान के मंत्री ने कहा कि कश्मीर मुद्दे की वजह से तनाव बना हुआ है. उन्होंने कहा, 'इमरान खान ने साफ संदेश दे दिया है कि पाकिस्तान ने चूड़िया नहीं पहन रखी हैं. हमारे लिए पाकिस्तान जिंदगी है, पाकिस्तान ही मौत है. अगर किसी ने पाकिस्तान की तरफ गलत नजर से देखा तो उसकी आंखें निकाल दी जाएगीं.' फिर न घास उगेगी, न चिड़ियां चहकेंगी और न मंदिरों में घंटियां बजेंगी.' उन्होंने कहा कि पाकिस्तान मुसलमानों का किला है जिसकी ओर आज सारी दुनिया के मुसलमान देख रहे हैं.

इमरान सरकार में मंत्री रशीद अहमद ने कहा कि इमरान खान के साथ पाकिस्तान की 20 करोड़ जनता खड़ी है और हम अमन हो या जंग किसी में भी उनके साथ हैं. इससे पहले इमरान खान ने कहा कि यूएई के साथ कारोबारी बैठकों की वजह से वह इस हमले पर प्रतिक्रिया नहीं दे पाए थे क्योंकि ऐसा करने पर सारा ध्यान वहीं चला जाता, जबकि यह समिट पाकिस्तान के लिए काफी जरूरी थी.


 न्यूज 24 नई दिल्ली (19 फरवरी): आतंकवाद को खत्म करने के मुद्दे पर भारत को विदेशों से भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। आतंकवाद से रक्षा के लिए अब इजराइल ने भारत को बिना शर्त मदद करने की पेशकश करते हुए जोर दिया है कि उसकी सहायता की कोई सीमा नहीं है। इजराइल का यह आश्वासन इस बढ़ती मांग की पृष्ठभूमि में खासा महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकार आतंकी हमलों से निपटने की इजराइली पद्धति पर विचार करे। इजराइल के नवनियुक्त राजदूत डॉ रॉन मलका की टिप्पणी एक सवाल के जवाब में आयी कि उनका देश आतंकवाद से पीड़ित भारत की हर सीमा तक मदद कर सकता है।

बता दें कि गुरुवार को पुलवामा में एक भीषण आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले को  जैश-ए-मोहम्मद ने अंजाम दिया था। हमले के बाद यह मांग जोर पकड़ रही है कि सरकार को आतंकवाद के खिलाफ अभियान के लिए इजराइल द्वारा अपनाए जाने वाले तरीके पर गौर करना चाहिए।

गौरतलब है कि इजराइली सेना अपनी सटीक और त्वरित कार्रवाई के लिए दुनिया में मशहूर है। मलका ने पिछले हफ्ते एक साक्षात्कार में कहा था कि भारत को अपनी रक्षा के लिए जो आवश्यकता है, उसकी कोई सीमा नहीं है। हम अपने करीबी मित्र भारत को विशेष तौर पर आतंकवाद के खिलाफ बचाव करने में मदद करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि आतंकवाद दुनिया की सबसे बड़ी समस्या है। उन्होंने जोर दिया कि सभी को एक साथ मिलकर आतंक के खिलाफ आवाज उठाकर इसे खत्म करना चाहिए। उन्होंने कहा, इसलिए  हम भारत की मदद करते हैं। अपनी जानकारी साझा करते हैं, अपनी तकनीक साझा करते हैं, क्योंकि हम वास्तव में अपने महत्वपूर्ण मित्र की मदद करना चाहते हैं। मलका (52) पहले इजराइल की सैन्य सेवा में थे और वहां से फुल कर्नल पद से सेवानिवृत्त हुए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें बताया कि भारत एक महत्वपूर्ण साथी, बहुत महत्वपूर्ण दोस्त है तथा वह संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए सहयोग करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भारत को मजबूत करके इजराइल वैश्विक स्थिरता में योगदान दे रहा है, क्योंकि वैश्विक स्थिरता में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। पुलवामा हमले के बाद मलका ने भी ट्वीट किया था कि इजराइल पुलवामा में आतंकी हमले की कड़ी निंदा करता है। इस मुश्किल घड़ी में अपने भारतीय दोस्तों के साथ खड़ा है।

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