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देशभर में NRC लागू करने की तैयारी, यह है केंद्र सरकार की पूरी प्लानिंग

देशभर में NRC लागू करने की तैयारी, यह है केंद्र सरकार की पूरी प्लानिंग

सभी राज्यों के जिलाधिकारियों को ट्रिब्यूनल गठित करने का अधिकार दिया गया है जो भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान करेगा।
देशभर में एनआरसी लागू करने पर काम कर रहा केंद्रीय गृह मंत्रालय ——— राष्ट्रीय पेज पर ——— – जिलाधिकारियों को मिल जाएगा ट्रिब्यूनल गठन का अधिकार —————-
नई दिल्ली। राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर यानी NRC की शुरुआत असम से हुई है। इस बीच खबर है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय पूरे देश में NRC लागू करने पर विचार कर रहा है। मकसद यही है कि देशभर में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों की पहचान करके उन्हें उनके देशों में भेजा जाए। NRC का दायरा बढ़ाने की कोशिश के साथ ही इस दिशा में कदम उठाया जा चुका है। 30 मई को केंद्र सरकार की ओर फॉरेनर्स (ट्रिब्यूनल्स) ऑर्डर्स, 1964 में संशोधन आदेश जारी किया जा चुका है। यह आदेश NRC का दायरा बढ़ाने से संबंधित है।
त्रिपुरा और मिजोरम में उठ रही NRC की मांग
त्रिपुरा में सभी दलों ने किया NRC का समर्थन पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में लगभग सभी दलों ने असम की तर्ज पर राज्य में NRC लागू करने का समर्थन किया है। इन दलों में सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा कांग्रेस, माकपा और नेशनल पीपुल्स पार्टी शामिल हैं। इसके अलावा इंडीजिनस नेशनल पार्टी ऑफ त्रिपुरा ने पहले ही इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की हुई है।
मिजोरम में भी NRC की मांग कांग्रेस को छोड़कर मिजोरम में सभी स्थानीय पार्टियां राज्य में NRC लागू करने की मांग कर रही हैं। पूर्वोत्तर के इस ईसाई बहुल राज्य की सीमाएं बांग्लादेश और म्यांमार से लगती हैं। सत्तारूढ़ मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) ने पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के दौरान अपने घोषणापत्र में NRC लागू करने का वादा किया था। बता दें कि MNF भाजपा द्वारा गठित गैर-कांग्रेसी पार्टियों के नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस का एक घटक है। राजनीतिक दलों के अलावा मिजोरम के गैरसरकारी संगठन भी राज्य में NRC लागू करने की मांग कर रहे हैं।
इस बीच, असम से खबर है कि यहां तैयार किए जा रहे NRC का सरकार वरिष्ठ अधिकारियों से फिर सत्यापन कराएगी। निचले स्तर के अधिकारियों में भ्रष्टाचार के चलते सरकार को आशंका है कि अवैध रूप से रह रहे कुछ विदेशियों के नाम भी NRC में शामिल हो गए हैं। लिहाजा सरकार इस आशंका को दूर कर लेना चाहती है।

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