भोपाल -सेंट्रल जेल भोपाल में बंद सिमी के आठ आतंकी देर रात एक प्रधान आरक्षक की हत्या कर भाग गए। सुबह पुलिस ने अचारपुरा - ईद खेड़ी के पास घेरकर इन आठों आतंकियों को मार गिराया। घटना के बाद से ही प्रदेशभर में पुलिस को अलर्ट कर दिया गया था। इस दौरान पुलिस को सूचना मिली की आतंकी जेल से 10 किमी की दूरी पर एक गांव में छिपे हैं। पुलिस ने वहां पहुंचकर घेराबंदी कर ली और आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा, इस दौरान वे प्रतिरोध करने लगे। जिस पर पुलिस ने फायरिंग कर दी और आठों आतंकी मारे गए।
आतंकियों में शेख मुजीब, माजिद खालिद, अकील खिलची, जाकिर, सलीख महबूब और अमजद शामिल हैं। ये सभी ओढ़ने वाली चादरों से सीढ़ी बनाकर जेल की दीवार फांदकर भागे थे। आतंकियों के मारे जाने के बाद पुलिस प्रशासन और भोपाल सहित प्रदेशभर के लोगों ने राहत की सास ली है।
सभी फरार होने वाले आतंकियों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। इनमें कुछ वो आतंकी भी शामिल हैं, जो सात वर्ष पूर्व मप्र की खंड़वा जेल से फरार हुए थे। घटना में मृत प्रधान आरक्षक का नाम रमाकांत यादव है। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना है और जिम्मेदारों कार्रवाई करने की बात कही है। मामले में जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक, प्रधान आरक्षक सहित दो अन्य को सस्पेंड कर दिया गया है।
केंद्र सरकार ने मांगी आंतकियों के फरार होने पर रिपोर्ट
सिमी आतंकियों के फरार होने पर केंद्र सरकार ने मप्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम में डीजीपी, आईजी भोपाल, डीआईजी भोपाल सहित अधिकारियों ने बैठक की और सीएम शिवराज सिंह चौहान को प्रारंभिक रिपोर्ट सौपी। सीएम ने घटना की जांच का जिम्मा पूर्व डीजीपी नंदन दुबे को सौप दिया है। सीएम ने कहा कि लापरवाही राष्ट्रद्रोह है।
सुबह 4:30 बजे जेल प्रबंधन को पता चला कि आतंकी भाग गए
घटना रात दो से चार बजे के बीच की है। प्रधान आरक्षक रमाशंकर यादव और आरक्षक चंदन सिंह ड्यूटी बदलने के लिए मिले थे। इसी दौरान आठ आतंकियों ने इन पर हमला कर दिया। प्रधान आरक्षक यादव की चम्मच या प्लेट से बनाए गए धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी और आरक्षक चंदन के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद चादर में लकड़ी बांधकर उसकी सीढ़ी बनाई और करीब 25 फीट ऊंची दीवार को फांदकर दूसरी तरफ निकल गए। सभी आरोपी बी ब्लॉक में थे। फरार आठ आतंकियों में से चार खंडवा जेल से फरार हुए थे। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी जेल प्रबंधन को सुबह 4:30 पर मिली।

खंड़वा जेल से भी हुए थे फरार 
2 अक्टूबर 2013 को सिमी के सात आतंकी खंड़वा जेल से फरार हो गए थे। बाद में एटीएस और पुलिस ने इन्हें अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया था। सभी को कड़ी सुरक्षा में भोपाल सेंट्रल जेल में बंद करके रखा गया था। देर रात भागे गए आठ आतंकियों में कुछ वे आतंकी भी शामिल है जो पहले खंड़वा जेल से भाग चुके हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं ने भागने का षडयंत्र रचा होगा। अब भी जेल में 22 सिमी आतंकी कैद हैं।
केन्द्र से मिले अलर्ट के बाद खुफिया एजेंसियो की नजर सिमी के इन्हीं लापता आतंकियों पर है, जो संगठन के बैन होने के बाद से ना तो पकड़े ही गए और ना ही किसी वारदात में उनका नाम सामने आया। इस अलर्ट के बाद यूपी के अंदर बैठे इन आतंकियों के मददगारों पर पुलिस ने निगाह गढ़ा दी है।
खुफिया एजेंसियों ने जताई चिंता
आईबी ने साफ तौर पर कहा है कि सिमी के जो आतंकी बीते कई सालों से अंडरग्राउंड हैं, जिनके बारे में यूपी पुलिस और उसकी इंटेलीजेंस को कोई सुराग तक नहीं है वो अब नया खतरा बन गए हैं। लिहाजा उनकी तलाश तेज की जाए। उनके मददगारों पर नजर रखी जाए।
वैसे भी 2002 में प्रतिबंध लगने के बाद सिमी ने नया चोला ओढ़कर कर नाम इंडियन मुजाहिदीन रख लिया है। जिसने 2005 तक देश में लगातार विस्फोट कराये और उसके बाद अब उसके तमाम लोग स्लीपिंग माड्यूल की तरह काम कर रहे हैं। जिसकी बानगी दो वर्ष पहले बिजनौर में एक घर के अंदर विस्फोट के बाद सामने आई थी।
पाकिस्तानी नागरिक भी अब सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर
सिमी के साथ ही करीब दस वर्ष पहले क्रिकेट मैच देखने के नाम पर वीजा लेकर भारत आये पाकिस्तानी नागरिक भी अब सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं। यह लोग भारत आये तो लेकिन वापस नहीं गए। इनकी संख्या करीब 400 के करीब है। रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि पासपोर्ट लेकर आये पाकिस्तानियों से देश को खतरा कम ही रहा है।
हमेशा वारदातों में वही आतंकी पकड़े गए जिन्होंने नेपाल या बंग्लादेश के जरिए फर्जी पासपोर्ट बना कर घुसपैठ की थी। अब दो तरह से लोग भारत के भीतर खतरा बन गए हैं। बदली परिस्थितियों में दोनों ही खतरा बन गए हैं। लिहाजा सतर्क रहने की बेहद जरूरत है।

बीते कुछ वर्ष में उत्तर प्रदेश गुजरात और मध्य प्रदेश पुलिस के हत्थे सिमी के तमाम आतंकी पकड़े गए, लेकिन सिमी चीफ सफदर नागौरी समेत करीब 70 सिमी माड्यूल अभी भी लापता हैं। जिनके बारे में यूपी इंटेलीजेंस के पास कोई जानकारी नहीं है। इनके साथ ही 400 से अधिक लापता पाकिस्तानी नागरिकों ने इस वक्त मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

भोपाल। सेंट्रल जेल से प्रधान आरक्षक की हत्या कर फरार हुए सिमी आतंकियों को लेकर प्रदेशभर में अलर्ट जारी कर दिया गया है। सबसे ज्यादा जांच भोपाल और उससे लगे आस-पास के जिलों में रखी की जा रही है। यहां हर आने जाने वाहनों की तलाशी ली जा रही है। फरार होने वाले आतंकियों में शेख मुजीब, माजिद खालिद, अकील खिलची, जाकिर, सलीख महबूब और अमजद शामिल हैं।
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घटना के बाद मंडीदीप, खरबई और सलामतपुर में पुलिस सर्चिंग कर रही है। भागे गए सभी आतंकियों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम रखा गया है। सबसे ज्यादा अलर्ट मालवा अंचल में हैं, यहां खड़वा को सिमी का गढ़ माना जाता है। घटना की सूचना लगने पर खंडवा में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है और रास्तों पर चेकिंग की जा रही है। देवास के कुसमानिया चौराहे पर कन्नौद पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही है। वहीं खंडवा में सभी नाकों पर चेकिंग जारी है। सेंधवा के पास टोल प्लाजा और मप्र-महाराष्ट्र की सीमा पर हाई अलर्ट है।
सुबह 4:30 बजे मिली सूचना
घटना रात दो से चार बजे के बीच की बताई जा रही है। जब प्रधान आरक्षक रमाशंकर यादव और आरक्षक चंदन सिंह ड्यूटी बदलने के लिए मिले थे। इसी दौरान आठ आतंकियों ने इन पर हमला कर दिया। प्रधान आरक्षक यादव की चम्मच या प्लेट से बनाए गए धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी और आरक्षक चंदन के हाथ-पैर बांध दिए।
इसके बाद चादर में लकड़ी बांधकर उसकी सीढ़ी बनाई और करीब 25 फीट ऊंची दीवार को फांदकर दूसरी तरफ निकल गए। सभी आरोपी बी ब्लॉक में थे। फरार आठ आतंकियों में से चार खंडवा जेल से फरार हुए थे। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी जेल प्रबंधन को सुबह 4:30 पर मिली।
                                                                    पूनम पुरोहित 
   

 भोपाल -मप्र राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) की एक मुश्त समझौता योजना लंबे अरसे के बाद भी अब तक शुरू नहीं हो पाई है। अनुमान है कि इस योजना से बैंक को करीब 500 करोड़ स्र्पए मिलेंगे। सूत्रों के मुताबिक यह योजना एपेक्स बैंक में स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन अब तक लागू नहीं हो पाई है। अपेक्स बैंक से प्रदेश के कई लोगों ने लोन ले रखा है, लेकिन अब तक इसका भुगतान नहीं किया है।
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बैेंक ने इस पैसे को वापस लेने के लिए ब्याज में छूट देते हुए एकमुश्त समझौता योजना बनाई थी। इस योजना के तहत लोगों को लोन पर ब्याज की रकम नहीं चुकानी पड़ती। सूत्रों के मुताबिक पूरे प्रदेश में अपैक्स बैंक को करीब 500 करोड़ स्र्पए का लोन वसूलना है। 
मुख्यमंत्री को लिखी चिठ्ठी
सामाजिक कार्यकर्ता और युवा जागृति परिषद के सचिव सौरभ महतो ने इस योजना को जल्द चालू करवाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भी एक चिठ्ठी लिखी है। महतो ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि से बैंक का संचालन ठीक ढंग से हो सकेगा।

इस योजना को दिखवाउंगा। बैंक और उपभोक्ताओं के हित में मुमकिन फैसला लेंगे।

 भोपाल -सेंट्रल जेल भोपाल में बंद सिमी के आठ आतंकी देर रात एक प्रधान आरक्षक की हत्या कर भाग गए। बी ब्लॉक में बंद इन आतंकियों ने ओढ़ने वाली चादर से सीढ़ी बनाकर जेल की दीवार फांदी। फरार होने वाले आतंकियों में शेख मुजीब, माजिद खालिद, अकील खिलची, जाकिर, सलीख महबूब और अमजद शामिल हैं।
घटना के बाद मंडीदीप, खरबई और सलामतपुर में पुलिस सर्चिंग कर रही है। सभी फरार होने वाले आतंकियों पर पांच-पांच लाख रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। इनमें कुछ वो आतंकी भी शामिल हैं, जो सात वर्ष पूर्व मप्र की खंड़वा जेल से फरार हुए थे। घटना में मृत प्रधान आरक्षक का नाम रमाकांत यादव है। मध्यप्रदेश के गृहमंत्री ने इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना है और जिम्मेदारों कार्रवाई करने की बात कही है। मामले में जेल अधीक्षक, उप अधीक्षक, प्रधान आरक्षक सहित दो अन्य को सस्पेंड कर दिया गया है।
सुबह 4:30 बजे जेल प्रबंधन को पता चला कि आतंकी भाग गए
घटना रात दो से चार बजे के बीच की है। प्रधान आरक्षक रमाशंकर यादव और आरक्षक चंदन सिंह ड्यूटी बदलने के लिए मिले थे। इसी दौरान आठ आतंकियों ने इन पर हमला कर दिया। प्रधान आरक्षक यादव की चम्मच या प्लेट से बनाए गए धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी और आरक्षक चंदन के हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद चादर में लकड़ी बांधकर उसकी सीढ़ी बनाई और करीब 25 फीट ऊंची दीवार को फांदकर दूसरी तरफ निकल गए। सभी आरोपी बी ब्लॉक में थे। फरार आठ आतंकियों में से चार खंडवा जेल से फरार हुए थे। बताया जा रहा है कि घटना की जानकारी जेल प्रबंधन को सुबह 4:30 पर मिली।
केंद्र सरकार ने मांगी आंतकियों के फरार होने पर रिपोर्ट 
सिमी आतंकियों के फरार होने पर केंद्र सरकार ने मप्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। मामले को लेकर पुलिस कंट्रोल रूम में डीजीपी, आईजी भोपाल, डीआईजी भोपाल सहित अधिकारियों ने बैठक कर सीएम शिवराज सिंह चौहान को प्रारंभिक रिपोर्ट सौप दी है।
खंड़वा जेल से भी हुए थे फरार 
2 अक्टूबर 2013 को सिमी के सात आतंकी खंड़वा जेल से फरार हो गए थे। बाद में एटीएस और पुलिस ने इन्हें अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया था। सभी को कड़ी सुरक्षा में भोपाल सेंट्रल जेल में बंद करके रखा गया था। देर रात भागे गए आठ आतंकियों में कुछ वे आतंकी भी शामिल है जो पहले खंड़वा जेल से भाग चुके हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं ने भागने का षडयंत्र रचा होगा। अब भी जेल में 22 सिमी आतंकी कैद हैं।
केन्द्र से मिले अलर्ट के बाद खुफिया एजेंसियो की नजर सिमी के इन्हीं लापता आतंकियों पर है, जो संगठन के बैन होने के बाद से ना तो पकड़े ही गए और ना ही किसी वारदात में उनका नाम सामने आया। इस अलर्ट के बाद यूपी के अंदर बैठे इन आतंकियों के मददगारों पर पुलिस ने निगाह गढ़ा दी है।
खुफिया एजेंसियों ने जताई चिंता
आईबी ने साफ तौर पर कहा है कि सिमी के जो आतंकी बीते कई सालों से अंडरग्राउंड हैं, जिनके बारे में यूपी पुलिस और उसकी इंटेलीजेंस को कोई सुराग तक नहीं है वो अब नया खतरा बन गए हैं। लिहाजा उनकी तलाश तेज की जाए। उनके मददगारों पर नजर रखी जाए।
वैसे भी 2002 में प्रतिबंध लगने के बाद सिमी ने नया चोला ओढ़कर कर नाम इंडियन मुजाहिदीन रख लिया है। जिसने 2005 तक देश में लगातार विस्फोट कराये और उसके बाद अब उसके तमाम लोग स्लीपिंग माड्यूल की तरह काम कर रहे हैं। जिसकी बानगी दो वर्ष पहले बिजनौर में एक घर के अंदर विस्फोट के बाद सामने आई थी।
पाकिस्तानी नागरिक भी अब सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर
सिमी के साथ ही करीब दस वर्ष पहले क्रिकेट मैच देखने के नाम पर वीजा लेकर भारत आये पाकिस्तानी नागरिक भी अब सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर हैं। यह लोग भारत आये तो लेकिन वापस नहीं गए। इनकी संख्या करीब 400 के करीब है। रिकॉर्ड दर्शाते हैं कि पासपोर्ट लेकर आये पाकिस्तानियों से देश को खतरा कम ही रहा है।
हमेशा वारदातों में वही आतंकी पकड़े गए जिन्होंने नेपाल या बंग्लादेश के जरिए फर्जी पासपोर्ट बना कर घुसपैठ की थी। अब दो तरह से लोग भारत के भीतर खतरा बन गए हैं। बदली परिस्थितियों में दोनों ही खतरा बन गए हैं। लिहाजा सतर्क रहने की बेहद जरूरत है।

भोपाल -मध्यप्रदेश स्थापना दिवस एक नवम्बर को मध्यप्रदेश दिवस के रूप में मनाया जायेगा। इस दिन जिला स्तर पर होने वाले कार्यक्रम में मंत्री मंडल के सदस्य मुख्य अतिथि होंगे। जिन जिलों में आदर्श आचार संहिता प्रभावशाली है वहाँ कलेक्टर और शेष जिलों में संबंधित जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा होशंगाबाद और उपाध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंह सतना जिले के समारोह के मुख्य अतिथि होंगे।
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मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के लिये मंत्रियों के लिये जिले का आवंटन किया गया है। इसमें मंत्री श्री जयंत मलैया को इंदौर, श्री गोपाल भार्गव को सागर, डॉ. गौरीशंकर शेजवार को जबलपुर, डॉ. नरोत्तम मिश्रा को दतिया, श्री ओमप्रकाश धुर्वे को डिण्डोरी, कुंवर विजयशाह को खण्डवा, श्री गौरीशंकर बिसेन को छिन्दवाड़ा, श्री रुस्तम सिंह को शिवपुरी, श्रीमती अर्चना चिटनिस को खरगौन और श्री उमाशंकर गुप्ता को हरदा जिला आंवटित किया गया है। इसी प्रकार मंत्री सुश्री कुसुम महदेले को छतरपुर, श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया को राजगढ़, श्री पारस जैन को उज्जैन, श्री राजेन्द्र शुक्ला को रीवा, श्री अन्तर सिंह आर्य को धार, श्री रामपाल सिंह को नरसिंहपुर, श्री ज्ञान सिंह को सीधी, श्रीमती माया सिंह को ग्वालियर और श्री जयभान सिंह पवैया को गुना जिला आवंटित किया गया है। राज्य मंत्री श्री दीपक जोशी को शाजापुर, श्री लाल सिंह आर्य को भिण्ड, श्री शरद जैन को सिवनी, श्री सुरेन्द्र पटवा को सीहोर, श्री संजय सत्येन्द्र पाठक को मंडला, श्रीमती ललिता यादव को पन्ना, श्री विश्वास सारंग को झाबुआ और श्री सूर्यप्रकाश मीना को रायसेन जिला आवंटित किया गया है।
                                                                                                                                                               पूनम पुरोहित 

उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया 31 अक्टूबर को ग्वालियर से शिवपुरी होकर गुना जायेंगें। श्री पवैया एक नवम्बर को गुना में होने वाले मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। श्री पवैया दोपहर में स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होकर ग्वालियर जायेंगे।Image result

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दतिया -जनसंपर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा जी  ने प्रदेश के नागरिकों को दीप पर्व की हार्दिक बधाई दी हैं। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा कि रोशनी का यह त्यौहार हमें समस्त भेदभाव समाप्त कर एक-दूसरे से जुड़े रहने, अपनी और दूसरों की जिंदगी में खुशहाली लाने के साथ ही अपने मोहल्ले, नगर, गाँव और बस्ती में विकास का उजियारा फैलाने के लिए सक्रिय रहने का संदेश देता है।
                                                                       पूनम पुरोहित 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सेवानिवृत्त हो रहे प्रदेश के मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा में उत्कृष्ट अधिकारी की सभी खूबियाँ मौजूद हैं। उनके कार्यकाल में प्रदेश ने विभिन्न क्षेत्रों में अद्भुत उपलब्धियाँ हासिल की। उनका कार्यकाल और मृदु व्यवहार सदैव स्मरणीय रहेगा। श्री चौहान ने कहा कि तुलनात्मक दृष्टि से देश में मध्यप्रदेश की ब्यूरोक्रेसी सर्वश्रेष्ठ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान मंत्रालय में श्री डिसा के विदाई समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गीता के एक श्लोक को उदघृत करते हुए कहा कि श्री डिसा में एक सात्विक कार्यकर्ता और अच्छे अधिकारी के सभी गुण मौजूद हैं। उनमें उच्च पद पर रहते हुए किसी भी प्रकार का अभिमान नहीं है तथा हर परिस्थिति में धैर्य और उत्साह के साथ सबको साथ लेकर कार्य करने की खूबी है। वे सदैव अपने दायित्वों के प्रति सजग रहे तथा शासन की नीतियों और निर्णयों के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे बड़े ही सौभाग्यशाली हैं कि श्री डिसा जैसे मानवीय गुणों से भरपूर, कर्मठ, सजग और ईमानदार अधिकारी मिले हैं। उन्होंने श्री डिसा के कार्यकाल में सफल दो ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट, सिंहस्थ का चुनौतीपूर्ण आयोजन एवं शौर्य स्मारक निर्माण जैसी तमाम महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ बतायीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि श्री डिसा ने जिस तरह अपनी प्रतिभा व क्षमता का उपयोग करते हुए प्रदेश को नई ऊँचाइयाँ दी हैं, इस परम्परा को नव नियुक्त मुख्य सचिव श्री बी.पी.सिंह भी जारी रखेंगे।
अपर मुख्य सचिव गृह श्री बी.पी.सिंह ने कहा कि उनका सौभाग्य है कि उन्होंने श्री डिसा के अधीनस्थ अपनी सेवा की शुरूआत की थी। श्री डिसा ईमानदार, सहृदय और सर्वगुण सम्पन्न अधिकारी हैं। श्री सिंह ने श्री डिसा के कार्य-व्यवहार की कई बातें स्मरण करते हुए कहा कि वे अपने सहयोगियों का तथा छोटी-छोटी बातों का पूरा ध्यान रखते हैं। उन्होंने ईश्वर से श्री डिसा के सुखद दीर्घ जीवन की कामना की।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिव सामान्य प्रशासन श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त हो रहे मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा के कार्यकाल की उपलब्धियाँ बताईं। प्रमुख सचिव श्री सतीश मिश्र ने आभार माना।
मुख्यमंत्री ने श्री डिसा को पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और मंत्री-मंडल द्वारा पारित कृतज्ञता प्रस्ताव की प्रति एवं स्मृति-चिन्ह भेंट किया। राज्यपाल की ओर से प्रमुख सचिव श्री अजय तिर्की ने पुष्प-गुच्छ भेंट किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री ऋषिकुमार शुक्ला तथा अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव आदि मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित थे।
                                                                            पूनम पुरोहित 

दतिया -जलसंसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा जी ने छोटी दीपावली पर्व पर हरिजन वस्ती में जाकर  निःसहाय और गरीव बच्चों को नए वस्त्र वितरण किये इस दौरान करीव पांच सौ  से अधिक गरीव बच्चों को वस्त्र वितरण किये वस्त्र हाथ में लेकर बच्चों के चहरे की मुस्कान का ठिकाना नहीं था मंत्री डॉ मिश्रा जी ने इस दौरान बच्चों और बड़ो सभी को दिवाली का त्यौहार ख़ुशी से बनाने की अपील की इस दौरान बस्ती के कई जन प्रतिनिधि के आलावा गडमान्य नागरिक मौजूद थे इस दौरान मंत्री डॉ मिश्रा जी ने भारत विकाश परिसद की इस पहल की प्रसंशा की मंत्री डॉ मिश्रा जी ने रोशनी और दीपो के त्यौहार  को साथ मिलकर बनाने की बात कही
कार्यक्रम में गणेशदत्त साँवला, दीपक सचदेवा, नीरज गुगौरिया, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष अतुल भूरे चौधरी, मुकेश यादव, जनपद उपाध्यक्ष कमलू चौबे रामजी यादव श्रीमती क़ुमक़ुम राघविन्द मिश्रा भरत यादव सत्यम पण्डा  सहित बड़ी संख्या में बच्चे उपस्थित रहे!युवा मोर्चा दतिया।।

 भोपाल  -
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दीपावली के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अपने शुभकामना संदेश में कहा है कि दीपोत्सव भारतीय संस्कृति का प्रतीक पर्व है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सर्वधर्म सदभाव की परम्परा निरंतर समृद्ध हो रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों को सुख-समृद्धि की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश निरंतर विकास कर रहा है। हर क्षेत्र में समृद्धि का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सभी नागरिक एक दूसरे को सहयोग करें और साथ मिलकर दीपोत्सव मनाएँ। विकास का प्रकाश फैलाएँ। स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें।
                                                                            पूनम पुरोहित 

भोपाल -देश में खुले छह नए एम्स में सबसे कम डॉक्टर भोपाल एम्स में है। पदों की संख्या लगभग एक समान होने पर भी रायपुर, जोधपुर और पटना एम्स में नियुक्ति की स्थिति भोपाल से बेहतर है। ये खुलासा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट से हुआ है, जिसके अनुसार सभी एम्स में सीनियर, जूनियर रेजीडेंट डॉक्टर के अलावा संकाय के पद एक समान हैं, लेकिन भोपाल में तीनों पद पर सबसे कम भर्ती हुई है।
aiims bhopal doctors news 20161029 101031 29 10 2016
हालांकि विशेषज्ञ इसकी बड़ी वजह डायरेक्टर का नियमित ना होना बताते हैं, तो डॉक्टरों का कहना है कि सुविधाएं पूरी ना होने के चलते अभी ज्यादातर की प्राथमिकता एम्स नहीं है। वर्तमान में एम्स भोपाल में हर दिन ओपीडी में एक से डेढ़ हजार लोग पहुंच रहे हैं। एम्स डायरेक्टर का पद मई 2015 से खाली है, वहीं पिछले महीने भोपाल एम्स के नए डायरेक्टर के तौर पर चुने गए डॉ. वीके शर्मा के मना करने के बाद एक बार फिर नए डायरेक्टर की तलाश जारी है।
संविदा नियुक्ति की व्यवस्था का भी विरोध
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी छह नए एम्स में डॉक्टरों की जल्द नियुक्ति के लिए स्थायी चयन समिति (एसएससी) का गठन किया। चयन प्रक्रिया में लगने वाले समय या अंतराल के दौरान व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए एम्स में संविदा नियुक्ति की व्यवस्था भी की गई, लेकिन विरोध के चलते ये भी अटक गई। सरकार ने एम्स में तैयार की गई एसएससी कमेटी को संविदा नियुक्ति के अधिकार दिए हैं।
रेग्युलर डायरेक्टर नहीं होने से परेशानी
राजधानी के वरिष्ठ डॉक्टर योगेश बलुआपुरी कहते हैं कि भोपाल एम्स में डॉक्टरों की कमी की मुख्य वजह नियमित डायरेक्टर ना होना है, वहीं एम्स में कई सुविधाएं भी शुरू नहीं हुई हैं। एम्स की चयन प्रक्रिया मंे भी कई कमियां हैं, जिसके चलते फिलहाल डॉक्टर वहां जाना नहीं चाहते है। प्रैक्टिस का स्कोप नहीं मिलना भी बड़ी वजह है। ज्यादा तनख्वाह और प्राइवेट प्रैक्टिस के चक्कर में भी डॉक्टर प्राइवेट अस्पताल में काम करना बेहतर मानते है। हालांकि आने वाले दिनों में यह स्थिति बदलेगी।
पूनम पुरोहित 

भोपाल -कोटरा सुल्तानाबाद स्थित आयकर कॉलोनी में मां पीताम्बरा बगलामुखी मंदिर से शुक्रवार तड़के बेशकीमती रत्न लगा माता का लाखों रुपए का मुकुट चोरी हो गया। मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे में दो बदमाश जरूर नजर आ रहे हैं, लेकिन पुलिस को अभी तक उनका कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है। शिकायत पर कमला नगर पुलिस मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
टीटी नगर सीएसपी आरडी भारद्वाज ने बताया कि आयकर कॉलोनी में महंत रवींद्रदास महाराज का आश्रम है। आश्रम परिसर में ही प्राचीन मां पीताम्बरा बगलामुखी मंदिर है। शुक्रवार तड़के बदमाशों ने माता का रत्न लगा लाखों रुपए कीमत का मुकुट चोरी कर लिया। बदमाशों ने मंदिर के दो दरवाजों पर लगे ताले की कुंडी रॉड से तोड़ी और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। फिर भी किसी को भनक तक नहीं लगी।
मौके पर पहुंची टीम को पूछताछ में पता चला कि मंदिर के सामने ही कमरे में पुजारी यशोदा राधे रहते हैं। वारदात से पहले बदमाशों ने उनके कमरे की कुंडी बाहर से लगा दी थी। वे जब सुबह उठे तो उनको कुंडी लगी मिली। वे कमरे के पीछे के दरवाजे से बाहर आए। वे मंदिर पहुंचे तब चोरी का पता चला। महंत रविंद्रदास जी महाराज ने बताया कि चोर मुकुट चोरी करने के बाद तत्काल भाग गए थे। जबकि वहां सोने के और भी आभूषण भी रखे थे। इस संबंध में एएसपी जोन-1 राजेश सिंह चंदेल ने बताया कि सीसीटीवी से आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
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चोरी से पहले की गई मंदिर की रैकी
सीएसपी भारद्वाज ने बताया कि मंदिर में बदमाशों के कोई भी फिंगरप्रिंट आदि नहीं मिले हैं। हालांकि मंदिर के दरवाजे की कुंडी तोड़ने के लिए स्टोर रूम में रखी लोहे की रॉड का उपयोग किया गया है। मंदिर में लगे सीसीटीवी में दो लोग नकाब पहने जरूर नजर आ रहे हैं। बदमाश मुकुट चोरी कर तत्काल वहां से निकल गए। इससे पता चलता है कि पूरी वारदात को रैकी करने के बाद अंजाम दिया गया। फिलहाल आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला है।
सीसीटीवी में छेड़छाड़ की आशंका
मंदिर परिसर में छह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस को जांच के दौरान सीसीटीवी की फुटेज लेने में काफी परेशानी उठानी पड़ी। सीसीटीवी में छेड़छाड़ होने की भी पुलिस ने आशंका जताई है। हालांकि सीसीटीवी को चलाने या देखने के लिए कोड का इस्तेमाल होता है। जो चुनिंदा लोगों के पास ही है। पुलिस के हाथ जो फुटेज लगे हैं, वह किसी काम के नजर नहीं आ रहे हैं। आरोपी उसमें नकाब पहने नजर आ रहे हैं, जिससे उनकी पहचान होना मुश्किल लग रही है।
                                                                         पूनम पुरोहित 

मध्य प्रदेश केबीनेट स्वास्थ मंत्री  और शिवपुरी जिले के प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह जी 1 नवम्बर 2016 को शिवपुरी में आयोजित मध्य प्रदेश स्थापना दिवस कार्येक्रम में शिरकत करेगे मध्ये प्रदेश  शासन ने मध्ये प्रदेश के स्थापना दिवस  1 नवम्बर 2016 को मध्य प्रदेश  दिवस के  रूप में  बनाने का निर्णय किया है जिसमे जिला स्तर मुख्य समारोह का आयोजन  प्रातः 10;30 बजे आयोजित किया जाएगा कार्येक्रम के प्रारंभ में मुख्य अतिथि दुआरा ध्वजा रोहण  किया  जाएगा तत्पश्चात राष्ट्र गान के बाद  मुख्य मंत्री  के संदेश का बाचन किया जाएगा  इसके बाद उपस्थित जनसमूह को प्रदेश के   विकाश एवं समृद्धि के लिए द्रण प्रतिज्ञ  संकल्प दिलाया  जाएगा  



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अशोकनगर - ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने जनपद के सीईओ आरएल ओझा 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। सीईओ ने अध्यक्ष पति और जनपद सदस्य प्रतापभा सिंह यादव से पैसे की मांग की थी। जनपद सदस्य ने बताया कि अशोकनगर जनपद को परफॉरमेंस की एक करोड़ रुपए राशि का आवंटन मिला था। सामान्य सभा में नौ जनपद सदस्यों के कार्यक्षेत्र की नौ ग्राम पंचायतों को साढ़े तीन-तीन लाख को राशि देने का इस बैठक में निर्णय हुआ था।
जिसे लेकर सीईओ ने 50 हजार रुपए मांगे थे। इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी 20 अक्टूबर को की गई थी। गुरुवार सुबह नौ बजे जैसे ही जनपद सदस्य 50 हजार रुपए सीईओ को देने पहुंचे लोकायुक्त पुलिस ने टीम ने सीईओ को रिश्वत लेते पकड़ लिया। को 
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 भोपाल -बसंत प्रताप सिंह मध्यप्रदेश सकरार के नए मुख्य सचिव होंगे, वे अंटोनी डिसा की जगह लेंगे। शासन द्वारा इसके आदेश जारी कर दिए गए हैं। 1984 बैच के बीपी सिंह अपर मुख्य सचिव गृह विभाग में हैं। बेदाग छवि और किसी गुट विशेष से जुडे़ न होने के कारण वे निर्विवादित रहे हैं। बीपी सिंह इंदौर कमिश्नर भी रह चुके हैं, वे एक नवंबर को अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
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मुख्यसचिव के लिए कई नाम चर्चा में थे लेकिन कैबिनेट बैठक से पहले ही सिंह का नाम लगभग तय माना जा रहा था। वर्तमान मुख्य सचिव अंटोनी डिसा 30 अक्टूबर को रिटायर होने वाले हैं जिसके बाद सिंह पदभार संभालेंगे।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट मीटिंग में नए सीएस के रूप में बीपी सिंह के लिए सहमति जताई है। उनके सीएस बनने पर मंत्रालय से एसीएस स्तर के एक अफसर को अनयत्र पदस्थ किया जाएगा। सिंह का कार्यकाल जुलाई 2018 तक रहेगा।
                                                                     पूनम पुरोहित 

नई दिल्ली : भारत और न्यूजीलैंड ने आज कारोबार, रक्षा और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपने संबंधों को मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके समकक्ष जान की के बीच बातचीत के दौरान न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि उनका देश एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत की उम्मीदवारी के संदर्भ में जारी प्रक्रिया में ‘रचनात्मक’ योगदान देगा।
दोनों देशो के प्रधानमंत्रियों के बीच ‘सार्थक’ बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने दोहरा कराधान निषेध संधि और आय पर कर संबंधी राजकोषीय अपवंचन रोकथाम समेत तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किये। दोनों पक्षों ने विदेश मंत्री स्तरीय वार्ता करने के साथ साइबर मुद्दों पर आदान प्रदान करने की व्यवस्था स्थापित करने का भी निर्णय किया।
जॉन की के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि दोनों के बीच बातचीत के दौरान द्विपक्षीय संबंधों और बहुस्तरीय सहयोग के सभी आयामों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा हुई। मोदी ने कहा, ‘मैं परमाणु आपूर्ति समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता पर विचार करने के संबंध में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की के रचनात्मक रूख के प्रति आभारी हूं।’
         48 सदस्यीय एनएसजी में भारत के प्रवेश के बारे में समर्थन के संबंध में भारत की यात्रा पर आए जान की ने स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा। उन्होंने इस विषय पर कहा, ‘न्यूजीलैंड वर्तमान प्रक्रिया में रचनात्मक योगदान देना जारी रखेगा जो एनएसजी में भारत की सदस्यता पर विचार करने के लिए चल रही है।’ की ने कहा कि एनएसजी में भारत की सदस्यता के प्रयास के विषय पर उनकी विस्तृत चर्चा हुई।
उन्होंने कहा, ‘न्यूजीलैंड एनएसजी के सदस्यों के साथ काम करने को प्रतिबद्ध है ताकि जितनी जल्दी संभव हो, एक फैसले पर पहुंचा जा सके।’ दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि न्यूजीलैंड, भारत के संदर्भ में एनएसजी में शामिल होने के महत्व को समझता है। इसमें कहा गया है कि भारत ने जोर दिया कि इससे पेरिस समझौते के परिप्रेक्ष्य में भारत के स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी।
न्यूजीलैंड उन देशों में शामिल था जिसने जून में दक्षिण कोरिया में एनएसजी की पिछली बैठक में यह रूख अख्तियार किया कि एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देश भारत के मामले में कोई अपवाद नहीं होना चाहिए। बैठक में अमेरिका के समर्थन के बावजूद चीन ने इस आधार पर भारत की सदस्यता का मार्ग अवरूद्ध कर दिया था कि वह एनपीटी का हस्ताक्षरकर्ता नहीं है।
सुरक्षा और आतंकवाद से मुकाबला करने के विषय पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र समेत आतंकवाद एवं कट्टरपंथ के खिलाफ खुफिया सहयोग बढ़ाने और सुरक्षा संबंधों को मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की। संयुक्त बयान के मुताबिक, दोनों प्रधानमंत्रियों ने आतंकवादी खतरों के सभी स्वरूपों से निपटने के लिए द्विपक्षीय और संयुक्त राष्ट्र की व्यवस्था और विशेष तौर पर 1267 समिति के दायरे में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
इसमें कहा गया, ‘दोनों पक्षों ने आतंकवाद के पनाहगाह और आधारभूत ढांचे को खत्म करने, आतंकवादी नेटवर्क, उनके वित्तपोषकों को समाप्त करने और सीमापार आतंकवाद को रोकने का आह्वान किया। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि को जल्द से जल्द मंजूर करने का भी आह्वान किया ताकि अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक कानूनी ढांचे को और मजबूत बनाने में मदद मिल सके।’ 
दोनों नेताओं के बीच बातचीत में कारोबार और निवेश संबंधों को एक महत्वपूर्ण पहलू बताते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था में बढ़ती अनिश्चितताओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए वृहद आर्थिक संबंधों की जरूरत की पहचान की । दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि कारोबारी और वाणिज्यिक संबंधों को गठजोड़ के एक प्राथमिकता के विषय के रूप में बढ़ाया जाना चाहिए। इसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री जॉन की के साथ आये बड़े शिष्टमंडल को भारत के विकास की कहानी से रूबरू होने का मौका मिलेगा। 
नरेंद्र मोदी-जॉन की वार्ता : NSG की सदस्यता पर भारत को न्यूजीलैंड का मिला साथ
खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और कृषि को द्विपक्षीय सहयोग की संभावना वाले क्षेत्र के रूप में पहचान करते हुए मोदी ने कहा कि न्यूजीलैंड की शक्ति और क्षमता को इन क्षेत्रों में भारत की वृहद प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ा जा सकता है और इससे दोनों देशों के समाज को फायदा हो सकता है। उन्होंने कहा, ‘हमने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि दोनों देशों की सरकारों को दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं और समाज के बीच वृहद कारोबार कनेक्टिविटी समेत कुशल पेशवरों की गतिविधि को प्रोत्साहित करना चाहिए।’ 
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘इस संदर्भ में हमने संतुलित और आपसी लाभ वाले समग्र आर्थिक सहयोग समझौते को जल्द निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए करीबी तौर पर काम करने पर सहमति व्यक्त की।’ उन्होंने व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को वैश्विक परिदृश्य में बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही दोनों ने पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन प्रक्रिया में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार को दोनों देशों ने साझा जरूरत बताया। मोदी ने कहा, ‘हम विस्तारित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी के संदर्भ में न्यूजीलैंड के समर्थन के लिए धन्यवाद देते हैं।’
                                                                                                            पूनम पुरहित 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को फ्री-हैंड दे दिया। राजधानी में नर्मदा भवन में आयोजित कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन बुधवार को कलेक्टर, आईजी, पुलिस अधीक्षक से उन्होंने कहा कि गुंडों को नेस्तनाबूत कर दो। यदि हम ठान लें तो कोई माई का लाल अवैध काम नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि हमें बेचारा कलेक्टर-एसपी नहीं चाहिए। गंधवानी, पेटलावद जैसी घटनाएं प्रदेश का माहौल बिगाड़ती हैं। इन्हें रोकने के लिए शांति समितियों की नियमित बैठकें की जाएं। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर को भोपाल के जम्बूरी मैदान में गरीब कल्याण एजेंडा घोषित किया जाएगा।
सुबह 10 बजे से देर शाम तक चली बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की बात सुनी और अपने तर्क रखे। अच्छा काम करने वाले भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, देवास, खंडवा, रतलाम, सिवनी के अधिकारियों की हौसला-अफजाई करते हुए मुख्यमंत्री ने खड़े होकर ताली बजाई।
प्रदेश में अपराध का ग्राफ बढ़ने पर हुई चर्चा में अधिकारियों ने बताया कि थाना स्तर पर सभी तरह के प्रकरण दर्ज होने से ग्राफ बढ़ता नजर आता है, इसके अनुपात में कार्रवाई भी बढ़ी है। महिला अत्याचार में प्रदेश के अव्वल होने पर उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्ती से रोक लगाई जाए। गुंडे कोई भी हों, कार्रवाई की जाए। इसमें किसी दबाव में न आएं, न किसी को संरक्षण दें।
गंधवानी और पेटलावद में साम्प्रदायिक तनाव की घटना को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि शांति समिति के निर्देशों का पालन कर लिया जाता तो घटना नहीं होती। बैठक में गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह सहित ज्यादातर मंत्री, मुख्य सचिव अंटोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव गृह बीपी सिंह, पुलिस महानिदेशक ऋषिकुमार शुक्ला सहित अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्टर-एसपी एक हो जाएं तो गुंडागर्दी नहीं चल सकती: रुस्तम सिंह
कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह ने कहा पुलिस के अपने अनुभव के आधार पर कह सकता हूं कि कलेक्टर-एसपी एक हो जाएं, तो गुंडागर्दी नहीं चल सकती है। हर जिले में दोनों का नेटवर्क होता है।
कलेक्टर न सोचें कि कानून व्यवस्था हमारा काम नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर कलेक्टर मानते हैं कि कानून व्यवस्था पुलिस अधीक्षक की ही जिम्मेदारी है। अधिकारी ये न सोंचे। कमिश्नर-आईजी, कलेक्टर और एसपी महीने में एक बार सुरक्षा से लेकर इलाज तक के मामलों पर बैठक करें। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में सोशल मीडिया से कई घटनाएं हुई हैं। इनकी रोकथाम के लिए कदम उठाए जाएं।
shivraj singh chouhan11 26 10 2016
सर्जिकल स्ट्राइक जैसी रखें तैयारी
आंतरिक सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मिलिंद देउस्कर के प्रजेंटेश्न दिया। इसमें बताया गया कि नवरात्र और अन्य त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य जिलों ने बेहतर काम किया है।
पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों पर अंकुश जरूरी है। आतंकी गतिविधियों से निपटने के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। हम इसको लेकर काम कर रहे हैं। जिस तरह सीमा पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई है, उसी तरह की कार्रवाई आतंकियों और अपराधियों से निपटने के लिए करनी होगी।
तीन माह में वीसी और छह माह में कॉन्फ्रेंस
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में विकास का 11 सूत्री एजेंडा दिया। इसमें सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, पांच साल में किसान की आय दोगुना करना, लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ाना, निवेश से समृद्धि, गुणवत्ता के साथ समय पर विकास कार्य, शिक्षा-स्वास्थ्य, पर्यटन को बढ़ावा, गरीब कल्याण एजेंडा, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, कुपोषण समाप्त करना तथा बेहतर कानून-व्यवस्था शामिल है। तीन माह बाद वीडियो कॉन्फ्रेंस और 6 माह बाद कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में इसकी समीक्षा की जाएगी।
                                                                   पूनम पुरोहित 

उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने आज नई दिल्ली में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह और मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर से भेंट की।

मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने आज केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर से भेंट कर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, सागर के एक्ट में संशोधन का आग्रह करते हुए कहा कि कॉलेजों की संबद्धता छत्रसाल यूनिवर्सिटी से ही हो, क्योंकि केन्द्रीय विश्वविद्यालय संबद्धता नहीं दे सकते। उन्होंने ग्वालियर के लिये आई.आई.एम. या कोई एक उच्च शिक्षण संस्थान की सौगात देने का आग्रह किया। श्री जावड़ेकर ने उनके आग्रह पर जल्द ही विचार करने का भरोसा दिलाया।

श्री पवैया ने केन्द्रीय गृह मंत्री श्री राजनाथ सिंह से उनके आवास पर जाकर सौजन्य भेंट की तथा दीप पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ दी। केन्द्रीय मंत्री श्री सिंह ने मध्यप्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री के रूप में अपने अनुभवों को साझा किया।

 मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कलेक्टर-एस.पी. कांफ्रेंस में विकास का 11 सूत्री एजेण्डा दिया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सुशासन के सपने को साकार करने के लिये पूरी ताकत से काम करें। यह बेहतर कार्य करने और लोगों की तकलीफों को दूर करने का अवसर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 सूत्री एजेंडे में सुशासन और भ्रष्टाचार रहित स्वच्छ प्रशासन, पांच वर्ष में कृषि आय को दोगुना करना, लघु-कुटीर उद्योगों को बढ़ाना, निवेश से समृद्धि, विकास कार्य समय पर गुणवत्ता के साथ, शिक्षा-स्वास्थ्य, पर्यटन को बढ़ावा, गरीब कल्याण एजेंडा, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, कुपोषण को समाप्त करना तथा बेहतर कानून-व्यवस्था की स्थिति शामिल है।
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उन्होंने कहा कि इस 11 सूत्री एजेण्डे में स्पष्ट लक्ष्य तय किये गये हैं। अधिकारी इनका क्रियान्वयन करें। तीन माह बाद वीडियो कांफ्रेंस तथा 6 माह बाद कलेक्टर-एस.पी.कांफ्रेंस में इसकी समीक्षा की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टर तथा एस.पी. इस एजेण्डे के क्रियान्वयन के लिये जिलों में नेतृत्व करें। जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों को पहुँचायें। नये उद्यमी तैयार करें। निवेश के रास्तें में आने वाली बाधाओं को दूर करें। विकास के कार्य समय से और गुणवत्ता के साथ पूर्ण करवायें।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार के लिये कार्य करें। अपने जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना बनायें। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान से समाज के सभी वर्गों को जोड़ें। बेहतर कानून-व्यवस्था के लिये तालमेल से कार्य करें। उन्होंने कहा कि आगामी 4 दिसम्बर को मध्यप्रदेश का गरीब कल्याण एजेंडा जंबूरी मैदान में होने वाले कार्यक्रम में घोषित किया जायेगा।

 भोपाल -दीपावली के मद्देनजर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सोमवार को 'गोल्ड बॉन्ड' योजना जारी की है। इसमें आप एक ग्राम से लेकर 500 ग्राम तक के गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते हैं। सोवरेन गोल्ड बॉन्ड के तहत प्रदेश के सभी प्रधान डाकघरों से इन्हें खरीदा जा सकता है। यह योजना फिलहाल दो नवंबर तक के लिए ही है।
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इस बॉन्ड की कीमत 3007 रुपए प्रति ग्राम है, लेकिन रिजर्व बैंक ने 50 रुपए की विशेष छूट दी है। इसलिए आपको 2957 रुपए देने होंगे। डाकघर के अफसरों का कहना है कि देश का कोई भी नागरिक आधा किलो तक के गोल्ड बॉन्ड खरीद सकेगा। ज्ञात हो कि पिछले एक महीने के दौरान सोने के भावों में करीब हजार रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट आ चुकी है, इसलिए भी यह योजना देर से सामने आई।
आठ साल बाद रिटर्न
इस बॉन्ड पर रिजर्व बैंक 2.75 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देगा। बॉन्ड की मेच्योरिटी का समय आठ साल रखा गया है। इस बीच यदि सोने के दाम बढ़ते हैं तो बढ़ी हुई दरों का पैसा मिलेगा, लेकिन सोने के भाव घटने पर मूल कीमत पर ही ब्याज दिया जाएगा।
नहीं चले सोने के सिक्के
डाकघरों के जरिए करीब पांच साल पहले सोने के सिक्के बेचने की योजना शुरू की गई थी। रिलायंस समूह की इस योजना को जनता का ज्यादा रिस्पॉन्स नहीं मिल पाया था, क्योंकि मार्केट में चल रहे सोने के भाव से सिक्के महंगे थे। इसलिए दो साल बाद ही योजना बंद कर दी गई। उसके बाद सिक्के बेचने की योजना नहीं आई। 

                                                                       पूनम पुरोहित 




















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