रजनीकांत की राजनीति में एंट्री के साथ ही सुब्रमण्यम स्वामी ने उड़ाया मजाकमंथन न्यूज़ - भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत ने साल के आखिरी दिन बड़ा फैसला किया. उन्होंने एलान किया कि अब वो राजनीति में एंट्री करने जा रहे हैं. फैंस से मुलाकात के बाद उन्होंने श्री राघवेंद्र कल्याण मंडपम में कहा, 'मेरा राजनीति में आना तय है. मैं अब राजनीति में आ रहा हूं. ये आज की सबसे बड़ी जरूरत है उन्होंने आगे कहा कि वह अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे. इसके बाद अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. संभव है कि सभी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर उनके प्रत्याशी खड़े होंगे रजनीकांत ने कहा, 'राजनीति की दशा काफी खराब हो गई है. सारे राज्य हमारा मजाक बना रहे हैं. अगर मैं राजनीति में नहीं आता हूंं तो यह लोगों के साथ धोखा होता.रजनीकांत ने आगे कहा कि राजनीति के नाम पर नेता हमसे हमारा पैसा लूट रहे हैं और अब इस राजनीति को जड़ से बदलने की जरूरत है थलाइवा ने कहा कि सच्चाई, काम और विकास उनकी पार्टी का मूलमंत्र होगा हाल ही में रजनीकांत ने कहा था कि वो राजनीति में आएंगे या नहीं, इस पर 31 दिसंबर को फैसला करेंगे. उस वक्त उन्होंने कहा था कि, 'मैं राजनीति में नया नहीं हूं. थोड़ा लेट जरूर हूं. मेरी एंट्री ही जीत के बराबर है. मैं 31 दिसंबर को अपने फैसले की घोषणा करूंगा 
सत्ता के दुरूपयोग के खिलाफ रहूंगा खड़ा 
'थलाइवा' यानी बॉस नाम से मशहूर रजनीकांत ने कहा, 'जहां भी सत्ता का दुरुपयोग होगा, मैं उसके खिलाफ खड़ा रहूंगा. उन्होंने कहा कि आज चारों ओर भ्रष्टाचार है और राजनीति का सिर्फ नाटक हो रहा है.'
रजनीकांत ने तमिलनाडु के 18 जिलों में छह दिनों तक यात्रा की है. अपनी यात्रा में उन्होंने रोज कम से कम एक हजार लोगों से मिलने की योजना बनाई थी.
67 साल के इस अभिनेता के दक्षिण भारत में कई चाहने वाले हैं. वह दक्षिण भारत में सबसे लोकप्रिय के अभिनेताओं में से एक हैं. उनकी फिल्में 2.0 और काला सिनेमाघरों में उतरने वाली हैं.
 सुब्रह्मण्यन स्वामी ने कहा अनपढ़ हैं रजनीकांत 
 उनके इस फैसले के साथ तमिलनाडु की राजनीति गरमा चुकी है. बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कहा कि उन्होंने बस राजनीति में आने की घोषणा की है. कोई डॉक्युमेंट नहीं, कोई योजना नहीं वो अनपढ़ हैं.
 केवल मीडिया का ध्यान अपनी ओर करने के लिए ऐसा कर रहे हैं. तमिलनाडु के लोग समझदार हैं. वो सही फैसला करेंगे

जो कौम अपने इतिहास की रक्षा नहीं कर सकती, वह भूगोल की भी रक्षा नहीं कर सकती : योगीमंथन न्यूज़ - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जो कौम अपने इतिहास की रक्षा नहीं कर सकती, वह अपने भूगोल की भी रक्षा नहीं कर सकती है. योगी ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक पर आधारित एक कार्यक्रम में यह बातें कहीं. उन्होंने कहा कि तिलक जी ने भारत की आजादी के लिए प्रखरता से काम किया. 
इस मौके पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने लगभग 101 वर्ष पूर्व लखनऊ में स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा का नारा देकर देश में एक नयी ऊर्जा भरते हुए स्वतंत्रता के आंदोलन को एक नयी दिशा दी थी. नाईक ने कहा, यह वाक्य सिंह की गर्जना के समान था. इस विचार ने पूरे देश को अपनी स्वतंत्रता के लिए अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया. सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में मिली असफलता के कारण देश में निराशा छा गयी थी. उस निराशा से उबारने में लोकमान्य तिलक के इस उद्घोष ने महत्वपूर्ण काम किया.
राज्यपाल ने यह विचार यहां लोक भवन में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के अमर उद्घोष के 101 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित स्मृति समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किये. उन्होंने कहा कि लोकमान्य तिलक ने समाज को एकजुट करने के लिए गणपति उत्सव और शिवाजी उत्सव को सार्वजनिक समारोह बनाया. इन प्रयासों ने समाज में जागरुकता लाने का काम किया. तिलक जी के प्रयासों के चलते आज देश स्वतंत्र है. 
इस अवसर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र के बीच हुए सांस्कृतिक संबंधों हेतु हुए समझौता-पत्र (एमओयू) का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच बहुत पुराने संबंध हैं. भगवान राम ने अपने वनवास के दौरान महाराष्ट्र के पंचवटी में निवास किया था. इसी प्रकार छत्रपति शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक काशी के ब्राह्ममणों ने किया था. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की प्रगति उत्तर प्रदेश के लोगों का महत्वपूर्ण योगदान है. 
योगी ने कहा कि लोकमान्य तिलक का यह उद्घोष स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा भारत की आजादी के परिप्रेक्ष्य में अत्यंत महत्वपूर्ण है और हम सबके लिए प्रेरणादायी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी ने हमें बहुत कुछ दिया है. आज हम विश्व के सबसे बड़े स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश हैं. स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि महापुरुषों ने स्वतंत्र भारत का जो सपना देखा था, उसमें जातिवाद, क्षेत्रवाद, अशिक्षा इत्यादि का कोई स्थान नहीं था. 

सीएम ने कहा कि स्वराज्य का तात्पर्य ऐसे राज्य से है जहां पर निर्णय लेने का अधिकार हो. परंतु निर्णय संविधान के दायरे में ही रहकर लिए जाने चाहिए. योगी ने कहा कि आज का यह समारोह अत्यन्त महत्वपूर्ण है, क्योंकि आदरणीय प्रधानमंत्री जी के एक भारत-श्रेष्ठ भारत के संकल्प के तहत उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र राज्यों के बीच सांस्कृतिक संबंधों के लिए एमओयू हुआ है. उन्होंने कहा कि 24 जनवरी, 2018 को आयोजित किये जा रहे उत्तर प्रदेश दिवस में दोनों राज्यों के सांस्कृतिक दल भाग लेंगे. 

योगी ने कहा कि जीवन में नकारात्मकता का कोई स्थान नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह हमारे काम की धार को कम कर देती है. उन्होंने कहा कि प्रसन्नचित रहते हुए और विभिन्न परिस्थितियों को अच्छा मानते हुए स्वीकार करना चाहिए. जीवन हताशा-निराशा नहीं बल्कि जूझने का नाम है, समाज को नयी दिशा देने का नाम है. 

इस अवसर पर योगी ने कार्यक्रम में भाग लेने आये महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक की प्रपौत्र, वधू और पुणे की मेयर श्रीमती मुक्ता तिलक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, उनके परिजनों का हार्दिक अभिनंदन करते हुए कहा कि आज का यह कार्यक्रम स्वतंत्रता आंदोलन को प्रखर नेतृत्व प्रदान करने वाले लोकमान्य तिलक के उद्घोष के 101 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित किया गया है, जिससे इसे एक नया आयाम मिला है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के लिए एक नयी योजना लागू करेगी. 
फडणवीस ने इस मौके पर कहा कि लोकमान्य तिलक के उद्घोष ने पूरे राष्ट्र को स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए संघर्ष हेतु प्रेरित किया. उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को एक नया आयाम दिया. सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को अंग्रेजों ने दमन से कुचला था. इससे देश में निराशा आ गयी थी. लोकमान्य तिलक के इस नारे ने पूरे देश में नवचेतना का संचार किया. फडणवीस ने कहा कि हमें अपने इतिहास से प्रेरणा लेनी चाहिए. भारत की युवा पीढ़ी में राष्ट्रीयता का बीजारोपण करना अत्यंत आवश्यक है. नयी पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बलिदान की पूरी जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र स्थापना दिवस का आयोजन उत्तर प्रदेश में भी किया जायेगा. 
इससे पहले सुबह जब मुख्यमंत्री लोकभवन में आयोजित उक्त कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे, अचानक उनके काफिले के आगे एक युवक कूद गया. पुलिस ने युवक, जिसका नाम श्यामजी मिश्रा है, को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ की जा रही है. मुख्यमंत्री की सुरक्षा में हुई चूक को लेकर भी जांच की जा रही है. मिश्रा सोनभद्र का रहने वाला है

Image result for कोतवाली shivpuri photoपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी - कोतवाली थाना पुलिस ने गुरुवार को रात करीब 8ः30 बजे जुए के एक फड़ पर छापा मारकर पांच जुआरियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी विजय अग्रवाल के फड़ के सामने बड़ौदी पर जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने जुआरियों के पास से ताश की गड्डी सहित नकदी जब्त की और जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली विजय अग्रवाल के फड़ के सामने बड़ोदी पर कुछ लोग हार-जीत का दांव लगा रहे हैं। सूचना मिलते ही टीआई संजय मिश्रा ने टीम गठित कर जुआरियों को पकड़ने के लिए भेजा। पुलिस ने बताए गए स्थान पर दबिश दी तो वहां कुछ लोग बैठकर जुआ खेल रहे थे। पुलिस ने सभी की घेराबंदी की और उन्हें धर दबोचा। पूछताछ में जब जुआरियों से नाम पूछा तो उन्होंने विजय पुत्र भरोसीलाल अग्रवाल (50) निवासी सावरकर कॉलोनी शिवपुरी, मनोज पुत्र रामचरण राठौर 42 वर्ष निवासी पुरानी शिवपुरी, विनोद पुत्र ख्यासीचंद राठौर (32) निवासी पुरानी शिवपुरी, मनीष पुत्र रामकिशन राठौर (32) निवासी कमलागंज घोसीपुरा, राजेश पुत्र ओमप्रकाश राठौर (32) निवासी कालीमाता मंदिर के पास शिवपुरी बताया। तलाशी लेने पर जुआरियों के पास से एक ताश की गड्डी तथा 7400 रुपए नकद जब्त किए गए। 

Image resultपूनम  पुरोहित मंथन न्यूज़शिवपुरी - हितग्राही सम्मेलन में शामिल हुए राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने ग्रामीणों की शिकायत पर पटवारी राजेन्द्र शर्मा को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। आनंदपुर में पदस्थ पटवारी को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि यह पैसे लेकर काम करता है और आता भी नहीं हैं। इस पर मंत्री ने उसे मंच से ही निलंबित करने की बात कही। इस मौके पर प्रभारी मंत्री रूस्तमसिंह ने कहा कि पचावली में हायर सेकेण्डरी स्कूल खोला जाएगा जिससे यहां के छात्र पढ़ सकें।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -राज्य में विधानसभा चुनाव भले ही साल 2018 के अंत में होंगे पर सरकार पूरे साल चुनावी मोड में रही। हर कदम पर चुनावी तैयारियां हावी रहीं। प्रशासन में कभी गर्मी तो कभी नर्मी नजर आई। किसानों ने सड़क पर उतरकर सरकार को योजनाओं पर फिर विचार करने के लिए मजबूर किया तो राजस्व प्रशासन एक बार फिर मुख्यधारा में आया।
madhya pradesh 2017 20171230 909 29 12 2017निलंबित आईएएस अफसर शशि कर्णावत की बर्खास्तगी के साथ राजस्व बोर्ड के सदस्य एमके सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई। कर्मचारियों को सातवें वेतनमान मिला पर पेंशनर्स अधर में ही अटके रहे।
कलेक्टरों को हटाया, फिर बनाया
पूरा साल प्रशासनिक उथल-पुथल में बीता। अटेर विधानसभा उपचुनाव में शिकवा-शिकायत को लेकर भिंड कलेक्टर इलैया राजा टी विवादों में रहे। निष्पक्ष चुनाव को लेकर उठे सवालों की वजह से चुनाव आयोग के निर्देश पर उन्हें हटाना पड़ा। हालांकि, चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें फिर वहीं पदस्थ कर दिया गया। उपज के दाम नहीं मिलने से किसान आंदोलन गरमाया तो मंदसौर सहित पूरा प्रदेश धधक उठा। गोलीबारी में किसानों की मौत के बाद मंदसौर कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह को हटाया गया।
भाजपा नेता कमल पटेल के पुत्र को जिलाबदर करने के फैसले से विवाद इतना गहराया कि सरकार को हरदा कलेक्टर श्रीकांत बनोठ को हटाना पड़ा। इससे गलत संदेश जाने पर कुछ ही दिनों में उन्हें वापस हरदा में पदस्थ कर दिया। करीब एक माह बाद बनोठ को फिर हटा दिया। दाल खरीदी में गड़बड़ी पर नरसिंहपुर कलेक्टर डॉ.रामराव भोंसले को हटाया गया।
कलेक्टरों को उल्टा टांगने की बात पर बवाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में राजस्व मामलों को निपटाने में कोताही बरतने वाले कलेक्टरों को उल्टा टांगने का बयान क्या दिया बवाल मच गया। विपक्ष ने जब भी कोई घटना हुई, मुख्यमंत्री के इस बयान को खूब उठाया। समाधान ऑनलाइन हो या विभागों की बैठक, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लेकर तीखी टिप्पणियां की। उन्होंने यहां तक कहा कि भ्रष्ट अफसरों की सेवाओं को 20-50 के फार्मूले पर परखा जाए। जो भी अनफिट पाया जाए, उसे बर्खास्त करने की कार्रवाई की जाए। इससे सभी विभागों में हडकंप मचा रहा।
छाए रहे श्रीवास्तव-जुलानिया-अग्रवाल
पूरे साल अपर मुख्य सचिव एपी श्रीवास्तव, राधेश्याम जुलानिया और प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल चर्चा में रहे। श्रीवास्तव से जहां अन्य विभागों के अधिकारी पर्याप्त राशि न मिलने को लेकर खफा रहे तो जुलानिया की कार्यप्रणाली से नाराज पंचायत सचिव हड़ताल पर चले गए। ग्रामोदय अभियान पर इसका असर पड़ा।
जुलानिया की पंचायत आयुक्त संतोष कुमार मिश्रा से तीखी बहस हुई, जिसके चलते मिश्रा बीमार हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसी तरह लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल की कार्यप्रणाली से पूरे विभाग में हडकंप रहा। प्रमुख अभियंता अखिलेश अग्रवाल से उनकी बातचीत लगभग बंद रही। विभागीय मंत्री रामपाल सिंह से भी पटरी नहीं बैठी और अंतत: उन्हें हटाया गया।
उपवास पर बैठे सीएम
हिंसक हो चुके किसान आंदोलन को थामने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं उपवास पर बैठ गए। दो दिन चले इस उपवास में दूरदराज से किसान आकर मिलते रहे और मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं। उपवास मंदसौर गोलीबारी में मृतकों के परिजनों के आग्रह पर समाप्त हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री न सिर्फ उपवास स्थल पर ही रहे बल्कि सरकारी कामकाज भी निपटाया।
निजी हाथों में सरकारी जमीन
पूरे साल राजस्व मंडल के जमीनों से जुड़े फैसलों पर विवाद सामने आते रहे। इससे खफा होकर मुख्यमंत्री ने इसे बंद करने तक की बात कही। छतरपुर, सागर सहित अन्य जिलों में सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंपने के मामले सामने आए।
25 राप्रसे को आईएएस अवॉर्ड, दाहिमा अटके
राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों के लिए साल बेहद सुखद रहा। 25 अधिकारियों को आईएएस अवॉर्ड हुआ। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारी ललित दाहिमा का मामला अटक गया। कोर्ट-कचहरी तक बात भी पहुंची और उन्हें राहत भी मिली। इसी तरह 1993 बैच के अधिकारी समय से पहले प्रमुख सचिव बन गए। 1994 बैच के अधिकारियों को भी तोहफा देने की तैयारी हो गई है।
श्रीवास्तव ने बढ़ाया मप्र का मान
प्रदेश की वरिष्ठ आईएएस अफसर स्नेहलता श्रीवास्तव ने प्रदेश का मान बढ़ाने का काम किया। उन्हें लोकसभा का महासचिव बनाया गया। श्रीवास्तव ऐसी पहली महिला अफसर हैें, जिन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -31 दिसंबर के पहले विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक होने से भारतीय पुलिस सेवा के 30 अधिकारियों को समय पर प्रमोशन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। डीपीसी में आईजी, डीआईजी और एसपी को पदोन्न्ति मिलना है। वहीं 2003 बैच के एक अधिकारी तथा 2004 बैच के छह अफसरों को एक साल की वरिष्ठता का लाभ भी दिया गया है। अब जल्द ही पात्र लोगों के प्रमोशन के आदेश जारी होने की संभावना है।
dpc 29 12 2017आईपीएस अधिकारियों की डीपीसी लगातार दूसरे साल 31 दिसंबर के पहले हुई है। इसके पहले लंबे समय से भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की डीपीसी, प्रमोशन की पात्रता हो जाने के महीनों बाद हो पाती थी। 
1993 बैच के आईजी ग्वालियर अनिल कुमार, आईजी होशंगाबाद रविकुमार गुप्ता, आईजी एसएएफ जबलपुर अनिल कुमार गुप्ता व आईजी इंटेलीजेंस संजीव शमी सहित केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गईं सोनाली मिश्रा के नाम डीपीसी में शामिल किए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि सोनाली मिश्रा को प्रोफार्मा पदोन्नति बैच के साथ ही दी जा सकती है।
बताया जाता है कि डीआईजी के 2000 बैच के भोपाल शहर डीआईजी संतोष कुमार सिंह, छतरपुर रेंज डीआईजी केसी जैन और डीआईजी नारकोटिक्स एसपी सिंह के नामों पर डीपीसी में विचार हुआ। इसी तरह 2004 बैच के अखिलेश झा और आनंद प्रकाश सिंह सहित 18 अधिकारियों के नाम डीपीसी में रखे गए हैं।
सूत्रों का कहना है कि झा और आनंद प्रकाश सिंह को छोड़कर शेष 16 अधिकारियों को डीआईजी बनाए जाने की संभावना है। झा अपने खिलाफ चल रही विभागीय जांच को लेकर कैट में गए थे जहां से स्थगन आदेश ले आए थे। स्थगन आदेश में शासन को जवाब देने तक डीपीसी करने पर रोक लगाई गई थी और कैट को जवाब भेजने के बाद डीपीसी का रास्ता खुल गया था।

पूनम पुरोहित  मंथन न्यूज़ इंदौर -चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने की राह अब और कठिन हो गई है। इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने कोर्स में बदलाव कर दिया है। इंस्टिट्यूट के राष्ट्रीय अध्यक्ष सीए नीलेश एस. विकामसे ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
chartered accountant exam 20171230 11549 30 12 2017उनके मुताबिक बदलाव से कोर्स में प्रवेश कठिन हो जाएगा। अब तक कहा जा रहा था कि सीए के लिए एंट्री तो आसान है लेकिन अंदर स्टूडेंट फंस जाता है और पास नहीं हो पाता। इसलिए एंट्री को भी थोड़ा मुश्किल किया गया है। इससे हमारा इनपुट-आउटपुट अनुपात सुधर जाएगा।
शुक्रवार को सीए की नेशनल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह से पहले इंस्टिट्यूट अध्यक्ष ने यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि हमने सीपीटी को फाउंडेशन कोर्स में बदल दिया है। पहले 200 अंकों का ऑब्जेक्टिव पेपर होता था। अब 400 अंकों का कर दिया गया है।
इसमें 200 अंकों का ऑब्जेक्टिव और 200 का सब्जेक्टिव पेपर होगा। इंडस्ट्री के सुझाव के आधार पर कुछ नए विषय जोड़े गए हैं। बिजनेस इकोनॉमिक्स और जनरल फाइनेंशियल नॉलेज विशेष शामिल किए गए। फाइनल में पहले आईटी का 100 अंकों का पर्चा होता था, जिसे अब प्रैक्टिकल में शिफ्ट कर दिया गया है।
छात्रों की पसंद से एक ऐच्छिक पेपर भी जोड़ा गया है। सीए एसोसिएशन ने तीन साल के रिसर्च के बाद ये बदलाव किए हैं। कोर्स को ज्यादा वैश्विक और इंटरनेशनल अकाउंटिंग स्टैंडर्ड के अनुरूप बना दिया गया है।
'नेफरा' से नाराजगी
सीए एसोसिएशन के अध्यक्ष नोटबंदी और जीएसटी को बड़ा और साहसिक कदम करार दे रहे हैं। सीए विकामसे ने कहा कि ग्रोथ रेट में कमी शॉर्ट टर्म इफेक्ट है। इससे दीर्घकाल में देश को लाभ मिलेगा। हालांकि सीए सरकार द्वारा प्रस्तावित नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (नेफरा) के विरोध में हैं।
इसके जरिये सरकार ऑडिट-अकाउंटिंग गड़बड़ियों की दशा में सीए पर दंडात्मक प्रावधान लाना चाह रही है। आईसीएआई अध्यक्ष के मुताबिक नेफरा की हमारे यहां बिल्कुल जरूरत नहीं है। आईसीएआई संसद द्वारा गठित इंस्टिट्यूट है।
लोगों को गलतफहमी है कि हम पूरी तरह स्वनियंत्रित हैं। हम पर सरकार की पूरी निगरानी है। कैग, रिजर्व बैंक, सेबी जैसी तमाम संस्थाओं के प्रतिनिधि हमारी समितियों में हैं। बिना इनकी मंजूरी के हम एक भी कदम नहीं बढ़ा सकते।

hardik patel 29 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -गुजरात में भाजपा की खिलाफत करने मैदान में उतरे पाटीदार आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल के तेवर अभी कमजोर नहीं पड़े हैं। गुजरात चुनाव में उन्हें भले ही भाजपा को परास्त करने में सफलता नहीं मिली हो लेकिन, अब वे मध्यप्रदेश में होने वाले 2018 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे ।
मंथन न्यूज़  से बातचीत में पटेल ने कहा कि मप्र में वे कांग्रेस का साथ नहीं देंगे न ही उन्हें वोट देने की अपील करेंगे । उन्होंने कहा कि वे आने वाले एक महीने में समाज के लोगों से बातचीत कर मप्र में सक्रियता को लेकर अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे। पाटीदार अमानत आंदोलन समिति की बैठक में इस पर चर्चा होगी।
मैं जरूर आऊंगा- विधानसभा चुनाव 2018 को अभी देर है। मैंने समाजहित का काम करने का बीड़ा उठाया है। मप्र भी जरूर आऊंगा और भाजपा के खिलाफ प्रचार करूंगा।
कांग्रेस का साथ नहीं - न मैं गुजरात में कांग्रेस के साथ था न ही मप्र में कांग्रेस के साथ रहूंगा। जो भी समाजहित की बात करेगा, हम उसके साथ हैं।
मप्र की रणनीति समाज तय करेगा - मप्र में जल्द ही सक्रियता बढ़ाई जाएगी। क्या रणनीति होगी, कब से दौरे होंगे, ये सारी बातें समाज के लोग मिल-बैठकर तय करेंगे।
मंदसौर किसान गोलीकांड का विरोध करेंगे-मंदसौर किसान आंदोलन में निर्दोष किसानों पर गोलियां चलाई गईं। मैं भी इसके विरोध में शाजापुर गया था। हम फिर किसानों के हक में आंदोलन खड़ा करेंगे।
हमारा पूरा समाज हार्दिक के साथ -महेंद्र पाटीदार
मप्र पाटीदार समाज के अध्यक्ष महेंद्र पाटीदार के मुताबिक मध्यप्रदेश में 24 फीसदी जनसंख्या पाटीदारों की है। जिसमें कुल्मी पटेल और कुल्मी पाटीदार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हम सौ फीसदी हार्दिक पटेल के साथ हैं। पाटीदार समाज का दावा है कि प्रदेश की 58 सीटों को पाटीदार वोट प्रभावित करते हैं। जो ज्यादातर मालवा-निमाड़ सहित रीवा और सागर संभाग में निवास करते हैं। पाटीदार के मुताबिक प्रदेश में 1 करोड़ 42 लाख लोग पाटीदार समाज के हैं।
हमारे समाज से कोई मंत्री नहीं 
मध्यप्रदेश पाटीदार समाज इन दिनों सरकार से खफा है। उनका कहना है कि पिछले कई सालों से हमारे समाज के किसी नेता को मंत्री नहीं बनाया गया। सरकार ने हमें ओबीसी का दर्जा तो दे रखा है लेकिन भोपाल, सीहोर और राजगढ़ में सरकार हमें ओबीसी नहीं मानती है। फसल के दाम नहीं मिल रहे हैं। महेंद्र पाटीदार के मुताबिक किसानों ने पहले 5 हजार रुपए तक सोयाबीन बेचा पर अब 2 हजार में बेचना पड़ रहा है। फसल के आधे दाम मिल रहे हैं जबकि खाद बीज के दाम दिन पर दिन बढ रहे हैं।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ गांधीनगर। वित्त मंत्रालय छिन जाने से उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल नाराज हो गए हैं, देर रात्रि उनके पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल से लंबी चर्चा की खबर है। इसकी वजह से मुख्यमंत्री विजय रुपाणी व उपमुख्यमंत्री दोनों ही मुख्यमंत्री कार्यालय नहीं गए तथा अपने बंगलों पर रहकर ही लोगों से मिले। इस बीच पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने नितिन पटेल को भारतीय जनता पार्टी को छोड़ कांग्रेस में आने का निमंत्रण दिया है।
hardik patel offers nitin patel 20171230 133130 30 12 2017हार्दिक पटेल ने दिया कांग्रेस में आने का न्योता - 
नितिन पटेल की नाराजगी पर हार्दिक पटेल आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा, 'अगर गुजरात के उपमुख्‍यमंत्री नितिन पटेल 10 अन्‍य विधायकों के साथ भाजपा छोड़ने के लिए तैयार हो जाएं, तो हम उन्‍हें कांग्रेस पार्टी में अच्‍छा पद दिलाने की बात करते हैं। अगर भाजपा उनका सम्‍मान नहीं करती, तो उन्‍हें पार्टी छोड़ देनी चाहिए।' इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि नितिन पटेल का इस समय पूरे पटेल समुदाय को समर्थन करना चाहिए।
दरअसल, शनिवार को एक फ्लावर शो में पहुंचे सीएम ने फोन आने पर अचानक उठकर लंबी बात की, जिससे कई तरह की अटकलें शुरू हो गई है। उधर कांग्रेस हालात पर नजर रखे हुए है। विधानसभा चुनावों में जीत के बाद गाहे बगाहे भाजपा ने शपथ ग्रहण के एक भव्य समारोह के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन कर दिया। लेकिन अंदरखाने मंत्रियों में विभगों को लेकर नाराजगी उभरकर सामने आ गई है।
वित्त व शहरी विकास मंत्रालय छिन जाने से पाटीदार नेता व उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने अपनी नाराजगी मुख्यमंत्री रुपाणी व पार्टी आलाकमान के सामने जाहिर कर दी है। शुक्रवार को पूरा दिन इसी ऊहापोह में निकल गया कि मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री कब सीएमओ स्वर्णिम संकुल पहुंचेंगे, शनिवार को भी नितिन कार्यालय नहीं पहुंचे। इसी बीच अहमदाबाद में एक फ्लावर शो में पहुंचे मुख्यमंत्री रुपाणी एक फोन आते ही तुरंत मंच से उठकर दूसरी ओर जाकर बात करते नजर आए, फोन पर लंबी बात से यह तय है कि किसी बडे नेता का फोन आया इसीलिए सीएम को समारोह के बीच में उठकर बात करना पड़ा।
पाटीदार आरक्षण आंदोलन के गढ़ मेहसाणा से जीतकर आए नितिन पटेल को लग रहा है कि नई सरकार में उन्हें कट टू साइज कर दिया गया हैं। वित्त मंत्रालय उनसे छीनकर सौरभ पटेल को दिया गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद भी नितिन पटेल को मुख्यमंत्री बनाने की चर्चा जोरों पर थी, लेकिन ऐनवक्त पर उनको उपमुख्यमंत्री की जवाबदारी सौंपी गई तथा सीएम का पद विजय रुपाणी को मिल गया था अब वित्तमंत्रालय व शहरी विकास मंत्रालय छिन जाने से नितिन पटेल पार्टी व सरकार से रूठ गए हैं।

Image result for जीवाजी विश्वविद्यालय ki photoपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी - जीवाजी विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक गुरुवार को उस समय पशोपेश में पड़ गए जब पीजी कॉलेज शिवपुरी से आया एक छात्र रोने लगा। छात्र का कहना था कि या तो उसे दो अंक का ग्रेस दिला दो या फिर एटीकेटी परीक्षा में बैठने की अनुमति दिला दो।
पीजी कॉलेज शिवपुरी से आए छात्र तरुण शर्मा ने बताया कि बताया कि उसकी थर्ड सेम एटीकेटी परीक्षा दिसम्बर 16 में फिर से एटीकेटी आ गई है। उसे यदि दो अंकों का ग्रेस मिल जाए तो वह उत्तीर्ण हो जाएगा। परीक्षा नियंत्रक ने उसे बताया कि ग्रेस दिलाना उनके हाथ में नहीं है। इस पर छात्र रोने लगा। उसका कहना था कि उसे एटीकेटी परीक्षा में ही शामिल करा दिया जाए। इस छात्र को डिग्री पूरी करने की समयावधि पूरी हो रही है। इस कारण उसे एटीकेटी परीक्षा में शामिल नहीं किया जा रहा था। परीक्षा नियंत्रक ने फिलहाल छात्र के आवेदन को परीक्षण के लिए रख लिया है। परीक्षा नियंत्रक ने कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह इस संबंध में पूरा परीक्षण कर रिपोर्ट दें। छात्र को बताया है कि विश्वविद्यालय शुक्रवार को अपना निर्णय उसे बता देगा।

ju student 20171229 162525 29 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ ग्वालियर -मुझे नियम मत बताओ, अपने बोलने की टोन सुधारो। मैं सारे नियम जानती हूं। मेरे बैग में रुपए व कीमती सामान है, यदि चोरी हो गया तो कौन जिम्मेदार होगा?
जीवाजी विश्वविद्यालय के परीक्षा भवन में गुरुवार को एक छात्रा कुछ इसी अंदाज में सहायक केंद्राध्यक्ष निमिषा जादौन से झगड़ बैठी। इतना ही नहीं आवेश में आकर छात्रा कक्ष से बाहर निकली और अपना बैग सहायक केंद्राध्यक्ष के पास फैंककर कहने लगी कि अब इसकी जिम्मेदारी आपकी है। परीक्षा दे रही छात्रा से इतना सुनने के बाद सहायक केंद्राध्यक्ष निमिषा जादौन भी उखड़ गईं। उन्होंने छात्रा को स्पष्ट शब्दों में चेता दिया कि वह नियम बाद में सिखाए, पहले अपना बैग नियत स्थान पर रखे। शांति से परीक्षा दे, इसी में उसकी भलाई है।
टोका वास्तव में छात्र को था
हुआ कुछ यूं कि जेयू परीक्षा भवन में आया एक छात्र बैग के साथ कमरे में घुस गया। सहायक केंद्राध्यक्ष निमिषा जादौन ने उसे देख लिया। उन्होंने इस मामले में कक्ष पर्यवेक्षकों को इस बात के लिए फटकार लगाई कि जब बैग लाने पर प्रतिबंध है तो फिर उन्होंने क्या देखा? सहायक केंद्राध्यक्ष की बात सुन छात्र अपना बैग लेकर कमरे से बाहर जा पाता उससे पहले ही पीजी डिप्लोमा इन योगा फर्स्ट सेमेस्टर की छात्रा किरण आनंद उखड़ गई। छात्रा का कहना था कि वह भी टीचर है,आप अपने बोलने का अंदाज सही करो। विवाद इतना बढ़ा कि साथी शिक्षक डॉ. सुनील मंडेरिया, केंद्राध्यक्ष प्रो. राजीव जैन को दखल देना पड़ा।
लिखा हुआ प्रश्न पत्र लिया वापस
इस घटना के तुरंत बाद कक्ष पर्यवेक्षकों का ध्यान छात्रा किरण आनंद के प्रश्न पत्र पर गया। छात्रा ने प्रश्न पत्र पर कुछ लिख रखा था। इस पर फिर विवाद हुआ। सहायक केंद्राध्यक्ष ने छात्रा का प्रश्न पत्र बदल दिया। छात्रा का कहना था कि उसके साथ बदले की कार्यवाही की जा रही है।
दूसरे पेपर में दूसरी बार टूटा नियम
26 दिसंबर से शुरू हुईं जीवाजी विश्वविद्यालय अध्ययनशाला की गुरुवार को दूसरी परीक्षा थी। इस परीक्षा में भी प्रवेश पत्र की अनिवार्यता के नियम की धज्जियां उड़ते नजर आईं। मैथेमेटिक्स व कम्प्यूटर साइंस के तमाम विद्यार्थियों के सीसीई के अंक अपलोड न होने के कारण प्रवेश पत्र जनरेट नहीं हुए थे। विभाग प्रमुख रेणू जैन ने केंद्राध्यक्ष को फोन कर बताया कि उनकी परीक्षा नियंत्रक डॉ. राकेश कुशवाह से बात हो गई है, सभी छात्रों को बिना प्रवेश पत्र के ही परीक्षा में बैठाओ। इन छात्रों के अंक फीड नहीं हो सके हैं। उन्होंने छात्रों की पहचान के लिए अपने विभाग के एक कर्मचारी को भी भेज दिया।
नियम अब किस पर लागू होगा?
जेयू ने महीनेभर पहले प्रवेश पत्र की अनिवार्यता का नियम यह कहते हुए बनाया था कि इस व्यवस्था से सीसीई व प्रेक्टिकल परीक्षा के अंक अपलोड किए बिना पहले परीक्षा और बाद में अंकसूची को लेकर मचने वाला कोहराम खत्म हो जाएगा। जेयू का यह नियम कॉलेज विद्यार्थियों पर लागू होता उससे पहले ही यह विश्वविद्यालय अध्ययनशालाओं की परीक्षा में तार-तार हो गया। इस मामले में परीक्षा नियंत्रक डॉ. राकेश सिंह कुशवाह का कहना है कि बिना प्रवेश पत्र छात्रों को परीक्षा में शामिल करने उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई है।

Image result for मंत्री नरोत्तम मिश्रा photoपूनम पुरोहित मन्थन  न्यूज़ शिवपुरी - प्रदेश के जल संसाधन मंत्री नरोत्तम मिश्रा आज पिछोर अनुविभाग के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने अनेक कार्यक्रमों में भा लिया। वहीं उन्हें ग्रामीणों ने ज्ञापन भी भेंट किए। इसी क्रम में बूधोन राजापुर बस स्टैंड पर हैंडपंप लगवाने को लेकर ग्रामीणों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि यहां हर दिन कई गांवों के लोग आते हैं, लेकिन पेयजल की व्यवस्था न होने से उन्हें परेशान होना पड़ता है। ज्ञापन देने वालों में सरपंच जसवंतसिंह सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे।

Image result for नीतू माथुर ki photoपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी -जिला पंचायत की सीईओ नीतू माथुर का शिवपुरी से जिला पंचायत गुना के सीईटो के पद पर स्थानांतरण होने पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा उन्हें भावभीनी विदाई देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस मौके पर उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। टूरिस्ट विलेज होटल शिवपुरी में आयोजित विदाई समारोह को संबोधित करते हुए कलेक्टर तरुण राठी ने माथुर के सेवाकाल की सराहना कर उनके उज्जवल एवं सुखद भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। राठी ने कहा कि माथुर निष्पक्ष, निर्भिक एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी है। उनकी छवि एक निर्विवाद अधिकारी की रही है। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवाकाल में अधिकारियों का स्थानांतरण होना सेवाकाल का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि माथुर का स्थानांतरण समीप के जिले गुना में हुआ है, आवश्यकता पड़ने पर उनके अनुभवों का लाभ उन्हें मिलता रहेगा।
नीतू माथुर ने अपने विदाई समारोह के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उनके सवा पांच वर्ष के शिवपुरी के कार्यकाल के दौरान विभिन्न पदों पर सेवा करने का अवसर मिला। उन्हें सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का भरपूर सहयोग भी मिला। माथुर ने कहा कि कार्य करने के दौरान हमेशा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने एक परिवार के सदस्य के रूप में स्नेह एवं प्यार मिला, जो अविस्मरणीय है। माथुर ने कहा कि जिला पंचायत में विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों में प्रदेश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया। जिसके पीछे अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीम भावना से कार्य करने का परिणाम रहा है। कार्यक्रम को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य ने संबोधित करते हुए कहा कि माथुर का सभी विभागों सहित पुलिस के साथ भी बेहतर समन्वय रहा। माथुर की विशेषता थी कि जिस काम को शुरू करती थी, वे उसे अंजाम तक पहुंचाया। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर डॉ. एके रोहतगी, एसडीएम करैरा अंकित अष्ठाना, स्वप्निल माथुर सहित सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन हेमलता चौधरी और कार्यक्रम के अंत में सभी के प्रति आभार परियोजना अधिकारी केके शर्मा ने व्यक्त किया।

pm modi 281217 28 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -भाजपा सांसदों को सोशल मीडिया पर शिथिलता के लिए गुरुवार को शर्मसार होना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरी बैठक में यह कहकर सबको असहज कर दिया कि बहुत कम सांसद उनके गुड मार्निंग का जवाब देते हैं। उन्होंने हर किसी को जनता से संवाद बढ़ाने का सुझाव दिया।
रुवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक में फिर से प्रधानमंत्री की नाराजगी दिखी। दरअसल वह कई बार कह चुके हैं कि सांसदों को लगातार अपने क्षेत्र के लोगों के संपर्क में होना चाहिए। सरकार की नीतियों का प्रचार-प्रसार भी करना चाहिए। इसके लिए अलग-अलग मंच का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। एक नमो एप भी है, जिस पर सारी जानकारियां होती हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने शिथिलता की ओर ही इशारा करते हुए कहा कि कई लोग तो उनके गुड मार्निंग का जवाब भी नहीं देते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि ऐसे सांसद अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों को लेकर कितने संवेदनशील होंगे।

police 28 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -अशोकनगर थाना परिसर में एएसआई सतीश चंद्र रघुवंशी द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में शासन ने पुलिस अधीक्षक डीएस भदौरिया को हटा दिया है। उनके स्थान पर छिंदवाड़ा छठवीं वाहिनी के सेनानी तिलक सिंह को अशोकनगर का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है।
शासन ने गुरुवार को भदौरिया सहित भारतीय पुलिस सेवा के पांच अधिकारियों की नई पदस्थापना आदेश जारी किए हैं। नौवीं वाहिनी रीवा के एपी सिंह को आरएपीटीसी इंदौर, अनुराग शर्मा सहायक पुलिस महानिरीक्षक पीएचक्यू को 32वीं वाहिनी उज्जैन एवं एमएल सोलंकी 35वीं वाहिनी मंडला को पुलिस मुख्यालय पदस्थ किया गया है।
इनके अलावा राज्य शासन ने भारतीय पुलिस सेवा के तीन अधिकारियों की पदस्थापना की है। इनमें सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर निवेदिता गुप्ता को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) ग्वालियर, सहायक पुलिस अधीक्षक जबलपुर अखिल पटेल को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) लांझी बालाघाट और सहायक पुलिस अधीक्षक ग्वालियर आशुतोष बागरी को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) रतलाम भेजा गया है।

exam 28 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -चुनावी साल में राज्य सरकार 31 हजार से ज्यादा बेरोजगारों को संविदा शिक्षक बनाने की तैयारी कर रही है। इसमें अतिथि शिक्षकों को भी प्राथमिकता दी जाना है। स्कूल शिक्षा विभाग ने भर्ती नियमों में संशोधन कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। अब जून से पहले चयन परीक्षा कराने की कोशिश है। शासन अधिसूचना जारी होने के बाद प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) को परीक्षा की तारीख तय करने का प्रस्ताव भेजेगा।
प्रदेश में शिक्षकों के 60 हजार से ज्यादा पद खाली हैं। फिर भी वर्ष 2013 से संविदा शिक्षक परीक्षा टल रही है। सरकार ने विधानसभा चुनाव से ठीक पहले परीक्षा कराने का निर्णय लिया था और तभी से लगातार प्रक्रिया चल रही है। अब तक करीब पांच बार भर्ती नियमों में संशोधन किया जा चुका है।
वैसे विभाग का दावा है कि इस बार भर्ती नियम जारी होने के एक महीने के अंदर परीक्षा करा लेंगे, लेकिन ये पीईबी की तैयारी पर निर्भर होगा। यह परीक्षा 31 हजार 658 पदों के लिए होगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले वर्ष 2011 में संविदा शिक्षक परीक्षा हुई थी।
अतिथि शिक्षकों के लिए पद आरक्षित 
नए नियमों में अतिथि शिक्षकों के लिए 25 फीसदी पद आरक्षित कर दिए गए हैं। वहीं उन्हें अनुभव के अंक अलग से दिए जाएंगे। जिन्हें मिलाकर मेरिट तैयार होगी और मेरिट के आधार पर भर्ती होगी।
फरवरी में परीक्षा कराने की थी तैयारी 
विभाग पहले फरवरी 2018 में परीक्षा कराने की तैयारी कर रहा था, लेकिन भर्ती में अतिथि शिक्षकों को प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की 25 फीसदी पद आरक्षित करने की घोषणा के बाद नियम संशोधन में समय लग गया। अब 15 जनवरी 2018 तक संशोधित नियम जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है। आगे की कार्यवाही इसी के बाद शुरू होगी।
हमारी तैयारी पूरी
हमारी पूरी तैयारी है, जल्द ही संशोधित नियम जारी होंगे और परीक्षा कराई जाएगी। 
- दीप्ति गौड़ मुकर्जी, प्रमुख सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग

मंथन न्यूज शिवपुरी /कोलारस
बूढाडोंगर में स्टॉप डैम का भुमि पूजन करने  पहुंचे मध्य प्रदेश के जल संसाधन जनसंपर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने जन समुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री की जन हितेषी योजनाओं से जनता को अवगत कराया इस दौरान मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने कहा की दतिया में एक बार जाकर देंखें कि विकास हुआ है कि नहीं ।हर व्यक्ति के पास मोबाइल है मोबाइल का जमाना है  यहां पर जो लोग दतिया नहीं गए हैं वह अपने मोबाइल से दतिया में एक ना एक रिश्तेदार नातेदार को फोन लगाएं और पूछो कि दतिया में विकास हुआ कि  नहीं। मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि  पीड़ा होती है सबसे ज्यादा कुपोषण  शिवपुरी में और मोती वाला राजा  शिवपुरी में है। हमारा प्रत्याशी तय हुआ है हमारे प्रत्याशी का नाम कमल सिंह है। मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि बाकी चीजें ना देखें सिर्फ कमल का फूल को देख कर वटन दबाये और बाकी की 99 दिक्कत है नरोत्तम पर छोड देना।

मंथन न्यूज शिवपुरी
मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवम परिवार कल्याण  मंत्री रुस्तम सिंह शिवपुरी जिले के ग्राम पंचबला में पहुँचे इस दौरान प्रभारी मंत्री रुस्तम सिंह संगेश्वर, पंचावली, पचावला, डंगोरा, तथा ग्राम आरी में जन संवाद, चौपाल,तथा ग्राम सभाए का आयोजन किया और विभिन्न जनहितकारी योजनाओ से ग्रामिण वासियो को अवगत कराया इस दौरान मंत्री श्री रूस्तम सिहं ने  बिजली ,पानी और अन्य समस्याओं का मौके पर निराकरण किया।

triple talaq 28 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली - केंद्र सरकार मुस्लिमों में प्रचलित तीन तलाक को अपराध मानने वाला बिल आज लोकसभा में पेश करेगी। लोकसभा की कार्यसूची के मुताबिक कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद आज मुस्लिम वुमन (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज) बिल पेश करेंगे।
बिल के मुताबिक किसी भी तरीके से एक बार में दिया गया तीन तलाक अवैध तथा शून्य होगा और उसके लिए पति को तीन साल की सजा होगी। केंद्रीय कैबिनेट ने बिल को मंजूरी दे दी है। लेकिन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने बिल का विरोध करते हुए उसे वापस लेने या रोकने की मांग की है। बोर्ड ने बिल को असंवैधानिक तथा महिला विरोधी करार दिया है।
सत्तारूढ़ दल भाजपा ने लोकसभा में ट्रिपल तलाक का बिल पारित कराने के लिए अपने सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
बिल पेश होने के पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने सभी विपक्षी दलों से गुरुवार को संसद में ध्वनि मत से तीन तलाक विधेयक पारित कराने की अपील की है।
संसद भवन के बाहर पत्रकारों से चर्चा में अनंत कुमार ने कहा कि विधेयक गुरुवार को संसद में पेश किया जाना है। अब तक संसद की कार्यवाही में मनमोहन सिंह के खिलाफ पीएम मोदी की टिप्पणी को लेकर बाधा डाली जा रही थी।

promotion 27 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल - प्रदेश में आईएएस अफसरों के साथ नए साल में राज्य प्रशासनिक सेवा (राप्रसे) अफसरों को पदोन्नति का तोहफा मिलेगा। राप्रसे के अधिकारियों की पदोन्नति के लिए अपर मुख्य सचिव दीपक खांडेकर की अध्यक्षता में मंत्रालय में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक हुई। बताया जा रहा है कि बैठक में अदालत के फैसले की वजह से अटके मामले पर भी विचार किया गया।
सूत्रों के मुताबिक अपर मुख्य सचिव दीपक खांडेकर के मंत्रालय स्थित कक्ष में मंगलवार को राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदोन्नति के लिए डीपीसी हुई। इसमें एक-एक करके सात बैठकें की गईं। बताया जा रहा है कि 2005 बैच के कुछ अधिकारियों के अलावा 2006 और 2007 बैच के अधिकारी संयुक्त कलेक्टर से पदोन्नत होकर अपर कलेक्टर हो जाएंगे।
इसी तरह 2011, 2012 और 2013 बैच के अधिकारी डिप्टी कलेक्टर से संयुक्त कलेक्टर हो जाएंगे। इसके अलावा कुछ अधिकारियों को अधिसमय वेतनमान में पदोन्नत किया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने बैठक की पुष्टि करते हुए कहा कि नए साल में बड़े स्तर पर पदोन्नतियां होंगी।

Image result for gopal bhargav mantri photपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी -पंचायती एवं ग्रामीण विकास, सामाजिक न्याय एवं निःशक्तजन कल्याण मंत्री कोलारस दौरे पर आ रहे हैं। गोपाल भार्गव 29 दिसंबर को सुबह 11 बजे कोलारस में त्रिस्तरीय पंचायत राज्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। इसके बाद अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

Image result for narottam mishra photoपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी -जल संसाधन, जनसंपर्क एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा 28 दिसंबर को ग्राम टामकी में जल संसाधन विभाग के स्टॉप डैम का भूमि पूजन करेंगे। डॉ. मिश्रा दोपहर 3 बजे ग्राम टामकी पहुंचेंगे। इसके पहले मंत्री सुबह 11 बजे बड़ा डोंगर में स्टॉप डैम का भूमिपूजन करेंगे।

Image result for madhya pradesh police photoमंथन न्यूज़ पूनम पुरोहित शिवपुरी -शिवपुरी। शहर के पुलिस कम्युनिटी हॉल में पुलिस दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों ने अपनी समस्याओं से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। अवकाश से लेकर मेडिकल क्लेम और अन्य समस्याओं के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को पुलिसकर्मियों ने जानकारी दी जिस पर उनकी समस्याओं पर जल्द निराकरण करने का आश्वासन दिया गया। कार्यक्रम में आईजी अनिल कुमार, एसपी सुनील  एएसपी कमल मौर्य आदि मौजूद थे।

ram nath kovind 24 11 17 27 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ अमरावती -राष्ट्रपति जैसी शख्सियत को अपना भाषण बीच में रोकना पड़ जाए, ऐसा अक्सर नहीं होता। लेकिन आंध्र प्रदेश के अमरावती में इंडियन इकोनॉमिक एसोसिएशन कांफ्रेंस के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिससे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपना भाषण कुछ देर रोकना पड़ा।
हुआ यूं कि कांफ्रेंस के दौरान कोविंद मौजूद लोगों को संबोधित कर रहे थे। श्रोताओं में प्रतिनिधियों के साथ विद्यार्थी भी मौजूद थे। आयोजकों को लगा कि ये काफी देर से कार्यक्रम का इंतजार कर रहे थे, लिहाजा इन्हें खाने व पीने की चीजें दे दी जाएं। कोविंद के भाषण के बीच में ही उन्हें खाने के पैकेट वितरित किए जाने लगे, लेकिन इससे अफरातफरी मच गई।
समारोह स्थल पर शोरगुल के साथ आपाधापी की स्थिति बन गई। मौजूद लोगों का ध्यान कोविंद के संबोधन के बजाए खाने के पैकेटों पर था। राष्ट्रपति को यह स्थिति नागवार गुजरी और उन्होंने भाषण बीच में रोक दिया। आयोजकों से अपील की कि कुछ देर के लिए खाने का वितरण बंद करा दें।
खाने की वितरण तो तत्काल बंद करा दिया गया पर स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को मैदान में उतरना पड़ गया। जब हालात सामान्य हुए तब कहीं जाकर कोविंद ने भाषण फिर से शुरू किया। खाने का वितरण बाद में किया गया।
आंध्रा फाइबर ग्रिड का उद्घाटन-
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अमरावती में चंद्रबाबू नायडू सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फाइबर ग्रिड का उद्घाटन किया। इससे प्रदेश के सभी हिस्सों व लोगों को हाई स्पीड इंटरनेट की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। कोविंद ने कहा कि आज के दौर में सरकार को हर समय आन लाइन, आन टाइम और हर समय तत्पर रहना होगा। इससे हर नागरिक को केबल सुविधा भी मिलनी शुरू हो जाएगी।
उन्होंने एपी सर्विलांस प्रोजेक्ट के साथ एपी ड्रोन प्रोजेक्ट की भी श्रीगणेश किया। उनका कहना था कि तकनीक एक ऐसी चीज है जिसकी जरूरत हर व्यक्ति को है। इंटरनेट की सुविधा सुलभ हो तो किसान घर बैठे अपने उत्पाद के खरीदार तलाश कर सकता है। वह खेती से जुड़ी नई तकनीकों के साथ भी तालमेल बिठा सकता है। वर्चुअल क्लासरूम की सराहना करते हुए वह बोले कि इससे ग्रामीण व शहरी इलाकों के विद्यार्थियों के बीच का अंतर कम होगा।
उन्होंने राज्य सरकार की रियल टाइम गवर्नेस स्कीम की भी प्रशंसा की। कोविंद ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि राज्य सरकार ड्रोन के जरिये सरकार की कार्यप्रणाली से लोगों को जोड़ रही है। यह प्रणाली सुरक्षा को भी चाक चौबंद बना रही है। इस दौरान राज्यपाल एएसएल नरसिम्हन, मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के साथ सुप्रीम कोर्ट के जज एनवी रामना भी मौजूद रहे।

army final pic 271217 28 12 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -सेना के तीनों अंगों में करीब 60000 पद रिक्त हैं। सबसे ज्यादा 27000 रिक्तियां थलसेना में है। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बुधवार को बताया कि थलसेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारियों के कुल 9,259 पद रिक्त हैं। इससे निचले स्तर के रिक्त पदों की संख्या 50,363 है।
एक सवाल के जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा कि एक जुलाई को थलसेना की कुल शक्ति 12.37 लाख थी। कुल स्वीकृत शक्ति 12.64 लाख है। इस तरह कुल 27,864 पद रिक्त हैं। नौसेना की मौजूदा ताकत 67,228 है और रिक्त पदों की संख्या 16,255 है। वायुसेना में भी 15,503 कर्मी कम हैं। इसकी स्वीकृत शक्ति 1.55 लाख है। सेना में भर्ती की प्रक्रिया जारी रहती है। कमी दूर करने के लए सरकार ने कई कदम उठाए हैं।
रक्षा राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने एक सवाल के जवाब में कहा कि पिछले चार वर्षों के दौरान कुल 418 जवानों ने आत्महत्या की। ऐसे मामलों में 335 अकेले सेना के हैं। उन्होंने बताया कि चार वर्षों में सशस्त्र बलों के 41,960 जवानों ने समय से पहले सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन दिया है।
न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रस्ताव नहीं मिला-
सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों के छह पद रिक्त हैं। नौ हाई कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश भी नहीं है। लेकिन सरकार को अभी तक शीर्ष अदालत कोलेजियम की तरफ से इन पदों को भरने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। केंद्रीय कानून राज्यमंत्री पीपी चौधरी ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में इस आशय की जानकारी दी।
सीआइसी में 26000 मामले लंबित-
केंद्रीय सूचना अयोग (सीआइसी) के पास इस वर्ष एक अप्रैल तक कुल 26,449 अपील लंबित थे। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया, 'सबसे पुरानी शिकायतों की संख्या छह है। ये शिकायतें 2012 में दर्ज कराई गई थीं।'
विदेश में भारतीय छात्रों पर हमले-
इस वर्ष भारतीय छात्रों पर 10 देशों में हमले की 21 घटनाएं सरकार की जानकारी में आई है। इनमें से नौ की जानकारी पोलैंड से मिली है। विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -मध्यप्रदेश में एग्जम्पटेड श्रेणी के करीब 70 हजार कर्मचारी हैं जो अगले महीने केरल हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित होंगे। बढ़ी हुई पेंशन के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट को जनवरी में एग्जम्पटेड श्रेणी के कर्मचारियों का फैसला सुनाने की गाइडलाइन जारी की है। इसके बाद बीएचईएल भोपाल के कर्मचारियों का मामला भी हाईकोर्ट में तय होगा।court 27 12 2017
प्रदेश में बढ़ी हुई पेंशन को लेकर हजारों पेंशनर्स केन्द्र सरकार पर दबाव बनाने में जुटे हैं। वर्ष 2014 के बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी एवं एग्जम्पटेड श्रेणी के 70 हजार कर्मचारियों का मामला उलझा हुआ है। ये कर्मचारी प्रदेश के 74 संस्थानों में कार्यरत हैं जो कि एग्जम्पटेड श्रेणी के हैं। इनमें बीएचईएल (भेल), एचईजी, डबरा शुगर मिल एवं अन्य निगम-मंडल आदि शामिल हैं। बीएचईएल भोपाल के कर्मचारियों ने भी इस मुद्दे पर मप्र हाईकोर्ट में अपनी याचिका लगाई है।

एग्जम्पटेड श्रेणी के कर्मचारियों को बढ़ी हुई पेंशन देने के बारे में सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाईकोर्ट को जनवरी में फैसला देने के निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले पर पूरे देश की निगाहें लगी हुई हैं। ईपीएफओ ने 'अनएग्जम्पटेड" संवर्ग को बढ़ी हुई पेंशन का लाभ देने की तैयारी की है।
इस संवर्ग के सदस्यों के पीएफ पेंशन का पैसा ईपीएफओ में जमा होता है जबकि 'एग्जम्पटेड" संवर्ग अर्थात भेल, ओएनजीसी जैसे केन्द्र सरकार के उपक्रमों में सदस्य का पैसा संस्था के ट्रस्ट में ही जमा होता है। यह ट्रस्ट संस्थान का प्रबंधन ही संचालित करता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन(ईपीएफओ) की सहमति से ही यह ट्रस्ट गठित हुआ था। ईपीएफओ का कहना है कि उनके पास इन कर्मचारियों का अंशदान ही नहीं आता तो बढ़ी हुई पेंशन कैसे दें। निवृत्त कर्मचारी 1995 समन्वय समिति के उप महासचिव चंद्रशेखर परसाई का कहना है कि केरल हाईकोर्ट का फैसला मप्र के 70 हजार एग्जम्पटेड श्रेणी के कर्मचारियों को प्रभावित करेगा।
यह है 'एग्जम्पटेड"
सार्वजनिक प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों ने पेंशन योजना लागू होते समय अपनी अंशनिधि ईपीएफओ में जमा करने से छूट ले ली थी। यह रकम उन्होंने अपने संस्थान के ट्रस्ट में राशि जमा कराई। इसलिए इनका पैसा ईपीएफओ में जमा नहीं किया गया। ऐसे संस्थानों के कर्मचारियों को 'एग्जम्पटेड" वर्ग में रखा गया जिनकी अंशनिधि ईपीएफओ में जमा होती है उन्हें 'अनएग्जम्पटेड"कहा जाता है।

मंथन न्यूज शिवपुरी
प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी जहॉ स्वच्छ भारत अभियान के लिए प्रयासरत  है वही  शिवपुरी के वार्ड नम्बर 18 में नगरपालिका परिषद शिवपुरी के द्वारा नुक्कड़ नाटक स्वच्छता के उददेश्य  आरम्भ किया गया !जिसमे शहर की प्रतिभाओं ने नाटक के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया ! इस तरह के नाटक एवं नुक्कड  के माध्यम से जन चेतना में स्वच्छता का सदेंश और जनजगृती लाना है।स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा चलाया गया एक स्वच्छता मिशन है। यह अभियान 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी की 145 वें जन्मदिन के अवसर पर भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया था| यह एक राजनीति मुक्त अभियान है और देशभक्ति से प्रेरित है।

व्ही एस भुल्ले
म.प्र. शिवपुरी- अपने तूफानी दौरे पर कोलारस विधानसभा क्षेत्र के बदरबास सेक्टर में पहुंचे म.प्र. शासन के सिंचाई एवं जनसम्पर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने ग्राम सड़ लिलबारां में सिन्ध पर स्टॉफ डेम, तो बिजरौनी बड़ौनी में लघु सिंचाई योजना का भूमि पूजन किया। जिसकी लागत लगभग 25 करोड़ के करीब है मंत्री ने अगले चरण में खतौरा ग्राम में रोड शो कर, सम्बोधित करते हुये अपनी पार्टी का प्रत्याशी कमल का फूल बताया तो दूसरी ओर उन्होंने कहा कि अगर आपने इस उपचुनाव में कमल का बटन दबाकर भाजपा को जिताया बाकि जबावदारी हमारी और उपचुनाव तो 4 माह के लिये है। मगर मैं मंत्री मुख्य चुनाव होने तक रहूंगा हम हारे या जीते मगर मैं विश्वास दिलाता हूं कि मैं आप लोगों की सेवा निरन्तर करता रहूंगा। अगर इन 4 महीनो में हमारा काम, हमारी सेवा पसंद आये तो 2018 में हमें वोट देना अन्यथा मत देेना। 
            उन्होंने बीजरी में भूमि पूजन पश्चात स्पष्ट किया कि जिन लोगों की भूमि बीजरी बरौनी परियोजना के डूब क्षेत्र में आयेगी उन्हें हमारी सरकार एक दो नहीं, पूरे ढाई गुना जमीन की कीमत कलेक्टर रेड के आधार पर भुगतान करेगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उज्ज्चला योजना और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की लाडली लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुये कहा कि जितना काम जितनी योजनायें माता-बहिनों और बच्चियों के कल्याण के लिये हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चालू कर रखी है। उतनी योजनायें शायद ही देश के किसी राज्य में हो। उनका सपना है कि म.प्र. में मातृशक्ति का सम्मान और स्वाभिमान तभी स्थापित होगा जब हमारे माता-बहिने सशक्त, सम्पन्न, सक्षम और सुरक्षित बन सके। 
              उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, झुग्गी, झोपड़ी और महिला सम्मान हमारी सरकार के केन्द्र में है। इनके विकास में हमारी सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेने वाली। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आगाह एवं कॉग्रेस पर निशाना साधते हुये कहा कि हमारी सरकार और हमारे मुख्यमंत्री ने तय किया है कि कोई भी गरीब आवास एवं आवासीय पट्टे से वंचित न रहे और सभी को एक रुपये किलो अनाज और नमक हर हाल में मिले। 
              इस मौके पर सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री, कार्यपालन यंत्री, सिंचाई के अलावा पूर्व विधायक देवेन्द्र जैन, नरेन्द्र बिरथरे, वीरेन्द्र रघुवंशी, भाजपा जिला अध्यक्ष सुशील रघुवंशी, राम स्वरुप रिझारी, श्री बिन्दल, युवा नेताओं में प्रबेन्द्र सोनू बिरथरे, आशूतोष शर्मा इत्यादि उपस्थित थे। 

राजस्थान: दिलचस्प है विधायक पुत्र के चपरासी बनने की कहानीमंथन न्यूज़ - गैर कांग्रेसी कहते हैं कि राहुल सिर्फ इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष बन गए क्योंकि वो सोनिया और राजीव गांधी के पुत्र हैं. सचिन पायलट, जितिन प्रसाद, दीपेंद्र हुड्डा या मिलिंद देवड़ा, ये सभी नाम ऐसे बताए जाते रहे हैं जिनको सरनेम के कारण कुर्सी मिली. पिछले दिनों खुद राहुल गांधी कह चुके हैं कि वंशवाद भारत में परंपरा है.
भारतीय राजनीति में ऐसा दौर लगातार दिख रहा है जब नेता लोग येन-केन-प्रकारेण कुर्सी से बिना फेवीकोल के ही चिपके रहते हैं. एक बार नेतागिरी चमक गई तो बेटे-पोतों की बैकडोर एंट्री आम है. लालू यादव जैसे लोग जब अपने नौवीं फेल बेटे को उपमुख्यमंत्री बना देते हों, तब राजस्थान में नई मिसाल देखने को मिली है. ऐसा उदाहरण, जो उदारीकरण के बाद विरले ही दिखा है.
जयपुर के पास जमवा रामगढ़ से बीजेपी विधायक जगदीश नारायण मीना के बेटे रामकृष्ण मीना चपरासी पद पर नियुक्त हुए हैं. ये तो वाकई अचंभे वाली बात हो गई. वो समय गया जब सरदार पटेल या लाल बहादुर शास्त्री जैसे नेता अपने बेटे-बेटियों के लिए ‘जुगाड़’ नहीं करते थे. पिछले कुछ साल में तो यही दिखा है कि नेता पुत्र चाहे कितना ही ‘पप्पू’ हो, सांसदी या विधायकी उसका जन्मसिद्ध अधिकार ही होता है. पर विधायक पुत्र चपरासी.. सुनने में कुछ असामान्य सा लगता है.
विधायक का बेटा चपरासी क्यों बना?
विधायक जगदीश मीना का कहना है कि उनका बेटा पढ़ाई में कमजोर था. इसलिए ज्यादा पढ़ नहीं पाया और राजनीतिक समझ के अभाव में उसके लिए नौकरी करना ही ठीक रहता. इसीलिए उसने चपरासी पद पर आवेदन किया और अपनी योग्यता से नौकरी हासिल कर ली.
विधायक जी की राय में इसे राजनीतिक शुचिता की मिसाल मानकर उनकी वाहवाही की जानी चाहिए. आखिर सत्ताधारी दल का विधायक होने के बावजूद उन्होने बेटे की राजनीति में बैकडोर एंट्री नहीं कराई. लेकिन विरोधी हैं कि हंगामे से बाज़ नहीं आ रहे. कांग्रेस तो कांग्रेस, कई ‘अपने’ भी टांग खिंचाई में पीछे नहीं हैं.
विरोधियों का आरोप है कि विधायक जी ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर बेटे को सरकारी नौकरी दिला दी. सरकारी नौकरी भी किसी ऐसे वैसे दफ्तर में नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े राज्य की विधानसभा में. ये तो ‘शाही’ नौकरी है. आखिर विधानसभा में दूसरे दफ्तरों की तुलना में काम कम ही रहता है. और जब चपरासी नेतापुत्र हो तो उससे काम कराने की हिम्मत भी कौन करेगा.
विधायक जगदीश मीना आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहते हैं कि जिसमें जितनी योग्यता होगी, उसको उतना ही मिलेगा. मीना सवाल करते हैं कि वे खुद भी बनना तो मंत्री चाहते हैं लेकिन बन पाए क्या? यानी उनके पुत्र में चपरासी बनने की योग्यता थी और अपनी मेहनत से उसने इसे हासिल किया है.
फिर विपक्ष के आरोपों का क्या? तो विधायकजी का कहना है कि कांग्रेस को इसलिए परेशानी है क्योंकि बीजेपी उनकी तरह भाई-भतीजावाद की ओछी राजनीति नहीं करती. हालांकि भाई-भतीजावाद के आरोपों को हवा चपरासी नियुक्त हुए उनके बेटे के बयान से ही मिल रही है. रामकृष्ण मीना ने मीडिया को बताया कि वे तो खेतीबाड़ी करते थे. पिछले साल ही उन्होने 10वीं पास की है. अब पिता ने कहा कि सरकारी नौकरी ज्यादा मुफीद है तो मैंने कर ली.
बहुत से सवालों के जवाब ‘लापता’
विधायक जगदीश मीना बेटे की ‘योग्यता’ सिद्ध करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे. लेकिन यही पर कई सवाल ऐसे उभरते हैं जो गंभीरता के साथ उत्तर मांगते हैं मसलन-
- बताया जा रहा है कि चपरासी के 18 पदों के लिए 18,000 से ज्यादा आवेदन आए थे. इनमें कई आवेदक तो पीएचडी और एमबीए डिग्री धारी भी थे. फिर वो कौनसा पैमाना था, जिस पर 10वीं पास विधायक पुत्र को तरजीह मिली?
- 15 दिसंबर को चपरासी नियुक्ति का नतीजा आया लेकिन इसे तुरंत सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया? मीडिया से ही नहीं, बल्कि विधानसभा के स्टाफ से भी इसे क्यों छिपाया गया?
- सफल अभ्यर्थियों को फोन से जानकारी दी गई और उन्हे तुरंत ज्वाइन करने को कहा गया. अधिकतर अभ्यर्थियों ने उसी दिन ज्वाइन भी कर लिया. ऐसी जल्दबाज़ी आखिर क्यों की गई?
आरोप सिर्फ रामकृष्ण मीना पर नहीं है. लोगों का कहना है कि जिन 18 लोगों का चयन हुआ है, वे सब के सब रसूखदारों के रिश्तेदार/नजदीकी हैं. कांग्रेस ने तो इसे सिरे से धांधली बताकर भर्ती को खारिज करने की मांग की है. प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा है कि बीजेपी मैनिफेस्टों में 15 लाख नौकरियों का वादा किया गया था. लेकिन रसूखदारों को नौकरी बांटकर बेरोजगारों के गालों पर तमाचा मारा जा रहा है.
वैसे हालिया समय में ये पहला मौका नहीं है जब बीजेपी के किसी विधायक के बेटे ने चपरासी पद के लिए कोशिश की है. निवाई से विधायक हीरा लाल वर्मा के बेटे हंसराज ने भी 2015 में कृषि विभाग में चपरासी पद के लिए आवेदन किया था. ये भी पहला मौका नहीं है जब सरकारी नौकरियों की रेवड़ियां फिर-फिर कर अपनों को ही बांटी गई हो. इसी साल पंचायत सहायकों के पद चहेतों को देने के आरोप लगने के बाद कम से कम 3011 ग्राम पंचायतों में चयन प्रक्रिया को रद्द करना पड़ा था.
अब ये जांच के बाद ही साफ हो सकता है कि विधायक पुत्रों का चपरासी बनना राजनीतिक शुचिता की मिसाल है या फिर अपने राजनीतिक प्रभाव के इस्तेमाल का निकृष्ट तरीका. लेकिन दूसरे राज्यों के उदाहरण देखते हुए जगदीश मीना की इस बात में तो दम लगता है कि अगर उन्हे अपने रसूख का फायदा बेटे को दिलाना ही होता तो मंजिलें और भी थीं

MARI themes

Blogger द्वारा संचालित.