पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी - खेल एवं युवा कल्याण, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने शिवपुरी नगर की सिंध जलावर्धन योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए दोशियान कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे 30 जून तक इस कार्य को पूर्ण करें। पूर्ण न करने की स्थिति में संबंधित कंपनी का अनुबंध खत्म करने की कार्यवाही की जाएगी। 
Displaying jalabardhan yojna photo datted 31-03-2017.jpg श्रीमती सिंधिया ने उक्त आशय के निर्देश आज जिलाधीश कार्यालय के सभाकक्ष में सिंध जलावर्धन योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक में दिए। बैठक में विधायक पोहरी श्री प्रहलाद भारती, कलेक्टर श्री ओमप्रकाश श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री सुनील कुमार पाण्डे, मुख्य वनसंरक्षक श्री हरिओम शंखवार, अपर कलेक्टर श्रीमती नीतू माथुर सहित नगर पालिका, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यात्रिकी, एनएचएआई एवं दोशियान कंपनी के अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। 
मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने सिंध जलावर्धन योजना की प्रत्येक घटक की प्रगति की सूक्ष्मता से समीक्षा करते हुए कार्य पूर्ण किए जाने हेतु समय-सीमा निर्धारित की। उन्होंने निर्देश दिए कि जून माह के अंत तक शिवपुरी नगर में पानी पहुंचे। पानी न पहुंचने की स्थिति में कंपनी के अनुबंध को खत्म करने की कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने दोशियान कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अप्रैल माह में लगातार शिवपुरी में उपस्थित रहकर कार्य में प्रगति लाए। उन्होंने कहा कि जलावर्धन योजना की निरंतर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने घरों में पहुंचाए जाने वाली जल वितरण पाईप लाईन की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इस दिशा में भी तेजी के साथ कार्य किया जाए। श्रीमती सिंधिया ने संबंधित विभागो के अधिकारियों को आपसी समन्वय से स्थानीय स्तर पर आने वाली समस्याओं को दूर करने के निर्देश दिए। बैठक में इस दौरान बताया गया कि कंपनी को 8 करोड़ की बैंक गारंटी क्लीयर हो चुकी है और राशि शीघ्र ही प्राप्त हो जाएगी। बैठक में संबंधित विभागों द्वारा सिंध जलावर्धन योजना के संबंध में किए जा रहे कार्यों का प्रगति प्रतिवेदन से अवगत कराया। 

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ शिवपुरी -शिवपुरी, 31 मार्च 2017/ चैत्र नवरात्र के अवसर पर प्रसिद्ध बलारी माता मंदिर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले धार्मिक मेले की समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। बलारी माता मेला 01 अप्रैल से 03 अप्रैल 2017 तक लगाया जाएगा। 
माधव राष्ट्रीय उद्यान के सहायक संचालक श्री व्ही.एस.यादव ने बताया किया बलारी माता मेले हेतु आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मेला स्थल पर प्रशासन की ओर से कंट्रोल रूम, चिकित्सा सहायता केन्द्र, वाहनों की पार्किंग, पीने के पानी के टेंकर आदि की व्यवस्थाऐं की गई हैं। मेले में आने वाले वाहनों से प्रशासन द्वारा गत वर्ष अनुसार नियत किया गया प्रवेश शुल्क करई चैकी एवं भरकुली चैकी पर वसूला जाएगा। प्रवेश शुल्क गत वर्ष अनुसार बस, ट्रक आदि बड़े वाहनों से रू. 50/- प्रति ट्रिप, कार, जीप, आॅटो रिक्शा से रू. 20/- एवं मोटर सायकलों से रू. 10/- प्रति वाहन लिया जाएगा। नेशनल पार्क के सहायक संचालक ने भी श्रद्वालुओं से मनौती के नाम पर पशु बलि एवं वनक्षेत्र में आग लगाने जैसी कुरीतियां बन्द करने की अपील की है।
बलारपुर मंदिर के महन्त श्री प्रयाग भारती ने श्रद्वालुओं से आव्हान किया कि मंदिर में अर्पित की जाने वाली प्रसाद एवं अन्य पूजन सामग्री को पन्नी-प्लास्टिक की थैलियों में रखकर ना लावें। पन्नी या प्लास्टिक की थैलियों में रखकर लाई जाने वाली प्रसाद सामग्री मंदिर में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष मेले में प्रदूषण फैलाने वाले कोई कार्य श्रद्वालु न करें। मेले में भंडारों के आयोजक भी प्लास्टिक डिस्पोजल वाली प्लेट, ग्लास, कटोरिया एवं चम्मचें आदि में खाघ सामग्री एवं चाय का वितरण न करें। मौटे कागज या पलाश के दोने पत्तलों का ही उपयोग किया जावे। महन्त ने कहा कि मेला क्षेत्र में पशु बलि की पूरी तरह मनाही है। उन्होंने कहा कि हिन्दू धर्म के अनुसार निरीह प्राणियों की बली देना बहुत बड़ा पाप है। मेले के दौरान बलारपुर मंदिर आने वाले भक्तों से अनुरोध किया है कि वनक्षेत्र में आग किसी भी स्थिति में न लगाए, क्योंकि आग से असंख्य जीव जन्तु एवं वनस्पति जलकर नष्ट हो जाती है एवं पर्यावरण को भारी नुकसान पहुॅचता है, जिसका दुष्प्रभाव अंततः पूरे समाज को भोगना पड़ेगा। 

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -भाजपा के सांसदों, विधायकों व पार्टी टिकट की तलाश करने वाले नेताओं को डिजिटल रूप से दक्ष होना ही पड़ेगा। चाहे-अनचाहे उनकी योग्यता का एक मापदंड यह भी होगा कि वह डिजिटल माध्यम से लोगों तक अपनी पहुंच बनाने में कितने सफल हैं।
online payment 31 03 2017खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी सांसदों को आगाह कर दिया है कि आने वाले चुनाव फोन पर लड़े जाएंगे। यानी नए जमाने में करोड़ों लोगों के हाथों में अक्सर रहने वाला फोन संवाद का सबसे बड़ा माध्यम है और डिजिटल भाषा प्रचार का शक्तिशाली हथियार।
यूं तो प्रधानमंत्री की ओर से कई बार सांसदों को यह मंत्र दिया गया है। सोशल मीडिया में सांसदों की सक्रियता को लेकर लगातार आकलन भी होता रहा है और सुझाव भी दिए जाते रहे हैं। एक ऐप भी तैयार किया गया था जिसे हरेक भाजपा सांसद ने फोन पर डाउनलोड भी किया। लेकिन यह संकेत मिलने लगा है कि नेतृत्व अभी पूरी तरह संतुष्ट नहीं है।
शुक्रवार को दक्षिणी झारखंड के भाजपा सांसदों के समूह से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ने इसे फिर से दोहराया। उन्होंने नए जमाने के वोटरों में डिजिटल जानकारी के प्रति बढ़ी रुचि का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का प्रचार भी डिजिटल माध्यम से होना चाहिए।
हर नेता को अपना विचार भी इस माध्यम से आगे बढ़ाना चाहिए। इस क्रम में उन्होंने खासतौर से कृषि सिंचाई योजना का जिक्र किया। जीएसटी जैसे ऐतिहासिक मुद्दे को जनता तक पहुंचाने के लिए भी उन्होंने सीधा संवाद और डिजिटल प्रयास की बात की।
बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने सांसदों से हर राज्य में केंद्रीय योजनाओं का फीडबैक भी मांगा। खासतौर से झारखंड जैसे उन राज्यों से केंद्र की अपेक्षाएं ज्यादा है जहां भाजपा की ही सरकार है।
नाश्ते पर बुलाई गई लगभग एक घंटे की अनौपचारिक बैठक में प्रधानमंत्री की ओर से संदेश स्पष्ट था कि नेता जमीन पर जाएं, लोगों से संवाद करें लेकिन डिजिटल के माध्यम से उन लोगों से भी जुड़ें जो पहुंच से दूर हैं। खासकर युवा वर्गों को आकर्षित करने का यही एक माध्यम है।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बालिकाओं के साथ दुराचार करने वाले को मृत्युदण्ड देने का विधेयक विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। पारित होने के बाद उसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।
cm 31 03 2017श्री चौहान म.प्र. पुलिस अकादमी में पुलिसकर्मियों के संयुक्त दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि पुलिस की सेवा समाज की सुरक्षा का संकल्प हैं। पुलिस सेवा को स्वीकारना देश और समाज के लिए अपनी जिन्दगी को सौंपना है। देश-प्रदेश के विकास की पहली शर्त है कि कानून और व्यवस्था बेहतर हो। यह जिम्मेदारी पुलिस के कंधों पर है। पुलिस की सेवा जनता की सेवा के लिए है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों की छवि ऐसी हो कि जनता को वहाँ पर राहत, सुरक्षा और सुकून मिलें। जनता को थाने में आने में झिझक नहीं हो। अपराधी आस-पास फटकने में भी घबराएं। पुलिस की आवश्यकताओं को पूरा करने में सरकार का पूरा सहयोग है। पुलिस के 30 हजार नए पद स्वीकृत किए गए हैं। कुल 25 हजार नए पुलिस आवास बनवाये जा रहे हैं। सी.सी.टी.वी. कैमरे और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि साहस, शौर्य, कर्त्तव्यनिष्ठा और पराक्रम में प्रदेश की बेटियां भी कम नहीं है। इसीलिए पुलिस के एक तिहाई पद उनके लिए आरक्षित कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि किसी से डरकर आत्महत्या सभ्य समाज के लिए कलंक है। इसलिए आपराधिक तत्वों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाये।
मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी के निदेशक सुशोभन बनर्जी ने बताया कि पहली बार पुलिस अकादमियों का संयुक्त दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया है। इस 89वें दीक्षांत समारोह में कुल 633 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री ने विभाग में शामिल करने की औपचारिकता पूर्ण की। इनमें सूबेदार, उप निरीक्षक, उप निरीक्षक वि.स.ब.ल. और उप निरीक्षक विशेष शाखा शामिल हैं। इनमें 478 पुरूष एवं 155 महिला पुलिसकर्मी है।

shivraj 2017331 20458 31 03 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -उप्र की तरह मप्र में भी युवतियों से छेड़खानी करने वालों की शामत आ सकती है। योगी सरकार के 'एंटी रोमियो स्क्वाड" की तर्ज पर मप्र में अभियान चलाया जा सकता है। ऐसे संकेत खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दिए हैं। साथ ही उन्होंने कहा है कि बालिकाओं से दुराचार करने वालों को फांसी की सजा देने का विध्ोयक विस के मानसून सत्र में लाने की तैयारी है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को राजधानी के भौरी स्थित पुलिस अकादमी में 89वें संयुक्त दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मजनु टाइप लोगों को सबक सिखाना बेहद जरूरी है। ये लोग मां-बेटियों की इज्जत करना नहीं जानते जो सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं है। जरूरत है इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के साथ दुराचार करने वाले को मृत्युदंड देने का विधेयक विधानसभा के मानसून सत्र में रखेंगे। प्रस्ताव पारित होने के बाद उसे राष्ट्रपति को भेजा जाएगा।
समारोह में 633 पुलिसकर्मियों जिनमें सूबेदार, उप निरीक्षक, उप निरीक्षक विसबल और उप निरीक्षक विशेष शाखा के पुलिसकर्मियों ने पासिंग आउट परेड में हिस्सा लिया। इनमें 478 पुरूष एवं 155 महिला पुलिसकर्मी शामिल थी। तेज गर्मी का असर दीक्षांत समारोह में दिखा, मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान करीब आधा दर्जन महिला-पुरूष पुलिसकर्मियों को चक्कर आ गया। कार्यक्रम में महापौर आलोक शर्मा, डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला सहित तमाम आला अधिकारी मौजूद थे।
दलालों से बचकर रहे 
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों को दलालों से बचकर रहने की नसीहत दी और कहा ये चिकनी-चुपड़ी बातें करते हैं। अपराधियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ना है वे माफी के योग्य नहीं हैं। पुलिस की नौकरी को जनता की सेवा बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसकी छवि को धूमिल ना होने देने की बात कही।

गर्भवती महिला ने तीन तलाक खत्म करने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी को लिखा पत्रपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ सहारनपुर-उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में थाना नानौता के अन्तर्गत तीन तलाक का दंश झेलने वाली महिला ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे खत्म करने के लिए कहा है. पुलिस ने महिला के पति, देवर व दो ननदोई के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है.

थाना नानौता के अन्तर्गत मोहल्ला कानूनगोयान निवासी शगुफ्ता नामक महिला ने प्रधामनंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि उसका निकाह पांच वर्ष पूर्व गंगोह के बुढ्ढाखेड़ा निवासी शमशाद के साथ हुआ था. शगुफ्ता ने दो बेटियों को जन्म दिया था जिससे उसके ससुराल वाले नाराज थे और अब तीन माह की गर्भवती होने पर उसके ससुराल वाले लड़की होने के डर के कारण गर्भ गिरवाना चाहते हैं.

पीड़िता शगुफ्ता ने पत्र में कहा है कि उसके पति ओर ससुरालियों ने उसके साथ मारपीट की और पति ने तीन बार तलाक तलाक तलाक कहकर उसे घर से निकाल दिया और उसके पेट पर लात मारकर उसका गर्भ गिराने का प्रयास किया.

पत्र में कहा गया है कि जब वह इस मामले की तहरीर लेकर थाना नानौता गई तो उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई. पीड़ित ने प्रधानमंत्री से तीन तलाक को शीघ्र समाप्त करने की मांग की.

बहरहाल बाद में पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता पुलिस ने शगुफ्ता के पति शमशाद, देवर नौशाद और ननदोई जफर अली एवं इलियास के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली है.

सीएम बनने के बाद पहली बार एक साथ मंच साझा करेंगे पीएम मोदी और योगीपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ इलाहाबाद -इलाहाबाद हाईकोर्ट की स्थापना के डेढ़ सौ साल पूरे होने पर साल भर तक चलने वाले कार्यक्रम का समापन 2 अप्रैल को होगा. इस मौके पर हाईकोर्ट परिसर में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा.  इस कार्यक्रम में पीएम नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी भी शामिल होंगे.
समारोह में पीएम मोदी और सीएम योगी के साथ ही चीफ जस्टिस आफ इंडिया जे.एस. खेहर, केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद, यूपी के गवर्नर राम नाइक और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत तमाम अन्य ख़ास मेहमान भी शामिल होंगे.
बता दें, कि 2 अप्रैल को होने वाला समारोह सुबह साढ़े दस बजे शुरू होगा और दोपहर सवा बारह बजे तक चलेगा. समारोह की तैयारियां ज़ोरों पर चल रही हैं. यूपी की नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद पीएम मोदी और सीएम योगी पहली बार सार्वजनिक तौर पर साथ नजर आएंगे.
इस दौरान हाईकोर्ट की बिल्डिंग की ख़ास सजावट की जाएगी और साथ शहर में जगह-जगह बड़ी स्क्रीन लगाकर समारोह का लाइव प्रसारण किया जाएगा. इस मौके पर सुरक्षा के ख़ास इंतजाम किये जाएंगे.

योगी की पाठशाला में खर्राटे भरते दिखे कई बीजेपी विधायकपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -यूपी के सीएम योगी आ‌द‌ित्यनाथ ने लोकभवन में पार्टी व‌िधानमंडल दल की बैठक की. इस बैठक के दौरान वह पार्टी के व‌िधायकों को अनुशासन में रहने और जनता से ठीक व्यवहार करने की नसीहत दे रहे थे. जबकि ये नव निर्वाचित विधायक सीएम योगी की पाठशाला में नींद की झपकी लेते नजर आए.
बता दें, कि यूपी में बीजेपी की सरकार बनने के बाद गुरुवार को पहली बार सभी विधायक विधानसभा पहुंचे. सदन की शुरुआत होते ही बीजेपी नेता ह्रदय नारायण दीक्षित को स्पीकर के लिए चुना गया.
वहीं स्पीकर को कुर्सी पर बिठाने के बाद सीएम ने जैसे ही ह्रदय नारायण के बारे में बोलना शुरू किया, उनके पीछे की कतार में बैठे विधायकों को नींद आने लगी. इतना ही नहीं, विधानसभा के हर तरफ कई विधायक नींद लेते दिखे.
इस मौके पर सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि गठबंधन सहित 325 विधायकों के भारी बहुमत के साथ जनता ने हमें सत्ता सौंपी है. जिससे 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले यूपी की तस्वीर बदलनी है.

parrikar 2017331 15182 31 03 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -गोवा में भाजपा ने कांग्रेस को पछाड़कर सरकार बना ली जिसे कांग्रेस सहन नहीं कर पाई। इस बीच राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर दिग्विजय सिंह पर तंज कसा। पर्रिकर ने कहा कि दिग्विजय गोवा में घूम रहे थे और हमने 48 घंटों के अंदर ही वहां सरकार बना ली।
उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस पार्टी के विधायकों को ही उनपर भरोसा नहीं था जिसके बाद हमने छोटी पार्टियों से मिलकर सरकार बना ली।
पर्रिकर मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार राज्यसभा पहुंचे थे। जब वह बोलने के लिए खड़े हुए तो कांग्रेस ने हंगामा खड़ा कर दिया। कांग्रेस गोवा में भाजपा की सरकार बनने के बाद से भड़की हुई है।
दिग्विजय कांग्रेस गोवा के प्रभारी हैं। उनपर पार्टी विधायकों द्वारा आरोप लगे हैं कि उन्होंने गोवा में सरकार निर्माण में दिलचस्पी नहीं दिखाई इसलिए वह सत्ता से दूर रही। इससे पहले कांग्रेस ने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या के आरोप लगाए थे जिसके जवाब में पर्रिकर ने इन सभी आरोपों को खारिज किया।
बता दें कि कांग्रेस में गोवा में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तो वहीं नितिन गड़करी को भाजपा की तरफ से सरकार बनाने के लिए गोवा भेजा गया। जिसके बाद गड़करी ने क्षेत्रीय पार्टियों के साथ मिलकर बहुमत के लिए प्राप्त समर्थन हासिल कर लिया।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ अहमदाबाद।-गोमाता संसार का प्राण है, जो उस पर दया नहीं करेगा सरकार भी उस पर दया नहीं करेगी। गुजरात में अब गोवंश की हत्या करने वालों को आजीवन कारावास तक की सजा होगी। गोवंश से जुड़े सभी अपराध गैरजमानती होंगे।
gujrat assembly 31 03 2017साथ ही प्रदेश में रात के वक्त गोवंश लाने-ले जाने पर भी रोक लगा दी गई है। गुजरात में गोरक्षा कानून पहले से अमल में है, लेकिन कानून के लचीलेपन के चलते कसाई बेलगाम होकर गोवंश की हेरफेर और अवैध कारोबार करते थे।
गृह राज्य मंत्री प्रदीप सिंह जडेजा ने विधानसभा में गुजरात पशु संरक्षण विधेयक 2017 पेश करते हुए कहा कि बचपन से गोमाता का दूध पीकर बड़ा हुआ हूं। अब गोमाता के दूध का कर्ज उतारने का मौका मिला है। एक हिंदू के रूप में गोरक्षा कानून पेश करते हुए गर्व महसूस करता हूं।
नए कानून में गोहत्या मामले में कम से कम 10 साल और अधिकतम उम्रकैद की सजा और पांच लाख रुपये के अर्थदंड का प्रावधान है। इसके अलावा गोवंश को लाने-ले जाने, गोमांस का संग्रह, बिक्री जैसे मामलों में 7 से 10 साल की सजा और एक से पांच लाख रुपये का अर्थदंड होगा। शाम को 7 बजे से सुबह 5 बजे तक गोवंश को लाने-ले जाने पर रोक रहेगी।
विधानसभा में भारी संख्या में मौजूद संत, महंत, महात्माओं को नमन करते हुए जडेजा ने कहा कि गाय देश का कृषि शास्त्र, अर्थशास्त्र, विज्ञान और चिकित्सा शास्त्र है। गोहत्या क्रूरतम अपराध है और गोमांस खाने वाले जानवर से भी बदतर होते हैं। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भी गोहत्या के प्रति गहरी चिंता व्यक्त करते थे, रुपाणी सरकार ने उनके सपने को पूरा कर दिया है।
जडेजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गायों का खूब कत्ल हुआ जिसका लोगों ने बदला ले लिया। जहां-जहां गोहत्या होती है वहां गरीबी होती है। उत्तर प्रदेश में गोहत्या होती रही है इसीलिए वहां गरीबी पैर पसारे हुए है। जडेजा यहीं नहीं रुके उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी महत्वपूर्ण काम होता है, कांग्रेस सदन से बाहर होती है ताकि गोरक्षा कानून का विरोध न करना पड़े।
"अहिंसा परमो धर्मः, सत्यमेव जयते की राह पर चलते हुए दिव्य गुजरात का निर्माण करेंगे। ईश्वर ने हमें गोरक्षा के निमित्त के रूप में चुना है। गोमाता करुणा की प्रतीक हैं, उनकी रक्षा करना सबकी जिम्मेदारी है। गाय आर्थिक समृद्धि की मिसाल है।" - विजय रूपाणी, मुख्यमंत्री, गुजरात

cm yogi 2017331 145119 31 03 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ शुक्रवार मुलायम सिंह की बहू अपर्णा यादव के निमंत्रण पर उनकी गोशाला देखने के लिए कान्हा उपवन पहुंचे। उनके साथ समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव तथा उनकी पत्नी अपर्णा यादव भी थीं। इनके अलावा उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, नगर विकास मंत्री सुरेश कुमार खन्ना तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार स्वाती सिंह भी उनके साथ थीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कान्हा उपवन में सर्वाधिक समय गौ-शाला में व्यतीत किया। उनके साथ वहां पर अपर्णा व प्रतीक भी मौजूद थे। यह गौशाला लखनऊ के सरोजनीनगर में है। गौ-शाला अपर्णा यादव का एक एनजीओ चलाती है। डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने अपने मेयर के कार्यकाल में इसका विकास कराया।
कान्हा उपवन में लावारिश पशु के साथ गाय, भैंस और कुत्तों को रखा जाता है। वहां इनकी देख-रेख होती है। योगी के सीएम बनने के बाद पिछले हफ्ते ही अपर्णा यादव प्रतीक यादव उनसे मिलने वीवीआईपी गेस्ट हाऊस पहुंची थी।

  शिवांश से शिव तक कैलाश् मानसरोवर यात्रा में शिवतत्व की खोज
मंथन -शिवपुरी के वर्तमान जिलाधीश श्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव अच्छे जिलाधीश के साथ अच्छे  लेखक भी  हैं।श्री ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने  अपनी पत्नी श्रीमती भारती श्रीवास्तव् के साथ कैलाश मानसरोवर की यात्रा को लिपिबद्ध कर ''शिवाशं से शिव' "तक' शीर्षक से प्रकाशित पुस्तक  में समाहित किया है .शिवांश से शिव तक  पुस्तक में कलेक्टर ओम  प्रकाश  श्रीवास्तव ने भारत से और पूरे विश्व से  कैलास मानसरोवर तक लंबी यात्रा करने वाले सह यात्रियों से बातचीत भी की।सभी के अनुभव विशिष्ट पाए गये ।कैलाश मानसरोवर   पहुंचकर ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने जो अनुभव अर्जित  किए उनका रोचक विवरण इस कृति में है।इस पवित्र यात्रा के दौरान श्रद्धालु जिन अध्यात्मिक अनुभवो से गुजरता है उनका उल्लेख इस पुस्तक में है।ये अनुभव्  लिखे भी इस तरह गए हैं कि पढ़ने की  रोचकता बरक़रार रहती है।लेखन शैली जीवंत है।जिस  रूप में  शब्दो का  चयन किया गया है वो सहजता, सरलता  का बोध करवाता है।यही लेखन की  खूबसूरती भी है। पढ़ने वालों के साथ न्याय किया गया है।यह पुस्तक पाठको के लिए  एक तरह का उपहार है। यात्रा की बारीकियों को भी प्रस्तुत किया  गया है ! पुस्तक पढने का पाठक का अऩुभव शिवांश से शिव तक शिवत्तव में खो जाने जैसा है ।लिपिबद्ध पुस्तक में आगामी कैलास  मानसरोवर यात्री के साथ समस्त पाठको को पढने के लिये उपयुक्त  लेख है शिवांश से शिव तक* पुस्तक को पडना स्वंम कैलास मानसरोवर यात्रा पर  जाने जैसा है
यह पुस्तक भारत ही नही विदेशो में भी लोकप्रियता हासिल कर रही है

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली - भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आज दावा किया कि आस्ट्रेलियाई टीम से दोस्ती के उनके बयान पर ‘तिल का ताड़ ’ बनाया गया और अभी भी आस्ट्रेलिया के कई क्रिकेटर उनके अच्छे दोस्त हैं. चार मैचों की श्रृंखला 2-1 से जीतने के बाद कोहली ने कहा था कि आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से दोस्ती को लेकर उनकी राय बदल गई है.
विराट कोहली ने तोड़ी चुप्पी, बोले- उनके बयान को तिल का ताड़ बनाया गयामेरे बयान को तिल का ताड़ बनाया गया
उन्होंने कहा था ,‘ नहीं, अब यह बदल गया है . मैने पहले टेस्ट से पूर्व जो कहा था , मुझे गलत साबित कर दिया गया और अब मुझे आप ऐसा कहते कभी नहीं सुनेंगे .’ कोहली ने हालांकि सिलसिलेवार ट्वीट में स्पष्ट किया कि उनका बयान पूरी आस्ट्रेलियाई टीम के लिये नहीं था.
मेरे जवाब को गलत तरीके से पेश किया गया
उन्होंने लिखा ,‘ मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में मेरे जवाब को अतिरंजित करके पेश किया गया . मैने यह नहीं कहा था कि पूरी आस्ट्रेलियाई टीम मेरी दोस्त नहीं है लेकिन ...’ उन्होंने आगे लिखा ,‘ सिर्फ कुछ खिलाड़ियों के बारे में कहा था . कुछ खिलाड़ियों से मेरी अभी भी दोस्ती है जो आरसीबी के लिये खेलते हैं और उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है .’ इस श्रृंखला में कई विवाद देखने को मिले जिसकी शुरूआत आस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ ने की जब उन्होंने डीआरएस फैसला लेने से पहले ड्रेसिंग रूम से मदद मांगी . कोहली ने उन्हें लगभग धोखेबाज कह डाला था .
इसके बाद आस्ट्रेलियाई मीडिया ने कोहली को निशाना बनाते हुए खेलों का डोनाल्ड ट्रंप कहा. क्रिकेट आस्ट्रेलिया के सीईओ जेम्स सदरलैंड ने कहा कि कोहली को शायद ‘सॉरी’ शब्द की स्पेलिंग नहीं पता.
मर्व ह्यूज ने कोहली के लिये अपशब्द कहे
 पूर्व तेज गेंदबाज मर्व ह्यूज ने हाल में समाप्त हुई टेस्ट श्रृंखला के दौरान आस्ट्रेलिया के वर्तमान और पूर्व टेस्ट क्रिकेटरों के साथ मीडिया के निशाने पर रहे विराट कोहली की आलोचना करते हुए भारतीय कप्तान के लिये अपशब्द का उपयोग किया. ‘डेली टेलीग्राफ’ के अनुसार ह्यूज ने सेन रेडियो से कहा, ‘कोहली  बेहतरीन खिलाड़ी है और ऐसा खिलाड़ी है जिसे आप अपनी टीम में रखना चाहोगे लेकिन दूसरी निगाह से देखने और दूसरे रूप में देखने से आप सोचते हैं कि... है.’ ह्यूज की यह टिप्प्णी भारत और आस्ट्रेलिया के बीच हाल में समाप्त हुई श्रृंखला के बाद आया है जिसे भारतीय टीम ने 2-1 से जीता था. इस श्रृंखला के दौरान दोनों टीमों के रिश्ते काफी खराब रहे थे.
कोहली के बयान से निराश लीमैन
आस्ट्रेलियाई कोच डेरेन लीमैन ने कहा कि वह भारतीय कप्तान विराट कोहली के इस बयान से निराश है कि अब वे आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को अपना दोस्त नहीं मानते . तनाव और आक्रामकता के बीच खेली गई श्रृंखला भारत ने 2-1 से जीती . आखिर में कोहली ने कहा कि आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को मैदान के बाहर अपना दोस्त मानकर उन्होंने गलती की 
आस्ट्रेलियाई मीडिया ने कोहली को ‘स्तरहीन’ और ‘अहंकारी’ कहा
बेहद तनाव के बीच खेली गई टेस्ट श्रृंखला के खत्म होने के बाद ‘आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों से अब दोस्ती नहीं ’ वाले विराट कोहली के बयान पर आस्ट्रेलियाई मीडिया ने भारतीय कप्तान पर हमला बोलते हुए उन्हें ‘स्तरहीन’ और ‘अहंकारी’ बताया . आस्ट्रेलियाई अखबारों ने कोहली की इस बयान के लिये काफी आलोचना की है कि अब आस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों को वह दोस्त नहीं मानते .

इस्लाम और कुरआन का अपमान कर रहे हैं तीन तलाक के हिमायती : बाबा रामदेवपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा की तीन तलाक को सही साबित करने के लिए जो लोग कुरान शरीफ का हवाला दे रहे हैं वे दरअसल इस्लाम और कुरआन का अपमान कर रहे हैं. रामदेव ने यहां तीन दिवसीय योग महोत्सव के पहले दिन कहा कि किसी भी महिला के साथ नाइंसाफी नहीं होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी मजहब की हो. उन्होंने कहा कि जिसे भी न्यायपालिका पर भरोसा है वह कभी तीन तलाक की हिमायत नहीं कर सकता.
तीन तलाक पर बोले बाबा रामदेव
योग गुरु ने कहा कि तीन तलाक को सही साबित करने के लिए जो लोग कुरान शरीफ का हवाला दे रहे हैं वे दरअसल इस्लाम और कुरआन का अपमान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ेगा.
एआईएमपीएलबी ने तीन तलाक को लेकर दायर याचिकाओं का किया विरोध
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि मुसलमानों में प्रचलित तीन तलाक, ‘निकाह हलाला’ और बहुविवाह की प्रथाओं को चुनौती देने वाली याचिकाएं विचारयोग्य नहीं हैं क्योंकि ये मुद्दे न्यायपालिका के दायरे में नहीं आते हैं. बोर्ड ने कहा कि इस्लामी कानून, जिसकी बुनियाद अनिवार्य तौर पर पवित्र कुरान एवं उस पर आधारित सूत्रों पर पड़ी है, की वैधता संविधान के खास प्रावधानों पर परखी नहीं जा सकती है. इनकी संवैधानिक व्याख्या जबतक अपरिहार्य न हो जाए, तबतक उसकी दिशा में आगे बढ़ने से न्यायिक संयम बरतने की जरूरत है.
गर्भवती महिला ने प्रधानमंत्री को तीन तलाक खत्म करने के लिए लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में थाना नानौता के अन्तर्गत तीन तलाक का दंश झेलने वाली महिला ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसे खत्म करने के लिए कहा है. पुलिस ने महिला के पति, देवर व दो ननदोई के विरूद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. थाना नानौता के अन्तर्गत मोहल्ला कानूनगोयान निवासी शगुफ्ता नामक महिला ने प्रधामनंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कहा है कि उसका निकाह पांच वर्ष पूर्व गंगोह के बुढ्ढाखेडा निवासी शमशाद के साथ हुआ था. शगुफ्ता ने दो बेटियों को जन्म दिया था जिससे उसके ससुराल वाले नाराज थे और अब तीन माह की गर्भवती होने पर उसके ससुराल वाले लड़की होने के डर के कारण गर्भ गिरवाना चाहते हैं.

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ मुम्बई -भाजपा के बढ़ते प्रभाव ने कांग्रेस और एनसीपी के भीतर उनके विधायकों को खोने का डर पैदा कर दिया है जिसके कारण दोनों पार्टियों ने संघर्ष यात्रा शुरू कर दिया है।
BJP से अपने MLAs को दूर रखने के लिए कांग्रेस-एनसीपी ने शुरू की ‘संघर्ष यात्रा’ मुंबई । देश में भारतीय जनता पार्टी का बढ़ता वर्चस्‍व कांग्रेस और एनसीपी के लिए चेतावनी पैदा कर रही है। इन्‍हें अपने अप्रासंगिक हो जाने का खौफ तो है ही साथ ही उन्‍हें अपने विधायकों को खोने का भय भी सता रहा है, क्‍योंकि केंद्र व राज्‍यों की सत्‍ता में भाजपा के आने की संभावना को देखते मजबूत होती जा रही है। इसे देखते हुए कांग्रेस व एनसीपी ने मिलकर बुधवार से ‘संघर्ष यात्रा’ शुरू कर दी है। 
इस संघर्ष यात्रा के जरिए राज्‍य के ग्रामीण हिस्‍सों में करीब 1000 किमी की दूरी तय करने का निर्णय लिया गया है। इस यात्रा में पूर्व कांग्रेस मुख्‍यमंत्रियों अशोक चव्‍हाण और पृथ्‍वीराज चव्‍हाण एनसीपी के अजीत पवार और सीपीएम व एमआइएम के अन्‍य विधायक समेत कुछ शीर्ष विपक्षी नेता शामिल होंगे।
इनका दावा है कि यात्रा के दौरान वे किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे को उठाएंगे और इसके लिए सत्‍तारूढ़ पार्टी पर दवाब डालेंगे। कांग्रेस व एनसीपी के कुछ नेताओं ने स्‍वीकार किया कि यह यात्रा उनके ‘प्रासंगिक’ बने रहने का एक प्रयास है विशेषकर तब जब देश के विभिन्‍न हिस्‍सों में भाजपा व्‍यापक तौर पर चुनाव जीत रही है।
नाम न बताने की शर्त पर कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘महाराष्‍ट्र में नगर निगम चुनावों और उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भाजपा की जीत से यह स्‍पष्‍ट है कि लोगों के बीच मोदी की गहरी पैठ है। हमें जनता के मुद्दे को उठाना होगा और कोई विकल्‍प नहीं। जिस तरह हम काम कर रहे हैं उस तरीके को अपनाकर हम अस्‍तित्‍व में नहीं बने रह सकते हैं।‘
किसानों की कर्ज माफी का मुद्दा उन कारणों में से एक है जिसके कारण कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं ने गांवों में जाने का निर्णय लिया है क्‍योंकि देवेंद्र फडणवीस सरकार से यदि शिवसेना अपने हाथ खींच लेती है तब उनके अपने विधायकों का भाजपा में जाने की संभावना है।
इस तरह की स्‍थिति वर्ष 2014 विधानसभा चुनाव में थी जब महाराष्‍ट्र की सत्‍ता का कमान भाजपा के हाथ गया था और एनसीपी के अधिकांश नेताओं ने भाजपा से हाथ मिला लिया था और उनमें से कई भाजपा की टिकट पर निर्वाचित भी हुए थे।

GST से आएंगे ये 10 बड़े बदलावपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -देश के लिए सबसे बड़ा आर्थिक सुधार बताए जा रहे गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी से जुड़े 4 अहम विधेयक बुधवार को लोकसभा से पारित हो गए. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी को क्रांतिकारी कदम बताया तो पीएम मोदी ने नया नारा दिया- 'नया साल, नया कानून, नया भारत'. जीएसटी से देश के वित्तीय ढांचे में ये 10 बड़े बदलाव आएंगे.
1. GST लागू होने के बाद पूरे देश में एक टैक्स प्रणाली होगी. अभी तक कुछ टैक्स लगाने का अधिकार केंद्र औॅर कुछ टैक्स लगाने का अधिकार राज्यों को था.
2. राज्य और केंद्र मिलकर सामान और सेवाओं पर टैक्स लगाएंगे. इससे देश भर में वस्तुओं के दाम कम होंगे. वित्तमंत्री ने कहा कि GST से आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जा रहा है. साथ ही सेहत पर खराब असर डालने वाले सामानों और लग्जरी प्रॉड्क्स पर ज्यादा टैक्स लगाया गया है.
3. जेटली ने कहा कि जीएसटी के कई टैक्स रेट होना ठीक है. हवाई चप्पल और बीएमडब्ल्यू पर एक समान टैक्स नहीं लगाया जा सकता है. संसद और राज्यों की विधानसभाओं को गुड्स और सर्विसेज पर टैक्स लगाने का अधिकार होगा.
4. जीएसटी काउंसिल में 32 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल हैं. संविधान संशोधन के तहत जीएसटी के तहत पहले पांच साल में किसी राज्य को घाटा होगा, तो उसकी व्यवस्था की जाएगी. टैक्स को लेकर अगर दो राज्यों में विवाद होता है, तो आम सहमति से फैसला लिया जाएगा. जम्मू एवं कश्मीर राज्य को GST कानून के दायरे में नहीं लाया गया है.
5. GST लागू होने से टैक्स में चोरी आसान नहीं होगी.
6. GST के लागू होने के बाद देश भर में गुड्स एवं सर्विसेज की मूवमेंट आसान होगी.
7. GST के लागू होने से आपूर्ति क्षमता बेहतर होगी.
8. इस नई कर व्यवस्था से एकरूपता आएगी और ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित होगा. GST से ऑनलाइन लेनदेन बढ़ेगा और इससे कर देने वालों का दायरा बढ़ेगा. इसका ईमानदार करदाताओं को फायदा मिलेगा.
9. विश्व बैंक के एक अध्ययन में कहा गया है कि GST लागू होने से GDP में 2% का इजाफा होगा.
10. टैक्स दरों की चर्चा करते हुए लोकसभा जेटली ने कहा, अभी हमारे पास कई टैक्स ब्रैकेट्स हैं. ये टैक्स स्लैब्स 0%, 5%, 12%, 18% और 28% हैं. खाने-पीने की अहम चीजों पर 0% टैक्स, जबकि नुकसानदेह या लग्जरी चीज़ों पर अधिक टैक्स रखा गया है.

दुर्घटनाग्रस्त महाकौशल एक्सप्रेसपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -उत्तर प्रदेश के महोबा में गुरुवार तड़के जबलपुर-महाकौशल एक्सप्रेस (12189) महोबा के नजदीक दुर्घटनाग्रस्त हो गई है. इस हादसे दुर्घटना में ट्रेन की 8 बोगियां पटरी से उतर गई हैं, जिससे कम से कम 22 लोग घायल हो गए.
वहीं रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि इस रेल हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं. इसकी वजह तोड़फोड़ है या नहीं, यह जांच के बाद ही पता चलेगा. यह रेल दुर्घटना महोबा-कुलपहाड़ रेलवे स्टेशन के बीच रात दो बजे के लगभग हुई. आपको बता दें कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन जबलपुर से निजामुद्दीन जा रही थी. हालांकि हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी, इस वजह से किसी को गंभीर चोट नहीं आई हैं.
कई ट्रेनें रद्द, कुछ का बदला रद्द
इस रेल हादसे के बाद बांदा-झांसी रेल लाइन बंद हो गई है और झांसी से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द कर दी गई है. इसके अलावा आधा दर्जन ट्रेनों का रूट बदल कर अब उन्हें कानपुर के रास्ते बांदा लाया जा रहा है. इन ट्रेनों में बनारस से ग्वालियर जाने वाली बुंदेलखंड एक्सप्रेस, मानिकपुर से दिल्ली के निज़ामुद्दीन स्टेशन जाने वाली यूपी संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, ग्वालियर से हावड़ा जाने वाली हावड़ा एक्सप्रेस शामिल हैं, जिन्हें कानपुर के रास्ते बांदा और दिल्ली भेजा जा रहा है. इसके अलावा बांदा-झांसी पैसेंजर ट्रेन को रद्द कर दिया गया है.
राहत कार्य में जुटा प्रशासन
जानकारी के मुताबिक यह दुर्घटना महोबा और कुलपहाड़ के बीच गेट न. 420 पर 02:07 बजे हुई. ट्रेन के पीछे के 8 डिब्बे पटरी से उतर गए. दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों में 4 AC (A-1, B-1, B-2, B-extra), 1 स्लीपर (एस-8), 2 सामान्य यात्री कोच और एक एसएलआर है. दुर्घटना में कुछ यात्री मामूली रूप से घायल हुए हैं. हालांकि किसी के गंभीर घायल होने या मौत की खबर नहीं है. राहत और बचाव कार्य जारी है. महोबा के डीएम के अलावा डीआरएम झांसी और जीएम एमसी चौहान भी घटनास्थल पहुंच चुके हैं. घायलों के उपचार के लिए झांसी और महोबा से दुर्घटना राहत चिकित्सा वैन भी भेजी गई.
वहीं यूपी प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने महोबा में हुई रेल दुर्घटना का संज्ञान लेते हुए यहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने पाए. उन्होंने महोबा के सारे डॉक्टरों को अस्पताल में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं. सिद्धार्थनाथ सिंह ने बताया कि 21 एम्बुलेंसों के जरिये घायल लोगों को अस्पताल पहंचाया गया, जिसमें से एक की हालत गम्भीर बनी हुई है.
रफ्तार धीमी होने से टला बड़ा हादसा
बताया जा रहा है कि महोबा स्टेशन से चलने के 10 किलोमीटर के बाद ही ट्रेन पटरी से उतर गई है. उस समय ट्रेन की रफ्तार बहुत कम थी, वरना बड़ा हादसा हो जाता. पटरी से उतरने के बाद महाकौशल एक्सप्रेस दो भागों में बंट गयी थी. इंजन बाकी बोगियों को लेकर आगे चला गया था और छह डिब्बे जो बेपटरी हो गए थे वो पीछे छूट गए थे.
महोबा के एसपी गौरव सिंह से हुई बातचीत के मुताबिक अभी तक दुर्घटना में किसी के जान जाने की जानकारी नहीं है. राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चल रहा है. 10 घायलों को नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
हाल ही में हो चुके तीन बड़े रेल हादसे
हालिया ट्रेन हादसों पर नजर डालें तो इसी साल 22 जनवरी को आंध्र प्रदेश में विजयनगरम जिले के कुनेरू स्टेशन के पास जगदलपुर- भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस (18448) दुर्घटनाग्रस्त होने से 32 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.
पिछले साल 20 नवंबर 2016 को यूपी के कानपुर के पास पुखरायां में बड़ा रेल हादसा हुआ था. इस रेल हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.
इसके अलावा 20 मार्च 2015 को देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी. इस हादसे में 34 लोग मारे गए थे. यह हादसा रायबरेली के बछरावां रेलवे स्टेशन के पास हुई हुआ था.
हेल्पलाइन नंबर

झांसी: 0510-1072
ग्वालियर: 0751-1072
बांदा: 05192-1072
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नई दिल्ली पीएनटी: 011-23341072, 011-23341074, 011-23342954

हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन: 72510, 72389
हजरत निजामुद्दीन पीएनटी: 011-24359748

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