नई दिल्ली। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस ने कहा है कि वो इस साल 30 सितंबर तक 25,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुका देगा।

उसे यह रकम दो बड़ी बिजनेस डील की ओर से मिलने की उम्मीद है। आरकॉम की ओर से यह जानकारी एक बयान के जरिए दी गई है। गौरतलब है कि आरकॉम पर इस साल 31 मार्च तक 44,345.30 करोड़ रुपये का शुद्ध कर्ज था।

आरकॉम की ओर से जारी बयान में कहा गया, “आरकॉम ने औपचारिक रूप से अपने सभी उधारदाताओं को सलाह दी है कि वह 25,000 करोड़ रुपये की कुल राशि का पुनर्भुगतान कर देगी।

यह भुगतान दो बिजनेस डील से होने वाली आय की मदद से 30 सितंबर 2017 या उससे पहले कर दिया जाएगा।”

कंपनी की ओर से ऐसा दावा उस वक्त किया गया है जब उसकी ऋण संबंधी चिंताओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही की कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 10 से अधिक स्थानीय बैंकों की लोन की किस्त नहीं चुका पाई है।

कंपनी कहा है कि 25,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने की योजना में केवल सभी निर्धारित पुनर्भुगतान शामिल नहीं होंगे बल्कि इसमें इसमें प्रो-रेटा आधार पर सभी उधारदाताओं के लिए पर्याप्त पूर्व भुगतान भी शामिल है। दिसंबर 2016 को समाप्त तिमाही में कंपनी ने अपना पहला समेकित घाटा दर्ज किया था।

बर्लिन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी से स्पेन की यात्रा पर रवाना हो गये. स्पेन रवाना होने से पहले भारतीय प्रधानमंत्री और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल के बीच हुई वार्ता में भारत और जर्मनी ने आतंकवाद को बढ़ावा और समर्थन देनेवालों और उसे धन मुहैया करानेवालों के खिलाफ ‘‘कड़े कदम' उठाने का इरादा जाहिर किया. दोनों नेताओं ने वार्ता के दौरान व्यापार, कौशल विकास, जलवायु परिवर्तन एवं साइबर सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा की.

मर्केल के साथ वार्ता के बाद एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मोदी ने कहा, ‘‘हमारे रिश्तों के विकास की गति तेज है, दिशा सकारात्मक है और मंजिल स्पष्ट है. जर्मनी भारत को हमेशा एक शक्तिशाली, तैयार और सक्षम साझेदार के रूप में पायेगा.' अपनी वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने साइबर राजनीति, विकास पहलों, सतत शहरी विकास, क्लस्टर प्रबंधकों का सतत विकास एवं कौशल विकास, डिजिटलीकरण के क्षेत्र में सहयोग, रेल सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा और भारत-जर्मन केंद्र पर लगातार सहयोग पर एक संयुक्त उद्देश्य घोषणा-पत्र सहित 12 समझौते या सहमति-पत्रों पर दस्तखत भी किये. मोदी और मर्केल के बीच चौथे भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श (आईजीसी) के बाद दोनों पक्षों ने एक संयुक्त बयान भी जारी किया.

दोनों नेताओं ने आतंकवाद और चरमपंथ के खतरे और वैश्विक स्तर पर उनके फैलाव के बाबत अपनी साझा चिंता को रेखांकित करते हुए आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की. संयुक्त बयान के मुताबिक, ‘‘वे उन सभी के खिलाफ कड़े कदम उठाने पर सहमत हुए, जो आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, समर्थन करते हैं, धन मुहैया कराते हैं, ऐसी सुरक्षित पनाह देते हैं, जिससे आतंकवादी समूहों एवं संगठनों को समर्थन मिलता है.' 

भारत और जर्मनी ने आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह की नियमित बैठकों के जरिये इन चुनौतियों का मुकाबला करने में अपने करीबी सहयोग की तारीफ की. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर समग्र संधि को अंतिम रूप दिये जाने और उसे स्वीकार किये जाने का आह्वान भी किया. आतंकवाद का हवाला देते हुए मोदी ने कहा कि यह आनेवाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी समस्या है और मानवता की सभी ताकतों को इस समस्या से मुकाबले के लिए साथ आना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘इस समस्या से साथ निबटने के लिए दोनों देशों मिलकर काम करेंगे और साइबर सुरक्षा एवं खुफिया जानकारी साझा करना इस सहयोग का बेहद अहम पहलू है.' जर्मनी, फ्रांस, ब्रिटेन और स्वीडन जैसे यूरोपीय देशों में हाल में हुए आतंकवादी हमलों के बाद मोदी की ओर से की गयी यह टिप्पणी बेहद अहम मानी जा रही है. पिछला बड़ा आतंकवादी हमला मैनचेस्टर में हुआ था, जिसमें 22 लोग मारे गये थे. प्र्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों की गहन समीक्षा की. उन्होंने कहा, ‘‘भारत और जर्मनी के बीच आर्थिक संबंधों में बड़ा उछाल देखा जा सकता है और एक परिणामोन्मुखी गति निर्मित होते देखी जा सकती है.'

प्रियंका चोपड़ा फिलहाल अपनी मूवी के प्रमोशन के लिए जर्मनी गई हुई हैं. वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी जर्मनी के दौरे पर गए हुए हैं. मंगलवार को प्रियंका प्रधानमंत्री मोदी से मिलने पहुंची. उन्होंने इस मुलाकात की फोटो ट्विटर पर शेयर की. साथ ही उन्होंने लिखा, मुझसे मुलाकात करने के लिए वक्त निकालने का बहुत-बहुत शुक्रिया सर. ये बहुत प्यारा संयोग है कि हम दोनों एक साथ एक ही समय पर बर्लिन में हैं.

बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को अपने छह दिवसीय विदेश दौरे पर जर्मनी पहुंचे, जहां उन्होंने जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल से मुलाकात की. वहां मोदी ने यूरोप से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करने की अपील की. जर्मनी दौरे पर पहुंचे मोदी से बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने बर्लिन में मुलाकात की. प्रियंका ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने मुलाकात को समय देने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया भी किया.

मूवी के प्रमोशन के लिए प्रियंका गईं जर्मनी
बता दें कि फिलहाल प्रिंयका चोपड़ा अपनी मूवी बेवॉच के प्रमोशन के लिए अलग-अलग देशों में घूम रही है. इसी वजह से वो जर्मनी गई हुई थी. जहां वो प्रधानमंत्री से मिली. प्रिंयका की बेवॉच मूवी 10 मई को रिलीज हो गई है. मूवी को प्रमोट करने के लिए वो वहां गई हुई थी. जब उन्हें पता चला कि पीएम मोदी भी वहां आऐ हुऐ है तो वो अपना सारा काम छोड़कर वहीं उनसे मिलने पहुंच गई. प्रियंका की फिल्म 2 जून को भारतीय सिनेमाघरों भी रिलीज की जायेगी. मूवी में डवेन जॉनसन उनके कोएक्टर है .प्रियंका चोपड़ा की मूवी के रीव्यू कुछ खास अच्छे नहीं है. लेकिन फिल्म में प्रियंका का अभिनय काफी अच्छा हैं. भारत में उनके फैन्स को उनके अभिनय को देखने के लिए मूवी रिलीज तक इंतजार करना पड़ेगा

बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा  बिजली कंपनी को लगाया जा रहा है पलीता

पोहरी में सभी बड़े अधिकारियों के यहाँ नही है बिजली के मीटर

हितेश जैन पोहरी । शिबपुरी जिले की पोहरी तहसील में बिजली विभाग के कर्मचारियों की सांठगांठ से बिजली कंपनी को कई बर्षो से आलाधिकारियों द्वारा उनके बिन न जमा करने से सेंकडो लोगो को आंकलित खपत के नाम से ठगा जाता है या फिर कई लोगो को 5 एच पी की मोटर की जगह 10 एक पी का बिल की राशिद काटी जाती है लगातार कई बर्षो से क्षेत्र में सूखा पड़ने के कारण ग्रामीण वासियो से विना किसी मीटर के बिजली विभाग के कर्मचारी अपनी मर्जी की आंकलित खपत गरीब ग्रामीण वासियो के बिलो में रखकर अपनी मनमर्जी चला रहे है और बही अपने रिस्तेदारो को डारेक्ट खम्बे से लाइन डालकर विजली विभाग के कर्मचारी लाइट चोरी करवा रहे है। रीडिंग लेने वाले आईटीआई पास करकर जो मीटर रीडिंग लेने जाते है बह अपनी मनमानी से बिना किसी के घरजाये अपनी मनमर्जी की रीडिंग विलो में थमा देते है

वॉक्स
इन जगह होती है विजली की चोरी

बिलोक कालोनी में हो रही है बिजली चोरी,

श्योपुर रोड पर हो रही है बिजली चोरी

तहसील के पास हो रही है बिजली चोरी

कटरा मोहल्ला में हो रही है बिजली चोरी

जल मंदिर के पास हो रही है बिजली चोरी

मुझे इस मामले में आपके द्वारा बताया जा रहा है अगर ऐसा है तो में लीडरों को भेजकर बिजली चोरी अधिनियम धारा के अंतर्गत कार्यवाई करूँगा।

विजय सोनी
सहायक प्रबंधक पोहरी

मंथन न्यूज पोहरी में दबाओं की ऑनलाइन बिक्री को लेकर पूरे भारत के केमिस्ट & रिगिस्ट दबा बिक्रेताओं द्वारा आज पोहरी में सभी मेडिकल स्टोरों की दुकानों को बंद किया गया ओर पर्ची डालकर शर्मा मेडिकल को खुलने का अध्य्क्ष दिनेश गुप्ता के द्वारा पर्ची डालकर चयन किया गया। केबल पोहरी में एक मात्र मेडिकल स्टोर खोला गया। पोहरी में सभी मेडिकल स्टोरों के दबा बिक्रेताओं द्वारा पोहरी में ऑनलाइन बिक्री को लेकर मेडिकल स्टोर बन कर ऑनलाइन बिक्री का विरोध प्रदर्शन किया गया

मंथन न्यूज वाणिज्य, उद्योग एवं रोजगार तथा खनिज साधन मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि खेल भावना से जहाँ समाजिक समरस्ता कायम होती है, वहीं प्रतिभाओं को आगे आने का मौका भी मिलता है। श्री शुक्ल रविवार को रीवा में सिंधु प्रीमियम लीग क्रिकेट मैच का शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रतियोगिता में 16 टीमें भाग ले रही हैं।

श्री शुक्ल ने कहा कि खिलाड़ी को हार-जीत की परवाह न करते हुए खेल भावना के साथ हमेशा खेलते रहना चाहिये। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विभिन्न धर्म एवं समाज को जोड़ने का काम करते हैं। उद्योग मंत्री ने कहा कि एक अच्छा उदाहरण है इस प्रकार के आयोजन समय-समय पर करने की आवश्यकता है।

उद्योग मंत्री श्री शुक्ल ने खिलाड़ियों का सम्मान भी किया इसके बाद उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करते हुए उन्होंने खेल में अच्छा प्रदर्शन करने की शुभकामनाएँ दी। श्री शुक्ल ने प्रतियोगिता का पहली बॉल में शानदार शॉट लगाते हुए शुभारंभ किया।

इस अवसर पर पूज्य सिंधी पंचायत के अध्य

मंथन न्यूज भोपाल मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने नवी मुंबई वाशी में मध्यप्रदेश भवन मध्यालोक के निर्माण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आशा व्यक्त की कि मध्यालोक का उपयोग मध्यप्रदेश शासन के अतिथियों तथा विभिन्न-गतिविधियों के लिये किया जायेगा।

नवी मुंबई वाशी के सेक्टर 30 ए, में मध्यप्रेदश शासन के अतिथि गृह का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने जा रहा है। इससे मुंबई में मध्यप्रदेश के अतिथियों, जन-प्रतिनिधियों, अधिकारियों तथा इलाज के लिये आने वाले मरीजों के लिये आवास तथा विश्राम की संपूर्ण व्यवस्था हो सकेगी। मध्यालोक का निर्माण सितम्बर 2013 में शुरू किया गया था। इसका कुल क्षेत्रफल 3879 वर्ग मीटर है तथा इसमें लगभग 30 कक्ष रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान कहा कि भवन निर्माण पूरा होने के पश्चात मुंबई स्थित मध्यप्रदेश शासन के सभी कार्यालय जैसे मध्यप्रदेश सूचना केन्द्र, मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम, मध्यप्रेदश हस्तशिल्प विकास निगम का एम्पोरियम, मध्यालोक में समाहित किये जायेंगे। मध्यप्रदेश से संबद्ध सभी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी। इससे मध्यप्रदेश के सभी कार्यालयों में आपस में बेहतर समन्वय स्थापित हो सकेगा, जिसका लाभ शासन के साथ आम-जन को भी प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मध्यालोक बहुत ही उपयोगी और लाभप्रद सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मुंबई प्रवास में स्थानीय पत्रकारों से भी अनौपचारिक भेंट की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के 3 साल पूर्ण होने के साथ अनेक महत्वपूर्ण रिकार्ड भी स्थापित हुए हैं। जनता एक नई ऊर्जा का अनुभव कर रही है। नर्मदा सेवा यात्रा के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कल्पना के परे नर्मदा परिक्रमा में जन-भगीदारी तथा स्थानीय लोगों का स्व-स्फूर्त सहयोग देखकर वे बहुत अचंभित हैं और विश्वास है कि नर्मदा मिशन द्वारा उठाये गये 12 मुद्दों की संकल्पना अवश्य पूरी होगी। नर्मदा संरक्षण के लिए लगभग 6 करोड़ वृक्षारोपण 2 जुलाई 2017 को नर्मदा के दोनों किनारों पर जन-भागीदारी और स्थानीय सहयोग से किया जायेगा। उन्होंने मुंबईवासियों और पत्रकारों से अपेक्षा की है कि वे भी वृक्षारोपण के कार्यक्रम में शामिल हो और स्वयं आकर अनुभव करें।

मुख्यमंत्री ने मध्यालोक संबंधी प्रत्यक्षिका भी देखी। साथही संपूर्ण भवन का निरीक्षण कर अपने सुझाव भी दिये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री एस.के. मिश्रा, मध्यप्रदेश भवन दिल्ली और मुंबई के आवासीय आयुक्त श्री आशीष श्रीवास्तव के साथ राज्य शासन मुंबई के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे

मंथन न्यूज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चार देशों की विदेश यात्रा पर है. 6 दिन के इस तूफानी यात्रा पर मोदी की मुलाकात जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल, फ्रांस के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से होगी. इन मुलाकातों में जहां रक्षा और कारोबारी समझौते अहम हैं वहीं इस यात्रा में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की एक खास वजह भी है. पुतिन से मुलाकात के बाद मोदी की 2017 की सबसे अहम मुलाकात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से होनी है. और ट्रंप से होने वाली इस मुलाकात से पहले मोदी-पुतिन की मुलाकात में इन अहम मुद्दों पर स्थिति साफ करने की जरूरत है.

 

भारत-रूस दोस्ती?
भारत और रूस के मौजूदा रिश्ते की नींव सोवियत संघ के दौर में दोनों देशों के बीच हुई 1971 फ्रेंडशिप ट्रीटी पर रखी हुई है. लिहाजा, रूस-भारत संबंध देश की विदेश नीति का एक मजबूत स्तंभ है. इसके बाद 2000 में दोनों देशों के बीच स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का ऐलान किया गया जिसे एक बार फिर 2010 में स्पेशल और प्रिविलेज्ड पार्टनरशिप करार दिया गया. इस परिस्थिति में मोदी सरकार के लिए बेहद अहम है कि अमेरिका में ट्रंप प्रसाशन से बातचीत से पहले वह मौजूदा स्थिति का आंकलन करते हुए रूस से अपने रिश्तों पर स्पष्ट राय बना ले.

भारत-रूस व्यापार में गिरावट
1990-91 तक भारत और रूस के बीच मजबूत कारोबार था. 1990 तक भारत में बने उत्पाद का सबसे प्रमुख एक्सपोर्ट डेस्टिनेशन सोवियत संघ था. और दोनों ही देश एक-दूसरे के बड़े ट्रेडिंग पार्टनर थे. लेकिन धीरे-धीरे दोनों देशों के बीच कारोबार सिमटने लगा. 2015 में महज $1.6 बिलियन का भारतीय एक्सपोर्ट रूस को हुआ था जबकि अमेरिका को $40.3 बिलियन का एक्सपोर्ट हुआ था. वहीं 2015 में ही रूस से भारत को महज $4.5 बिलियन का इंपोर्ट हुआ था जबकि चीन से इपोर्ट $61.6 बिलियन का था. लिहाजा, 1990 के बाद जहां रूस देश का सबसे अहम ट्रेडिंग पार्टनर था, मौजूदा समय में एक्सपोर्ट पार्टनर अमेरिका बन चुका है और इंपोर्ट पार्टनर चीन है.

रूस की चीन-पाकिस्तान से नजदीकी
बीते एक दशक के दौरान भारत-रूस रिश्तों को सबसे बड़ा झटका रूस की चीन और पाकिस्तान से बढ़ती नजदीकी से पहुंचा है. गौरतलब है कि बीते दिनों रूस ने पाकिस्तान को जहां सैन्य सहायता देने के लिए करार किए हैं वहीं चीन के साथ उसने हिंद महासागर में भारत के प्रभाव की कीमत पर चीन के वर्चस्व को बढ़ाने का काम किया है. लिहाजा, मोदी और पुतिन के बीच होने वाली मुलाकात भारत-रूस रिश्तों के इन तीन अहम पक्षों को नए सिरे से परिभाषित करते हुए नई दिशा देने का काम करेगी. वहीं भारत और रूस के बीच रिश्तों को अगर नई परिभाषा दी जाती है तो मोदी और ट्रंप के बीच होने वाली संभावित मुलाकात इस दिशा में बेहद अहम है.

 दिल्ली. यूनियन मिनिस्टर वेंकैया नायडू ने कहा है कि सरकार आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के उस बयान से पूरी तरह रजामंद है, जिसमें उन्होंने कहा था कि कश्मीर में एक गंदी जंग लड़ी जा रही है, और इससे निपटने के लिए इनोवेटिव तरीके अपनाए जाने चाहिए। बता दें कि जनरल रावत ने एक इंटरव्यू में कहा था- अगर मेरी टीम पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंके जा रहे हों तो मैं अपने जवानों को इंतजार करो और मर जाओ...नहीं कह सकता। रावत ने ये बात एक पत्थरबाज को मेजर लीतुल गोगोई द्वारा आर्मी जीप के आगे बांधने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही थी। नायडू ने क्या कहा....
इन्फॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्टर ने सोमवार को एक ट्वीट में आर्मी चीफ के बयान का समर्थन किया। कहा- आर्मी चीफ के उस बयान से पूरी तरह रजामंद हूं जिसमें उन्होंने कश्मीर में ‘डर्टी वॉर’ चल रहा है और इससे निपटने के लिए इनोवेटिव तरीके अपनाए जाने चाहिए।  

 

क्या कहा था आर्मी चीफ ने?

- रविवार को एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में जनरल रावत ने कहा था, "कश्मीर में हमारी सेना जिस तरह के ‘डर्टी वॉर’ का सामना कर रही है, उससे निपटने के लिए ‘इनोवेटिव’ तरीके ही जरूरी हैं।" रावत ने मेजर लीतुल गोगोई द्वारा ह्यूमन शील्ड के इस्तेमाल का बचाव किया। 

- बता दें कि श्रीनगर में 9 अप्रैल को बाईपोल के दौरान पथराव कर रही भीड़ के बीच से निकलने के लिए मेजर गोगोई ने एक कश्मीरी शख्स को ह्यूमन शील्ड के तौर पर जीप के आगे बांधने का ऑर्डर दिया था। उमर अब्दुल्ला समेत कई नेताओं ने विरोध भी किया था। लेकिन आर्मी चीफ की तरफ से गोगोई को प्रशंसा पत्र (Commendation Card) दिया गया था। 

 

ये प्रॉक्सी वॉर
- जनरल रावत ने कहा था, "ये प्रॉक्सी और डर्टी वॉर है। और वो (आतंकी) इसे गंदे तरीके से ही लड़ रहे हैं। रूल्स तो वहां होते हैं जब दुश्मन आपसे आमने-सामने मुकाबला करे। लेकिन इस तरह की जंग में आपको इनोवेटिव तरीके ही अपनाने पड़ते हैं।" रावत इस बयान के जरिए मेजर गोगोई का बचाव कर रहे थे।
- अपनी बात साफ करते हुए उन्होंने आगे कहा था, "लोग हम पर पत्थर और पेट्रोल बम फेंक रहे हैं। ऐसे में अगर मेरे जवान मुझसे पूछते हैं- सर क्या किया जाए? तो क्या आर्मी चीफ के तौर पर अपनी टीम से ये कहूंगा- इंतजार करो और मर जाओ। मैं नेशनल फ्लैग लगे अच्छे कॉफिन लाया हूं। तुम्हारे पार्थिव शरीर सम्मान के साथ घर पहुंचाए जाएंगे। याद रखिए, मुझे अपनी टीम का मनोबल ऊंचा रखना है। वो बेहद मुश्किल हालात में काम कर रहे हैं।" 

 

वो पत्थर की जगह, गोलियां चलाएं तो बेहतर
- कश्मीर के मुश्किल हालात का जिक्र करते हुए आर्मी चीफ ने कहा था, "सच्चाई तो ये है कि इन लोगों (पत्थरबाजों) को हम पर पत्थर फेंकने की जगह फायरिंग करनी चाहिए। तब मुझे ज्यादा खुशी होगी। तब मैं वो कर पाऊंगा जो करना चाहता हूं।"
- "गलत लोगों को आर्मी का डर होना चाहिए। हमारी आर्मी फ्रेंडली है। लेकिन जब हमें लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने को कहा जाता है तो फिर लोगों को आर्मी का डर होना ही चाहिए।" रावत ने कहा कि जिस देश में आर्मी का डर खत्म हो जाता है, उस देश का पतन भी तय हो जाता है। 
- रावत के मुताबिक, इन सबके बावजूद अब भी काफी धैर्य से काम कर रही है। उन्होंने कहा, "आर्मी चीफ के तौर पर मेरा काम जवानों का मनोबल बनाए रखना है। ये मेरा काम है। मैं जंग के मैदान से काफी दूर हूं। मैं सिर्फ उनसे ये कह सकता हूं कि मैं उनके साथ हूं।"

 

आर्मी मदद नहीं देगी तो कौन देगा?
- आर्मी चीफ ने कहा था, "अनंतनाग में इलेक्शन होने हैं। अगर वहां का स्टाफ हमसे मदद मांगता है और हम नहीं करते हैं तो इससे लोगों और पुलिस का हम पर भरोसा खत्म हो जाएगा। ये हम नहीं होने देंगे, क्योंकि आतंकी यही चाहते हैं। वो आर्मी और दूसरी फोर्सेस के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं।"
- "मैं नहीं जानता कि कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में क्या चल रहा है। लेकिन क्या हमें उन्हें (गोगोई) पनिशमेंट देना चाहिए। आर्मी को भी सेल्फ डिफेंस का हक है।"
- आर्मी चीफ के मुताबिक, पूरे कश्मीर में नहीं, बल्कि साउथ कश्मीर के चार जिलों मे दिक्कत है। उन्होंने कहा, "कश्मीर समस्या का हल पूरी तौर पर निकालना होगा। सबको शामिल करना होगा। आर्मी का काम हिंसा रोकना और उन लोगों को बचाना है जो इसमें शामिल नहीं हैं।"

 

तो हमें करगिल मिला था...
- कश्मीर समस्या के सियासी हल के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में रावत ने कहा था, "क्या पहले सियासी हल की कोशिश नहीं हुई? क्या अंजाम हुआ? हमें करगिल की जंग मिली।"  

 

वायरल वीडियो को उमर ने किया था ट्वीट 
- डार को जीप से बांधकर घुमाने का वीडियो वायरल हुआ था। उमर ने भी इसकी फोटो और वीडियो ट्वीट किए थे। उन्होंने सरकार पर ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन को लेकर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया था। 
- सीएम महबूबा मुफ्ती ने मामले की जांच के ऑर्डर दिए थे। इसके बाद 15 अप्रैल को मेजर गोगोई के खिलाफ जम्मू-कश्मीर के बीड़वाह थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बाद में आर्मी ने मेजर के खिलाफ कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी भी बैठाई थी, लेकिन उसमें उन्हें क्लीन चिट मिल गई। हालांकि, इस मामले में पुलिस की जांच जारी है। 

 

मेजर गोगोई ने बताया- क्यों बांधा पत्थरबाज को?
- घटना के बाद मेजर गोगोई ने मीडिया के सामने बयान दिया था। उन्होंने बताया था कि किन हालात में उन्होंने पत्थरबाज को जीप के बोनट पर बांधने का ऑर्डर दिया था और ऐसा कर उन्होंने 12 लोगों की जिंदगी बचाई थी। अगर वे ऐसा नहीं करते तो पत्थर बरसा रही भीड़ के बीच से निकलना नामुमकिन था। मेजर ने बताया था कि अगर वे ऐसा नहीं करते तो जवानों को फायरिंग का ऑर्डर देना पड़ता और तब कई कश्मीरियों की जाने जा सकती थीं, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी हो सकती थीं।  

MARI themes

Blogger द्वारा संचालित.