नोटबंदी के बाद योजना के लाभ और सरकारी बैंकों के विलय की भी हो सकती है चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले के प्राचीर से 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अपने चौथे भाषण में बड़े पैमाने पर नौकरशाही में सुधार और वित्त वर्ष में बदलाव का उल्लेख कर सकते हैं। प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर होने वाले भाषण में केंद्र सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख होता है, साथ ही इसमें भविष्य की योजनाएं भी बताई जाती हैं। उदाहरण के लिए मोदी ने अपने पिछले भाषणों में ग्रामीण विद्युतीकरण और सस्ते मकान की योजनाओं का उल्लेख किया था। यह साल भी कुछ अलग रहने की संभावना नहीं है।

उच्च पदस्थ सूत्रों से बिजनेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक नौकरशाही में सुधार मोदी के एजेंडे में अगली बड़ी बात होगी और इस दिशा में किए गए बदलाव, नियुक्तियां, कार्यकाल और इसके साथ ही प्रशासन का ढांचा तैयार करने में बाहरी लोगों का नौकरशाही में प्रवेश शामिल होगा। एक अधिकारी ने कहा, 'इस मोर्चे पर तमाम तरीकों पर विचार किया गया। प्रधानमंत्री के भाषण को अभी अंतिम रूप दिया जाना है, लेकिन इसमें सुधार की योजना का कुछ विस्तृत ब्योरा हो सकता है।' बड़ी संख्या में टेक्नोक्रेट को प्रवेश देने और नौकरशाहों के लिए अप्रेजल व्यवस्था में वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट के अलावा छवि को भी शामिल किए जाने की संभावना है। इस तरह की व्यवस्था पदोन्नति से लेकर नियुक्ति तक हर जगह असर डाल सकती है।

एक और योजनाबद्ध पहल जिसे कुछ समय से जाना जा रहा है और जिसका जिक्र प्रधानमंत्री कर सकते हैं, वह है वित्तीय वर्ष को अप्रैल-मार्च से जनवरी से दिसंबर किया जाना। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि हालांकि इसके लिए कोई तिथि घोषित किए जाने की संभावना कम है, लेकिन वह इस कदम के लाभ गिना सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि नोटबंदी और जीएसटी के बाद यह बड़ा आर्थिक सुधार होगा। प्रधानमंत्री कुछ अन्य मसलोंं पर भी बोल सकते हैं, जिनमें नोटबंदी के बाद योजनाओं का लाभ दिया जाना और सरकारी बैंकों का योजनाबद्ध तरीके से विलय किया जाना शामिल है।


प्रधानमंत्री ने नीति आयोग की प्रशासनिक परिषद की बैठक में वित्त वर्ष के बदलाव के बारे में चर्चा की थी, जिसमें सभी राज्यों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने राज्यों को यह भी निर्देश दिया था कि वह अपने स्तर पर इस मामले में पहल करें। प्रधानमंत्री के समर्थन के बाद मध्य प्रदेश पहला ऐसा राज्य बना, जिसने मई मेंं औपचारिक रूप से यह घोषणा की कि वह अगले साल से जनवरी दिसंबर के लिए बजट पेश करेगा। उसका मौजूदा वित्त वर्ष नवंबर में खत्म होगा। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कुछ दिन पहले औपचारिक रूप से संसद में घोषणा की थी कि सरकार जनवरी-दिसंबर वित्त वर्ष की योजना बना रही है।

वित्त वर्ष में बदलाव को लेकर सरकार में कुछ मतभेद की आवाजें भी उठ रही हैं। जहां कुछ अधिकारियों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि अप्रैल-मार्च की जगह जनवरी-दिसंबर अवधि के लिए बजट  2018 की शुरुआत में पेश किया जा सकता है, जबकि कुछ अन्य ने इस अखबार को बताया कि इस बदलाव से कम अवधि के लिए व्यवधान आएगा और संभव है कि वस्तु एवं सेवा कर लागू किए जाने तुरंत बाद इसे लागू न किया जाए और यह बदलाव 2019 के लिए हो। केंद्र सरकारक शंकर आचार्य समिति की सिफारिशों पर विचार कर रही है, जिसे इस तरह के किसी बदलाव को लागू करने के लिए अध्ययन का काम सौंपा गया था। भारत मेंं 1867 से अप्रैल मार्च वित्त वर्ष अपनाया जा रहा है। 1867 के पहले भारत का वित्त वर्ष 1 मई से शुरू होकर अगले साल के 30 अप्रैल तक चलता था।

मंथन न्यूज़ दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में बाढ़ के हालातों का जायजा लेने के लिए रवाना हो गए हैं. इससे पहले सोमवार को ही पीएम ने बाढ़ पीड़ितों के लिए 2-2 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान कर दिया था. वहीं प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि मोदी ने राज्य में बाढ़ के कारण गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए भी 50,000-50,000 रूपये की सहायता की घोषणा की है.

PMO की ओर से ट्वीट किया गया था कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम में होंगे, जहां वह बाढ़ के कारण बने हालात और राहत कार्य का जायजा लेंगे.’’ पीएमओ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक वहां मोदी बाढ़ के हालात के मद्देनजर उच्च स्तरीय बैठकें लेंगे. इसमें पूर्वोत्तर के राज्यों खासकर असम, अरूणाचल प्रदेश, नगालैंडतथा मणिपुर में राहत कार्यों का आकलन करेंगे. इसमें कहा गया कि बैठकों में इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के मौजूद रहने की उम्मीद है.

इससे पहले प्रधानमंत्री ने राजस्थान में बाढ़ में मारे गए लोगों के परिजनों को दो-दो लाख रूपये के मुआवजे और गंभीर रूप से घायलों के लिए पचास-पचास हजार रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी.

बता दें कि असम में ज्यादातर नदियों के खतरे के निशान से नीचे बहने की वजह से बाढ़ की स्थति में सुधार हुआ है लेकिन होजाई में एक व्यक्ति के डूबने से राज्य में बाढ़ में मरने वालो की संख्या बढ़कर 77 हो गई है. झारखंड के भी कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश की वजह से जनजीवन प्रभावित हो गया है. यहां दामोदर, कोनार और सिवनी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है.

मंथन न्यूज़ भोपाल। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों के वेतन में गड़बड़ी सामने आई है। इस साल का इंक्रीमेंट लगने के बाद कई कर्मचारियों का वेतन बढ़ने की जगह कम हो गया है। करीब 5 फीसदी कर्मचारियों के वेतन में इस तरह की विसंगति आई हैं। अब कर्मचारी एनएचएम के अधिकारियों से इसकी शिकायत कर रहे हैं। यह गड़बड़ी छोटे-बड़े सभी कर्मचारियों के वेतन में आई है।

भोपाल के एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का 2016-17 में कुल वेतन 11400 रुपए था। पिछले साल इंक्रीमेंट लगने के बाद उसे यह राशि मिल रही थी। इस साल उसकी बेसिक सैलरी 10 हजार रुपए फिक्स कर 500 रुपए इंक्रीमेंट दिया गया। बेसिक सैलरी में इंक्रीमेंट जोड़कर 10500 रुपए 2017-18 की सैलरी बनाई गई।

इस तरह से वेतन बढ़नेे की जगह 900 रुपए कम हो गया। दरअसल ज्यादातर कर्मचारियों का इंक्रीमेंट करेंट ईयर सैलरी में जोड़ा गया है, लेकिन कुछ का बेसिक सैलरी में। जिनका बेसिक सैलरी में इंक्रीमेंट जोड़ा गया है, उनका वेतन पिछले साल के मुकाबले कम हो गया है। हालांकि कर्मचारियों को अभी बढ़ी हुई सैलरी नहीं मिली है, लेकिन वेतन में गड़बड़ी की जानकारी सामने आने के बाद कर्मचारी परेशान हैं।

सूत्रों ने बताया कि पिछले साल भी कर्मचारियों का इंक्रीमेंट लगा था, लेकिन इस तरह की दिक्कत नहीं आई थी। बता दें कि इस साल अप्रैल में इंक्रीमेंट की मांग के लिए संविदा कर्मचारियों ने भोपाल में बड़ा प्रदर्शन किया था। इसके बाद शासन ने 5 फीसदी इंक्रीमेंट देने का निर्णय लिया था।

मंथन न्यूज़ दिल्ली बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुकाबले कोई नहीं है। उनसे मुकाबले की क्षमता किसी में नहीं है। वह फिर जीतेंगे। भाजपा के साथ मिलकर बिहार में सरकार बनाने के बाद पहली बार मीडिया से बात करते हुए नीतीश ने साफ कहा कि अगली बार भी केंद्र की सत्ता पर राजग के सिवाय कोई दूसरा काबिज नहीं हो सकता।

 नीतीश ने कहा कि बहुत जल्द जदयू राष्ट्रीय स्तर पर राजग का हिस्सा हो जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी व्यंग्य किया। उनसे पूछा गया कि राहुल गांधी ने कहा कि उनके भाजपा में जाने के फैसले का एहसास उन्हें तीन माह पहले से था? जवाब में नीतीश बोले कि यह खुशी की बात है कि उन्हें भी एहसास होने लगा है। जब हम हाल ही में उनसे मिले थे, तब तो उन्हें एहसास नहीं हो रहा था। जब उन्हें मालूम ही था तो हमें पहले ही कह देते। कांग्रेस के साथ संकट यह था कि हम उन्हें मदद करना चाहते थे, पर मेरी भूमिका उन्हें पसंद ही नहीं थी। हम सहयोगी हो सकते हैं, पर फॉलोअर नहीं। नीतीश ने लालू प्रसाद और राजद के अन्य नेताओं पर भी हमले किए।

 नीतीश ने कहा कि किसी को अहंकार नहीं पालना चाहिए। अहंकार बुरी चीज है। लोग कह रहे हैं कि उनके बूते हमें इतनी सीटें मिलीं। बताएंगे क्या कि 2010 के चुनाव में राजद को कितनी सीटें आई थीं?

मेरा नाम तक बुरा लगता था लालूजी को : नीतीश

 प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए नीतीश ने कहा, फिर जीतेंगे मोदी - कहा, अहंकार न पालें लालू, 2010 का चुनाव परिणाम याद नहीं है क्या?

 जदयू की हैसियत नहीं कि राष्ट्रीय महात्वाकांक्षा पाले

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ बिहार की बदौलत जदयू को मान्यता है। बिहार की इकाई ने यहां भाजपा के साथ सरकार बनाने का निर्णय लिया। राष्ट्रीय स्तर पर जदयू को क्या करना है, इसका निर्णय 19 अगस्त को पटना में हो रही जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया जाएगा। जदयू की हैसियत उस तरह की नहीं कि हम राष्ट्रीय स्तर पर कोई महात्वाकांक्षा पालें। भाजपा के साथ सरकार बनाने के फैसले पर शरद यादव की नाराजगी के संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार होते हैं। राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद के समर्थन के निर्णय पर भी शरद जी को तकलीफ थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है वह कोई नियोजित विषय नहीं है। मेरे सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं था। हमने अपनी क्षमता भर महागठबंधन चलाने की पूरी कोशिश की, लेकिन भ्रष्टाचार से मैं समझौता कैसे करता?

 मुझे मालूम है मेरी आलोचना होगी, लेकिन हम अपने काम से यह सिद्ध कर देंगे कि आलोचना का कोई मतलब नहीं।मेरा नाम तक बुरा लगता था लालूजी को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी बात कह रहे थे, तभी सवाल आया आप तो यह कहा करते थे कि मिट्टी में मिल जाएंगे, भाजपा में नहीं जाएंगे? ऐसा क्या हुआ कि आप बदल गए। नीतीश ने जवाब दिया, यह पूर्व का संदर्भ है। मेरे पास दो विकल्प थे। क्या भ्रष्टाचार से समझौता कर हम अपनी पहचान को विलुप्त कर देते? हमारे पास दूसरा विकल्प यह था कि बिहार के हित में फैसला लें। हमने बिहार के हित में फैसला लिया।

 सरकार बनने और मंत्रिमंडल गठन वगैरह का काम पूरा होने के बाद सोमवार को मुख्यमंत्री ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने महागठबंधन तोड़ने पर अपनी स्थिति साफ की। नीतीश ने कहा कि महागठबंधन मैंने कैसे चलाया, क्या-क्या बताएं? दो-तीन महीने के बाद तो लालू जी को 'लालू-नीतीश जिंदाबाद' के नारे तक अच्छे नहीं लगते थे। उन्हें अच्छा नहीं लगता था कि उनके साथ मेरा नाम जुड़े। 

मंथन न्यूज़ दिल्ली भारत प्रशासित कश्मीर में अलगाववादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस (गिलानी गुट) के चेयरमैन सईद अली शाह गिलानी, उनके दो बेटों और दामाद पर नेशनल इनवेस्टिगेटिव एजेंसी (एनआईए) ने संपत्ति जमा करने का आरोप लगाया है.

हालांकि, गिलानी ने इन आरोपों को ख़ारिज किया है. एनआईए ने गिलानी गुट के चार लोगों को गिरफ़्तार किया है, जबकि उनके दो बेटों को तलब किया गया है.

गिलानी गुट से अब तक गिलानी के दामाद अल्ताफ़ शाह, पार्टी के प्रवक्ता अयाज़ अक़बर, पीर सैफ़ ओलह और राजा मेहराज कलवाल गिरफ़्तार किए गए हैं.

मंथन न्यूज़ शिवपुरी ब्यूरो। भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुशील रघुवंशी जी से मिली जानकारी के अनुसार भाजपा की जिला कार्यसमिति बैठक प्रदेश कार्यसमिति सदस्य व भाजपा जिला प्रभारी श्री अवधेश सिंह कुशवाह जी, संभागीय संगठन मंत्री श्री शैलेंद्र बरुआ जी,जिला संगठन मंत्री श्री देवेंद्र भार्गव जी के आतिथ्य व भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुशील रघुवंशी की अध्यक्षता में सरस्वती शिशु मंदिर पिछोर में सुबह 10 बजे से आयोजित की जाएगी। जिला बैठक में मोर्चा के प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य,निगम मंडलों के अध्यक्ष उपाध्यक्ष, स्थाई आमंत्रित, विशेष आमंत्रित सदस्य, जिला कार्यसमिति,भाजपा मंडल अध्यक्ष, मोर्चो के जिला अध्यक्ष अपेक्षित रहेंगे।

इस जिला बैठक में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में लिए गए निर्णय व पं दीनदयाल शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों को मतदान केंद्रों तक पहुचाने हेतु रूपरेखा  बनाने हेतु जिला कार्यसमिति का आयोजन किया जा रहा है। सभी अपेक्षित कार्यकर्ताओं से आग्रह है कि समय पर अपनी उपस्तिथि सुनिश्चित करें।

मंथन न्यूज़ हितेश जैन पोहरी। जिले के पोहरी क्षेत्र में से 8-9 सदस्यीय गिरोह सस्ती सिम बिकने के नाम पर लोगो के खाते से भीम एप के माध्यम से पैसे अपने खाते ने ट्रांसफर कर लेते है। देश के प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया को बढ़वा देने के उद्देश्य से भीम आधार एप लॉच किया था इस एप के माध्यम से नगद लेन देन को बंद कर डिजिटल लेन देन को बढ़वा देना था।
पोहरी तहसील में शातिर ठगों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया और गांव-गांव में जाकर सस्ती सिम बेच कर अपने खाते में पैसे टांसफार्मर कर लिया करते थे महिला की शिकायत पर पुलिस ने एक आरोपी संतोष बराई निवासी नानोरा को गिरफ्तार किया। जिसे पुलिस रिमांड पर लिया गया बड़ी सख्ती से पूछताछ में 4 लोगो के नामो का खुलासा हुआ है। इन 4 लोगो मे से किसी की भी गिरफ्तारी नही हुई है अगर इन 4 लोगो को गिरफ्तार कर कड़ी पुछताछ की जाए तो ओर भी 5 लोगो के नाम सामने आ सकते है। पुलिस की माने तो आरोपी ने रिमांड में फाजाय खान, मोहरसिंह धाकड़, अरविंद वर्मा, गोविंद धाकड़  इन 4 लोगो के नाम लिए है जिनकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। ऐसे में शातिर ठगों का मामला तूल पकड़ रहा है जिसे लेकर पुलिस द्वारा इस गिरोह की गहन जांच की जा रही है।

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ऐसे हुआ ठगी करने के गिरोह का पर्दाफाश

पोहरी तहसील में कई माह से सक्रिय भीम एप आधार के जरिये खातों से रुपए ट्रांसफर करने बाले  गिरोह का पर्दाफाश जब हुआ जब बिंद्रा बाई जाटव निवासी जखनौद द्वारा अपने खाते की एंट्री कराने पोहरी एसबीआई बैंक पहुची जहा एंट्री के बाद पता चला कि खाते से 200 रुपए किसी संतोष बराई के नाम पर ट्रांसफर हुए है।

जब इस मामले की खबर मीडिया में पहुची तो इस मामले को उजागर किया गया और एसपी के निर्देशन में मामला पहुचा जहा पुलिस को निर्देशित किया और जांच कर इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। अभी कुछ और लोगो के नाम भी इस गिरोह में आ सकते है।

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5 लाख की ठगी हो सकती है 10 लाख तक

पोहरी क्षेत्र में गांव-गांव जाकर सस्ती वोडाफोन की सिम बिककर भीम एप के माध्यम से ग्राहक के खातों से पैसों को अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते है अभी तक आरोपी संतोष बराई द्वारा 4 लोगो के नामो का खुलासा किया गया है यदि 4 लोगो से पुलिस द्वारा सख्ती से पूछताछ की गई तो 5 लोगो के नाम व 5 लाख की ठगी 10 लाख तक पुहंच सकती है।


शिवपुरी ब्यूरो। भारतीय जनता पार्टी में विगत लंबे समय से संगठन का कार्य करने वाले मुकेश सिंह चौहान को भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष अभिलाष पाण्डे द्वारा अपनी प्रदेश कार्यकारिणी के रूप में जिला शिवपुरी का अध्यक्ष मनोनीत किया है। इस मनोनयन पर भाजयुमो के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान ने संगठन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि संगठन गढ़े चले सुपंथ पर बड़े चलें भला हो जिसमें देश का वो काम सब किये चलें की पक्ति के आधार पर कार्य करना है।  विश्वास दिलाया कि वह भाजपा व भाजयुमो  को मजबूती के साथ संगठन के साथ मिलकर कार्य करेंगें और अधिक से अधिक लोगों को भाजपा से जोड़कर जिले में संगठन को आगे बढ़ाने का कार्य अनवरत रूप से जारी रखें। उनका कहना था कि पं. दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष के लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए संगठन जो 10 यूथ व 1 बूथ की नई ऊर्जा के युवाओं को जोड़ने का कार्य जारी रहेगा। श्री चौहान ने आश्वस्त किया कि वह शीघ्र ही भाजयुमो की जिला कार्यकारिणी भी तैयार कर संगठन मजबूती में अपना अहम योगदान देंगें। मुकेश सिंह चौहान के भाजयुमो जिलाध्यक्ष बनने पर निवृत्तमान भाजयुमो जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र सोनू बिरथरे सहित अन्य भाजयुमो कार्यकर्ताओं जिला भाजयुमो कार्यालय कालीमाता मंदिर के समीप भव्य माल्यार्पण कर स्वागत करते हुए उन्हें बधाई प्रेषित की। इस अवसर पर बधाई देने वालों में भाजपा कार्यकर्ता व भाजयुमो पदाधिकारी शामिल थे। 



-विपरीत परिस्थितियों में कायम जनतांत्रिक बादशाहत बनेगी मिशाल

शिवपुरी ब्यूरो। बहुत कम लोग जगत के प्रकारों के बारे में जानते हैं। अध्यात्म में सूक्ष्म जगत और भाव जगत का विशेष महत्व है। इन परालोकिक जगतों में भौतिक जगत के निर्मित नियम और सिद्धांत लागू नहीं होते हैं। कहने का सार तत्व यह है कि भौतिक जगत की अपनी सीमायें हैं जिनमें बंधकर हम न तो बीते कल को बदल सकते हैं और न ही आने वाले कल को देखकर उसे सुधार सकते हैं लेकिन सूक्ष्म जगत और भाव जगत में हम भूत और वर्तमान में न सिर्फ साक्षी भाव से सबकुछ देख सकते हैं बल्कि आने वाले कल में क्या घटने वाला है? क्या घटना चाहिए! का निर्णय भी साधक अपनी सामथ्र्य के अनुरूप कर सकता है। भाव जगत पर अपने तरीके से शोध करने वाले सत्यम पाठक का कहना है कि हाल ही में प्रदेश मंत्री नरोत्तम मिश्रा के विरूद्ध पेड न्यूज के मामले में आये चुनाव आयोग के निर्णय को लेकर जो जन भाव सामने आए हैं उनसे यह तय है कि भाव जगत में नरोत्तम मिश्रा रक्षा कवच के साथ हैं। अधिकांशों  का स्वप्रेरित भाव यह है कि राजनीति के नरोत्तम का कुछ नहीं बिगडऩा चाहिए! शिवपुरी में अपनी जान पर खेलकर पूनम पुरोहित ने उनका पुतला नहीं जलने दिया। पूनम ने अपनी जान दांव पर लगाकर यह साबित किया कि मौजूदा राजनीति में नरोत्तम मिश्रा विरला व्यक्तित्व रखते हैं। उनके जैसा सहृदयी और परपीड़ा का काया प्रवेश लेने वाला कोई दूसरा व्यक्ति मुश्किल से ही मौजूदा दौर में मिलेगा। पूनम के अतिरिक्त दूसरा उदाहरण दतिया के एक पार्षद का है जिसने बकायदा एक बैठक में अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि जो (नरोत्तम मिश्रा)हमारे लिए दिन रात तैयार हैं उनके लिए हमें जान देनी भी पड़ें तो हमें हिचकना नहीं चाहिए। इन दो बड़े उजागर घटनाक्रमों के अतिरिक्त अधिकांशों के व्यक्त-अव्यक्त भाव यह बताते हैं कि भाव जगत में नरोत्तम मिश्रा रक्षा कवच पहने हुए हैं और संभावित तथ्य यह हो सकता है कि इसी रक्षा कवच की बजह से उनका पुतला उनकी पार्टी के घुर राजनीतिक विरोधी (कांग्रेसी) लाख कोशिशों के बाबजूद नहीं जला पाये। प्रत्यक्ष में हम कारण पूनम को मान सकते हैं जन भावनायें जिस बेग में भाव जगत में अपना प्रभाव छोड़कर नरोत्तम के लिए रक्षा कवच का निर्माण कर रही हैं उससे भौतिक जगत में नरोत्तम का कुछ बिगड़ेगा! कहना बड़ा मुश्किल हैं। हाल ही में उन्हें शीर्ष न्यायालय से जो राहत मिली हैं उसमें देखने वाले भाव जगत में रक्षा कवच का प्रभाव देख सकते हैं।  वर्तमान भौतिक जगत में राजनीति करने वाले नेताओं के लिए उपरोक्त घटनाक्रमों में घटे घटनाक्रम से यह सीखना चाहिए कि भयंकर विपरीत परिस्थितयों में भी जनतांत्रिक बादशाहत कैसे कायम रखी जा सकती है? दिलों पर राज कैसे किया जा सकता है? कैसे...? इनके जवाब प्रदेश मंत्री नरोत्तम मिश्रा की कार्यप्रणाली और व्यवहार में देखे खोजे जा सकते हैं। जय हो राजनीति के नरोत्तम की। 

शिवपुरी मंथन न्युज ।कैविनेट मंत्री म.प्र. आदरणीय नरोत्तम मिश्रा जी को सुप्रीम कोर्ट द्वारा सदस्यता पर जारी स्टे को लेकर आज भाजयुमो ने माधव चौक पर आतिशबाजी चला कर व् मिठाई वितरण कर खुशियां मनाई, इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री शुशील रघुवंशी जी , भाजयुमो के जिला अध्यक्ष श्री प्रमेन्द्र सोनू विरथरे जी, रामु बिंदल  नगर अध्यक्ष श्री डेविड चौहान के साथ अनेक भारतीय जनता युवा मोर्चा के पदाधिकारी उपस्थित रहे ।

नई दिल्ली, भोपाल। सुप्रीम कोर्ट ने नरोत्तम मिश्रा को बड़ी राहत देते हुए चुनाव आयोग द्वारा उनके खिलाफ दिए गए फैसले पर रोक लगा दी है

शुक्रवार सुबह हुई सुनवाई में नरोत्तम मिश्रा की ओर से वकील ने कहा था कि चुनाव आयोग ने एक कमेटी बनाकर अचानक यह फैसला दिया है। इसके बाद से नरोत्तम मिश्रा अपना मंत्री पद नहीं संभाल पा रहे हैं।

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने पेड न्यूज के एक मामले में नरोत्तम मिश्रा द्वारा जीते गए चुनाव को शून्य घोषित कर दिया था। इसके साथ ही मिश्रा के तीन साल तक चुनाव लड़ने पर बैन लगाया गया था।

Nitish Kumar swearing-in LIVE updates: Coalition with RJD was bad for Bihar's progress, will respond to Rahul in time, says CM मंथन न्यूज़ नई दिल्ली/पटना : नीतीश कुमार के बीजेपी को साथ लेकर सरकार बनाने का फैसले के बाद जेडीयू में बगावत का बिगुल बज गया है. जेडीयू के राज्यसभा सांसद अली अनवर ने कहा कि नीतीश कुमार अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर बीजेपी के साथ सरकार बना रहे हैं, लेकिन मेरी अंतरात्मा इस बात को नहीं मानती है. अगर मुझे अपनी बात कहने का मौका मिलेगा, तो मैं पार्टी के मंच पर अपनी बात जरूर रखूंगा 
.20 महीने पुरानी महागठबंधन की सरकार गिरी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. बीते कई महीनों से महागठबंधन में चल रहे विवाद के बीच नीतीश ने राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके साथ ही बिहार की 20 महीने पुरानी महागठबंधन की सरकार गिर गई. महागठबंधन में नीतीश की पार्टी जनता दल (युनाइटेड) के अलावा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस शामिल थीं.
जितना मुमकिन हो सका गठबंधन धर्म पालन करने की कोशिश की : नीतीश
बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जनता दल (युनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने बुधवार (26 जुलाई) को कहा कि जितना संभव हो सका, उन्होंने गठबंधन धर्म का पालन करने की कोशिश की, लेकिन बीते घटनाक्रम में जो चीजें सामने आईं उसमें काम करना मुश्किल हो गया था. नीतीश ने कहा, "जब मुझे ऐसा लग गया कि वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में मैं जवाब नहीं दे सकता. मैं सरकार का नेतृत्व कर रहा हूं. लेकिन सरकार के अंदर के व्यक्ति के बारे में कुछ बातें कही जाती हैं और मैं उस पर कहने की स्थिति में नहीं हूं तो ऐसी स्थिति में इस सरकार को चलाने का, मेरे हिसाब से कोई आधार नहीं है."







मंथन न्यूज़ पोहरी रिपोर्ट हितेश जैन मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील इन दिनों फिर सुर्ख़ियो में आ गयी है पोहरीं क्षेत्र में मानो सरकार द्वारा तहसील के दर्ज देने के बाद भूल ही गयी हो तभी तो सरकारी अधिकारी पोहरीं क्षेत्र में हो रही शासकीय शिक्षक व प्राइवेट स्कूल की मनमानी पर ध्यान नही दिया जा रहा है हर वर्ष शासन शासकीय विद्यालय की स्थिति सुधारने के लिए हर संभब प्रयास करती है इन प्रयासों पर मानो शिक्षको ने पानी फिर दिया हो पोहरीं क्षेत्र में शासकीय विद्यालय तो भगवान भारोसे संचालित है हम बात पोहरीं तहसील के ग्रामीण क्षेत्रो व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रो की बात कर रहे है इन क्षेत्रों में  विद्यालय शासन के नियम अनुसार संचालित नही होते इन विधालयो पर शासकीय शिक्षक अपने हिसाव से आते है और बंद करके चले जाते है जबकि शासन द्वारा इस सेवा के रूप में शिक्षक को वेतन दिया जाता है पोहरीं तहसील में शिक्षको को प्रशासन का भय भी नही रहा है इस लिया ग्रामीण क्षेत्र के शासकीय विधालयो में न जाकर पोहरीं नगर के प्राइवेट विद्यालयों में अपनी सेवा देते हुए दिखाई देते है सुत्र से मिली जानकारी के अनुसार पोहरीं व जिले के  शिक्षा विभाग के अधिकारियो ने इन शिक्षको से साठगांठ कर ली है तभी तो पोहरीं में प्राइवेट विधालयो में सेवा देने के बात भी कारबाई नही की जा रही है पोहरीं क्षेत्र में शासकीय विधालयो का हाल सबको पता होने के बाद भी जिले के मुखिया ने भी इस ओर ध्यान नही दिया

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ग्रामीण क्षेत्र के विधालयो में लगे ताले-

जिले के पोहरीं तहसील में शासकीय विधालयो में शिक्षको ने जिले व पोहरीं के शिक्षा विभाग के अधिकारियो की साठ गांठ से जाना है बंद कर दिया है तभी तो पोहरीं के 2 दर्जन स्कूल प्रवेशाउत्सव के दिन पोहरी एस. डी. एम अंकित अस्थाना को बंद मिले ग्रामीण क्षेत्र में स्कूलों में ताले की बजे विभाग द्वारा इन शिक्षको पर कारबाई न करते हुए मामले को ले देकर बंद करना है जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी द्वारा पोहरीं क्षेत्र के ग्रामीण विधालयो के निरीक्षण करने पर बंद मिले थे आज दिनांक तक उन विधालयो पर कोई कारबाई नही की गई

मान्यता 8 वी पर पढ़ाई  एडमिसन 12 वी तक-

पोहरीं तहसील में शासन के नियमो को ताक पर रखा कर प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अपने बनाया हुए नियमो से स्कूलों का संचालन कर रहे है तभी तो विद्यालय पर शासन द्वारा 8 वी तक कि मान्यता दी गयी है विद्यालय में एडमिसन 10 व 12 के बच्चों के लिए जा रहे है पोहरीं में 1 दर्जन विद्यालय पर 8 वी तक कि मान्यता होने के बाद भी प्रशासन से वेखोफ 10 वी व 12 वी तक
विधालयो का संचालन कर रहे है पोहरीं के शिक्षा विभाग में बच्चो के भविष्य के साथ खिलबाड़ का दोषी होगा

सेवा प्राइवेट विधालय में वेतन शासकीय-

शिवपुरी जिले में लगातार शासकीय शिक्षको की कोचिंग या प्राइवेट विधालयो में पढ़ाया जाए कि शिकायत मिल रही है शिकायतों को गभीरता से लेते हुए जिले में  जिलाधीश द्वारा कारबाई भी की गई है पोहरीं तहसील में सैकड़ों शासकीय शिक्षक अपनी सेवा प्राइवेट स्कूलों में या अपनी कोचिंग पोहरीं क्षेत्र में संचालित कर रहे है पोहरीं में शासकीय शिक्षक शासकीय स्कूलों में न जाकर प्राइवेट स्कूलों में अपनी सेवा दे रहे है जबकि वेतन शासकीय व प्राइवेट दोनो ले रहे है यदि जिले के मुखिया जिलाधीश पोहरीं क्षेत्र की ओर ध्यान दे तो हजारो गरीब बच्चो का भविष्य सुधार सकता है

जिले के बरिष्ठ अधिकारियो को पहुच जाती होगी मोटी रकम- इसलिए कार्यवाही से पीछे हटे सभी अधिकारी

पोहरीं तहसील में शासकीय शिक्षको का स्कूल न जाना या  मान्यता 8 बी तक होने के बाद भी 12 वी तक प्रशासन के वेखोफ होकर स्कूलों का संचालक करना इस बात की ओर संकेत करता है कि जिले के शिक्षा विभाग के  बरिष्ठ अधिकारियो को एक मोटी रकम जाती होगी

मंथन न्यूज़ पोहरी रिपोर्ट हितेश जैन  मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पोहरी तहसील इन दिनों फिर सुर्ख़ियो में आ गयी है पोहरीं क्षेत्र में मानो सरकार द्वारा तहसील के दर्ज देने के बाद भूल ही गयी हो तभी तो सरकारी अधिकारी पोहरीं क्षेत्र में हो रही शासकीय शिक्षक व प्राइवेट स्कूल की मनमानी पर ध्यान नही दिया जा रहा है हर वर्ष शासन शासकीय विद्यालय की स्थिति सुधारने के लिए हर संभब प्रयास करती है इन प्रयासों पर मानो शिक्षको ने पानी फिर दिया हो पोहरीं क्षेत्र में शासकीय विद्यालय तो भगवान भारोसे संचालित है हम बात पोहरीं तहसील के ग्रामीण क्षेत्रो व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रो की बात कर रहे है इन क्षेत्रों में  विद्यालय शासन के नियम अनुसार संचालित नही होते इन विधालयो पर शासकीय शिक्षक अपने हिसाव से आते है और बंद करके चले जाते है जबकि शासन द्वारा इस सेवा के रूप में शिक्षक को वेतन दिया जाता है पोहरीं तहसील में शिक्षको को प्रशासन का भय भी नही रहा है इस लिया ग्रामीण क्षेत्र के शासकीय विधालयो में न जाकर पोहरीं नगर के प्राइवेट विद्यालयों में अपनी सेवा देते हुए दिखाई देते है सुत्र से मिली जानकारी के अनुसार पोहरीं व जिले के  शिक्षा विभाग के अधिकारियो ने इन शिक्षको से साठगांठ कर ली है तभी तो पोहरीं में प्राइवेट विधालयो में सेवा देने के बात भी कारबाई नही की जा रही है पोहरीं क्षेत्र में शासकीय विधालयो का हाल सबको पता होने के बाद भी जिले के मुखिया ने भी इस ओर ध्यान नही दिया

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ग्रामीण क्षेत्र के विधालयो में लगे ताले-

जिले के पोहरीं तहसील में शासकीय विधालयो में शिक्षको ने जिले व पोहरीं के शिक्षा विभाग के अधिकारियो की साठ गांठ से जाना है बंद कर दिया है तभी तो पोहरीं के 2 दर्जन स्कूल प्रवेशाउत्सव के दिन पोहरी एस. डी. एम अंकित अस्थाना को बंद मिले ग्रामीण क्षेत्र में स्कूलों में ताले की बजे विभाग द्वारा इन शिक्षको पर कारबाई न करते हुए मामले को ले देकर बंद करना है जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारी द्वारा पोहरीं क्षेत्र के ग्रामीण विधालयो के निरीक्षण करने पर बंद मिले थे आज दिनांक तक उन विधालयो पर कोई कारबाई नही की गई

मान्यता 8 वी पर पढ़ाई  एडमिसन 12 वी तक-

पोहरीं तहसील में शासन के नियमो को ताक पर रखा कर प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अपने बनाया हुए नियमो से स्कूलों का संचालन कर रहे है तभी तो विद्यालय पर शासन द्वारा 8 वी तक कि मान्यता दी गयी है विद्यालय में एडमिसन 10 व 12 के बच्चों के लिए जा रहे है पोहरीं में 1 दर्जन विद्यालय पर 8 वी तक कि मान्यता होने के बाद भी प्रशासन से वेखोफ 10 वी व 12 वी तक
विधालयो का संचालन कर रहे है पोहरीं के शिक्षा विभाग में बच्चो के भविष्य के साथ खिलबाड़ का दोषी होगा

सेवा प्राइवेट विधालय में वेतन शासकीय-

शिवपुरी जिले में लगातार शासकीय शिक्षको की कोचिंग या प्राइवेट विधालयो में पढ़ाया जाए कि शिकायत मिल रही है शिकायतों को गभीरता से लेते हुए जिले में  जिलाधीश द्वारा कारबाई भी की गई है पोहरीं तहसील में सैकड़ों शासकीय शिक्षक अपनी सेवा प्राइवेट स्कूलों में या अपनी कोचिंग पोहरीं क्षेत्र में संचालित कर रहे है पोहरीं में शासकीय शिक्षक शासकीय स्कूलों में न जाकर प्राइवेट स्कूलों में अपनी सेवा दे रहे है जबकि वेतन शासकीय व प्राइवेट दोनो ले रहे है यदि जिले के मुखिया जिलाधीश पोहरीं क्षेत्र की ओर ध्यान दे तो हजारो गरीब बच्चो का भविष्य सुधार सकता है

जिले के बरिष्ठ अधिकारियो को पहुच जाती होगी मोटी रकम- इसलिए कार्यवाही से पीछे हटे सभी अधिकारी

पोहरीं तहसील में शासकीय शिक्षको का स्कूल न जाना या  मान्यता 8 बी तक होने के बाद भी 12 वी तक प्रशासन के वेखोफ होकर स्कूलों का संचालक करना इस बात की ओर संकेत करता है कि जिले के शिक्षा विभाग के  बरिष्ठ अधिकारियो को एक मोटी रकम जाती होगी

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