मंथनन्यूज दिल्ली मोदी कैबिनेट के विस्तार को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है.  सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार दो सितम्बर की शाम चार से छह बजे के बीच हो सकता है. सरकार के बड़े अफसरों से दो सितम्बर को चार से छह बजे के बीच का वक्त रिज़र्व रखने को कहा गया है.

नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट के विस्तार की खबरों के बीच केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी और फग्गन सिंह कुलस्ते ने इस्तीफा दे दिया है. उमा भारती और कलराज मिश्र ने भी इस्तीफे की पेशकश की है. महेंद्र नाथ पांडेय के यूपी बीजेपी अध्यक्ष बनने के बाद उनका इस्तीफा भी तय ही है. वहीं, एबीपी न्यूज को सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक, मोदी कैबिनेट का विस्तार कल शाम हो सकता है.

दो सितम्बर को हो सकता है मंत्रिमंडल विस्तार

मोदी कैबिनेट के विस्तार को लेकर चर्चाओं का बाज़ार गर्म है. एबीपी न्यूज़ के सूत्रों के मुताबिक, मंत्रिमंडल विस्तार दो सितम्बर की शाम चार से छह बजे के बीच हो सकता है. सरकार के बड़े अफसरों से दो सितम्बर को चार से छह बजे के बीच का वक्त रिज़र्व रखने को कहा गया है.

राष्ट्रपति कोविंद के तिरुपति के कार्यक्रम में भी फेरबदल

इसको देखते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के तिरुपति के कार्यक्रम में भी फेरबदल किया गया है. वो पहले दो सितम्बर की देर शाम दिल्ली आने वाले थे, लेकिन अब दोपहर दो बजे तक दिल्ली पहुंच जाएंगे.

जिन मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है या इस्तीफे की पेशकश की है उनमें-

शिक्षा राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बनाए गए हैं.स्वास्थ्य राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने अमित शाह के कहने पर पीएम को इस्तीफा सौंप दिया है.राजीव प्रताप रूडी ने भी अमित शाह के कहने पर पीएम को इस्तीफा सौंप दिया है.गंगा सफाई मंत्री उमा भारती 15 दिन पहले ही खराब सेहत की वजह से इस्तीफे की पेशकश कर चुकी हैं.कलराज मिश्रा भी इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं.रेल मंत्री सुरेश प्रभु भी पहले ही इस्तीफे की पेशकश कर चुके हैं.

माना जा रहा है कि पीएम मोदी इन मंत्रिमंडल विस्तार में नए मंत्रियों को शामिल करने के लिए जगह बना रहे हैं.
कौन हो सकते हैं नए मंत्री

सूत्रों के मुताबिक, रूडी की जगह जेडीयू के वशिष्ठ नारायण सिंह और आरसीपी सिंह में से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है. शिवसेना की ओर से आनंद राव अडसुल को मंत्री बनाए जाने की भी चर्चा है.

मध्य प्रदेश से आलोक संजर, गणेश सिंह, राकेश चौधरी या प्रभात झा में किसी एक को मंत्री बनाए जाने की संभावना है. कर्नाटक में अगले साल होने वाले चुनाव के मद्देनजर लिंगायत समुदाय के शिवकुमार उदासी और सुरेश आंगड़ी को कैबिनेट में जगह मिल सकती है. राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री शोभा करंडलजे के लिए भी लॉबिंग कर रहे हैं.

मंत्री बनाए जा सकते हैं अनुराग ठाकुर

असम से उप-मुख्यमंत्री हेमंत विश्वशर्मा का नाम भी केंद्रीय कैबिनेट के लिए लिया जा रहा है. चुनावी राज्य हिमाचल प्रदेश से अनुराग ठाकुर मंत्री बनाए जा सकते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को हिमाचल में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के आसार हैं.

AIADMK को मिल सकती है मंत्रिमंडल में जगह

एआईएडीएमके के दोनों धड़ों में सहमति बन गई तो एम थंबीदुरै, पन्नूसामी वेणुगोपाल और राज्यसभा सांसद वी मैत्रेयन को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है. सूत्रों के मूताबिक, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को अभी एआईएडीएमके के फ्रंट पर कुछ ज़रूरी कवायद करनी है. इसके बाद ही तय हो पाएगा कि मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार कब होगा.

मंथनन्यूज दिल्ली नोटबंदी के करीब 10 महीने बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने इससे जुड़ी रिपोर्ट जारी की है. 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बंद किए जाने से न सिर्फ अर्थव्‍यवस्‍था पर असर पड़ा है बल्कि आम आदमी को भी इसकी वजह से कई फायदे और नुकसान हुए हैं. 8 नवंबर, 2016 को शुरू हुई नोटबंदी के चलते इकोनॉमी में काफी बदलाव आए हैं. एक तरफ जहां कैशलेस ट्रांजैक्‍शन बढ़ा है. वहीं, बैंकों ने बचत खाते की ब्‍याज दरों में कटौती भी करनी शुरू कर दी है. रेटिंग एजेंसी CRISIL के चीफ इकोनॉमिस्‍ट डी.के. जोशी के मुताबिक नोटबंदी के चलते आम आदमी को जो भी नफा और नुकसान हुए हैं, वह सिर्फ शॉर्ट टर्म के लिए हैं.

नोटबंदी से हुए ये 3 फायदे

 1. होम लोन सस्ता हुआ

चीफ इकोनॉमिस्‍ट डी.के. जोशी के मुताबिक नोटबंदी ने होम लोन सस्‍ता करने में मदद की है. नोटबंदी की वजह से बैंकों में काफी बड़ी मात्रा में डिपोजिट आया है. इसका फायदा बैंकों ने आम आदमी को सस्‍ते कर्ज के तौर पर दिया है. ये इसी से साबित होता है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल हाउसिंग दरों में 3 फीसदी तक कमी आई है. पिछले साल ये दरें जहां 10.5 से लेकर 12 फीसदी तक थीं, अब ये 8 से 9 फीसदी तक आ गई हैं.

 2. महंगाई पर लगाम कसी

नोटबंदी ने महंगाई पर भी लगाम कसने में मदद की है. इकोनॉमिस्‍ट डी.के. जोशी बताते हैं कि अवैध पैसे को खपाने के लिए फिजूलखर्ची बड़े स्‍तर पर की जाती है. इसकी वजह से सामान की कीमतें बढ़ती हैं. नोटबंदी के चलते कुछ हद तक यह पैसा सिस्‍टम में वापस आया है. इसके साथ ही सरकार की तरफ से लगातार संदिग्‍ध ट्रांजैक्‍शन पर नजर रखी गई. इसकी वजह से इन ट्रांजैक्‍शन में काफी कमी आई. इसका फायदा महंगाई दर घटने के रूप में मिला. नवंबर, 2016 में महंगाई दर 3.63 फीसदी थी. वह जुलाई 2017 में घटकर 2.36 फीसदी पर आ गई.

 3. कैशलेस ट्रांजैक्‍शन बढ़ा

नोटबंदी के चलते कैशलेश ट्रांजैक्‍शन बढ़ने में काफी मदद मिली है. नोटबंदी के दौरान कैश की किल्‍लत होने से न सिर्फ लोगों ने ज्‍यादा डिजिटल ट्रांजैक्‍शन किए, बल्कि सरकार की तरफ से भी इसके प्रोत्‍साहन के लिए काफी कदम उठाए गए. हिंदुस्‍तान टाइम्‍स की एक रिपोर्ट के मुताबिक नवंबर, 2016 में जहां कैशलेस ट्रांजैक्‍शन का आंकड़ा 67.2 करोड़ था, वह फरवरी, में 76.3 करोड़ पर पहुंच गया.

नोटबंदी से हुए ये 3 नुकसान

 1. लेनदेन में दिक्‍कत

नोटबंदी को भले ही 9 महीने से ज्‍यादा हो चुके हैं, लेकिन इसका थोड़ा बहुत असर अभी भी है. आज भी बैंकों के कई एटीएम से सिर्फ 2000 और 500 रुपये के ही नोट निकल रहे हैं. इससे लोगों को आज भी छोटे-मोटे लेनदेन करने में व्‍यावहारिक दिक्‍कतें आ रही हैं. इसकी एक वजह एटीएम से 500 से छोटे नोट न निकलना भी है.

 2. बचत खाते पर ब्‍याज दर घटी

भारतीय स्‍टेट बैंक समेत कई सरकारी और निजी बैंकों ने सेविंग्‍स अकाउंट पर ब्‍याज दर घटा दी है. डी.के. जोशी के मुताबिक इसमें थोड़ी बहुत भागीदारी नोटबंदी ने निभाई है. उनके अनुसार नोटबंदी के चलते बैंकों में लिक्विडिटी बढ़ गई है. ऐसे में बैंकों ने ब्‍याज दर घटाना ही अपने लिए फायदेमंद समझा है. अच्‍छी बात यह है कि ये स्थिति कुछ समय के लिए ही रहेगी.

 3. छोटे उद्योगों को उठाना पड़ा नुकसान

नोटबंदी का सबसे ज्‍यादा प्रभाव उन उद्योगों पर पड़ा है, जो ज्‍यादातर कैश में लेनदेन करते थे. इसमें अधिकतर छोटे उद्योग शामिल होते हैं. नोटबंदी के दौरान इन उद्योगों के लिए कैश की किल्‍लत हो गई. इसकी वजह से उनका कारोबार ठप पड़ गया. लोगों की नौकरियां गईं.

इंदौर,  लिंग परीक्षण और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के इंदौरी मॉडल का मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में डॉक्टरों ने भले ही विरोध किया, लेकिन महाराष्ट्र को यह रास आ गया है। महाराष्ट्र महिला आयोग ने महाराष्ट्र शासन से सिफारिश की है कि सभी जिलों में सोनोग्राफी सेंटरों पर इंदौर के मॉडल की तरह एक्टिव ट्रैकर डिवाइस लगवाएं। माना जा रहा है कि लिंगानुपात में गिरावट को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार इसे जल्द ही मंजूरी दे देगी।

एक्टिव ट्रैकर डिवाइस के जरिये सोनोग्राफी और मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) सेंटरों पर निगरानी के लिए इंदौर में पीसी एंड पीएनडीटी जिला समिति तीन साल से काम कर रही है। इंदौर में इसके बेहतर परिणाम सामने आए हैं।

महाराष्ट्र महिला आयोग ने हाल ही में इस मॉडल के प्रेजेंटेशन के लिए इंदौर की पीसी एंड पीएनडीटी समिति के नोडल अधिकारी सतीश जोशी और मप्र वालंटियर हेल्थ एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक व पीसी एंड पीएनडीटी की स्टेट कमेटी के सलाहकार मुकेश सिन्हा को मुंबई बुलाया था। दोनों ने मुंबई जाकर आयोग के समक्ष इसका प्रेजेंटेशन दिया।

एक साथ 19 कन्या भू्रण मिलने पर विचलित हुई थी सरकार

महाराष्ट्र के एक अस्पताल के पास कुछ महीने पहले एक साथ एक ही दिन के 19 कन्या भू्रण पड़े मिले थे। इस घटना से महिला आयोग और सरकार विचलित हुई। आयोग की अध्यक्ष इंदौर भी आई थीं और तत्कालीन कलेक्टर पी नरहरि ने सोनोग्राफी और एमटीपी सेंटरों की निगरानी के मॉडल का प्रेजेंटेशन दिया था, तभी से महाराष्ट्र में भी सोनोग्राफी सेंटरों की निगरानी के लिए इंदौर मॉडल को अपनाए जाने की कवायद चल रही है।

ऐसे काम करता है सिस्टम

- एक्टिव ट्रैकर डिवाइस के अंदर एक चिप होती है। यह अल्ट्रासाउंड सोनोग्राफी मशीन के अंदर सेटटॉप बॉक्स की तरह लगता है।

- यह डिवाइस सोनोग्राफी मशीन के अंदर होने वाले हर काम की लगातार वीडियो रिकॉर्डिंग करता है। जैसे ही मशीन ऑन होती है। ये डिवाइस भी एक्टिव हो जाता है।

- सोनोग्राफी सेंटरों पर गर्भवती की सोनोग्राफी करते समय फॉर्म-एफ भरना होता है। इसमें महिला का आईडी प्रूफ लेना और पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत इस फॉर्म को ऑनलाइन करना अनिवार्य है।

- एक्टिव ट्रैकर डिवाइस का सर्वर पीसी एंड पीएनडीटी समिति के पास कलेक्टर कार्यालय में है। जब फॉर्म-एफ ऑनलाइन होता है तो जिस महिला की सोनोग्राफी होती है, उसकी पूरी जानकारी सर्वर पर आ जाती है।

- सिस्टम में ये भी शामिल है कि जिस क्षेत्र की महिला की सोनोग्राफी होगी, उस क्षेत्र की एएनएम, आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ता के मोबाइल पर भी एक मैसेज जाएगा।

- मैसेज मिलने के बाद एएनएम और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की जिम्मेदारी होती है कि वह महिला के बताए पते पर तस्दीक करे कि महिला वहां रहती या नहीं।

- इसके बाद गर्भधारण से लेकर प्रसव तक समय-समय पर महिला के घर जाकर उस पर निगरानी रखी जाएगी। यदि संदिग्ध मामला लगता है तो इसकी सूचना पीसी एंड पीएनडीटी समिति को दी जाती है।

- पीसी एंड पीएनडीटी समिति भी अपने सर्वर से रैंडमली कुछ संदिग्ध मामलों को लेकर इनकी जांच करती है कि कहीं महिला के गर्भ का लिंग परीक्षण और कन्या भू्रण होने पर एबॉर्शन तो नहीं कराया गया।

मंथनन्यूज दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में अगले एक-दो दिन में अहम बदलाव कर सकते हैं. सरकार और संगठन के स्तर पर इसे लेकर माथापच्ची जारी है. इसी क्रम में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के घर पर कम से कम 8 केंद्रीय मंत्रियों ने पहुंचकर हाजिरी लगाई. इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शामिल थे जो मनोहर पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से रक्षा मंत्री का प्रभार भी संभाल रहे हैं.

जेटली ने आज कहा कि उन्हें बहुत ज्यादा दिन तक वित्त और रक्षा दोनों मंत्रालय संभाले रखने की उम्मीद नहीं है. रक्षा मंत्री के कार्यकाल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में जेटली ने कहा- कम से कम मुझे उम्मीद है कि अब मैं ज्यादा दिन रक्षा मंत्री नहीं रहूंगा. वैसे भी मुझे इसका फैसला नहीं करना है.

उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट में बहुप्रतीक्षित फेरबदल एक या दो सितंबर को हो सकता है. क्योंकि रामनाथ कोविंद तब तक विदेश दौरे से लौट आएंगे और तीन से पांच सितंबर तक नरेंद्र मोदी ब्रिक्स के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन में रहेंगे.

मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल से जुड़े 10 अपडेट

 

1. मोदी और शाह अच्छा परिणाम देने वाले मंत्रियों पर दांव खेल सकते हैं ताकि सरकार के बचे दो साल में ज्यादा से ज्यादा काम को अंजाम दिया जा सके. सूत्रों के मुताबिक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को बड़ी भूमिका दी जा सकती है.

2. एआईएडीएमके बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा बन सकती है और उसे केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक कैबिनेट मंत्री सहित तीन सीटें ऑफर की जा सकती हैं.

3 जनता दल यूनाइटेड ने भी एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर दिया है. उसे दो सीटें दी जा सकती हैं. चूंकि ये दोनों मंत्री बिहार के होंगे, इसलिए इस राज्य के दूसरे मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है.

4. एनडीए के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को राज्यपाल बनाकर भेजा जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक इस समय राज्यपाल के छह पद खाली हैं, जिन्हें भरने के लिए उम्रदराज हो चुके मंत्रियों को आगे किया जा सकता है.

5. पिछले महीने वेंकैया नायडू केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर उपराष्ट्रपति चुने गए. उनके शहरी आवास मंत्रालय को एक वरिष्ठ मंत्री की दरकार है.

6. नायडू के शहरी विकास और आवास तथा गरीबी उन्मूलन मंत्रालय को ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपा गया है जबकि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को मिला है.

7. तोमर और ईरानी के साथ-साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली और विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री हर्षवर्धन भी अतिरिक्त विभागों के प्रभार संभाल रहे हैं.

8. जेटली को मनोहर पर्रिकर के गोवा वापस लौटने के बाद रक्षामंत्री बनाया गया था तथा हर्षवर्धन को अनिल माधव दवे के निधन के बाद पर्यावरण मंत्रालय सौंपा गया था.

9. कर्नाटक जैसे राज्य जहां जल्द ही चुनाव होने हैं, वहां का प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में बढ़ाया जा सकता है.

10. मोदी सरकार के कार्यकाल का ये तीसरा मंत्रिमंडल फेरबदल है. इसे लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और आरएसएस के बीच लगातार मंथन हुआ है.

पूनम पुरोहित शिवपुरी
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मंथनन्यूज भोपाल पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना का लाभ लेने के लिए पात्र पत्रकार 4 सितम्बर 2017 तक आवेदन कर सकते हैं। जिन पत्रकारों की बीमा पालिसी अगस्त माह में खत्म हो रही थी, उसे 30 सितम्बर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। जिन पत्रकारों की पालिसी अक्टूबर माह तक है, उन्हें भी 4 सितम्बर 2017 आवेदन करना अनिवार्य है। अब पालिसी एक साथ एक अक्टूबर से संचालित की जायेगी।

आवेदन-पत्र, प्रीमियम की तालिका और योजना की विस्तृत जानकारी जनसम्पर्क विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन सीधे जनसम्पर्क संचालनालय (अधिमान्यता शाखा) भोपाल भेजना है।

मंथनन्यूज भोपाल पशुपालन मंत्री श्री अन्तर सिंह आर्य ने मध्यान्ह भोजन के तहत सहकारी दुग्ध संघ को बच्चों को पाउडर वाले दूध के स्थान पर तरल सुगंधित दूध देने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि तरल दूध में बच्चों की सेहत के लिये आवश्यक वसा तत्व अधिक होता है। श्री आर्य विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव पशुपालन श्री अजीत केसरी एवं राज्य सहकारी दुग्ध संघ की महाप्रबंधक श्रीमती अरूणा गुप्ता भी मौजूद थे।

श्री आर्य ने गोकुल महोत्सव की गत वर्ष की उपलब्धियों को देखते हुए इस वर्ष भी 28 अक्टूबर 2017 से दूसरा चरण आयोजित करने के निर्देश दिये। गोकुल महोत्सव में गत वर्ष प्रदेश के प्रत्येक गाँव में 31 अक्टूबर से 30 नवम्बर 2016 तक 47 हजार 579 और 14 मार्च से 14 मई 2017 तक करीब 50 हजार पशु चिकित्सा शिविर लगाये गये थे। इससे पशु स्वास्थ्य दर में वृद्धि के साथ मृत्यु दर घटी है। महोत्सव में विभाग के कर्मचारियों ने घर-घर जाकर पशु उपचार, टीकाकरण, बधियाकरण, शल्य चिकित्सा, औषधि वितरण आदि किया था। गोपाष्टमी से शुरू होने वाले शिविरों का शुभारंभ प्रभारी मंत्री अपने जिले में करेंगे। मुख्यमंत्री राज्य स्तरीय शिविर का शुभारंभ करेंगे। दूसरा चरण रंग पंचमी के बाद 9 मार्च 2018 से शुरू होगा।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में आपातकालीन एवं घर पहुँच पशु चिकित्सा सेवा प्रारंभ की जायेगी। इसके लिए भारत सरकार से टोल फ्री नम्बर '1962' प्राप्त कर लिया गया है। श्री आर्य ने पशु चिकित्सा के लिये 108 की तर्ज पर सेवा शुरू करने के लिये भी कहा।

मंत्री श्री आर्य ने भोपाल स्थित कुक्कुट प्रक्षेत्र को मध्यप्रदेश के मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिये। उन्होंने बैकयार्ड कुक्कुट इकाई, कड़कनाथ चूजा इकाई, बकरा, बैंक एवं ऋण अनुदान का प्रदाय बकरी इकाई, सूकर प्रदाय आदि योजनाओं की समीक्षा की। श्री आर्य ने बताया कि गोपाल पुरस्कार योजना और आचार्य विद्या सागर गौसंवर्धन योजना के काफी उत्साहजनक परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने गौसंवर्धन योजना के लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिये। इस योजना में हितग्राही को 5-5 गाय दी जाती हैं। किसी भी श्रेणी के लिये कोई प्रतिबंध नहीं है। श्री आर्य ने नर्मदा सेवा मिशन के अन्तर्गत विभागीय गतिविधियों की भी समीक्षा की।

मंथनन्यूज भोपाल मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा जिले के कागपुर में फसल बीमा राशि के प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में कहा कि किसानों की कृषि से होने वाली आय दोगुना करने के रोडमेप की जानकारी सितंबर में विकासखण्ड मुख्यालयों पर किसान सम्मेलन आयोजित कर दी जायेगी। सम्मेलन में किसानों के अलावा कृषि वैज्ञानिक भी मौजूद रहेंगे, जो क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु का परीक्षण कर किसानों को फायदेमंद फसल के बारे में राय देंगे। इन सम्मेलनों में किसानों से प्राप्त सुझावों, क्षेत्र विशेष की भौगोलिक स्थितियों और परिवेश पर कृषि आय को दोगुना करने के सुझाव भी रोडमेप में शामिल किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि किसानों को अब अपनी उपज औने-पौने दामों पर नहीं बेचना पड़ेगी। किसानों के फायदे के लिये प्रदेश में भावांतर भुगतान योजना लागू की जा रही है। इस योजना में किसान द्वारा प्रदेश में अधिसूचित कृषि उपज मंडी प्रागंण में चिन्हित फसल उपज बेचने पर राज्य सरकार द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर और केन्द्र द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को सरकार भुगतान करेगी। बाजार भाव में एक निश्चित मूल्य से घट-बढ़ हुई तो सरकार इसकी भरपाई करेगी ताकि किसान को उनकी उपज का वाजिब मूल्य मिल सके। उन्होंने बताया कि मूल्यों का निर्धारण तीन राज्यों के समर्थन मूल्यों का औसत निकालकर किया जाएगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करने में फसल के उत्पादन में आने वाली लागत शामिल होगी। इसमें बीज, बोनी, कीटनाशक और फिर मार्केटिंग के खर्च को शामिल किया जाएगा।

श्री चौहान ने कहा कि खेती को लाभप्रद व्यवसाय बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी नगरीय निकायों में किसान बाजार बनाने की पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश के कुछ अंचलों में अपेक्षाकृत कम वर्षा हुई है लेकिन किसान आश्वस्त रहें, किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिये राज्य सरकार ने कार्य-योजना बना ली है ।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अगले तीन माह में सभी अविवादित नामांतरण और सीमांकन के प्रकरणों का निराकरण कर लिया जाएगा। इसके लिये राजस्व विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में अभियान स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद तीन माह से अधिक पुराने लंबित प्रकरणों की जानकारी देने वाले व्यक्ति को एक लाख रूपये का पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही संबंधित राजस्व अधिकारी के विरूद्ध कार्यवाही भी की जायेगी।

मुख्यमंत्री चौहान ने सम्मेलन में घोषणा की कि आगामी 25 सितम्बर से 2 अक्टूबर 2017 तक प्रदेश में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में सभी वगों से सहभागिता की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की कोई भी योजना अथवा अभियान तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक उसमें आम जनता की भागीदारी ना हो।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 21 किसानों को फसल बीमा राशि के प्रमाण पत्र वितरित किए। जिन किसानों को अभी प्रमाण पत्र नही मिल सके हैं, उन्हे उनके घर तक प्रमाण-पत्र पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दो करोड़ रूपए की लागत के सांस्कृतिक भवन, 6.06 करोड़ रूपए लागत के 7.48 किलोमीटर लम्बे कागपुर-गढ़ला-ककरूआ-बनारी मार्ग, कागपुर में 22.35 लाख रूपए लागत के सामुदायिक भवन, 30.38 लाख रूपए लागत की कागपुर नल-जल आवर्धन योजना तथा 82.25 लाख रूपए लागत के ग्राम कागपुर के निस्तारी तालाब के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में खामखेड़ा को उप-तहसील बनाने,कागपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा स्कूल के लिए भवन बनाने की घोषणा की।

किसान सम्मेलन में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री सूर्यप्रकाश मीणा, सांसद श्री लक्ष्मीनारायण यादव,विधायक द्वय श्री कल्याण सिंह ठाकुर एवं श्री वीर सिंह पवार तथा श्री सौदान सिंह सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

मंथनन्यूज भोपाल राजस्व विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता ने आज यहाँ वार्ड-33 स्थित भीमनगर में आँगनवाड़ी केन्द्र के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। श्री गुप्ता ने बालिकाओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना के प्रमाण-पत्र भी बाँटे। राजस्व मंत्री ने इस अवसर पर बताया कि प्रदेश में लगभग 37 लाख लाड़ली लक्ष्मी हैं। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में 2600 और वार्ड 35 में 1200 लाड़ली लक्ष्मी हैं।

श्री गुप्ता ने कहा कि प्रत्येक घर में शौचालय बनवाया जायेगा। जिन घरों में शौचालय के लिए जगह नहीं है, उनके घर के नजदीक सुलभ शौचालय बनवाये जायेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के बारे में भी बताया। इस दौरान स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित थे।

मंथनन्यूज भोपाल जनसम्पर्क, जल-संसाधन तथा संसदीय कार्य मंत्री एवं रीवा जिले के प्रभारी डॉ. नरोत्तम मिश्र गुरूवार, 31 अगस्त को रीवा में जिला योजना समिति की बैठक में विकास कार्यों एवं प्रस्तावों की समीक्षा करेंगे। तत्पश्चात डॉ. मिश्र मैहर पहुँचकर माँ शारदा देवी मंदिर में दर्शन करेंगे। जनसम्पर्क मंत्री इसी रात्रि डबरा जिला ग्वालियर के लिए प्रस्थान करेंगे।

मंथनन्यूज भोपाल मध्य प्रदेश के जनसंपर्क एवं जल संसाधन संसदीय कार्य मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने महाराष्ट्र की 5 लोकसभा सीटों प्रभार सौंपा है जिसमें सतारा रायगढ़ बारामती रत्नागिरी सिंध दुर्ग और माधा मुख्य हैं उन्हें महाराष्ट्र की संसदीय क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है यह वह  सीटें हैं जिन पर भाजपा की स्थिति अपेक्षाकृत कुछ कमजोर है इन सीटों पर अगले लोकसभा चुनाव में फतह करने के लिए मैदानी स्तर पर काम करने के लिए यह जिम्मेदारी डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा को दी गई है क्योकि नरोत्तम मिश्र जमीन से जुडें नेता है और वह जमीनी स्तर पर  पार्टी को मजबूत करने के लिए जोर आजमाइश  करते है।  उत्तर प्रदेश चुनाव में किए गए डॉ नरोत्तम मिश्र के  कार्यों से पार्टी हाईकमान काफी खुश है और उन्होंने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाया है इसी कारण उन पर विश्वास जताते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एवं पार्टी ने  उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

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