दिल्ली। रामनाथ कोविंद राष्ट्रपति बनने के बाद अपना पहला जन्मदिन मना रहे हैं. महामहिम के जन्मदिन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी. मोदी ने ट्विटर पर ट्वीट कर लिखा कि राष्ट्रपति जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं. देश की सेवा के लिए समर्पित राष्ट्रपति जी को ईश्वर लंबा और स्वस्थ जीवन प्रदान करे.

पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में अपना कार्यकाल शुरू करने के बाद उन्होंने खुद के सरल और दयालु स्वभाव से भारत के लोगों को लुभाया है. मोदी ने कहा कि मैंने राष्ट्रपति जी को 125 करोड़ भारतीयों, विशेषकर गरीबों और वंचितों के आकांक्षाओं के प्रति हमेशा उन्हें संवेदनशील पाया है.

राष्ट्रपति कोविंद का जन्म 1 अक्टूबर, 1945 को कानपुर देहात में डेरापुर तहसील के गांव परौख में हुआ. उन्होंने संदलपुर ब्लॉक के गांव खानपुर में स्कूली शिक्षा ली. इसके बाद देश की सर्वोच्च सिविल सेवा की परीक्षा दी. लेकिन पहले और दूसरे प्रयास में असफल रहे. तीसरी बार में उन्होंने इम्तिहान पास कर लिया.

कोविंद ने दिल्ली हाईकोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस की. अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार में वह सुप्रीम कोर्ट के जूनियर काउंसलर के पद पर रहे. वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के निजी सचिव कोविंद ही थे. इसके बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से ताल्लुक रखने वाले नेताओं ने जय प्रकाश नारायण की जनता पार्टी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) बना ली. कोविंद इस पार्टी जुड़ गए.

पार्टी ने साल 1990 में घाटमपुर लोकसभा सीट से चुनाव के मैदान में उतारा, लेकिन चुनाव में उन्हें हार मिली. इसके बाद 2007 में उन्होंने भोगनीपुर सीट से चुनाव लड़ा, इसमें भी उन्हें हार मिली. कोविंद 1994 से 2000 तक उत्तर प्रदेश से बीजेपी के राज्यसभा सदस्य रहे. कोविंद 1998 से 2002 तक बीजेपी दलित मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं.

कोविंद की पहचान एक दलित चेहरे के रूप में अहम रही है. छात्र जीवन में कोविंद ने अनुसूचित जाति, जनजाति और महिलाओं के लिए काम किया. ऐसा कहा जाता है कि वकील रहने के दौरान कोविंद ने गरीब दलितों के लिए मुफ्त में कानूनी लड़ाई लड़ी. कोविंद गवर्नर्स ऑफ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के भी सदस्य रहे हैं. वर्ष 2002 में कोविंद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया था.


नई दिल्ली । कुछ साल पहले लोग पेट्रोल से ज्यादा डीजल कार खरीदना पसंद करते थे। जिसकी सबसे बड़ी वजह थी दोनों फ्यूल की कीमत में एक बड़ा अंतर होना, लेकिन आज यह फर्क बहुत ज्यादा नहीं है। वहीं अब पट्रोल कारें भी डीजल कारों के जितना माइलेज देने लगी हैं। ऐसे में लोग अब डीजल कारों से पेट्रोल कारों की तरफ रुख कर रहे हैं आइये जानते है इसकी बड़ी वजह।

डीजल कारों से पेट्रोल कारों की तरफ रुख

अब जमाना बदल गया है, पहले लोग पेट्रोल से ज्यादा डीजल कारों की तरफ जाते थे। लेकिन अब पेट्रोल इंजन काफी रिफाइंड हो चुके हैं और ज्यादा फ्यूल सेविंग करते हैं। वहीं, पेट्रोल और डीजल की कीमत में अब बहुत ज्यादा अंतर रह नहीं गया है, इस समय दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 70.41 प्रति लीटर है जबकि डीजल की कीमत 58.68 प्रति लीटर है और यहां फर्क 11.73 रुपये का है। तो ये बड़ी वजह हैं डीजल की जगह पेट्रोल कार को चुनना।

कीमत में ज्यादा अंतर

पेट्रोल और डीजल कारों की कीमतों में आज भी एक बड़ा अंतर है। जैसे मारुति सुजुकी बलेनो के पेट्रोल वर्जन की शुरूआती कीमत 5.26 लाख रूपये है जबकि बलेनो डीजल की कीमत 6.44 लाख रूपये से शुरु होती है। यहां फर्क एक लाख रुपए से ज्यादा का है। यही हाल सेडान और SUV में भी है जैसे हुंडई के नई वर्ना के पेट्रोल मॉडल की कीमत 7.99 लाख रूपये से शुरु होती है जबकि इसके डीजल मॉडल की कीमत 9.42 लाख रुपए से शुरु होती है। यहां भी कीमत में अंतर 1.43 लाख रुपये का है।

आंकड़े बोलते हैं

2016-17 में बिकी कारों में तीन चौथाई पेट्रोल कारें थीं। डीजल कारों का हिस्सा महज 27 फीसद रहा। 2012-13 में डीजल कारों की हिस्सेदारी 47 फीसद थी। 2012-13 से इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है। संसद में घरेलू बिक्री के फ्यूल-वाइज आंकड़ों के मुताबिक भारत में डीजल कारों की बिक्री लगातार 2012-13 से घट रही है। साल 2012-13 में डीजल कारों की बिक्री 47 फीसद थी, जो कि 2013-14 में 42 फीसद आ गई, 2015-16 में 34 फीसद और 2016-17 में 27 फीसद पहुंच गई है। वहीं, दूसरी तरफ पेट्रोल कारों की बिक्री लगातार बढ़ती जा रही है। साल 2016-17 में 73 फीसद पेट्रोल कारों की बिक्री हुई है जो कि साल 2012-13 में 53 फीसद, 2013-14 में 58 फीसद, 2014-15 में 63 फीसद और 2015-16 में 66 फीसद बिक्री हुई थीं।

सर्विस में कौन कितना महंगा?

पेट्रोल कार के मुकाबले डीजल कार की मैन्टेनस, स्पेयर पार्ट्स ओवरआल सर्विस थोड़ी महंगी होती है जैसे बलेनो पेट्रोल की 4th पेड सर्विस का ओवरआल खर्चा 4 हजार रुपये के आस-पास आता है तो वहीं डीजल बलेनो के लिए आपको 6300 रुपए देने पड़ते हैं। ऑटो एक्सपर्ट की माने तो जैसे जैसे कार पुरानी होती जाती है उसकी मेंटेनन्स कॉस्ट भी बढ़ने लगती है। यहां हम आपको एक चार्ट के जरिये बता रहे हैं कि पेट्रोल और डीजल में मेंटेनन्स कॉस्ट में कितना फर्क है।

मेंटेनेन्स कॉस्ट मारुति बलिनो पेट्रोल

नार्मल इंजन आयल - 1350 रूपये
आयल फिल्टर - 175 रूपये
फ्यूल फिल्टर - 480 रूपये
सर्विस चार्ज - 1300 रुपये

मेंटेनन्स कॉस्ट मारुति बलिनो डीजल

नार्मल इंजन आयल - 1680 रूपये
आयल फिल्टर - 380 रूपये
फ्यूल फिल्टर - 1420 रूपये
सर्विस चार्ज - 1300 रुपये

ऐसे में क्या करें?

ऑटो एक्सपर्ट टूटू धवन बताते हैं कि अगर आप रोजाना 50 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हैं तो आपको डीजल कार खरीदनी चाहिए। लेकिन अगर आप एक दिन में केवल 20 से 30 किलोमीटर ही जाते हैं तो आपको पेट्रोल कार की तरफ रुख करना चाहिए क्योंकि फ्यूल की कीमत में ज्यादा अंतर नहीं है साथ ही अब पेट्रोल कारें भी डीजल कारों जितना माइलेज देती है। 

मंथन न्यूज दिल्ली राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने महाराष्ट्र सरकार से शुक्रवार को आग्रह किया कि वह मुंबई के एक ओवर ब्रिज पर मची भगदड़ के पीड़ितों के परिजनों को आवश्यक मदद मुहैया कराए और घायलों को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराए. महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव को लिखे एक पत्र में राष्ट्रपति ने कहा, 'मैं मुंबई के फुट ओवरब्रिज पर मची भगदड़ की घटना के बारे में जानकर बेहद दुखी हूं, जिसमें कई लोगों ने अपनी जिंदगी गंवा दी और कइयों को गंभीर चोटें आईं हैं.'

कोविंद ने कहा, 'मेरा मन और मेरी प्रार्थना दुर्घटना प्रभावित सभी लोगों के साथ है. मुझे यकीन है कि राज्य सरकार और अन्य एजेंसियों ने शोक संतृप्त परिवारों के साथ-साथ घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं.' कोविंद ने कहा, 'कृपया मृतकों के परिवारों को मेरी संवेदनाएं व्यक्त करें. मैं उन घायल लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.'

दरअसल, शुक्रवार सुबह लगभग 10: 30 बजे मुंबई उपनगरीय ट्रेन नेटवर्क के एलफिन्स्टन रोड स्टेशन पर एक फुट ओवरब्रिज पर अचानक भगदड़ मच गई, जिसमें आठ महिलाओं सहित 23 लोगों की मौत हो गई थी और 38 अन्य घायल हो गए थे. एक घायल व्यक्ति ने शनिवार को इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

घटना एलफिन्स्टन रोड स्टेशन को परेल स्टेशन से जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज पर घटी, जहां अक्सर भीड़ रहती है. दरअसल, उस दिन स्टेशन पर एक के बाद एक चार ट्रेनें एक साथ आ गईं और भारी भीड़ होने के कारण भगदड़ मच गई थी, जिसके चलते कई लोगों की जान चली गई.

नई दिल्ली: आज से देश में पांच बड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है. एसबीआई के खाताधारकों को अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखने के मामले में थोड़ी राहत मिल गई है तो वहीं आज से देश के सारे नेशनल हाईवे पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की शुरूआत हो जाएगी.

क्या क्या बदल रहा है आज से?

एसबीआई ने मिनिमम बैलेंस लिमिट घटाई
SBI ने मेट्रो शहरों में मिनिमम बैलेंस लिमिट 5,000 रुपये से घटाकर 3,000 रुपये कर दी है. इससे करीब पांच करोड़ खाताधारकों को फायदा होगा. जुर्माना भी घटा दिया गया है. पहले मिनिमम बैलेंस नहीं रखने पर जुर्माने के रूप में 40 से 100 रुपये तक वसूले जाते थे और उस पर सर्विस टैक्स भी लगाया जाता था लेकिन अब उसे घटाकर 30 से 50 रुपये कर दिया गया है.

छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में मिनिमम बैलेंस मेनटेन नहीं करने पर 25 से 75 रुपये का जुर्माना लगता था जिसे घटाकर 20 से 40 रुपये कर दिया गया है.

लगातार विरोध और सरकार की अपील के बाद SBI ने ये फैसला किया है. इसका असर एसबीआई के 5 करोड़ खाताधारकों पर होगा. SBI ने पेंशन खाता धारकों, सरकार की सामाजिक योजनाओं के लाभार्थियों और नाबालिगों के खातों को मिनिमम एवरेज बैलेंस की जरूरत से बाहर रखने का भी फैसला किया है.

पुराना खाता बंद करवाने पर फीस नहीं
एसबीआई में अकाउंट बंद करवाने पर कोई फी नहीं लगेगी, बशर्ते खाता एक साल पुराना हो. अगर कोई खाता खोलने के 14 दिन बाद और एक साल से पहले अकाउंट बंद करवाता है तो उसे 500 रुपये और GST देना होगा.

पुराने चेक मान्य नहीं होंगे
जिन लोगों के पास एसबीआई में मर्ज हो चुके बैंकों की चेकबुक हैं.इन बैंकों की पुरानी चेक बुक और IFSC कोड 30 सितंबर के बाद मान्य नहीं होंगे.

नेशनल हाईवे के सभी लेन पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन
आज से नेशनल हाईवे के सभी लेन पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन की शुरुआत हो रही है. यानी अगर आपने अपनी गाड़ी पर आरएफआईडी टैग लगाया है..तो आपको टोल पर रूकने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

कॉल रेट सस्ता होने की भी उम्मीद
आज से कॉल रेट सस्ता होने की भी उम्मीद है..क्योंकि ट्राई ने पिछले दिनों जो इंटरकनेक्शन चार्ज घटाया था वो आज से लागू हो रहा है. इंटरकनेक्शन चार्ज 14 पैसे प्रति मिनट से घटकर 6 पैसे प्रति मिनट हो जाएगा.

क्या होता है आईयूसी चार्ज?
इंटरकनेक्शन यूसेज चार्ज वो फीस होती है, जिसे टेलिकॉम कंपनियां उस दूसरी कंपनी को देती है, जिसके नेटवर्क पर कॉल खत्म होती है. आईयूसी चार्ज कम होने पर उम्मीद की जा रही है कि अब टेलीकॉम कंपनियां कॉल रेट भी कम करेंगी हालांकि अभी तक किसी ने कॉल दर घटाने का एलान नहीं किया है.

श्रीनगर। सीमा सुरक्षा बल यानी BSF को जम्मू कश्मीर में बडी सफलता हासिल की है। दरअसल BSF ने जम्मू कश्मीर के अरनिया सेक्टर में एक सुरंग का पता लगाया है। यह सुरंग 14 फिट लंबी है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि इस सुरंग कास इस्तेमाल घुसपैठ के लिए किया जा सकता था। आशंका है कि यह सुरंग पाकिस्तान की ओर से आतंकियों की घुसपैठ के लिए बनाई गई होगी। ज्ञातव्य है कि पाकिस्तान की ओर से आतंकी भारत मेें घुसपैठ करते रहते हैं। 

हाल ही में सुरक्षाबलों ने बैट सहित कई पाकिस्तानी आतंकियों को घुसपैठ की कोशिश करते हुए ढेर कर दिया था। अरनिया सेक्टर में मिली सुरंग के बारे में बीएसएफ ने शनिवार को जानकारी दी। हांलांकि इसके बारे में विस्तृत जानकारी का इंतजार है। इससे पहले शुक्रवार को बीएसएफ और पाकिस्तानी रेंजर्स के बीच करीब सात महीने बाद फ्लैग मीटिंग हुई थी। 

दिल्ली. हैंबर्ग में जी-20 सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच हुई मुलाकात में डोकलाम विवाद का हल निकालने की आधारशिला रखी गई थी। प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति के बीच सात जुलाई को मुलाकात हुई थी।

उस समय 16 जून पैदा हुआ तनाव जारी था। एक नई किताब में इस बात का दावा किया गया है। इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्रालय ने कहा था कि दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर चर्चा की।

रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ नितिन ए. गोखले ने 'सिक्युरिंग इंडिया द मोदी वे' नाम की किताब में कहा गया है कि जी-20 सम्मेलन में मोदी के शी के पास पहुंचे थे। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने शुक्रवार को इस किताब का विमोचन किया था।

किताब में कहा गया है, 'बैठक के गवाह रहे भारतीय राजनयिकों के अनुसार, प्रधानमंत्री की शी से अघोषित मुलाकात के बाद चीनी दल चकित रह गया था।'

संक्षिप्त मुलाकात के दौरान, मोदी ने शी को सलाह दी कि भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और स्टेट काउंसलर यांग जीची को डोकलाम विवाद सुलझाने की अगुवाई करनी चाहिए।

मोदी ने शी से कहा, 'हमारे रणनीतिक संबंध डोकलाम जैसे इन छोटे सामरिक मुद्दों से बड़े हैं।' इस मुलाकात के 15 दिनों बाद, डोभाल ब्रिक्स एनएसए बैठक के लिए बीजिंग गए। इस बीच भारतीय दल ने राजदूत विजय गोखले की अगुवाई में चीन में 38 बैठकें कीं।

भारतीय दल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनएसए डोभाल और विदेश सचिव एस. जयशंकर से स्पष्ट निर्देश मिल रहे थे। किताब में कहा गया है, 'दल को निर्देश दिए गए थे कि भारत जमीन पर दृढ़ और कूटनीति में तर्कसंगत रहेगा।'

ब्रिक्स स्तर पर जोरदार तैयारी करने के बाद चीन शिखर सम्मेलन में भारत की अनुपस्थिति का खतरा मोल नहीं ले सकता था। अंत में, बात यहां तक पहुंची कि चीन इस क्षेत्र में सड़क निर्माण के कार्य को रोकेगा, जिस वजह से यह विवाद पैदा हुआ था।

पाक का आतंकी के बदले जाधव को छोड़ने की पेशकश वाला दावा एक और काल्पनिक झूठ : भारतमंथन न्यूज़ : अफगानिस्तान के एनएसए द्वारा एक आतंकवादी को रिहा करने के बदले भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को छोड़ने की पेशकश संबंधी पाकिस्तान के दावे को खारिज करने का जिक्र करते हुए भारत ने कहा कि यह इस्लामाबाद के काल्पनिक झूठ की फेहरिस्त में एक और झूठ है.पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने कहा था कि उन्हें एक एनएसए के साथ मुलाकात में अफगानिस्तान की जेल में बंद एक आतंकवादी के बदले जाधव को सौंपने का प्रस्ताव मिला था जिसके बाद यह प्रतिक्रिया आई. हालांकि ख्वाजा ने एनएसए की पहचान उजागर नहीं की और ना ही उस आतंकवादी का नाम बताया जिसे छोड़ने की बात आई है.आसिफ के दावे का विरोध करते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोहम्मद हनीफ अतमार के कार्यालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि न्यूयार्क में 21 सितंबर को पाकिस्तान के विदेश मंत्री के साथ उनकी मुलाकात के दौरान भारत या किसी भारतीय नागरिक का कोई उल्लेख या संदर्भ नहीं आया था. आसिफ ने 26 सितंबर को न्यूयॉर्क में एशिया सोसायटी में एक कार्यक्रम में कहा था कि पाकिस्तान को एक आतंकवादी के बदले जाधव को छोड़ने का प्रस्ताव मिला था. इस आतंकवादी ने 2014 में पेशावर के स्कूल पर हमला किया था और अब अफगानिस्तान की जेल में बंद है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने पुरजोर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अफगान एनएसए के बयान से लगता है कि आसिफ का बयान पाकिस्तानी संस्थाओं द्वारा बोले गये काल्पनिक झूठों की लंबी फेहरिस्त में शामिल एक और झूठ है. अतमार के दफ्तर से जारी बयान में कहा गया कि बैठक में दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग समेत अनेक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की थी.

मंथन न्यूज़
- दिल्ली यातायात पुलिस ने हेलमेट की बजाय मुकुट पहनकर बाइक चलाने के लिए अभिनेता मुकेश रिषि का चालान काटा।  वह लाल किला मैदान में आयोजित हो रही एक रामलीला में रावण का किरदार निभा रहे हैं। इंडिया गेट के आसपास रावण की वेशभूषा में मोटरसाइकिल चलाते हुए उनका एक वीडियो कल वायरल हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उनको नोटिस भेजा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वह आज दिल्ली यातायात पुलिस मुख्यालय पहुंचे और जुर्माना भरा।   बता दें कि मुकेश लंबे टाइम से बॉलीवुड के अलावा तेलुगु, ओढिय़ा, मलयालम, पंजाबी, तमिल और भोजपुरी सिनेमा में एक्टिव हैं. उन्हें 1988 में टॉलीवुड में पहला ब्रेक मिला था।

नागपुर, । आज देशभर में विजयादशमी का त्यौहार मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के नागपुर में आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने दशहरा के मौके पर निकाला मार्च, जिसमें मोहन भागवत भी रहे मौजूद। इसके बाद मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों को विजयादशमी की बधाई दी। साथ ही मुंबई भगदड़ की घटना पर आरएसएस प्रमुख ने दुख जताया।

उन्‍होंने कहा, 'हमारी सुरक्षा के लिए सीमा पर जवान जान की बाजी लगाकर कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। उनको कैसी सुविधाएं मिल रही हैं। उनको साधन संपन्न बनाने के लिए हमें अपनी गति बढ़ानी पड़ेगी। शासन के अच्छे संकल्प तो हैं लेकिन इसको लागू कराना और पारदर्शिता का ध्यान रखना जरूरी है। इन लोगों को अगर आश्रय दिया गया तो वे सुरक्षा के लिए चुनौती बनेंगे। इस देश से उनका नाता क्या है? मानवता तो ठीक है लेकिन इसके अधीन होकर कोई खुद को समाप्त तो नहीं कर सकता।' 

वह बोले कि सीमाओं पर सुरक्षा को चुनौती देने वालों को हमने जवाब दिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उन्हें जवाब मिला है। कश्मीर में देश विरोधी ताकतों की आर्थिक रूप से कमर टूट गई है। कश्मीर घाटी में शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं जैसी चाहिए वैसी नहीं पहुंच रही है। शासन-प्रशासन और समाज के समन्वयित प्रयास से राष्ट्र के शत्रुओं से लड़ाई जारी रखते हुए सामान्य जनता को भारत की अत्मीयता का अनुभव कराना चाहिए। इस काम में अगर कुछ पुराने प्रावधान आड़े आ रहे हैं तो उनको बदलना पड़ेगा।

उन्‍होंने कहा कि केरल और बंगाल के समाचार किसी से छुपे नहीं हैं। वहां जिहादी और राष्ट्र विरोधी ताकतें अपना खेल कर रही हैं। शासन प्रशासन वहां का वैसा ध्यान नहीं देता है। वह भी उन्हीं का साथ देता है। राजनीति में वोटों की खुशामद करनी पड़ती है लेकिन समाज मालिक है। उस समाज को जागरूक बनाना चाहिए।

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि म्यांमार से रोहिंग्या क्यों आ गए? उनकी अलगाववादी, हिंसक गतिविधियां जिम्मेदार हैं। इन लोगों को अगर आश्रय दिया गया तो वे सुरक्षा के लिए चुनौती बनेंगे। इस देश से उनका नाता क्या है? मानवता तो ठीक है लेकिन इसके अधीन होकर कोई खुद को समाप्त तो नहीं कर सकता। हमारी सुरक्षा के लिए सीमा पर जवान जान की बाजी लगाकर कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। उनको कैसी सुविधाएं मिल रही हैं। उनको साधन संपन्न बनाने के लिए हमें अपनी गति बढ़ानी पड़ेगी।

उन्‍होंने कहा कि शासन के अच्छे संकल्प तो हैं लेकिन इसको लागू कराना और पारदर्शिता का ध्यान रखना जरूरी है। लोगों के लाभ के लिए अनेक योजनाएं चलीं। साहस करने में भी शासन कम नहीं है। लेकिन जो किया है उसका हो क्या रहा है, इसे समझना चाहिए। आर्थिक सुधार के लिए हम देश के लिए एक मानक सही नहीं हो सकता। देश में हर हाथ को काम मिलना चाहिए। स्वरोजगार. लघु, मध्यम और कुटीर उद्योग से सबसे ज्यादा काम मिलता है। विश्व के आर्थिक भूचालों का असर भारत पर सबसे कम हुआ। ऐसा छोटे व्यापारों की वजह से हुआ।

सरसंघचालक मोहन भागवत ने कार्यक्रम को करेंगे संबोधित करते हुए कहा, 'मुंबई के फुटओवर ब्रिज पर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति हम दुख प्रकट करते हैं।' आगे उन्‍होंने कहा कि हम 70 साल से स्वतंत्र हैं, फिर भी पहली बार अहसास हो रहा है कि भारत की प्रतिष्ठा बढ़ रही है। सारी दुनिया में हमारी प्रतिष्ठा ऊंची हुई है। भारत पहले भी था, हम सब भी थे लेकिन भारत को गंभीरतापूर्वक देखना और भारत में दखल देने से पहले 10 बार विचार करना। यह बातें केवल आज सामने आई हैं।

मोहन भागवत ने कहा, 'समाज में यही चर्चा है कि ऐसा काम हो रहा है और यह भी होना चाहिए, ऐसी चर्चा कहीं नहीं है कि काम नहीं हो रहा है। सीमाओं पर सुरक्षा को चुनौती देने वालों को हमने जवाब दिया। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उन्हें जवाब मिला है।

नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजयादशमी उत्सव कार्यक्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत के साथ लाल कृष्‍ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी पहुंचे। विजय दशमी के मौके पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने शस्त्र पूजा की, जिसकी परंपरा काफी समय से चली आ रही है।

मंथन न्यूज़ शिवपुरी -एसपीएस गु्रप द्वारा शिवपुरी में पहली बार महिलाओं के लिए आयोजित किए गए एसपीएस गोल्ड कप महिला क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल गीता पब्लिक स्कूल की टीम ने अपने शानदार प्रदर्शन के बल पर हैप्पीडेज की टीम को हराकर जीता। इससे पूर्व फाइनल समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं सांसद ने प्रतियोगिता ने प्रतियोगिता के आयोजक अशोक ठाकुर की सराहना करते हुए कहा कि मुझे बड़ी खुशी और हर्ष है कि शिवपुरी में महिलाओं के लिए क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरूआत हुई है। श्री सिंधिया ने कहा कि महिलाओं में अपार क्षमता है और उन्होंने खेलकूद के क्षेत्र में जिस तरह से देश का नाम रोशन किया है यह हमारे लिए न केवल प्रसन्नता बल्कि गौरव की बात भी है। उन्होंने साहिनी महिवाल, पीवी सिंधु और भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाडिय़ों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत और परिश्रम से देश को गौरवान्वित किया है। यही क्षमता शिवपुरी की लड़कियों और महिलाओं में देखने को मिल रही है। समारोह में मुख्य अतिथि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, विशिष्ट अतिथि सुनील लाहौरे मुख्य चयनकर्ता एमपीसीए, रवि पाटनकर सचिव जीडीसीए, संजीव अग्रवाल क्यूरेटर बीसीसीआई, अनंत पुरोहित स.सचिव जीडीसीए, वीके शर्मा एवं संजय सिंह सह. सचिव जीडीसीए आदि अथितियोंं का स्वागत एसपीएस गु्रप संचालक अशोक ठाकुर, संजय सांखला, मुकेश जैन मानसेवी सचिव, पंकज भास्कर, सुनील तिवारी ने किया। समापन समारोह का संचालन वसीम खान एवं गिरिश मिश्रा मामा द्वारा किया। खेल प्रेमी के रूप में शाहिद खान, पवन शर्मा, गोपेन्द्र जैन, एन्टोनी जोंस, शिवकुमार गौतम, अशोक रंन्गढ, राजेन्द्र शर्मा आदि स्कूल संचालक सहित पत्रकार एवं गणमान्य नागरिकों ने मैच का भरपूर आनंद लिया। 


प्रतिवर्ष भव्य स्तर पर आयोजित होगी प्रतियोगिता: अशोक ठाकुर
प्रतियोगिता के आयोजक अशोक ठाकुर ने घोषणा करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता भव्य स्तर पर प्रतिवर्ष आयोजित की जाएगी। महाराज साहब के मार्गदर्शन में हम इन बच्चियों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक लेकर जाएंगे। उन्होंने सभी स्कूल संचालकों के सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने कम समय में ही अपनी टीमों को इस टूर्नामेंट में खेलने के लिए तैयार किया इसके लिए वह बधाई के पात्र हैं। श्री ठाकुर ने प्रतियोगिता के संबंध में जिक्र करते हुए कहा कि जिस दिन हमारे देश की महिला टीम फाइनल मैच हारी थी तभी मैंने सोचा कि बच्चियों के लिए कुछ न कुछ करना चाहिए। इसके बाद ही इस टूर्नामेंट के आयोजन का निर्णय लिया। उन्होंने खिलाडिय़ों की भी तारीफ करते हुए कहा कि बच्चियों ने तेज धूप में जो जज्बा दिखाया है वह काबिले तारीफ है।

21 रनों ने हैप्पीडेज को हराकर गीता पब्लिक ने जीता खिताब
मुख्य अतिथि ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा दोनों टीमों के कप्तानों के बीच टॉस कराया गया। टॉस गीता पब्लिक स्कूल की टीम ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। निर्धारित 15 ओवर में गीता पब्लिक स्कूल ने 3 विकेट के नुकसान 102 रन बनाएं, जवाब में हैप्पीडेज की टीम 81 रन ही बना सकी। इस प्रकार गीता पब्ल्कि स्कूल ने फाइनल ट्रॉफी पर कब्जा कर लिया। उल्लेखनीय है कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 25 सितम्बर को हुआ था और 29 सितम्बर को समापन। प्रतियोगिता में जिसमें सात टीमों ने भाग लिया जिनमें एसपीएस स्कूल, हैप्पीडेज, गीता पब्लिक, एसपीएस कॉलेज शा. कन्या विद्यालय, रेडियेंट, संस्कार स्कूल की टीमें शामिल रहीं।

मंथन न्यूज भोपाल उच्च शिक्षा मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया का 26 सितम्बर को मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकास्ट) के सभागार में शाम 5.30 बजे उच्च शिक्षा परिवार सम्मान करेगा। प्रदेश में असिस्टेंट प्रोफेसर को एसोसिएट प्रोफेसर बनाये जाने के कारण यह सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है।

सम्मान समारोह की अध्यक्षता सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम और उच्च शिक्षा राज्य मंत्री श्री संजय-सत्येन्द्र पाठक करेंगे। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर मुख्य सचिव श्री बी.आर. नायडू और आयुक्त उच्च शिक्षा श्री नीरज मण्डलोई भी उपस्थित रहेंगे।

मंथन न्यूज शिवपुरी। शहर के स्कूली बच्चों की आंखों के चेकअप के लिए अस्पताल प्रबंधन द्वारा कैंप लगाकर आंखें का चेकअप किया गया इस दौरान कई स्कूली बच्चों की आई साइड वीक पाई गई। इसके चलते उनके नाम व नंबर नोट किए गए और अब उन्हें अस्पताल प्रबंधन द्वारा चश्मे बनवाकर वितरित किए जाएंगे। कैंप प्रभारी रवि सक्सैना ने बताया कि स्कूली बच्चों की आंखों की जांच के लिए रविवार को कैप लगाया गया और स्कूली बच्चों की आंखों की जांच की गई, जिसमें से 26 बच्चों की आंखों की आई साइड वीक पाई गई जिनके नाम व नंबर नोट कर लिए गए है और अब इन छात्रों को निशुल्क चश्मे का वितरण किया जाएगा।

मंथन न्यूज दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को दिल्ली के दीनदयाल उर्जा भवन में ओएनजीसी के एक कार्यक्रम में  'सौभाग्य' योजना का ऐलान किया। सौभाग्य मतलब 'सहज बिजली हर घर योजना'। इस योजना के तहत जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जनगणना में है, ऐसे लोगों को मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। जिनका नाम सामाजिक आर्थिक जनगणना में शामिल नहीं है उन्हें 500 रुपए में बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा। ये 500 रुपए 10 किस्तों में जमा कराए जा सकेंगे। इस योजना का स्लोगन है, 'रोशन होगा हर घर, गांव हो या शहर।'

इस योजना का लक्ष्य बिहार, यूपी, एमपी, ओडिशा, राजस्थान, जम्मू कश्मीर और पूर्वोत्तर के राज्यों में हर घर में बिजली पहुंचाने का है। केंद्र सरकार ने इस योजना के तहत 31 मार्च, 2019 तक देश के हर घर में बिजली कनेक्शन पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत बिजली कनेक्शन के साथ एक सोलर पैक भी दिया जाएगा। इस सोलर पैक में 5 एलईडी बल्ब, एक बैट्री पॉवर बैंक, एक डीसी पॉवर प्लग और एक डीसी पंखा दिया जाएगा। इस योजना पर कुल 16320 करोड़ रुपए खर्च आएगा।

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