मंथन न्यूज राजस्थान
 इंडियन वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के चुनाव में राजस्थान से रवि शर्मा को कार्यकारी सदस्य बनाया गया है।संघ के उपाध्यक्ष रतनलाल शर्मा ने बताया कि हाल ही दिल्ली में हुए चुनाव में शर्मा को निर्विरोध रूप से चुना गया है। शर्मा वर्तमान में राजस्थान वेटलिफ्टिंग संघ के सचिव है और नेशनल रेफरी भी  है। राजस्थान द्वारा सफल राष्ट्रीय प्रतियोगिता कराने के कारण रवि शर्मा को यह जिम्मेदारी दी गई है। फेडरेशन के चुनाव दिल्ली के हयात होटल में सोमवार 30 अक्टूबर 2017 को संपन्न हुए है। इन चुनावों में इंडियन फेडरेशन के सचिव पद पर सहदेव यादव और अध्यक्ष पद पर बी पी वैश्य को चुना गया है। यादव द्वारा पूर्व में भी वेटलिफ्टिंग खेल के लिए उल्लेखनीय कार्य किया गया है और अब उम्मीद और भी बढ़ गई है। आशा है अब ओलिंपिक स्तर के खेल को नई दिशा और दशा मिलेगी। जयपुर जिला वेटलिफ्टिंग संघ के सचिव प्रमोद कुमार खण्डेलवाल,एड्वोकेट द्वारा सभी पदाधिकारियों को बधाई दी गई है और ईश्वर से सभी पदाधिकारियों के उज्जवल भविष्य की कामना की गई है।

मंथन न्यूज भोपाल- व्यापमं मामले में  हमारे लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री  शिवराज सिंह  चौहान जी को मिली क्लीन चिट से सिद्ध हो गया है कि *साँच को आंच नहीं।*
अब आरोप लगाकर राजनीति करने वाले क्षमा मांग लें,तो बेहतर होगा।

अंततः यह सिध्द हुआ कि आरोपों का कोई आधार नहीं था.

डॉ नरोत्तम मिश्र
मंत्री
और प्रवक्ता मध्य प्रदेश सरकार

मंथन न्यूज़ चित्रकुट सतना जिले के 61-चित्रकूट विधानसभा उप चुनाव में एक लाख 98 हजार 122 मतदाता आगामी 9 नवम्बर को मतदान करेंगे। इनमें एक लाख 6 हजार 390 पुरुष, 91 हजार 730 महिला तथा 2 थर्ड जेंडर शामिल हैं। सेवा निर्वाचकों (सर्विस वोटर) की संख्या 84 है। निर्वाचन क्षेत्र का जेंडर रेशो 927 तथा ई.पी. रेशो 61.29 प्रतिशत है। प्रदेश में वर्तमान में कुल 4 करोड़ 99 लाख 68 हजार 925 मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 61 लाख 95 हजार 768 तथा महिलाओं की संख्या 2 करोड़ 37 लाख 72 हजार 22 है। थर्ड जेंडर की संख्या एक हजार 135 है।

मंथन न्यूज़ मुरेना
स्वर्गीय श्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जन्म तिथि  31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस  राष्ट्रीय संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया । जिसमे लोक कल्याण परिवार स्वास्थ मंत्री रुस्तम सिंह जी ने  राष्ट्रीय संकल्प दिवस के अवसर पर सभी को राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने तथा देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की शपथ दिलाई ।

मंथन न्यूज़ भोपाल जनसम्पर्क, जल-संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र से सिन्धु एजुकेशनल वेलफेयर एसोसिएशन ने भेंट की। एसोसिएशन ने संत कंवरराम की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के लिये जनसम्पर्क मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ऐसोसिएशन के अध्यक्ष श्री दुर्गेश केसवानी ने बताया कि अविभाजित भारत के सिंध प्रांत के संत कंवरराम ने लोक गायिकी, समाज सुधार, परोपकार और मानवता के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दिया है।

मंथन न्यूज़ शिवपुरी - वार्ड नंबर 39 की ठकुरपुरा हरिजन बस्ती में रहने  वाली महिलाओं ने  दी आंदोलन की चेतावनी  वार्ड क्रमांक 39 की महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि बस्ती में जो शराब की दुकान संचालित हो रही है उसे तत्काल बहा से कहीं और शिफ्ट किया जाए नहीं तो हम  उग्र आंदोलन करेंगे  महिलाओं का कहना है दुकान बस्ती के निकट  होने के कारण बस्ती के निवासियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है सुबह से ही देर रात तक दुकान पर शराबियों व असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है असामाजिक तत्व शराब पीकर मां बहन की गालियां देकर झगड़ा-फसाद बा उत्पाद करते हैं यहां तक की शराबियों के आए दिन के इस उत्पाद से मोहल्ले की शांति भंग होती है महिलाएं  हैंडपंप पर पानी भरने नहीं जा पाती और तो और  मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चों में गलत संस्कार पढ़ रहे हैं बच्चे कालिया सीख रहे हैं और उनकी शिक्षा पर भी बुरा असर पड़ रहा है यहां की इस संबंध में शराब के दुकानदारों से कई बार कहने पर भी इस दुकान को यहाँ से नहीं हटया जा रहा है  यहां की प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद ही इस दुकान को यहां से हटवाया जाना संभव है क्योंकि या दुकान क्षेत्र के निवासियों के लिए भरी सर दर्द का सबक बन चुकी है इसलिए हम महिलाएं आवेदन लेकर जिलाधीश महोदय के समक्ष आए हैं अगर इस  शराब की दुकान को तत्काल नहीं हटाया गया तो हम महिलाएं को  उग्र आंदोलन करने पर विवश होना पड़ेगा  

Image result for rahulghandi ki pic or modi kiमंथन न्यूज़ - गुजरात विधानसभा चुनाव की सरगर्मी बढ़ने के साथ ही फिर से बीजेपी और कांग्रेस एक-दूसरे पर हमलावर हो गए हैं. अपने-अपने हिसाब से मुद्दों की तलाश और उसका चुनावी फायदा उठाने की कोशिश लगातार हो रही है. आतंकवाद पर हमलावर होकर बीजेपी पहले से ही राष्ट्रवाद की अपनी सियासी जमीन मजबूत करती रही है.
अब चुनाव की घोषणा के बाद आईएसआईएस से जुड़े आतंकवादी की गिरफ्तारी और उनके गुजरात कनेक्शन ने बीजेपी के लिए एक ऐसा हथियार दे दिया है जिसके दम पर वो कांग्रेस को पीछे धकेलना चाहती है.
कांग्रेस को पीछे धकेलने की बात इसलिए कही जा रही है क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव और गुजरात से ही राज्यसभा सांसद अहमद पटेल के साथ गिरफ्तार आतंकवादी की कड़ी जोड़ने की कोशिश बीजेपी की तरफ से हो रही है.
पहले मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अहमद पटेल का राज्यसभा से इस्तीफा मांगा था. उन्होंने अहमद पटेल पर आरोप लगा दिया था कि हाल ही में गिरफ्तार किया गया आतंकी संगठन आईएसआईएस का संदिग्ध आतंकवादी उस अस्पताल में काम करता था, जिस अस्पताल मे अहमद पटेल पहले एक ट्रस्टी थे.
बीजेपी के हमलावर रुख ने कांग्रेस की नींद उड़ा दी है 
अहमद पटेल पर हमला विजय रूपाणी के अलावा बीजेपी के दूसरे नेताओं की तरफ से भी हुआ. आतंकवाद के मुद्दे पर कांग्रेस के बड़े नेता के कनेक्शन को दिखाकर बीजेपी गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने में लगी है.
आतंकवादी की गिरफ्तारी और उस पर बीजेपी के हमलावर रुख ने कांग्रेस की नींद उड़ा दी है. कांग्रेस के नेता अबतक गुजरात में 22 साल के बीजेपी शासन काल और उस दौरान विकास के फेल होने के मुद्दे को उठाने में लगे हुए थे. लेकिन, इस ताजा घटनाक्रम के बाद कांग्रेसी रणनीतिकारों को भी लगने लगा है कि आतंकवाद का मुद्दा चुनाव के केंद्र में आने पर बढ़त बीजेपी को मिल सकती है.बीजेपी के पलटवार के बाद घबराई कांग्रेस अब बचाव की मुद्रा में है. कांग्रेस की तरफ से बीजेपी पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप तो लगाया जा रहा है. लेकिन मामले की गंभीरता के बाद अब अहमद पटेल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है.
अहमद पटेल ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे अपने पत्र में कहा है कि इस पूरे मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी के माध्यम से कराए जाने का आदेश दिया जाना चाहिए. अहमद पटेल का कहना है कि चुनाव जीतने भर के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ इस तरह का खिलवाड़ नहीं होना चाहिए.
उन्होंने अपने पत्र में कहा, ‘आतंकवाद से लिंक के आरोप एजेंसियों की ओर से जांच के बाद तय किए जाने चाहिए न कि किसी राजनीतिक नेता की ओर से पार्टी हेडक्वॉटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस तरह कहा जाना चाहिएअहमद पटेल की तरफ से यह पत्र गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत बीजेपी के नेताओं की तरफ से किए जा रहे प्रहार के बाद आया है जिसमें कांग्रेस का हाथ आतंकवाद के साथ बताकर अहमद पटेल को घेरा जा रहा है.
अहमद पटेल गुजरात से ही कांग्रेस के राज्यसभा सांसद हैं और हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में बड़े सियासी ड्रामे के बाद उन्हें जीत मिली थी. कांग्रेस की तरफ से भले ही किसी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया हो, लेकिन इस वक्त कांग्रेस के चाणक्य के तौर पर गुजरात में अहमद पटेल ही काम कर रहे हैं. ऐसे में आईएसआईएस के गिरफ्तार आतंकवादी के मुद्दे पर अहमद पटेल को कठघरे में खड़ा कर बीजेपी कांग्रेस की रफ्तार को चुनावी मंझधार में कुचल देना चाहती है.
इसके पहले के गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी ने आतंकवाद से लेकर कई दूसरे अपराधियों के सफाए के मुद्दे पर भी कांग्रेस को पछाड़ दिया था. सोहराबुद्दीन से लेकर इशरत जहां के मसले को भी लेकर विरोधियों ने बीजेपी को जितनी ही घेरने की कोशिश की थी, उतनी ही बीजेपी को फायदा मिला था. बीजेपी ने आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी सरकार के बेहतर और सख्त कदम की दुहाई देकर कांग्रेस की हवा निकाल दी थी.
आतंकवाद के मुद्दे पर जितनी ही चर्चा होगी उतना ही चुनावों के दौरान ध्रुवीकरण होगा. इसका सीधा फायदा बीजेपी को होगा, इसी छटपटाहट ने अब अहमद पटेल को सफाई देने पर मजबूर कर दिया है.
कश्मीर पर दिए बयान से भी बीजेपी कांग्रेस को धकेलने में लगी है
लेकिन, बीजेपी आतंकवाद के अलावा कश्मीर पर भी कांग्रेस को पीछे धकेलने में लगी है. यूपीए सरकार के दौरान गृहमंत्री रह चुके कांग्रेसी नेता पी. चिदंबरम के कश्मीर पर बयान को लेकर भी बीजेपी हमलावर हो गई है.
सीधे प्रधानमंत्री ने कर्नाटक से भी चिदंबरम पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेसी नेताओं की भाषा पाकिस्तान की भाषा की तरह हो गई है. चिदंबरम ने जम्मू-कश्मीर को अधिक स्वायत्तता देने की बात कही थी जिसके बाद लगातार बीजेपी की तरफ से कांग्रेस को घेरा जा रहा है.
कश्मीर पर प्रधानमंत्री ने भले ही कर्नाटक में बयान दिया है लेकिन इसका सीधा असर गुजरात में दिखेगा. कश्मीर के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरकर राष्ट्रवाद के एजेंडे को फिर से गुजरात चुनाव के केंद्र में लाने की कोशिश हो रही है. पहले के अनुभवों के डर से ही कांग्रेस आतंकवाद से लेकर कश्मीर के मुद्दे पर इस तरह की चर्चा से फिलहाल कतरा भी रही है और घबरा भी रही है

मंथन न्यूज़ दिल्ली लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 142वीं जयंती के मौके पर देश भर में 'रन फॉर यूनिटी' कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है. दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह पटेल चौक स्थित सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की.

थोड़ी देर में पीएम मोदी नेशनल स्टेडियम से 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. इस आयोजन में कैबिनेट के कई मंत्रियों समेत देश की जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी.

'रन फॉर यूनिटी' में इस बार स्टार शटलर पीवी सिंधु, महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज और पूर्व हॉकी कप्तान सरदार सिंह हिस्सा ले रहे हैं.

केंद्र सरकार ने सरदार पटेल की जयंति को राष्ट्रीय  एकता दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है. इस आयोजन में शपथ कार्यक्रम के बाद दिल्ली के नेशलन स्टेडियम से इंडिया गेट तक डेढ़ किलोमीटर की दौड़ लगाई जाएगी.  

प्रधानमंत्री मोदी ने बीते रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि दी थी. पीएम मोदी ने कार्यक्रम के जरिए कहा, 'सरदार वल्लभभाई पटेल ने लाखों भारतीयों को 'एक राष्ट्र, एक संविधान' के अंतर्गत लाना सुनिश्चित किया और एकता और देशभक्ति का उनका संदेश 'न्यू इंडिया' के लिए एक प्रेरणा है'.

cabinet meeting mp news 30 10 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल - अगले तीन साल में प्रदेश में एक भी हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूल ऐसा नहीं होगा, जिसके पास अपना भवन न हो। इसके लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट में स्कूल शिक्षा विभाग के स्कूलों के भवन बनाने के लिए 2 हजार 871 करोड़ रुपए से ज्यादा की योजना को मंजूरी दी गई।
इसी तरह बैठक में यह भी तय किया गया कि मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन और कौशल्या योजना में महिला और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए योजना में संशोधन को मंजूरी दी गई।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि 846 हाईस्कूल और 798 हाय सेकंडरी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास स्वयं के भवन नहीं है। इसका असर पढ़ाई के साथ-साथ परिणामों पर भी पड़ता है। इसके मद्देनजर तय किया गया कि इन सभी स्कूलों के लिए 2020 तक भवन बनाए जाएंगे।
इसी तरह मुख्यमंत्री कौशल्या योजना और मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना में महिलाओं के साथ नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र के युवा, विमुक्त, घुम्मकड़ एवं अर्द्धघुम्मकड़ वर्ग के युवाओं को प्रशिक्षण देने का फैसला किया गया। 
सीप कोलार लिंक परियोजना के 137 करोड़ रुपए
बैठक में सीप कोलार लिंक परियोजना के लिए 137 करोड़ रुपए से ज्यादा के दूसरे पुनरीक्षित बजट की स्वीकृति दी गई। परियोजना से इछावर तहसील के 13 गांवों में रबी सीजन में 61 सौ हेक्टेयर और खरीफ सीजन में 26 सौ हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई हो सकेगी।
इसी तरह कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन कार्यक्रम के तहत 23 परियोजनाओं को अगले तीन साल तक जारी रखा जाएगा। इन तीन सालों में चार लाख 29 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में पक्की फील्ड चेनल का निर्माण करसिंचाई क्षमता बढ़ाई जाएगी। इस काम के लिए डेढ़ हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की मंजूरी दी गई। 
नगरपालिका क्षेत्र में रहकर पढ़ने वालों को मिलेगी आवास सहायता
बैठक में तय किया गया कि अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों को अध्ययन के लिए नगर पालिका क्षेत्र में भी आवास सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके तहत छात्रों को एक हजार रुपए प्रतिमाह की दर से राशि मिलेगी। योजना को अगले तीन साल जारी रखने का भी फैसला किया गया। इसी तरह राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना 2020 तक चलाई जाएगी। इसके लिए 30 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए।
इससे 24 हजार लोगों को फायदा पहुंचाया जाएगा। इसी तरह मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति (योजना) संशोधित नियम के तहत पीड़ित को राहत राशि के लिए 138 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई। आठ आदर्श उच्चतर माध्यमिक विद्यालय एवं चार गुरुकुलम आवासीय विद्यालय तीन वर्ष तक निरंतर संचालित रहेंगे। 
कैबिनेट के अन्य फैसले
- बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के छह छात्रावासों के लिए तीन पुरुष और तीन महिला छात्रावास अधीक्षक के पद की मंजूरी।
- मध्यप्रदेश सफाई कर्मचारी आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और छह सदस्य के मनोनयन को मंजूरी।
- पर्यटन विभाग में आयुक्त पर्यटन के अस्थाई पद को 31 मार्च 2020 तक निरंतर रखने की अनुमति।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल-विश्व हिंदू परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने केंद्र सरकार से मांग की है कि यदि जीएसटी के लिए रात को बारह बजे कानून लाया जा सकता है तो कांग्रेस समेत सभी पार्टियों को बुलाकर गौरक्षा के लिए भी कानून बनाया जाए।
cow security mp news 20171030 151815 30 10 2017गौ-हत्या पर तीखा हमला करते हुए तोगड़िया ने कहा कि गौ-हत्या के खिलाफ कानून होने के बाद भी एक वर्ग गाय की हत्या कर रहा है। तोगड़िया रविवार को बजरंग दल के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन समारोह में हिस्सा लेने भोपाल आए थे। छोला दशहरा मैदान पर हुई सभा में उन्होंने कहा कि हम सबसिडी नहीं मांग रहे, हम तो गाय की रक्षा की मांग कर रहे हैं।
गौरक्षा के लिए एक केंद्रीय कानून की जरूरत है। गाय की हत्या देश के प्रशासन की विफलता है। राम मंदिर निर्माण की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए कहा कि जब तक राम मंदिर नहीं बन जाता, तब तक हिंदू का कोई स्वाभिमान नहीं है। उन्होंने कहा कि मुगलों और अंग्रेजों के जमाने में राम मंदिर नहीं बन पाया, यह समझ आता है, लेकिन हम आज भी राम मंदिर नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबर का नाम भारत में कहीं नहीं रहेगा।
किसानों की हालत खराब
तोगड़िया ने मप्र समेत देशभर में किसानों की खराब हालत पर सरकार की आलोचना की। तोगड़िया ने कहा कि मप्र के होशंगाबाद में किसानों की हालत खराब है। देशभर में तीन लाख किसानों ने गरीबी की वजह से आत्महत्या कर ली है। पश्चिम बंगाल सरकार पर तोगड़िया ने निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल पाकिस्तान बन गया है। लोग अपनी सुरक्षा के लिए घर छोड़ रहे हैं।

y modi 30 10 2017पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -हरियाणा के योगेश चंद मोदी ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के नए प्रमुख का दायित्व संभाल लिया। 1984 बैच के आईपीएस मोदी मूलत: हरियाणा के टोहाना कस्बे के रहने वाले हैं, हालांकि कई वर्ष पहले उनका परिवार जींद में आकर बस गए थे।
मोदी के पिता स्वर्गीय रामेश्वर दास गुप्ता हरियाणा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और भाजपा के स्थापित नेता रहे। योगेश चार भाइयों में सबसे छोटे हैं।
उनके सबसे बड़े भाई सतीश चंद गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं। दूसरे नंबर के भाई यशपाल सिंघल हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रहे तथा मौजूदा समय में राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त हैं।
यशपाल सिंघल 1983 बैच के आईपीएस अधिकारी रहे। योगेश चंद मोदी के तीसरे नंबर के भाई दयानंद सिंघल जींद में आढ़ती हैं।
टोहाना में रहते हुए स्वर्गीय रामेश्वर दास गुप्ता का परिवार मोदी परिवार के नाम से ही पहचान रखता था, मगर जींद में आने के बाद सिर्फ योगेश का परिवार ही नाम के साथ मोदी लिखता है। योगेश की बेटी आस्था मोदी भी आईपीएस अधिकारी हैं और फरीदाबाद में पुलिस उपायुक्त पद पर नियुक्त हैं।
आस्था के पति पार्थ गुप्ता फरीदाबाद नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त और ससुर एसएस प्रसाद हरियाणा के गृह सचिव हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने योगेश को 2002 में गुजरात के गोधरा दंगों की जांच के लिए बनाई एसआईटी का हिस्सा बनाया था। इस एसआईटी ने ही नरेंद्र मोदी को क्लीन चिट दी थी।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ -पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की तरफ से कांग्रेस को पाटीदारों के आरक्षण के मुद्दे पर अपना नजरिया साफ करने के लिए दिया गया अल्टीमेटम गुजरात की सियासत को नया मोड़ दे सकता है. हार्दिक ने तीन नवंबर तक कांग्रेस को पाटीदारों के आरक्षण के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखने को कहा है.
कांग्रेस के साथ सांठ-गांठ की खबरों के बीच हार्दिक पटेल का बयान कांग्रेस को परेशान करने वाला है. खासतौर से तब जबकि कांग्रेस हार्दिक को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपने पाले में रखने को आतुर दिख रही है.
लेकिन, सवाल है कि हार्दिक पटेल आखिर ऐसा क्यों कर रहे हैं? क्या हार्दिक पटेल कांग्रेस के साथ अपने नजदीकी होने की खबर का खंडन करना चाहते हैं? हो सकता है हार्दिक ऐसा करना चाह रहे हों.
alpesh thakorराहुल गांधी के पिछले गुजरात दौरे के वक्त हार्दिक पटेल और राहुल गांधी की मुलाकात की खबर आने के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि हार्दिक पटेल कांग्रेस के साथ मिलकर बीजेपी को पटखनी देने की तैयारी में हैं. अहमदाबाद के ताज उमेद होटल के जिस कमरे में हार्दिक पटेल अंदर गए थे और उनके बाहर निकलने के बाद राहुल गांधी भी उसी कमरे से बाहर आए थे.
सीसीटीवी फुटेज में यह बात साफ हो गई थी. लेकिन, हार्दिक पटेल ने इस तरह की किसी भी मुलाकात से इनकार किया था. हार्दिक पटेल ने साफ कर दिया था कि अगर हमें मिलना होगा तो सबको दिखाकर मिलेंगे.
राजनीतिक हलकों में हार्दिक पटेल और राहुल गांधी की मुलाकात की खबर लीक होने को हार्दिक पटेल की रणनीति की धार कुंद होने का संकेत माना जा रहा है. गुपचुप तरीके से मिल कर बीजेपी को नुकसान पहुंचाने की हार्दिक की रणनीति अब सीसीटीवी फुटेज लीक होने के बाद खत्म होती दिख रही है. बीजेपी को लग रहा है कि इसके बाद हार्दिक पटेल को लेकर पाटीदारों के भीतर भी भरोसा कम होगा और जब बाद वोटिंग की होगी तो पहले की ही तरह एक बार फिर से पाटीदार बीजेपी के ही साथ खड़े रहेंगे.
मजबूर है कांग्रेस
दरअसल, कांग्रेस की मजबूरी है कि खुलकर ना तो वो हार्दिक का साथ दे पा रही है और ना ही हार्दिक से हाथ मिला पा रही है. पाटीदार आंदोलन के दम पर गुजरात में युवा पाटीदारों के चहेते बनकर उभरने वाले हार्दिक पटेल पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे हैं. लेकिन, कांग्रेस को लगता है कि अगर वो उनकी मांग को मानकर इस तरह का वादा कर देती है तो बाकी पिछड़ी जातियों और दलितों को वो अपने साथ नहीं जोड़ पाएगी.
हार्दिक पटेल के आरक्षण आंदोलन के विरोध में पिछड़ी जाति के ही अल्पेश ठाकोर ने आरक्षण का विरोध करने के लिए आंदोलन चलाया था. कांग्रेस ने अभी हाल ही में अल्पेश को पार्टी में शामिल कराकर पिछड़े तबके को जोड़ने की कोशिश की है. लेकिन, हार्दिक के विरोधी अल्पेश के बाद हार्दिक को भी अपने साथ जोड़ना कांग्रेस के लिए मुश्किल हो रहा है.
इसी विरोधाभास और दुविधा में फंसी कांग्रेस गुपचुप तरीके से हार्दिक को भी साधने में लगी थी. लेकिन, हार्दिक के साथ राहुल की मुलाकात के खुलासे ने अब कांग्रेस की रणनीति को ही बदल कर रख दिया है.
कांग्रेसी सूत्रों के मुताबिक, पाटीदार समेत कई दूसरी जातियों को एसटी,एससी और पिछड़ी जातियों को दिए जा रहे पचास फीसदी के आरक्षण की सीमा के अलावा आरक्षण देने का वादा संभव है. लेकिन, पाटीदारों को पिछड़ी जाति में शामिल कर उन्हें आरक्षण देने का फॉर्मूला शायद ही कांग्रेस आजमाए, क्योंकि इससे उसका खेल और खराब हो सकता है.

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ - कश्मीर में स्वायत्तता पर बयान देने वाले पी. चिदंबरम की वजह से कांग्रेस बैकफुट पर आ गई है. वक्त की नज़ाकत को देखते हुए कांग्रेस ने चिदंबरम के बयान से किनारा कर लिया है. इसकी बड़ी वजह दो राज्यों के विधानसभा चुनाव हैं. गुजरात और हिमाचल प्रदेश में ऐन चुनाव के मौके पर पी. चिदंबरम ने बीजेपी को वो मुद्दा दे दिया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं होगी और बीजेपी को शिद्दत से तलाश भी थी.
राजकोट में चिदंबरम ने कहा कि कश्मीर में जब लोग आजादी की बात करते हैं तो उनकी चाहत स्वायत्तता की होती है और कश्मीर घाटी में अनुच्छेद 370 का अक्षरश: सम्मान करने की मांग की जाती है. जिसका मतलब है कि लोग ज्यादा स्वायत्तता की मांग कर रहे हैं.
ये अजीब संयोग भी है कि चिदंबरम ने कश्मीर पर सवाल गुजरात की धरती से उठाया. जबकि गुजरात के सरदार वल्लभ भाई पटेल को देश की 500 से ज्यादा रियासतों को जोड़कर ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के मिशन को पूरा करने लिए 'लौहपुरुष' के तौर याद किया जाता है. अब इस बार गुजरात में चिदंबरम का बयान बीजेपी के लिए मुंह मांगी मुराद से कम नहीं है.
ये कुछ वैसा ही बयान है जैसा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने गुजरात के नवसारी की रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘मौत का सौदागर’ शब्द का इस्तेमाल किया था. उसके बाद मोदी ने सोनिया के ही बयान के बूते पूरा चुनाव ही पलट कर रख दिया था. सोनिया के बयान पर तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा था कि सोनिया  गुजरात को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बदनाम कर रही हैं.
पहले भी राहुल ने सर्जिकल स्ट्राइक्स को लेकर केंद्र को घेरा
इस बार फिर पीएम मोदी के हाथ में चिदंबरम के बयान से बड़ा मुद्दा आ गया. चिदंबरम पर पीएम मोदी ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस कश्मीर के मुद्दे पर आज़ादी की मांग कर रहे अलगाववादियों की भाषा बोल रही है. पीएम मोदी ने चिदंबरम के बयान को सेना के जवानों की शहादत से जोड़ते हुए बहादुर जवानों का अपमान बताया. उन्होंने कहा कि कल तक जो सत्ता में थे उन्होंने आज कश्मीर के मामले में यू-टर्न ले लिया और आजादी की बात कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि कांग्रेस सैनिकों की शहादत और सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में क्या सोचती है.
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कर्नाटक में एक रैली में बोलते हुए पीएम ने कहा कि उनकी सरकार देश की एकता और अखंडता से कोई समझौता नहीं करेगा और न कभी करने देगी. ज़ाहिर तौर पर चिदंबरम का बयान गुजरात और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रीयता का बड़ा मुद्दा बीजेपी को दे गया.
यूपी विधानसभा चुनाव के वक्त भी कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने ऐसी ही गलती की थी. उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए जवानों के ‘खून की दलाली’ का आरोप लगाया था.
राहुल का यही बयान पूरे यूपी के चुनावी रैली में बीजेपी को सर्जिकल स्ट्राइक के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का मौका दे गया था.
कांग्रेस ये भूल रही है कि साल 2002 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मियां मुशर्रफ’ के नाम से ही पूरा चुनाव जीत लिया था. मोदी चुनावों में प्रतीक की राजनीति के बेहतर समझते हैं. लेकिन यहां सवाल सिर्फ प्रतीक की राजनीति का नहीं बल्कि गुजरात और देश की अस्मिता का भी है. तभी पीएम मोदी को गुजरात और राष्ट्रीय अस्मिता को लेकर कांग्रेस पर करारा हमला करने का मौका मिल गया. उन्होंने देश को एकजुट रखने में सरदार पटेल के प्रयासों और कश्मीर के लिए हजारों जवानों के बलिदान का भी जिक्र किया. मोदी ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जवानों की कुर्बानी पर राजनीति करने वाले ऐसे लोगों से देश का भला नहीं होगा.
गुजरात में बीजेपी के लिए मुद्दों और प्रतीक की कमी नहीं है. सरदार पटेल की 182 फीट ऊंची भव्य मूर्ति गुजरात के गौरव को बढ़ाने के लिए तैयार है. वहीं चिदंबरम कश्मीर के मुद्दे पर अपनी राय देकर पूरी कांग्रेस को अलगाववादियों की कतार में खड़ा करने का काम कर गए. जबकि सरदार पटेल और कश्मीर इस वक्त गुजरात के चुनाव प्रचार में जोरों से गूंज रहे हैं. गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हाल ही में गुजरात दौरे के समय कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कश्मीर समस्या के लिए खुद पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू जिम्मेदार हैं जिनकी वजह से सरदार पटेल कश्मीर का भारत में पूर्ण विलय नहीं करवा सकते थे. उन्होंने कहा था कि ‘अगर पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू ने सरदार पटेल को रोका नहीं होता तो आज कश्मीर समस्या नहीं होती’.
बीजेपी को मिला राजनीतिक हथियार
चिदंबरम के बयान से पल्ला झाड़ते हुए कांग्रेस ने इसे उनकी निजी राय बता दिया है. यहां तक कि कांग्रेस को कहना पड़ गया है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा ये निर्विवाद रूप से बना रहेगा.
125th anniversary of Swami Vivekananda's Chicago Address
लेकिन बयान से पल्ला झाड़ने से हासिल कुछ नहीं होगा. राजनीति के तरकश से एक बार बयानों का तीर जो निकल गया तो फिर वो वापस नहीं लौट सकता. जहां एक तरफ राहुल गांधी गुजरात के तीन युवा तुर्क हार्दिक, जिग्नेश और अल्पेश के साथ सियासी तालमेल बिठाने में जुटे हुए हैं वहीं उनके एक वरिष्ठ नेता अपने बयान से बवाल खड़ा कर रहे हैं.
कांग्रेस को कठघरे में खड़ा करने का बीजेपी को मौका दे दिया. कांग्रेस ये बखूबी जानती है कि जब सिर्फ ‘मियां मुशर्रफ’ का नाम ही मोदी को गुजरात में चुनाव जिता सकता है तो ऐसे में कश्मीर की आज़ादी की मांग का बयान उसके लिए कितना घातक साबित हो सकता है. अब कांग्रेस कितना भी चिदंबरम के बयान का पटाक्षेप करने की कोशिश करे लेकिन बीजेपी को पूरे चुनाव के लिए कश्मीर की संजीवनी मिल ही गई है. पटेल की कर्मभूमि से कश्मीर पर सवाल उठाकर चिदंबरम ने कांग्रेस के अतीत को चुनावी मुद्दा बना दिया है.
बीजेपी अब पूरी तरह से आक्रमक हो गई है. उसने चिंदबरम की टिप्पणी को हैरान करने वाला बताते हुए आरोप लगाया कि कि कांग्रेस के नेता ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारा लगाने वालों का समर्थन करते हैं और ये बयान भारत के राष्ट्रीय हित को नुकसान पहुंचाता है. जेएनयू में भी कश्मीर की आज़ादी को लेकर नारे लगे थे. अब कश्मीर की स्वायत्तता बनाम आज़ादी की बहस गुजरात के चुनावी घमासान में खुलकर दिखाई देगी.

मंथन न्यूज पुनम पुरोहित-मध्यप्रदेश के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में सोमवार सुबह 8 बजे से छात्र संघ चुनाव के लिए वोटिंग जारी है। छात्र अपने कक्षा प्रतिनिधि के लिए वोटिंग हुई। इसके बाद चुने गए कक्षा प्रतिनिधि कॉलेज में विभिन्न पदों के लिए खड़े प्रत्याशियों के लिए वोटिंग कर रहे हैं।

प्रदेशभर में 457 सरकारी कॉलेज और 76 अनुदान प्राप्त अशासकीय कॉलेजों में चुनाव हो रहे हैं। छात्र संघ चुनाव में मुख्य मुकाबला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के बीच है। इसके अलावा कुछ कॉलेजों में निर्दलीय छात्र भी चुनाव मैदान में हैं।

जबलपुर के जीएस कॉलेज में चुनाव रद्द, बड़वानी में हंगामा

जबलपुर के गोविंदराम सेकसरिया कॉमर्स एंड मैनेजमेंट में चुनाव रद्द कर दिए गए। यहां रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के हॉस्टल के बाहर पुलिस तैनात की गई है। सिर्फ मतदान करने वाले छात्रों को ही बाहर निकाले गए। एक छात्र दीपेश मिश्र को पुलिस ले गई है।

महाकौशल कॉलेज के बाहर एबीवीपी और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच रिजल्ट की घोषणा को लेकर मामूली टकराव हुआ। जिसके बाद पुलिस ने सभी छात्रों को खदेड़ दिया। विश्वविद्यालय परिसर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परीषद और एनएसयूआई के बीच भी जमकर विवाद हुआ।

उधर बड़वानी में कॉलेज के बाहर आदिवासी छात्र संगठन ने जमकर हंगामा कर चुनाव का बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन, पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान वे लगातार चुनाव निरस्त करने की मांग करते रहे।

देवास : हाटपीपल्या में चुनाव स्थगित, कन्नौद, खातेगांव, सोनकच्छ, सतवास और टोंकखुर्द में मतदान हुआ। हाटपीपल्या कॉलेज में रविवार को ही चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। प्राचार्य पुष्पलता मिश्रा ने बताया कि नामांकन प्रक्रिया पूर्ण नहीं होने के कारण चुनाव स्थगित किए गए हैं। आगामी तारीख के लिए वरिष्ठों से मार्गदर्शन मांगा गया है।

मंदसौर : राजीव गांधी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव में 2847 मतदाताओं में से 410 ने मतदान किया। मल्हारगढ़ शासकीय महाविद्यालय में 2 कक्षाओं में अभाविप व एक में एनएसयूआई के कक्षा प्रतिनिधि जीत हुई।

सेंधवा : मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप को लेकर कुछ छात्रों ने जमकर हंगामा किया औश्र एक प्राध्यापक पर पक्षपात पूर्ण मतदान कराने का आरोप लगाकर कुर्सी टेबल फेंक दिए। उन्होंने स्टाफ रूम में घुसकर हंगामा किया और यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ।

सभी कॉलेजों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। उधर विद्यार्थियों को मोबाइल और पर्स कॉलेज के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई है। वे सिर्फ आईडी कार्ड ही अपने साथ ले जा सकते हैं। जगह-जगह कॉलेजों के बाहर बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भीड़ लगी है।

फैक्ट फाइल

सरकारी कॉलेज 457

अनुदान प्राप्त अशासकीय कॉलेज - 76

सरकारी विश्वविद्यालय - 7



पुनम पुरोहित मंथन न्यूज-
मंत्रालय में हुई कैबिनेट की बैठक में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भावांतर भुगतान योजना पर मंत्रियों से बात की। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों में किसानों से बात कर योजना के संबंध में जानकारी दें, इसके साथ ही जो समस्याएं हैं उन्हें दूर करने का प्रयास करें। सीएम ने अधिकारियों से उड़द के भाव कम होने पर मौजूदा खरीदी प्रक्रिया को जारी रखने या फिर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीदी शुरू करने के विकल्प पर विचार करने को कहा।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने बताया प्रदेश सरकार अगले दो-तीन साल में करीब 1500 हाई और हायर सेकंडरी स्कूल भवन बनाएगी। इसके लिए करीब दो हजार करोड़ रुपए की मंजूरी भी बैठक में दी गई। एक अन्य फैसले में सीप कोलार लिंक परियोजना के द्वितीय पुनरीक्षित अनुमान को भी स्वीकृति दी गई। योजना से करीब 13 गांव की 8000 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई क्षमता विकसित होगी।

कैबिनेट में बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय भोपाल के लिए 6 पद स्वीकृत किए गए। साथ ही जल संसाधन विभाग की कमांड क्षेत्र विकास योजना के तहत फील्ड चैनल व अन्य निर्माण कार्यों के लिए 1566 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन और कौशल्या योजना में बदलाव भी बैठक में मंजूर किए गए अब अर्ध घुमक्कड़ और महिलाएं भी योजना में शामिल होंगे।

पुनम पुरोहित मंथन न्यूज-मुंबई से दिल्ली जा रहे जेट एयरवेज़ के विमान में उस समय हड़बड़ी मच गई, जब पता लगा बाथरूम से चिट्ठी धमकी भरी चिट्ठी मिली. चिट्ठी मिलने के बाद ही दिल्ली जा रही फ्लाइट को अहमदाबाद में उतारा गया. जिस शख्स ने चिट्ठी रखी थी, उसकी पहचान हो गई है.

चिट्ठी में धमकी उर्दू और अंग्रेज़ी में मिली थी. पढ़ें आखिर क्या लिखा था चिट्ठी में...

फ्लाइट में जो चिट्ठी मिली, उसमें लिखा था कि फ्लाइट संख्या 9W33 हाइजैकर्स के द्वारा घेर ली गई है. विमान को अब सीधे पीओके लाया जाए, दिल्ली में ना उतारा जाए.

चिट्ठी में लिखा कि फ्लाइट में 12 लोग हैं, अगर किसी ने लैंडिंग गियर लगाने की कोशिश की तो लोगों के मरने की आवाज़ें आएंगी. इसे मज़ाक में ना लें, फ्लाइट का कारगो एरिया पूरी तरह से बम से लैस है. अगर दिल्ली में फ्लाइट लैंड हुई तो धमाका हो जाएगा.

बता दें कि विमान संख्या 9डब्लयू339 ने मुंबई से देर रात दो बजकर 55 मिनट पर उड़ान भरी थी. उसे आपात स्थिति में आज तड़के तीन बजकर 45 मिनट पर अहमदाबाद हवाईअड्डे पर उतार दिया गया था. विमान के एक यात्री ने बताया कि ‘‘सुरक्षा संबधी कारणों’’ के चलते मार्ग बदला गया था. सभी यात्रियों को विमान से उतरने के लिए कहा गया और उनकी जांच की गई.

 

अहमदाबाद हवाईअड्डे पर तैनात एक सुरक्षा कर्मी ने बताया कि धमकी भरा एक फोन आने के बाद विमान का मार्ग बदला गया. विमान में सवार यात्रियों की सही संख्या का अभी पता नहीं चल पाया है.

मंथन न्यूज पुनम पुरोहित-
जनसंपर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने कहा है कि मध्यप्रदेश में गत 14 वर्ष में 7 लाख हेक्टेयर से 40 लाख हेक्टेयर तक सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। सिंचाई क्षेत्र में छह 6 गुना वृद्धि के फलस्वरूप ही मध्यप्रदेश लगातार कृषि कर्मण अवार्ड प्राप्त कर रहा हैं। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र आज यहाँ अपने निवास पर महाराष्ट्र से आए पत्रकारों के दल से चर्चा कर रहे थे। मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि मध्यप्रदेश के किसान को खुशहाल बनाने के लिए राज्य सरकार ने अनेक कदम उठाए है। हर खेत तक सिंचाई के लिए जल पहुँचाने के कार्य को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गुजरात की तरह विद्युत फीडर सेफरेशन लागू कर हर वर्ग के लिए पर्याप्त विद्युत प्रदाय की व्यवस्था भी सुनिश्चित की।

जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने कहा कि मध्यप्रदेश की कई योजनाएं अन्य राज्यों में लागू की गई। इनमें प्रमुख रूप से लाड़ली लक्ष्मी योजना, सायकिल प्रदाय योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना शामिल हैं। जनसंपर्क मंत्री ने कहा कि हाल ही लागू भावांतर योजना किसानों को बाजार में उनकी उपज का सम्मानजनक मूल्य दिलवाने में उपयोगी सिद्ध हो रही है। मंत्री डॉ. मिश्र ने महाराष्ट्र के पत्रकारों को जानकारी दी कि भावांतर योजना के लिए किसानों के पंजीयन की कार्यवाही संपादित की गई। मध्यप्रदेश में संसदीय कार्य विभाग और जनसंपर्क विभाग की गतिविधियों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से पत्रकारों के लिए बीमा योजना, श्रद्धानिधि योजना, अधिमान्यता प्रदान करने और विभिन्‍न क्षेणियों में पुरस्कृत किए जाने के प्रावधानों और योजनाओं की जानकारी दी गई। महाराष्ट्र के दल को विस्तारपूर्वक प्रदान की गई। प्रारंभ में जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने अतिथि पत्रकारों का मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें मध्यप्रदेश के भ्रमण से प्रसन्नता प्राप्त होगी। क्योंकि यहाँ आमजन संवाद और परस्पर संयोग के वातावरण में कार्य करते है, यह मध्यप्रदेश की विशेषता है। जनसंपर्क मंत्री डॉ. मिश्र ने पत्रकारों से परिचय भी प्राप्त किया। इस अवसर पर पत्रकार दल के सदस्यों ने बताया कि उन्हें मध्यप्रदेश विशेष कर भोपाल पहुँचकर प्राकृतिक सुंदरता देखकर खुशी मिली है। विभिन्न संस्थानों के भ्रमण से नई जानकारियां भी प्राप्त हो रही है। जनसंपर्क मंत्री से पत्रकार दल की भेंट के अवसर पर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के जनसंपर्क विभाग के अधिकारी भी उपस्थित थे।

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