मंथन न्युज पुनम पुरोहित दिल्ली-आधार से जरूरतमंद को फायदा मिला-वित्त मंत्री

Manthannews018-19 LIVE Updates: नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी योगदान देगी. सरकार ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके बनाना चाहती है. इसके लिए 70 लाख नई नौकरियां पैदा करेंगे.

Manthannews 2018-19 LIVE: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि अर्थव्यवस्था पटरी पर है और भारत जल्द ही दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी की वजह से टैक्स देनदारों की संख्या बढ़ी है़. कैश का चलन कम हुआ है. उन्होंने देश को भरोसा दिलाया कि खेती की नीति के तहत साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करनी है.

12:41 PM: शिक्षा स्वास्थ्य पर सेस 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी किया गया.

12:37 PM: शेयर खरीदने-बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स 10 फीसदी होगा.

12:33 PM: सीनियर सिटीजन्स को लेकर बड़ा एलान, मेडिक्लेम पर 50,000 रुपये तक टैक्स छूट मिलेगी. बुजुर्गों का 80डी में मेेडिक्लेम पर टैक्स छूट मिलेगी.

12:31 PM: डिपॉजिट पर छूट 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये की गई है.

12:29 PM: स्टैंडर्ड डिडक्शन को फिर से शुरू किया गया. 40 हजार तक स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलेगा. जितनी सैलरी है उसमें 40 हजार घटाकर टैक्स देना होगा.

12:27 PM:इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं, मिडिल क्लास को टैक्स में कोई छूट नहीं

12:23 PM: 250 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी टैक्स देना होगा.

12:23 PM: 250 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियों को 25 फीसदी टैक्स देना होगा. 99 एमएसएमई

काले धन के खिलाफ सरकार की मुहिम का असर है कि देश में टैक्सपेयर्स की संख्या में इजाफा हुआ है. नोटबंदी और जीएसचटी का असर सरकार के टैक्स रेवेन्यू पर पॉजिटिव हुआ है. हालांकि अभी भी टैक्स की चोरी हो रही है.

12:19 PM: काले धन के खिलाफ सरकार की मुहिम का असर है कि देश में टैक्सपेयर्स की संख्या में इजाफा हुआ है. नोटबंदी और जीएसटी का असर सरकार के टैक्स रेवेन्यू पर पॉजिटिव हुआ है.

12:17 PM: सरकार का घाटा 2017-18 में 5.95 लाख करोड़ रुपये होगा. अभी जीडीपी का 3.5 फीसदी सरकारी घाटा है. डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.6 फीसदी बढ़ा है. अगले साल का घाटा 3.3 फीसदी रहने का अनुमान है. इनकम टैक्स कलेक्शन 90 हजार करोड़ रुपये बढ़ा है.

12:15 PM: राष्ट्रपति, राज्यपाल का वेतन बढ़ेगा, राष्ट्रपति का वेतन 5 लाख रुपये होगा और उप-राष्ट्रपति का वेतन 4 लाख होगा. राज्यपाल का वेतन 3 लाख रुपये होगा. सांसदों के वेतन हर साल में बढ़ेंगे और सांसदों के भत्तों में इजाफा होगा.

12:12 PM: सोने के लिए नई नीति का एलान जिससे सोना लाने-ले जाने में आसानी होगी.

12:10 PM: 14 बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होंगी और 2 बड़ी बीमा कंपनियों की शेयर बाजार में लिस्टिंग होगी यानी ये शेयर बाजार में आएंगी. सरकारी कंपनियां बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाए जाएंगे.

12:05 AM: गरीबों के लिए 50 लाख नए घर बनाए जाएंगे. आधार से जरूरतमंद  को फायदा मिला है.

12:00 AM: बिटकॉइन पर वित्त मंत्री का बड़ा एलान, देश में बिटकॉइन जैसी करेंसी गैरकानूनी है और ये नहीं चलेगी. रिजर्व बैंक पहले ही एलान कर चुका है.

12:00 AM: एयरपोर्ट की संख्या 5 गुना करेंगे अभी 124 एयरपोर्ट से फ्लाइट उड़ी हैं. एयरपोर्ट पर सुविधाओं बेहतर की जाएंगी.

11:50 AM: एयरपोर्ट की संख्या 5 गुना करेंगे अभी 124 एयरपोर्ट से फ्लाइट उड़ी हैं. एयरपोर्ट पर सुविधाओं बेहतर की जाएंगी.

11:45AM: रेल पर 1 लाख 48 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पटरी, गेज बदलने जैसे काम पर खर्च किए जाएंगे. पूरा रेल नेटवर्क ब्रॉड गेज बनाया जाएगा. सुरक्षा वॉर्निग सिस्टम पर जोर होगा. 600 स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा. मुंबई में लोकल रेल नेटवर्क के लिए खास योजना के तहत मुंबई लोकल का दायरा बढ़ाया जाएगा. मुंबई में 90 किलोमीटर पटरी का विस्तार होगा. माल ढुलाई के लिए 12 वैगन बनाएंगे. स्टेशनों पर वाई-फाई, सीसीटीवी, एस्केलेटर लगाए जाएंगे.

11:45AM: सीमा पर सड़के बनाने पर जोर दिया जाएगा. धार्मिक पर्यटन स्थलों के लिए हेरिटेज सिटी योजना बनाई गई है. स्मार्ट सिटी के लिए 99 शहर चुने गए हैं. 100 स्मारकों को आदर्श बनाया जाएगा.

11:45AM: डिजिटल माध्यम से शिक्षकों को नई ट्रेनिंग दी जाएगी. हर जिले में स्किल केंद्र खोले जाएंगे.

11:40 AM: नए कर्मचारियों के ईपीएफ में सरकार 12 फीसदी योगदान देगी. सरकार ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके बनाना चाहती है. इसके लिए 70 लाख नई नौकरियां पैदा करेंगे.

11:40 AM: व्यापार शुरू करने के लिए मुद्रा योजना के तहत 3 लाख करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा. छोटे उद्योगों के लिए 3794 करोड़ रुपये खर्च होंगे. सरकार ज्यादा से ज्यादा रोजगार के मौके बनाना चाहती है.

11:36 AM: 4 करोड़ गरीब घरों में सौभाग्य योजना से बिजली कनेक्श्न दिए जाएंगे.

11:28 AM: नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम के  तहत 1 परिवार को सालाना 5 लाख रुपये दिए जाएंगे. 10 करोड़ गरीब परिवारों को  इसका फायदा होगा और मेडिकल खर्च मिलेगा. हेल्थ वेलनेस केंद्र बनाने के लिए 1200 करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा. 50 करोड़ लोगों को हेल्थ बीमा मिलेगा. देश की 40 फीसदी आबादी को हेल्थ बीमा मिलेगा. 24 नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे. 5 लाख स्वास्थ्य सेंटर खोले जाएंगे. टीबी मरीज को हर महीने 500 रुपये की मदद दी जाएगी. 5 लाख स्वास्थ्य सेंटर खोले जाएंगे.

11:25 AM: 8 करोड़ गरीब महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन दिए जाएंगे.

11:20 AM:शिक्षा को लेकर सरकार बड़ा काम करेगी. बच्चों को स्कूल तक पहुंचाना बड़ा लक्ष्य होगा. प्री-नर्सरी से 12वीं तक पढ़ाई के लिए एक नीति होगी. अब तक प्राथमिक, मध्य, उच्च के लिए अलग-अलग नीति होती है. आदिवासियों के लिए बड़ा एलान किया गया है और इनके लिए एकलव्य विद्यालय बनाए जाएंगे.

11:19 AM: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को रोकने के लिए स्कीम, पराली के धुएं से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए स्कीम लाई जाएगी.

11:19 AM: अब तक 6 करोड़ शौचालय बनाए जा चुके हैं और 2 करोड़ शौचालय और बनाए जाएंगे.

11:19 AM: 2022 तक हर गरीब को घर दिए जाएंगे. पीएम आवास योजना के तहत गरीबों को घर दिए जाएंगे.

11:16 AM: खेती के कर्ज के लिए 11 लाख करोड़ रुपये दिए जाएंगे. किसान का कर्ज लेना आसान हुआ है.

11:16 AM: 42 मेगा फूड पार्क बनाए जाएंगे. किसान पशुपालक कार्ड किसानों को भी मिलेगा. 1290 करोड़ रुपये की मदद से बांस मिशन चलाया जाएगा. आलू, टमाटर प्याज के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. बांस को वन क्षेत्र से अलग किया. 2 नए फंड पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे. न्यूनतम समर्थन मूल्य डेढ़ गुना बढ़ाने का प्रस्ताव किया है.

11:15 AM:  सरकार ने पासपोर्ट नियम आसान किए हैैं और अब 2-3 दिनों में पासपोर्ट मिल रहा है.

11:15 AM:  नया ग्रामीण बाजार ई-नैम बनाया जा रहा है. 2 हजार करोड़ की लागत से कृषि बाजार बनाया जाएगा.

11:10 AM:  अनाज का उत्पादन बढ़कर 217.5 टन हो गया है और किसान, गरीबों की आय बढ़ी है. फलों का उत्पादन 30 टन हुआ है. खरीफ का समर्थन मूल्य उत्पादन लागत से डेढ़ गुना हुआ है. किसानों को पूरा एमएसपी देने की कोशिश है.

11:07 AM:  खेती की नीति के तहत साल 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी करनी है. बिचौलिए पर लगाम से भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है.

11:07 AM:  हमारी सरकार ने स्टेंट की कीमत कम की है. देश में किसानों के  फोकस गांवों के विकास पर होगा. लोगों के जीवन में सरकारी दखल कम हो रहा है.

11:06 AM:  हमारा फोकस गांवों के विकास पर होगा. लोगों के जीवन में सरकारी दखल कम हो रहा है.

11:06 AM:  देश के आम नागरिक के जीवन को आसान बनाया जा रहा है. वहीं विदेशी निवेश में भी बढ़ोत्तरी हुई है.

11:05 AM:  अर्थव्यवस्था पटरी पर है. भारत जल्द दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा.

11:05 AM:  जीएसटी के बाद टैक्स कलेक्शन बढ़ा है, बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ है. वित्त मंत्री अरुण जेटली

11:05 AM:  जीएसटी के बाद टैक्स कलेक्शन बढ़ा है, जीएसटी को आसान बनाने की कोशिश जारी है. बाजार में कैश का प्रचलन कम हुआ है. वित्त मंत्री अरुण जेटली

11:03 AM:  वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में बजट पेश किया. कहा गरीबी दूर करके मजबूत भारत बनाएंगे.

10:37 AM:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बजट के लिए संसद भवन पहुंचे. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और कंज्यूमर्स अफेयर्स मिनिस्टर रामविलास पासवान भी पहुंचे.

10:37 AM: कैबिनेट ने बजट को मंजूरी दे दी है. अब से 23 मिनट बाद बजट संसद में पेश होगा.

10:31 AM: वित्त मंत्री अरुण जेटली इस बार हिंदी में भी बजट भाषण देंगे. अब तक अरुण जेटली अंग्रेजी में बजट भाषण देते आए हैं. इस बार बजट का कुछ हिस्सा अंग्रेजी में बोलेंगे वित्त मंत्री. अंग्रेजी में बजट के कॉर्पोरेट और टैक्स के अंश होंगे.

10:21 AM: बजट की कॉपियां संसद में सिक्योरिटी चेक से गुजर रही हैं, पूरी चेकिंग के बाद ही ये संसद भवन में पहुंचाई जाएंगी.

10:20 AM: वित्त मंत्री अरुण जेटली इस बार हिंदी में भी बजट भाषण देंगे. अब तक अरुण जेटली अंग्रेजी में बजट भाषण देते आए हैं. इस बार बजट का कुछ हिस्सा अंग्रेजी में बोलेंगे वित्त मंत्री.

10:23 AM: बजट से पहले पीएम मोदी ने कहा, 'सपने पूरे करने वाला बजट देंगे'.

10:15 AM: बजट पूर्व कैबिनेट की बैठक शुरू हो चुकी है. संसद में वित्त मंत्री अरुण जेटली मौजूद हैं.

10:13 AM: बजट के बाद 4 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे.

09:57 AM: सवा दस बजे वित्त मंत्री बजट पूर्व कैबिनेट की बैठक करेंगे. वित्त मंत्री बजट पेश करने के लिए संसद भवन पहुंच चुके हैं.

09:57 AM: वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश करने के लिए संसद भवन पहुंच चुके हैं.

09:52 AM: वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करने से पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की है.

09:43 AM: आम बजट के दस्तावेज और कॉपियां संसद भवन पहुंच चुके हैं. पहले बजट की 8000 कॉपियां छपती थीं और इस बार 2500 कॉपियां छपी हैं.

08:56 AM: अरुण जेटली बजट का ब्रीफकेस लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने पहुंचे हैं. सुबह 11 बजे वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश करेंगे.

08.44 AM: वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि इस बजट से अच्छे दिन आएंगे.

08.40 AM: वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने एबीपी न्यूज़ पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि इस बजट से मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलने वाली है.

शिवपुरी / कोलारस। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेन्द्र शर्मा ने शिवपुरी जिले की  कांग्रेस में घुटन महसूस कर रहे नेताओं को अशोकनगर के पूर्व कांग्रेस नेता के पी यादव की राह पर चल कर भाजपा में शामिल होने की सलाह दी है।

सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि के पी यादव अशोकनगर जिले के व्यापक जनाधार वाले नेता हैं कांग्रेस ने उनकी प्रतिभा के साथ अन्याय किया जिससे आहत होकर उन्होंने भाजपा को चुना है जहाँ उनके मान.सम्मान स्वाभिमान का पूरा ध्यान रखा जायेगा क्योंकि भाजपा पार्टी नहीं परिवार की तरह काम करती है।

सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि शिवपुरी जिले में भी कांग्रेस ऐसे अनेक नेता है जिनका व्यापक जनाधार है स्वयं की क्षमता से चुनाव भी जीतते हैं सालों से पार्टी का झंडा उठायें हैं लेकिन कभी पार्टी के चिन्ह से उन्हें चुनाव लडऩा नसीब नही हुआ और तो और कांग्रेस शिवपुरी जिले में कार्यकारी अध्यक्ष से काम चला रही है शायद निर्णयकर्ताओं को इन नेताओं की योग्यता पर भरोसा नहीं है।

सुरेन्द्र शर्मा ने कहा कि योग्य कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण ही देश मे कांग्रेस की यह दुर्दशा हुई है कांग्रेस के उपेक्षित बरिष्ठ कार्यकर्ताओं को -जा घट प्रेम न संचरे, सो घट जान मसान। जैसे खाल लोहार की,स्वांस लेत बिनु प्राण।।  मान कर नई राह चुन लेना चाहिये।

बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 1 fed 2018 -मध्य प्रदेश की सियासत में बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय की 'घर वापसी' हो सकती है. नंद कुमार चौहान, मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं. बीजेपी का केंद्रीय संगठन का एक बड़ा फेरबदल करने की दिशा में है. ऐसे में पार्टी केंद्रीय नेतृत्व मध्य प्रदेश में बीजेपी की कमान कैलाश विजयवर्गीय के हाथों में सौंप सकती है.
बीजेपी सूत्रों की माने तो मौजूदा राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को पार्टी के मध्य प्रदेश इकाई का नेतृत्व करने के लिए कहा गया है. मौजूदा समय में विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल में पार्टी का काम देख रहे हैं. वो मध्य प्रदेश के इंदौर से हैं और शिवराज के मंत्रिमंडल में काफी अहम मंत्री रहे हैं. लेकिन शिवराज और विजयवर्गीय के बीच छत्तीस का आकड़ा रहा है और दोनों के रिश्ते जगजाहिर हैं.
अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ में छपी खबर के मुताबिक कैलाश विजयवर्गीय को मध्य प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष  बनाया जा सकता है. इस संबंध में विजयवर्गीय कहते हैं कि मुझें इसकी जानकारी नहीं है, ये हवा में सिर्फ अटकलें हैं. 
मध्य प्रदेश बीजेपी के एक वर्ग का मानना है कि विजयवर्गीय  ने    मुख्यमंत्री के रूप में  चौहान  को बदलने की महत्वाकांक्षा को जन्म दिया. विधानसभा चुनाव नवंबर में होने हैं. चौहान के करीबी सूत्र भी स्वीकार करते हैं कि यदि विजयवर्गीय मध्य प्रदेश की राजनीति में लौटे तो मुख्यमंत्री के नेतृत्व को चुनौती खड़ी होगी.
बता दें कि विजयवर्गीय को मुख्यमंत्री चौहान की तरह चुनौती देने वाले नेता के रूप में देखा जाता है. वो चौहान मंत्रिमंडल में एक वरिष्ठ मंत्री रहते हुए मुखर आलोचक थे. वहीं विजयवर्गीय बीजेपी आलाकमान के करीबी माने जाते हैं. 2015 में विजयवर्गीय ने चौहान के मंत्रिमंडल से इस्तीफा देकर अमित शाह की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बने और उन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया.
चौहान की ग्रॉफ में आई है गिरावट 
हाल के चुनावों के आंकड़ों और किसानों के आंदालोन के मद्देनजर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का ग्रॉफ गिरता हुआ माना जा रहा है. राज्य के उपचुनाव में बीजेपी की हार शिवराज सरकार के लिए बड़ा झटका था. इसके अलावा किसानों के आंदोलन के बाद जो जून 2017 में आठ किसानों की मौत हुई. उससे राज्य के किसान नाराज हैं. इसके अलावा शिवराज के कुछ मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों ने पार्टी को राज्य में कमजोर किया है.वही कोलारस मुंगावली के चुनाव के नतीजे  भी मुख्मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भविष्य पर निर्भर करेंगे 
बीजेपी 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले 2018 के आखिर में होने वाले मध्य प्रदेश के चुनाव में किसी तरह का कोई जोखिम नहीं उठाना चाहती है. इसीलिए पार्टी ने राज्य में कैलाश विजयवर्गीय जैसे तेजतर्रार नेता को पार्टी को पार्टी की कमान सौंप सकती  

india's risk-taking ability is on the rise under modi, says chinaपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली01fed 2108 -डोकलाम में भारत के दबाव में पीछे हटने को मजबूर हुएचीन ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। चीन ने कहा है कि मोदी सरकार में भारत की विदेश नीति काफी जीवंत और मुखर हुई है। चीन के एक प्रमुख सरकारी थिंक-टैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में भारत की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ रही है। चाइना इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनैशनल स्टडीज (CIIS) के उपाध्यक्ष रोंग यिंग ने कहा कि पिछले तीन साल से ज्यादा समय में भारत की डिप्लोमैसी काफी दृढ़ हुई है। 
चीन के विदेश मंत्रालय से संबद्ध थिंक-टैंक के अधिकारी ने कहा कि भारत ने काफी अलग और अद्वितीय 'मोदी डॉक्ट्रीन' बनाई है। नए हालात में एक महाशक्ति के तौर पर भारत के उभार की यह एक रणनीति है। CIIS जर्नल में लिखे एक लेख में ये बातें कही गई हैं। मोदी सरकार पर किसी भी चीनी थिंक-टैंक द्वारा इस तरह की यह पहली टिप्पणी है। रोंग बतौर चीनी राजनयिक भारत में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। 

उन्होंने काफी गहराई से भारत के चीन, दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के साथ संबंधों और अमेरिका व जापान के साथ घनिष्ठ रिश्तों की समीक्षा की है। उनका कहना है कि मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति काफी मुखर होती जा रही है, हालांकि इससे पारस्परिक लाभ हो रहा है। भारत-चीन संबंध पर रोंग ने कहा कि जबसे मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, दोनों देशों के बीच संबंध स्थिर बने हुए हैं
भारत-चीन संबंधों पर कही ये बड़ी बात 
उन्होंने कहा, 'चीन-भारत सीमा पर सिक्किम क्षेत्र में डोकलाम की घटना से न केवल बॉर्डर का मुद्दा प्रकाश में आया बल्कि इससे दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।' CIIS के सीनियर रिसर्च फेलो ने कहा कि भारत और चीन को एक दूसरे के विकास के लिए पारस्परिक सहयोग को लेकर रणनीतिक सहमति बनानी चाहिए।भविष्य में संबंधों पर उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों साझेदार और प्रतिद्वंद्वी हैं। उन्होंने कहा, 'यहां सहयोग में प्रतिस्पर्धा है और प्रतिस्पर्धा में सहयोग है। सहयोग और प्रतिस्पर्धा का साथ-साथ होना आदर्श बन जाएगा। यह भारत-चीन संबंधों में यथास्थिति है, जिसे टाला नहीं जा सकता है।' 

बोले-भारत के विकास में चीन बाधा नहीं 
रोंग ने आगे कहा कि दोनों नेताओं में कूटनीतिक तौर पर सर्वसम्मति बनाने की जरूरत है। चीनी विशेषज्ञ ने कहा कि भारत के विकास में चीन कोई बाधा नहीं है बल्कि भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। रोंग ने कहा, 'कोई भी भारत के उत्थान को रोक नहीं सकता है। भारत के विकास में सबसे बड़ी बाधा भारत खुद है।' हालांकि उन्होंने इसे स्पष्ट नहीं किया। उन्होंने कहा कि भारत के विशाल बाजार की क्षमता चीन की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा मौका प्रदान करेगी। इससे चीनी उद्यमों को ग्लोबल होने में मदद मिलेगी। 

सर्जिकल स्ट्राइक का भी किया जिक्र 
रोंग ने मोदी द्वारा शपथ ग्रहण समारोह में दक्षिण एशिया के सभी पड़ोसी देशों के नेताओं को बुलाने की उनकी नीति की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि पुराने प्रशासन की तुलना में मोदी डॉक्ट्रीन ने अपनी अथॉरिटी के साथ ही पड़ोसियों को लाभ पहुंचाने पर फोकस किया। इसके साथ ही दक्षिण एशिया में भारत के प्रभाव बढ़ाने की भी कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को लेकर भारत सख्त है। मोदी सरकार को पीओके से भारत के खिलाफ काम कर रहे आतंकियों के बेस पर हमला करने में थोड़ी भी हिचकिचाहट नहीं हुई। उन्होंने म्यांमार सीमा पर भारतीय सैनिकों की कार्रवाई का भी जिक्र किया। 


Yogi adityanath strict stance to UP board examinationपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फटकार के बाद अधिकारी हरकत में आ गए हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने की कवायद में तेजी आ गई है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बनारस समेत कई जिलों के डीएम और डीआईओएस को कड़ी फटकार लगाई थी। सीएम ने कहा था कि नकल हुई तो इसके जिम्मेदारी डीएम, डीआईओएस और जेडी होंगे। ऐसे में उन्हें अपनी जिम्मेदारियां तय करने को कहा था।

सीसीटीवी कैमरे से लेकर सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को फर से एक सिरे से चुस्त दुरुस्त करने में तेजी आ गई है। अधिकारियों की अलग अलग टीमें परीक्षा केंद्रों पर जाकर एक बार फिर से तैयारियों का जायजा लेगी और भौतिक सत्यापन करेंगी।

संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर नजर रखने के लिए जोनल से लेकर सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैयारी कर दी गई है। उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं। उधर तैयारियों की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी ने एक बार फिर से तीन फरवरी को केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक बुलाई है। इस लिहाज से बुधवार को अधिकारियों ने कमर कस ली है।

संयुक्त निदेशक शिक्षा ने वाराणसी मंडल के चार जिलों के अतिसंवेदनशील और संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के लिए सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी है। वहीं मंडल स्तर पर पांच सचल दस्तों का गठन किया गया है।

जेडी को निर्देशित किया गया है कि वो स्वयं सभी परीक्षा केंद्रों का जायजा लें। परीक्षा हर हाल में सीसीटीवी कैमरे की नजर में हो और उसकी रिकॉर्डिगिं होनी चाहिए। सभी केंद्र व्यवस्थापकों को निर्देशित किया गया है कि वो हर हाल में नकल रोकें।

Image result for चिरायु मेडिकल कॉलेज bhopal photoपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल  01 Feb 2018-चिरायु मेडिकल कॉलेज ने चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) को गुमराह कर 2012 की एमबीबीएस की 50 से ज्यादा सीटें मनमाने में रेट पर अयोग्य छात्रों को बेच दी थी। कॉलेज की एडमिशन कमेटी ने डीएमई को जानकारी दी थी कि सरकारी कोटे की 63 सीटों में सिर्फ 9 सीटें ही खाली हैं, जबकि 50 से ज्यादा सीटें खाली थीं। इन सीटों को 40 से 50 लाख रुपए में बेच दिया गया।
इस गोरखधंधे में दोहरी कमाई की जा रही थी। सबसे पहले तो स्कोरर को पीएमटी में बैठाकर कुछ छात्रों को नकल कराई जाती थी। इन्हें इंजन कहा जाता था और नकल करने वाले को बोगी। स्कोरर के पीएमटी में सलेक्ट होने पर उसे कॉलेज में दाखिला लेने के लिए कहा जाता था। इन छात्रों को कॉलेज की सरकारी कोटे की 63 सीटों में दाखिला दिया जाता था। इस तरह यह सीटें भरी हुई दिखाई जाती थीं। स्कोरर की कॉलेज प्रबंधन से पहले से साठगांठ होती थी, लिहाजा वे कॉलेज प्रबंधन ने करीब डेढ़ लाख रुपए लेकर सीट छोड़ देते थे। इन्हीं सीटों को कॉलेज बेच देता था।
सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार एक स्कोरर (इंजन) ने रैकेटियर संजीव शिल्पकार के जरिए चिरायु मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था। वह पहले से ही एक मेडिकल कॉलेज का छात्र था, लिहाजा उसने रैकेटियर से डेढ़ लाख रुपए लेकर सीट छोड़ दी थी। इस तरह से 12 स्कोरर ने सीट छोड़ी थी।
तीन दिन में दिया दाखिला
चिरायु मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की सरकारी कोटे की 63 सीटें थीं। 25 सितंबर 2012 को हुई काउंसलिंग कमेटी ने कॉलेज प्रबंधन से सीटों की जानकारी मांगी तो बताया गया कि सिर्फ नौ सीटें खाली हैं, जबकि उस दौरान इससे काफी ज्यादा सीटें खाली थीं। 28 से 30 नवंबर के बीच 53 अयोग्य छात्रों को दाखिला दिया गया।
ऐसी होती थी गड़बड़ी
मेडिकल कॉलेजों में काउंसलिंग की आखिरी तारीख 30 सितंबर थी। इसके बाद निजी कॉलेजों को दाखिल छात्रों की नाम मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को भेजना पड़ता था। इस दौरान निजी कॉलेज पुरानी तारीख के ड्राफ्ट लेकर सीट बेच देते थे।
डीएमई की तरफ से यहां हुई गड़बड़ी
सरकारी सीटों निजी कॉलेजों की ओर से किए मनमर्जी दाखिलों पर चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) पकड़ सकता था। चिरायु समेत सभी कॉलेजों द्वारा किए गए गलत दाखिलों की सूची डीएमई की ओर से फारवर्ड कर यूनिवर्सिटी को भेजी गई, जिससे ये छात्र परीक्षा में बैठ सकें।
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कौन हैं अजय गोयनका
एमबीबीएस व पीजी करने के बाद डॉ. अजय गोयनका ने मालीपुरा में एक अस्पताल खोला। इसके बाद चिरायु मेडिकल कॉलेज शुरू किया। इस समय ग्रुप की नौ तरह की कंपनियां हैं।
गोयनका पर चिरायु मेडिकल कॉलेज का चेयरमैन रहते हुए फर्जी तरीके से पीएमटी 2012 में अयोग्य छात्रों को सीटें बेचने का आरोप है। सीबीआई की ओर से पिछले साल 23 नवंबर को इस मामले में आरोप पत्र पेश किए जाने के बाद से गोयनका गिरफ्तारी से बच रहे थे।
डॉ. अजय गोयनका ने बुधवार को सीबीआई की विशेष अदालत के सामने सरेंडर कर दिया। 
विशेष अदालत ने दोनों आरोपियों को 24 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 01 Feb 2018-दिग्विजय सिंह का नाम सामने आते ही एक ऐसे राजनेता की तस्वीर मस्तिष्क में उभरती है जो चौबीसों घंटे राजनीति में लीन और विवादित बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है।
digvijay narmada 31 01 2018ऐसा राजनेता यदि राजनीतिक मसलों से किनारा कर, नर्मदा नदी के किनारे किनारे कदमताल करते हुए साढ़े तीन हजार किलोमीटर की दूरी नापने निकल पड़ा हो तो वह सूबे की सियासत को एक नया रंग देने का माद्दा तो रखता ही है। सियासत में नया रंग उस समय दिखाई पड़ेगा जब दिग्विजय धार्मिक यात्रा के समाप्त होते ही सियासी यात्रा पर निकलेंगे। उस यात्रा का नाम होगा एकता यात्रा और उसमे उनके साथी बनेंगे प्रदेश कांग्रेस के वे तमाम नेता जो वाकई चाहते हैं कि सूबे में कांग्रेस की सरकार बने।
'नर्मदे हर" का उद्घोष,सिर पर सफेद गमछा,हाथ में बड़ी सी लाठी लिए धूल उड़ाती उबड़-खाबड़ पगडंडियों पर कंटीली झाडियों से बचते बचाते सुबह से शाम तक चलना आसान काम नहीं है,लेकिन दिग्विजय पूरे मनोयोग से इसे अंजाम दे रहे हैं। यात्रा भले गैर राजनीतिक है,पर कांग्रेसियों का हुजूम दिन भर उनके ईर्द गिर्द मंडराता रहता है। पूरे प्रदेश से हर गुट के नेता कार्यकर्ता उनसे मिल रहे हैं। अपनी दि-तों से उन्हें अवगत करा रहे हैं। कोई भाजपा से दुखी है तो कोई अपने जिले के ही किसी कांग्रेसी नेता से।
सिंह कहते हैं 'कांग्रेस ही नहीं भाजपा और संघ के लोग भी इस यात्रा से जुड़ रहे हैं।' अपनी बात की पुष्टि के लिए वे दो युवको को बुलाते हैं और बताते है कि ये दोनांे शिशु मंदिर के आचार्य हैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गांव जैत में जब उनकी यात्रा पहुंची तो चौहान के भाई के आग्रह पर वे चाय पीने उनके घर भी गए थे।
भोपाल से लगभग पौने दो सौ किलोमीटर दूर रायसेन जिले के उदयपुरा तहसील के एक छोटे से गांव चौरास में जब दिग्विजय सिंह से मुलाकात हुई तब वे नर्मदा की परिक्रमा कर रहे एक साधू का नर्मदा की महिमा पर केंद्रित भजन तल्लीनता के साथ सुन रहे थे।
यात्रा में उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही उनकी पत्नी अमृता सिंह अपने कैमरे से उस साधू का भजन रिकार्ड कर रही थीं। भजन खत्म होते ही दिग्विजय ने अपनी जेब से पचास पचास के दो नोट निकाले और साधू के हाथ में थमा दिए। वे बताते हैं '' कल रात हमने दो हजार किलोमीटर की यात्रा पूरी कर ली।"" यानी आधी से ज्यादा दूरी वे तय कर चुके हैं। अब लगभग 1400 किलोमीटर की यात्रा बाकी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी तो नर्मदा सेवा यात्रा पर निकले थे।
इस सवाल पर अपने चेहरे पर मंद मुस्कान बिखेरते हुए दिग्विजय ने प्रतिप्रश्न किया 'वो क्या धार्मिक यात्रा थी?" परिक्रमा कभी हवाई जहाज से होती है क्या? नरसिंहपुर जिले के बरमान घाट से 30 सितंबर को शुरू हुई यात्रा होली के बाद अमरकंटक में खत्म होगी। इस दौरान सिंह लगभग 120 विधानसभा सीटों को छू चुके होंगे।
इनमे से ज्यादातर सीटें पिछले लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही हैं। धार्मिक पुण्य अपनी जगह है,लेकिन इस यात्रा से सिंह के पास मुद्दों की भरमार हो गयी है। ऐसी बारीक बारीक चीजे उनके ध्यान में लायी जा रही हैं जो चुनाव के समय कांग्रेस के लिए काफी मददगार साबित हो सकती हैं।
सिंह कहते हैं कई लोग मिल रहे हैं। जिनकी बडी जायज समस्या है। किसान दुखी है। नर्मदा नदी की दुर्दशा हो चुकी है। बांध बनने की वजह से नर्मदा नदी के मूल चरित्र में बदलाव आया है। गुजरात में जहां नर्मदा अरब सागर में मिलती है वहां से 80 किलोमीटर तक नर्मदा नदी में समुद्र का पानी प्रवेश कर चुका है।
यदि अभी भी बहाव बना रहे तो स्थिति में सुधार आ सकता हैं साथ चल रहे कांग्रेस के बुजुर्ग नेता रामेश्चर नीखरा कहते हैं नर्मदा की हालत देख कर वाकई में दुख होता है। इस यात्रा के तत्काल बाद सिंह एकता यात्रा पर निकलेंगे। वे कहते हैं 'एकता यात्रा में वे सारे नेता जो चुनाव लड़ना नहीं चाहते वे प्रदेश का दौरा कर पार्टी में बिखराव रोकेंगे।" यह यात्रा जब खत्म होगी तब तक प्रदेश में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी होगी।

ahate bhopal 2018131 18334 31 01 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल 01 Feb 2018 -प्रदेश में शराब दुकानों से अलग चलने वाले 149 शराब अहाते (ऑफ शॉप) एक अप्रैल से बंद होंगे। इससे सरकार के खजाने को करीब तीन सौ करोड़ रुपए का नुकसान होगा। पहली बार प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, कन्या छात्रावास, वैध धार्मिक स्थल और पवित्र नदी के क्षेत्रों को ड्राय जोन घोषित किया जाएगा। यहां शराब पीना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इससे करीब 200 करोड़ रुपए के राजस्व की हानि संभावित है।
पहली बार आबकारी से जुड़े अपराध बार-बार करने वालों को जिला बदर किया जा सकेगा। इसके लिए अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। सरकार अपनी नई दुकान नहीं खोलने की नीति पर कायम है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में 2018-19 की आबकारी नीति को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि आबकारी नीति में मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप अहाते बंद करने का फैसला किया गया। विदेशी शराब के 149 अहाते बंद होंगे और देसी शराब की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी। कन्या स्कूल, कॉलेज, कन्या छात्रावास, वैध धार्मिक स्थल के 50 मीटर के दायरे में अब कोई शराब दुकान नहीं होगी। जिला समिति जिले में इसका निर्धारण करेंगी। पिछले साल नर्मदा नदी के किनारे 66 दुकानें बंद की गई थीं। ड्राय जोन पॉलिसी पहली बार लागू होगी।
इन स्थानों पर मदिरापान पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। शराब पीकर अपराध करने के मामलों में भारतीय दंड विधान संहिता के तहत सजा के प्रावधानों को कड़ा करने गृह मंत्रालय को सिफारिश की जाएगी। अवैध शराब बिक्री को रोकने के लिए जुर्माना राशि भी अन्य राज्यों की तरह बढ़ाई जाएगी। आबकारी अपराध के आदतन अपराधियों का छह माह के लिए निष्कासन (जिला बदर) का अधिकार अधिनियम के तहत दिया जाएगा।
लाइसेंस नवीनीकरण के लिए 15 फीसदी ज्यादा चुकानी होगी राशि
आबकारी नीति के तहत शराब दुकानों के लाइसेंस नवीनीकरण के लिए दुकानदारों को 15 फीसदी ज्यादा राशि चुकानी होगी। जो दुकानें नवीनीकरण में नहीं जाएंगी, उनके लिए ऑनलाइन ई-टेंडर होंगे। बार लाइसेंस सहित अन्य लाइसेंस पर लगने वाला शुल्क 20 प्रतिशत बढ़ेगा।
पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रिसोर्ट बार लाइसेंस को न्यूनतम गारंटी से मुक्त किया जाएगा। अवैध शराब को रोकने के लिए बोतलों पर विशेष होलोग्राम लगाए जाते हैं। शराब की वैधता पता करने के लिए 562634500 टोल फ्री नंबर पर बोतल की फोटो खींचकर भेजने पर उपभोक्ता को पता लगा जाएगा कि शराब वैध है या नहीं।
ज्यादा शराबखोरी वाले स्थान होंगे चिन्हित
सरकार ने तय किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां ज्यादा शराब की खपत होती है, उनकी पहचान की जाएगी। इसके लिए आबकारी और पुलिस महकमा मिलकर कार्रवाई करेगा। इसके लिए जिला और ब्लॉक स्तर पर समिति बनाई जाएगी।
निकाय लगाएंगे मनोरंजन कर
प्रदेश में मनोरंजन कर नगरीय निकाय वसूलेंगे। इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग अध्यादेश लाएगा। कैबिनेट में इसे मंजूरी दी गई। बैठक में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद संविधान संशोधन के जरिए नगरीय निकायों को मनोरंजन कर वसूली का अधिकार दिया गया है।

mp assembly 31 01 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल , 01 Feb 2018-सरकार के कामकाज पर विपक्ष द्वारा सवाल उठाए जाते हैं और अविश्वास प्रस्ताव लाकर उसकी नीतियों, काम व कार्यप्रणाली पर असंतोष जाहिर किया जाता है। मगर अब जल्द ही सरकार के काम को बताने के लिए 'विश्वास प्रस्ताव" लाने मध्यप्रदेश विधानसभा में नियम बनाए जा रहे हैं। इसके लिए विधानसभा सचिवालय प्रस्ताव बना रहा है।
मप्र विधानसभा में अब तक सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की परंपरा रही है। प्रदेश में अब तक रहे 12 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ 27 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा चुका है। सूत्र बताते हैं कि अब अपने खिलाफ विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव लाने की परंपरा के साथ सरकार के समर्थन में 'विश्वास प्रस्ताव" लाने की परंपरा भी शुरू करने की तैयारी में है। विधानसभा सचिवालय में इस तरह के एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है। हालांकि इसके लिए नया नियम बनाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि देश की राज्य विधानसभाओं में 'विश्वास प्रस्ताव" लाने के परंपरा की शुरुआत बिहार विधानसभा से हुई है। वहां विधानसभा अध्यक्ष विजयकुमार चौधरी ने इसकी पहल की और नया नियम बनाया। हाल ही में राजस्थान विधानसभा में भी नियम बनाकर सरकार द्वारा विश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने की परंपरा आरंभ की गई है।
प्रदेश में किस मुख्यमंत्री के कार्यकाल में कितने अविश्वास प्रस्ताव
1. कैलाशनाथ काटजू- दो
2. भगवंतराव मंडलोई- एक
3. द्वारिका प्रसाद मिश्र- चार
4. गोविंदनारायण सिंह- दो
5. श्यामाचरण शुक्ल- दो
6. प्रकाशचंद सेठी- दो
7. वीरेंद्र कुमार सखलेचा- एक
8. अर्जुन सिंह- पांच
9. मोतीलाल वोरा- दो
10. सुंदरलाल पटवा- दो
11. दिग्विजय सिंह- तीन
12. शिवराज सिंह चौहान- एक
नियम संशोधन की तैयारी
अब साझा सरकारें बनने लगी हैं तो सरकारों को भी अपने कामकाज को सदन में प्रस्तुत करने के लिए 'विश्वास प्रस्ताव" का मौका मिलना चाहिए। इसके लिए मप्र विधानसभा सचिवालय में नियमों में संशोधन करने की तैयारी है। जल्द ही नियम बनाकर समिति के समक्ष पेश किए जाएंगे। 
- डॉ. सीतासरन शर्मा, मप्र विधानसभा अध्यक्ष

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल  01 Feb 2018-राज्य सरकार की नई आबकारी नीति के तहत एक अप्रैल से मोटर वाहन में बैठकर, सार्वजनिक स्थानों पर खुले में शराब पीने और उत्पात मचाने को अब दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। अहाते बंद होने के बाद सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीने वालों की संख्या बढ़ने के मद्देनजर नीति में यह प्रावधान किया गया है।
drinking in car mp 201821 72510 31 01 2018इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति शराब के नशे में किसी अपराध को अंजाम देता है तो उसे मदिरापान की स्थिति का लाभ नहीं दिया जाएगा। इस संबंध में भारतीय दंड विधान संहिता में संशोधन कर सजा देने का प्रावधान करने के लिए गृह विभाग से सिफारिश की जाएगी। वहीं आबकारी अधिनियम 1915 के तहत कपटी और अस्पष्ट विज्ञापनों को भी दंडनीय बनाया जाएगा।
अहाते बंद करने से होने वाले नुकसान की भरपाई यहां से होगी
- वन्य पर्यटन क्षेत्रों में रिसोर्ट बार को छोड़कर सभी बार लाइसेंस की फीस 20 प्रतिशत बढ़ाई।
- विदेशी शराब ठेकेदारों को मांग पर एफएल 2एए लाइसेंस दिया जाएगा। यह विशेष बार लाइसेंस कहलाता है।
- 2018-19 के लिए हैरिटेज होटल एवं टूरिज्म विभाग की होटल छोड़कर अन्य होटल के बार लाइसेंसों की न्यूनतम गारंटी में 15 प्रतिशत वृद्धि।
- शराब दुकान के नवीनीकरण की स्थिति में विशेषाधिकार राशि नगर पंचायत व ग्रामीण क्षेत्र में 40 हजार के स्थान पर 50 हजार रुपए और नगर निगम व नगर पालिका क्षेत्र में 50 हजार की जगह 75 हजार रुपए की।
- गोदाम स्वीकृति के लिए ली जाने वाली फीस 75 हजार और एक लाख रुपए की।
- भांग, भांगघोटा व भांग मिठाई की दुकानों की लाइसेंस फीस में दस प्रतिशत की वृद्धि।
फिर भी शराब से 900 करोड़ ज्यादा कमाएगी सरकार
राज्य सरकार को नई नीति से भले ही 500 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है, लेकिन वाणिज्य कर विभाग अगले वित्तीय वर्ष में आबकारी से 900 करोड़ रुपए ज्यादा कमाएगा। 2017-18 में 8600 करोड़ रुपए राजस्व संग्रहण का लक्ष्य विभाग को दिया गया था, लेकिन हाइवे किनारे की दुकानें और नर्मदा किनारे की दुकानें बंद करने से करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
यह माना जा रहा है कि इस साल सरकार को 8100 करोड़ रुपए का राजस्व आबकारी से मिलेगा। जबकि 2018-19 के लिए विभाग को 9000 करोड़ रुपए का टारगेट दिया गया है। वहीं राज्य सरकार शराब पर वैट से अगले वित्तीय वर्ष में 500 करोड़ रुपए कमाएगी, जबकि इस साल का लक्ष्य 450 करोड़ रुपए था।
हाइवे पर 220 मीटर से दूर होगी शराब दुकान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर 20 हजार से कम जनसंख्या वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय या राज्य राजमार्ग से शराब दुकान 220 मीटर दूर होगी। वहीं 20 हजार से अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र में जो नगरीय निकाय की श्रेणी में नहीं आते हैं, वहां हाइवे से 500 मीटर दूर होगी।
अवैध शराब की बिक्री रोकने डायल 100 जैसी व्यवस्था करें
कैबिनेट में आबकारी नीति के प्रस्तुतिकरण के दौरान कुछ मंत्रियों ने सवाल-जवाब भी किए। सूत्रों के मुताबिक पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि गांव-गांव में अवैध शराब बिकने की बात सामने आती है। ठेकेदार ही अवैध शराब बिकवा रहे हैं। इसे रोकने के लिए हर थाने में मौजूद डायल 100 का इस्तेमाल होना चाहिए।
इस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताते हुए कहा कि इसके लिए एक समिति बनाएंगे। इसी तरह खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने अवैध शराब की बिक्री पर जुर्माने का मुद्दा सामने आने पर कहा कि आदिवासी को इस मामले में न छूआ जाए। इन्हें 14 लीटर तक शराब की छूट रहती है।
सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने को दंडनीय अपराध की श्रेणी में लाए जाने को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर वाणिज्यिक कर विभाग के प्रमुख सचिव मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि अधिनियम में प्रावधान करेंगे। ड्राय जोन अधिसूचित होंगे। इन जगहों पर शराब पीना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ  01 Feb 2018-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को अपने आवास पर ब्रिटेन के उच्चायुक्त डोमिनिक एस्किथ ने मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों, इसे और प्रगाढ़ करने और निवेश के संभावित क्षेत्रों पर बातचीत हुई।
yogi 31 01 2018मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता जताते हुए ब्रिटेन से भी इसमें भागीदार बनने की अपेक्षा की।
कहा कि संभावनाओं के इस प्रदेश में ब्रिटेन बुनियादी संरचना, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने उच्चायुक्त को राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को नयी नीतियों द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को बारे में बताते हुए कहा है कि सेक्टरवार जो भी नीतियां आईं हैं, वह किसी भी प्रदेश से बेहतर हैं।
योगी ने 21-22 फरवरी को यहां इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'इन्वेस्टर्स समिट' में भाग लेने के लिए ब्रिटेन के निवेशकों को भी आमंत्रित किया।
उच्चायुक्त ने कहा कि ब्रिटेन की सरकार चाहती है कि दोनों देशों के गहरे रिश्तों को आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से और मजबूत हों।
इसके लिए दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और वैचारिक आदान-प्रदान को और प्रोत्साहित किया जाए। मुख्यमंत्री ने ब्रिटेन के उच्चायुक्त को कंुभ का लोगो भी भेंट किया।

पूनम  पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली  01 Feb 2018-1 फरवरी 2018 को जब वित्त मंत्री अरुण जेटली लोक सभा में बजट भाषण पढ़ रहे होंगे तो यह उनके मौजूदा कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट होगा।
budget 2018 201821 01450 31 01 20182019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले वोट ऑन अकाउंट बजट पेश किया जाएगा। आखिरी पूर्ण बजट होने से साथ साथ यह देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद पेश हो रहा पहला आम बजट भी होगा।
ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि इस साल का बजट किस तरह पिछले किसी भी बजट से अलग होगा? दो और सवाल हैं, जीएसटी के बाद कितना बदल जाएगा बजट और क्या इस साल बजट से गायब होगा सस्ता महंगा फैक्टर। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जीएसटी लागू होने के बाद सरकार के पास अप्रत्यक्ष करों में किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश नहीं है।
वह कर जिसे सीधे जनता से नहीं लिया जाता, लेकिन जिसका बोझ प्रकारांतर से उसी पर पड़ता है, अप्रत्यक्ष कर कहलाते हैं।
देश में तैयार की जाने वाली वस्तुओं पर लगने वाला उत्पाद शुल्क, आयात या निर्यात की जाने वाले वस्तुओं पर लगने वाला सीमा शुल्क अप्रत्यक्ष कर हैं।
अगर सरकार को अप्रत्यक्ष कर के मोर्चे पर किसी तरह का बदलाव करना है तो इसकी मंजूरी बजट से पहले जीएसटी काउंसिल की बैठक में लेनी होगी। गौरतलब है कि जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक 18 जनवरी को होनी है।
बजट को कितना बदलेगा जीएसटी
जीएसटी के बाद बजट के किस तरह के बदलाव आएंगे? इस सवाल पर राष्ट्रीय लोक वित्त एवं नीति संस्थान की सलाहकार और अर्थशास्त्री राधिका पांडे ने बताया कि पहले यह जान लें कि आम बजट के अमूमन दो हिस्से होते हैं।
पहले हिस्से में सरकार विभिन्न योजनाओं या स्कीमों के लिए लिए बजट राशि का आवंटन करती है। वहीं बजट के दूसरे हिस्से में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों के प्रस्ताव की बात होती है।
अब चूंकि जीएसटी में वैट, एक्साइज ड्यूटी, सर्विस टैक्स समेत एक दर्जन से ज्यादा अप्रत्यक्ष कर शामिल हो गए हैं तो सरकार के पास इनमें फेरबदल की गुंजाइश नहीं रह जाती, क्योंकि जीएसटी अब एक अलग कानून है और जीएसटी की दरों में बदलाव के लिए काउंसिल की मंजूरी जरूरी है।
ऐसी स्थिती में सरकार के पास या तो जीएसटी से बाहर छूटे टैक्स कस्टम ड्यूटी आदि में कुछ बदलाव करने की गुंजाइश बचती है या फिर तंबाकू, पेट्रोल डीजल समेत ऐसी चीजें जो अभी जीएसटी के दायरे में नहीं हैं, उनमें कुछ बदलाव हो सकते हैं।
बजट से नदारद होगा सस्ता-मंहगा फैक्टर
आमतौर पर बजट के बाद ज्यादातर लोगों की यह जिज्ञासा रहती है कि बजट के असर से कौन कौन सी चीजें सस्ती और महंगी हुईं। यह सस्ते महंगे की मूल वजह दरअसल अप्रत्यक्ष करों में बदलाव से जुड़ी होती है।
अब चूंकि जीएसटी लागू होने बाद ज्यादातर अप्रत्यक्ष करों में बदलाव की गुंजाइश खत्म हो गई है इसलिए सस्ता महंगा फैक्टर इस बार के बजट में कम दिखेगा।
2017 में भी हुए थे बड़े बदलाव
साल 2017 का आम बजट अपने साथ तमाम बदलावों को समेटे हुए था। पिछली साल सरकार ने बजट के प्रारूप को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किये थे।
मसलन, आम बजट और रेल बजट का विलय, बजट 1 महीने पहले पेश करने की शुरुआत और योजना और गैर योजनाबद्ध खर्चों में अंतर को खत्म करना। ये बदलाव इस साल भी लागू रहेंगे।

मंथन न्यूज शिवपुरी
मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम मिश्रा 1 और 2 तारीख को कोलारस विधानसभा क्षेत्र में रहेंगे भाजपा कोषाध्यक्ष रामेश्वर बिंदल ने जानकारी देते हुये बताया कि मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा 1 तारीख को दोपहर 2:00 बजे दतिया से चलकर कोलारस जिला शिवपुरी के लिए पहुंचेंगे इस दौरान वे कोलारस क्षेत्र के अंन्तगत आने वाले ग्राम एनवारा ,चितारा ,और ग्राम कुल्हाड़ी में आम सभा को संबोधित करेंगे
साथ आम जन से भेट करेंगें
।एवं 2 तारीख को प्रातः 11:00 से बजे कोलारस विधानसभा क्षेत्र में ही ग्राम  घुघवार, बिजरौनी ,दौलतपुर, खाईखेड़ा ,सड ,कुन्डाई ,मझारी में आम सभाओं को संबोधित करेंगे

*मीडियाकर्मी नहीं कर पाएंगे कवरेज, पत्रकारों में नाराजगी*

- *निर्वाचन आयोग के नाम पर जिला प्रशासन ने लगाई रोक*

- *चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता सवालों के घेरे में*

*शिवपुरी*। 

कोलारस में हो रहे उप चुनाव में मीडियाकर्मी उम्मीदवारों द्वारा नाम निर्देशन पत्र भरते समय रिटर्निंग आफिसर के कक्ष में कवरेज के लिए नहीं जा पाएंगे। निर्वाचन आयोग के निर्देश का बहाना बनाकर जिला प्रशासन ने यह रोक सभी मीडियाकर्मियों पर लगाई है। इन निर्देशों में कोलारस में जब प्रत्याशी अपना पर्चा दाखिल करेंगे तो उस दौरान कवरेज के लिए मीडिया कर्मियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पर्चा दाखिल करते समय किसी भी तरह के कवरेज की अनुमति पत्रकारों के लिए नहीं होगी। जबकि पूर्व में जितने भी चुनाव हुए हैं चाहे लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का उसमें अधिकतर प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों व फोटोग्राफरों को अनुमति रहती थी लेकिन इस बार प्रशासन ने अघोषित प्रतिबंध लगा दिया है। यह चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। इस अघोषित प्रतिबंध से मीडिया कर्मियों में नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय जिला प्रशासन की ओर से बताया गया है कि निर्वाचन आयोग का फैसला है इसलिए एसडीएम कार्यालय में पत्रकारों को कवरेज की कोई अनुमति नहीं होगी। 

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली 31jan 2108 -एक तरफ जहां केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार बेरोजगार युवाओं को नौकरी उपलब्ध नहीं करा पाने पर आलोचनाएं झेल रही है, वहीं सरकार अब ऐसे पदों को भी समाप्त करने पर विचार कर रही है जो पांच साल से ज्यादा लंबे वक्त से खाली पड़े हैं। मोदी सरकार ने इसके लिए सभी मंत्रालयों तथा विभागों को व्यापक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। वित्त मंत्रालय ने एक कार्यालय ज्ञापन में कहा कि उसने सभी मंत्रालयों तथा विभागों से पांच साल से खाली पड़े पदों को समाप्त करने के लिये कार्रवाई रिपोर्ट देने को कहा है। कुछ विभागों तथा मंत्रालयों ने जवाब दिया लेकिन कुछ ने व्यापक रिपोर्ट देने के बजाए महज जरूरी सूचना उपलब्ध करा दी है।
16 जनवरी 2018 को भेजे कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, ‘‘इसीलिए सभी मंत्रालयों, विभागों के वित्तीय सलाहकारों तथा संयुक्त सचिवों से अनुरोध है कि वे मंत्रालयों या संबंधित विभागों उन पदों को चिन्हित करें जो पांच साल से अधिक समय से खाली हैं तथा इन पदों को समाप्त करने के लिये एक व्यापक रिपोर्ट दें।’’ शुरुआती अनुमान के अनुसार केंद्र सरकार में कई हजार पद पांच साल या अधिक समय से खाली पड़े हैं।
बता दें कि कुछ दिनों पहले एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ था कि नौकरशाही के ढुलमुल रवैये की वजह से केंद्र में करीब चार लाख पद वर्षों से खाली पड़े हैं। खास बात यह है कि ग्रुप ए के अधिकारी वर्ग में ही 15 हजार से अधिक पद रिक्त हैं। संसद में भी केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया था कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में चार लाख से ज्यादा पद खाली हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि एक मार्च 2016 की स्थिति के अनुसार केंद्र सरकार में असैन्य कर्मचारियों के कुल 36.34 लाख पद स्वीकृत हैं जिसमें से 32.21 लाख पद ही भरे हुए हैं। इस तरह केंद्र सरकार में 11.36 प्रतिशत पद यानी करीब चार लाख पद खाली हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि 29.52 फीसदी ग्रुप बी के नॉन गजेटेड पद खाली हैं जबकि 19.33 फीसदी ग्रुप बी के गजटेड पद खाली पड़े हैं। ग्रुप ए के भी तेरह फीसदी पद खाली पड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक तृतीय श्रेणी के भी करीब 3.21 लाख पद खाली हैं।

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