दीपाली हत्याकांड में 12 दिन की जांच के बाद बुधवार को पुलिस को एक अहम सुराग मोबाइल रिकार्डिंग प्राप्त हुई। जिसने पुलिस को जांच की दिशा बदलने पर मजबूर कर दिया है। अब पुलिस दीपाली हत्याकांड की जांच मोबाइल रिकार्डिंग तथा पूर्व से चली आ रही जांच यानी कि दोनों दिशाओं की ओर करेगी। 

पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक ने बताया कि अभी तक पुलिस दीपाली की हत्या किए जाने को लेकर जांच कर रही थी, किन्तु पुलिस को एक मोबाइल रिकार्डिंग हाथ लगी गई। दीपाली 15 फरवरी को गुम हो गई थी, जिसका शव 17 फरवरी को बेतवा नदी के किनारे पड़ा मिला था। यूपी पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर एमपी पुलिस को सौंपा था। केश डायरी निवाड़ी पुलिस को सौंपी थी। दीपाली के पास एक बेग व मोबाइल के साथ साथ और भी रोज मर्रा का सामान बेग में था, जो पुलिस को अभी तक पुलिस को नहीं मिल सका है। 

यह बेग सड़क पर चलते किसी यात्री को मिला जो उठा कर अपने साथ ले गया था। किन्तु जब उसने दीपाली का मोबाइल आन किया तो चचेरे भाई की काल उस पर आई। जिससे लम्बी बातचीत हुई। जिसमें यात्री ने अपना नाम अभिषेक पुरोहित निवासी ग्वालियर बताया और उसने यह भी बताया कि उसे यह बेग बेतबा नदी के पुल पर पड़ा मिला था। उसने बेग में एक मोबाइल के साथ अन्य सामान मिलने का जिक्र किया और फिर चचेरे भाई की प|ी ने भी उक्त व्यक्ति से काफी लम्बी बात की। बात के दौरान उन्होंने मोबाइल देने तथा पुलिस के समक्ष पेश होकर जानकारी देने की गुहार लगाई, किन्तु उसने फोन बंद कर लिया। इसके बाद से ही फोन बंद है। फोन बंद होने से पुलिस को भी जांच में काफी परेशानी आ रही है। पुलिस को यह जानकारी दीपाली के परिजनों से पूछताछ के दौरान हुई। पुलिस ने मोबाइल पर हुई लम्बी बात की रिकार्डिंग को अहम सबूत मानते हुए उसे सुरक्षित रख लिया तथा रिकार्डिंग के आधार पर अपनी जांच दो दिशाओं में करना आरंभ कर दिया। अब नए साक्ष्य मिलने से हत्या के साथ साथ आत्महत्या किए जाने पर आज से जांच आरंभ कर दी है। ऐसा भी बताया गया है कि बेग में दीपाली के द्वारा लिखा गया एक सोसाइड नोट भी रखा है। किन्तु जब तक पुलिस को बेग व मोबाइल नहीं मिल जाता, तब तक आत्महत्या किए जाने के साक्ष्य नहीं मिल सकेंगे। 

लीगल एक्सपर्ट टीम से जांच में मदद लेगी 

उन्होंने बताया कि पुलिस को अब जांच के लिए एक नई दिशा मिली है जिससे वह मेडीको लीगल एक्सपर्ट टीम से जांच में मदद लेगी, जिससे यह पता चल सकेगा कि क्या दीपाली ने आत्महत्या की है या फिर उसकी हत्या की गई है। मोबाइल रिकार्डिंग मिलने से अब जांच हत्या तथा आत्महत्या दो दिशाओं की ओर चल रही है । यदि आत्महत्या का मामला निकलता है तो फिर पुलिस को यह भी जांच करना होगी कि दीपाली को आत्महत्या के लिए किसने प्रेरित किया है। एसपी ने बताया कि पोस्ट मार्टम रिपोर्ट की विस्तृत जानकारी बिन्दुबार दिये जाने के लिए लिखा है। 

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -देशभर में 2 मार्च को होली का त्योहार मनाया जाएगा। 1 मार्च को होलिका दहन के की वजह से उत्तर प्रदेश में सरकारी छुट्टी है। इसके चलते कर्मचारी ये कयास लगा रहे थे कि उन्हें अब होली के बाद ही वेतन मिलेगा।Holi 2018: योगी सरकार ने कर्मचारियों को दिया तोहफा, अब होली के पहले ही मिलेगा वेतन
पैसे न होने की वजह से लेग परेशान थे और ये सोच रहे थे कि बिन पैसा कैसे त्योहार मनाएंगे। कर्मचारियों की इस समस्या को लेकर कर्मचारी संगठन लगातार सरकार से बात कर रहे थे। 

मंगलवार को इस बात का नताजा सामने आया। जिसके मुताबिक, अब यूपी के 17 लाख कर्मचारियों को होली से पहले सैलरी मिल जाएगी। योगी सरकार ने 28 फरवरी को ही सभी कर्मचारियों को सैलरी देने का ऐलान कर दिया था 
जानकारी के मुताबिक, सीएम योगी ने पहले ही वित्त विभाग को इसके लिए तैयारी करने को कह दिया था। जिसके चलते अब कर्मचारियों को फ़रवरी महीने का वेतन फ़रवरी में ही मिल जाएगा।
योगी सरकार का ये ऐलान कर्मचारियों के लिए होली का सबसे बड़ा तोहफ़ा बन गया है। बताया जा रहा है कि अब सभी विभागों में काम करने वालों के बैंक खातों में होली से पहले ही सैलरी आ गई है 

Image result for narottam mishraपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दतिया -जनसम्‍पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज 28 फरवरी को अपरान्ह भोपाल से दतिया रवाना हुए। जनसम्पर्क मंत्री डॉ. मिश्र आज ही देर रात रेल द्वारा जम्मू रवाना होंगे। डॉ. मिश्र एक और दो मार्च को माता वैष्णो देवी सिद्ध स्थान के दर्शन करेंगे।
इसके साथ प्रदेश वासिओ के लिए प्रार्थना करेंगे 

योगी आदित्‍यनाथ ने कहा, उपचुनाव रिहर्सल है 2019 में 80 लोकसभा सीटों पर चुनाव जीतने कीपूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ - उत्तर प्रदेश के मुख्यमत्री योगी योगी आदित्यनाथ ने आज कहा कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों के लिए होने वाला उपचुनाव 2019 के लोकसभा चुनाव का रिहर्सल है.


योगी ने गोरखपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में सभी 80 सीटों पर चुनाव जीतना है. पिपराइच में एक जनसभा को संबोधित करते हुए योगी ने कहा,‘‘ उपचुनाव 2019 के संसदीय चुनाव का रिहर्सल है. आपको इस उपचुनाव के लिये तो काम करना ही है, साथ ही 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिये भी तैयारी करनी है और प्रदेश की सभी 80 लोकसभा सीटें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिये जीतनी है.'


अपनी दो दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन योगी ने आज पीपीगंज और सहजनवा में जनसभायें की तथा जनता से उपचुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की.

पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुये उन्होंने कहा,‘‘ हम किसी विशेष जाति, धर्म, परिवार या इलाके के आधार पर विकास का काम नहीं कर रहे है. हम समाज के हर वर्ग के लिये काम कर रहे है. पूरे राज्य में प्रगति हो रही है और गोरखपुर में भी प्रगति हो रही है इसलिये जनता विकास के नाम पर भाजपा प्रत्याशी को वोट दे.’’

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक हुई जिसमें मोदी ने भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले सरकार की महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत करने को कहा।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि बैठक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं चुनावों को एक साथ कराने, अगले लोकसभा चुनावों से पहले पार्टी को और मजबूत बनाने और पार्टी के विकास एजेंडा को गरीबों तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक पांच घंटे से ज्यादा चली।
सिंह ने कहा, ‘‘हमने अपने सुशासन के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की और मुख्यमंत्रियों ने बताया कि वे इस दिशा में काम कर रहे हैं।'
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष तक हर घर में बिजली पहुंचाने और 2022 तक सभी परिवारों को घर मुहैया कराने की भी समीक्षा की गई। भाजपा के एक उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने प्रदेश में केंद्र सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं के बारे में प्रस्तुति दी और आगे की कार्ययोजना पेश की।
बैठक के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने केंद्रीय बजट में प्रस्तावित योजनाओं को आने वाले समय में अपने-अपने प्रदेशों में लागू करने पर जोर दिया। बैठक में पार्टी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र सरकार की योजनाओं को लागू करने की समीक्षा की और जनता के बीच इसके प्रभाव का आकलन किया।
भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों की इस बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह एवं कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं उपमुख्यमंत्रियों के साथ व्यापक चर्चा की।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब कुछ ही समय पहले राजस्थान में लोकसभा सीटों पर उपचुनाव में भाजपा को पराजय का सामना करना पड़ा जबकि आज मध्यप्रदेश और ओडिशा में विधानसभा उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा साल 2018 में भी कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं जिसमें से कुछ राज्यों में भाजपा की सरकार हैं ।
इन परिस्थितियों में सरकार और पार्टी दोनों की कोशिश है कि केंद्र सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए क्योंकि लोकसभा चुनाव के लिये अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है । इस वक्त देश के 19 राज्यों में भाजपा या फिर सहोयगियों के साथ उसकी सरकारें हैं ।
पार्टी का मानना है कि अगर राज्यों में केंद्र सरकार की योजनाओं को अमली जामा पहना दिया जाए तो फिर इसका व्यापक असर पड़ेगा। 2018-19 के आम बजट में केंद्र सरकार ने गांव, गरीब और किसान पर सबसे ज्यादा जोर दिया है । ऐसे में पार्टी का जोर इस बात पर है कि बजट के प्रावधानों को धरातल पर उतारा जाए।
 
बैठक में देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों के लिए मुफ्त में पांच लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा देने, किसानों को फसल के उत्पादन लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने के अलावा केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, जन-धन योजना को लागू करने के विविध आयामों पर चर्चा हो सकती है।
  
 
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष शाह का हमेशा से इस बात पर जोर रहा है कि केंद्र सरकार और राज्य की जो योजनाएं हैं, उनका लाभ समाज के आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।
 
बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरूण जेटली, नितिन गडकरी ने भी हिस्सा लिया।
 
बैठक में शामिल भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में शिवराज सिंह चौहान, रमण सिंह, वसुंधरा राजे, देवेन्द्र फड़णवीस, योगी आदित्यनाथ, विजय रूपाणी, सर्वानंद सोनोवाल, रघुवर दास, मनोहर लाल, त्रिवेन्द्र सिंह रावत के अलावा बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, केशव प्रसाद मौर्य, निर्मल सिंह आदि शामिल थे।

पाकिस्तान ने जताई चिंतापूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -भारत की ड्रोन टेक्नॉलजी से पाकिस्तान में घबराहट साफ देखी जा सकती है। भारत के रुस्तम-2 ड्रोन पर पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने सवाल उठाए हैं और गहरी चिंता जताई है। पाकिस्तान को चिंता सता रही है कि कॉम्बैट ऑपरेशंस में भी भारत इसका इस्तेमाल कर सकता है। बता दें, हाल ही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने रुस्तम-2 ड्रोन का सफल परिक्षण किया था।

पाकिस्तान ने जताई चिंता पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने कहा है कि ‘अगर परंपरागत और गैरपरंपरागत क्षेत्रों में निर्माण एवं सैन्य क्षमताओं के विस्तार के संदर्भ में देखा जाए तो भारत द्वारा ड्रोन टेक्नॉलजी का विकास करना चिंताजनक है।
भारत ने बनाया है ड्रोन पाकिस्तान की बौखलाहट की मुख्य चिंता है कि स्तम-2 ड्रोन, जिसके डीआरडीओ ने मेरिका के प्रीडेटर ड्रोनों की तर्ज पर विकसित किया है। ये ड्रोन सशस्त्र बलों के लिए निगरानी एवं रेकी की भूमिकाओं को निभा सकता है। रुस्तम-2 ड्रोन एक मानवरहित विमान है जो 21 मीटर लंबा हैं। इसका वजन 1.8 टन है, वहीं इसकी स्पीड 225 kmph है। ये 350 किलो वजन के हथियारों के साथ एक बार में 24 घंटे तक उड़ान भर सकता है।
रुस्तम-2 का सफल परीक्षण किया इस ड्रोन में सिंथेटिक अपर्चर रडार, मेरीटाइम पेट्रोल रडार और टक्कर रोधी प्रणाली लगाई गई है, जो इसे ओर भी खास बनाती है। रुस्तम-2 ड्रोन के बारे में डीआरडीओ ने बयान जारी करके कहा- ''डीआरडीओ ने चित्रदुर्ग के चलाकेरे में अपने एरोनॉटिकल परीक्षण रेंज (एटीआर) में आज रुस्तम-2 का सफल परीक्षण किया।
साल 2001 में रुस्तम दमानिया की मृत्यु हो गई थी। सफल परीक्षण के सभी मानक ''सामान्य'' रहे. रुस्तम-2 अलग-अलग तरह के पेलोड साथ ले जाने में सक्षम है।' बता दें, इस ड्रोन का नाम पूर्व साइंटिस्ट रुस्तम दमानिया के नाम पर रखा गया है। उनकी रिसर्च 80 के दशक में एविएशन सेक्टर में काफी काम आई थी। साल 2001 में रुस्तम दमानिया की मृत्यु हो गई थी।

daroga news 27 02 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली - मैडम, पत्नी ऊपर की कमाई मांगती है। मैं ईमानदार हूं। किसके घर डकैती डालकर दूं। रोज घर जाता हूं तो पत्नी की सुननी पड़ती है। आप मेरा तबादला शहर से दूर कर दीजिए, ताकि घर से दूर रहकर सुकून से नौकरी कर सकूं। मेरठ एसएसपी कार्यालय में तैनात एक दारोगा ने मंगलवार को कप्तान के सामने पेश होकर व्यथा सुनाई तो सन्नाटा पसर गया।
मंगलवार को कप्तान मंजिल सैनी अपने कार्यालय में विभागीय कर्मचारियों की समस्याएं सुन रही थीं। अपने ही कार्यालय में तैनात दारोगा को हाथ में प्रार्थना-पत्र लिए खड़ा देख वह भी हैरत में पड़ गईं। कप्तान ने पूछा कि क्या ऑफिस में उसे कोई दिक्कत है। इस पर दारोगा ने चुप्पी साध ली। कारण बताए बिना उसने कहा कि मैडम मेरी गुजारिश मान लीजिए। मैं कुछ नहीं कहूंगा।
जहां कोई जाना न चाहता हो, वहां भेज दीजिए दारोगा के चेहरे के भाव पढ़कर कप्तान की उत्सुकता बढ़ गई और तबादला मांगने का कारण बताने के लिए कहा। दारोगा ने जो बताया, वह चौंकाने वाला था। उसने बताया कि पत्नी कहती है कि पूरा दिन ड्यूटी कर चले आते हो। ऊपर की कमाई क्यों नहीं करते। दारोगा ने कहा कि वह एसएसपी ऑफिस में रहेगा तो रोज घर जाना पड़ेगा और पत्नी की बात सुननी पड़ेगी। ऐसे में उसका तबादला इतनी दूर कर दीजिए कि वह महीने में एक-दो बार घर आ सके। कप्तान ने दारोगा की भावना समझते हुए उसका तबादला आदेश जारी कर दिया। एसएसपी ने बताया कि दारोगा ने पत्नी से परेशान होने की बात कही थी। दूर किसी थाने में तबादले की मांग की थी। फलावदा थाने में उसका स्थानांतरण कर दिया गया है।

women in sleeper class 2018228 17393 28 02 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ दिल्ली -भारतीय रेल में अकेले सफर करने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी है। एक अंग्रेजी अखबार की मानें तो रेलवे बोर्ड ने दक्षिण रेलवे को ये निर्देश दिए हैं कि वो हर स्लीपर कोच में महिलाओं के लिए अलग से 6 बर्थ आरक्षित रखें। इसमें उम्र का भी कोई बंधन नहीं रखा गया है।
अपने आदेश में रेलवे बोर्ड ने साफ कर दिया है कि ये 6 बर्थ उन महिला मुसाफिरों के लिए आरक्षित होंगे, जो अकेले सफर कर रही होंगी। इसके अलावा अगर महिलाएं एक पीएनआर नंबर पर समूह में सफर कर रही होंगी, तो भी ये सीटें उनके लिए आरक्षित रहेंगी।
पहला चार्ट बनने के वक्त अगर इन 6 सीटों पर रिजर्वेशन नहीं हुआ होगा तो ऐसी सूरत में ये सीटें वेटिंग लिस्ट वाली उन महिलाओं को दे दी जाएंगी, जो अकेले सफर कर रही होंगी। वहीं ये बर्थ खाली रहने पर अगली प्राथमिकता वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगी।
रेलवे बोर्ड का ये फैसला इस बात को जांचने के बाद आया कि जो बर्थ महिला कोटे के तहत आऱक्षित किए जाते हैं। उनपर रात में कोई नहीं रहता है। ऐसी सूरत में ये सीटें सामान्य-प्रतीक्षा सूची वाले मुसाफिरों को दे दी जाती हैं। हालांकि वो महिला इसका फायदा नहीं उठा पाएंगी, जो किसी पुरुष के साथ सफर कर रही होगी।
इसका मतलब पहला आरक्षण चार्ट बनने के वक्त अगर महिला कोटे के तहत दो बर्थ खाली रह गई तो उस महिला यात्री को पहले सीट मिलेगी, जो अकेले सफर कर रही होगी। भले ही उसका RAC नंबर अकेले सफर कर रहे पुरुष से ज्यादा भी क्यों न हो। महिला कोटे के तहत बर्थ मिलने की दूसरी प्राथमिकता वरिष्ठ नागरिकों को दी जाएगी। रेलवे बोर्ड के अधिकारी ने ये जानकारी दी।
इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और 45 साल के पार हो चुकी महिलाओं के लिए स्लीपर कोच में 6 बर्थ आरक्षित रखने का आदेश दिया है, क्योंकि इनके लिए ऊपर के बर्थ पर चढ़ना मुश्किल होता है।
केवल स्लीपर क्लास में ही नहीं, बल्कि थर्ड और सेकेंड एसी में अकेले सफर कर रही और गर्भवती महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित करने को कहा गया है। वहीं राजधानी और दुरंतो जैसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों में भी इस तरह की व्यवस्था करने का आदेश दिया गया है। इन ट्रेनों में हर एसी कोच में चार लोअर बर्थ इस तरह के मुसाफिरों के लिए आरक्षित रहेंगी। इन सीटों के बुक नहीं होने की सूरत में तय नियमों के तहत बर्थ दी जाएगी। इससे ट्रेन में सफर कर रही महिलाओं को आसानी होगी।

wasim rizvi 28 02 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ लखनऊ -उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैयद वसीम रिजवी ने देश में मंदिर तोड़कर बनाई गई नौ मस्जिदों को हिदुओं को वापस करने की मांग की है। यह मांग ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से की गई है। वसीम रिजवी ने इसके लिए बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि इस्लाम में किसी इबादतगाह को जबरन तोड़कर मस्जिद बनाया जाना जायज नहीं है।
वसीम रिजवी ने लिखा है कि दूसरे इबादतगाह तोड़कर बनाई गई मस्जिदों में किसी भी तरह की अल्लाह की इबादत जायज नहीं है। इसलिए ऐसी मस्जिदें हिदू समाज को सौंप दी जाएं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यदि ऐसा करेगा तो इस्लाम का असली मकसद दुनिया के सामने पेश हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मेरा नौ मस्जिदों को हिदू समाज को सौंपने का जो प्रस्ताव है उसे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आगामी बैठक के आम जलसे में रखा जाए।
उन्होंने कहा कि इतिहासकारों ने अध्ययन करके नौ मस्जिदों के बारे में बताया है कि इन्हें मुगलों व उनसे पहले आए सुल्तानों ने मंदिरों को तोड़कर बनाया है। इन मस्जिदों को हिदुओं को वापस देने के लिए बोर्ड में आम राय बनाई जाए। उन्होंने बोर्ड को एनजीओ की संज्ञा देते हुए कहा कि कुछ कट्टरपंथी लोग इस प्रस्ताव पर विचार ही नहीं करेंगे, लेकिन इस्लाम यह सीख देता है कि चाहे जालिम की ही पंचायत क्यों न हो अपनी हक की बात उनके सामने जरूर रखनी चाहिए।
इन इबादतगाहों को हिंदुओं को सौंपने की वकालत
1-राम मंदिर, अयोध्या
2-केशव देव मंदिर, मथुरा
3-अटाला देव मंदिर, जौनपुर
4-काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी
5-रुद्र महालय मंदिर, बटना, गुजरात
6-भद्रकाली मंदिर, अहमदाबाद, गुजरात
7-अदीना मस्जिद, पंडुवा, पश्चिम बंगाल
8-विजय मंदिर, विदिशा, मध्य प्रदेश
9-मस्जिद कुव्वत-उल-इस्लाम, कुतुबमीनार, दिल्ली
वसीम रिजवी पर भड़के देवबंदी उलमा
वसीम रिजवी के बयान पर देवबंदी उलमा ने आरोप लगाया कि वसीम रिजवी भाजपा को खुश करने और अपने सियासी वजूद को बनाने के लिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं। दारुल उलूम निसवा के मोहतमिम मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने कहा कि सुर्खियों में बने रहने के लिए रिजवी इस तरह के शिगूफे छोड़ते रहते हैं। इस्लामी विद्वान मुफ्ती अथर कासमी ने कहा कि बेशक कब्जा की गई जगह पर मस्जिद नहीं बनाई जा सकती और ना ही वहां नमाज हो सकती है, लेकिन रिजवी अपने दावे को साबित तो करें कि उक्त मस्जिदों को जमीन कब्जा कर बनाया गया है।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल -मध्‍यप्रदेश के बजट में किस वर्ग के लिए क्‍या है आइये जानते हैं।
budget11 2018228 23140 28 02 2018नौकरीपेशा
- प्रोफेशनल टैक्स में राहत दी गई है। अब 2.25 लाख रुपए सालाना वेतन परयह टैक्स नहीं लगेगा।
युवा
- 7.50 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य।17 नवीन और 2 आदर्श महाविद्यालय खुलेंगे।
महिला
- महिला स्वसहायता समूहों को ऋ ण सीमा 1 से बढ़ाकर 5 करोड़।
पेंशनर
- जनवरी 2016 से पहले रिटायर कर्मचारियों की पेंशन 10 प्रतिशत बढ़ेगी।
ग्रामीण
- ग्रामीण क्षेत्रों में 10 या अधिक बिस्तर बिस्तरों का अस्पताल खोलने पर निवेश की 40 प्रतिशत राशि (अधिकतम 3 करोड़) का अनुदान सरकार देगी।
किसान
- 28 लाख किसानों के लिए खरीफ फसल का कर्ज चुकाने की अंतिम तारीख 28 मार्च से बढ़ाकर 27 अप्रैल की।
उद्योगपति/उद्यमी
- उद्योग जगत को कुछ खास नहीं। उद्योग नीति एवं निवेश प्रोत्साहन के लिए 939 करोड़ रुपए स्वीकृत। वहीं सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग के लिए 852 करोड़ रुपए स्वीकृत।
निवेशक
- पंजीयन शुल्क स्टांप ड्यूटी का 0.8 प्रतिशत किया। यह अब तक संपत्ति के मूल्य का 0.8 प्रतिशत था।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
- मानदेय राशि बढ़ाई जाएगी।
अतिथि विद्वान-शिक्षक, अंशकालिक सफाई कर्मी, भृत्य, लिपिक
- मानदेय बढ़ाया जाएगा।
प्रमुख योजनाओं की घोषणा
1 कृषक समृद्धि योजना
सरकार ने कांग्रेस द्वारा प्रचारित की जा रही किसान विरोधी छवि को बदलने के लिए किसानों को काफी सौगात दी है। सरकार कृषक समृद्धि योजना भी लाई है। इसमें नौ लाख किसानों को प्रति क्विंटल 200 रुपए के हिसाब से प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है। इसके लिए सरकार ने 2018-19 के बजट में 3 हजार 650 रुपए का प्रावधान किया है।
2 मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना
शिवराज सरकार ने किसानों में से डिफाल्टर किसानों को राहत देने के लिए मुख्यमंत्री ऋण समाधान योजना शुरू करने का भी ऐलान किया है। इसमें उन किसानों को लाभ दिया जाएगा जो फसल ऋण समय पर नहीं चुकाने के कारण संस्थागत ऋण नहीं मिलने से परेशान हैं। ऐसे किसानों के लिए बजट में 350 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
कर्मचारियों को फायदा
* कर्मचारियों के वेतन से काटी जाने वाली वृत्ति कर की राशि की आय सीमा में परिवर्तन किया है।
* एक लाख 80 हजार से सवा दो लाख के वेतन पर कोई वृत्ति कर नहीं लगेगा।
* सवा दो लाख से तीन लाख के वेतन पर ढाई हजार की जगह डेढ़ हजार रुपए वृत्ति कर काटा जाएगा।
* तीन लाख से चार लाख तक के वेतन पर ढाई हजार की जगह दो हजार का वृत्ति कर लगेगा।
* चार लाख रुपए से ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों को ढाई हजार रुपए ही वृत्ति कर देना होगा।
* एक जनवरी 2016 के पहले रिटायर हुए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पेंशन और परिवार पेंशन की राशि में 10 फीसदी की बढ़ोतरी।
साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगार का लक्ष्य
युवाओं को रोजगार से संबद्ध करने के उद्देश्य से जिस मप्र राज्य कौशल विकास और रोजगार निर्माण बोर्ड की स्थापना की गई है, उससे सरकार ने बजट में साढ़े सात लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के लिए भी 774 करोड़ का बजट में प्रावधान किया है।
शहरों व अदालतों में सीसीटीवी कैमरे
प्रदेश के 50 शहरों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर वहां की गतिविधियों की निगरानी और यातायात प्रबंधन में सहायता ली जाएगी। इसके लिए 147 करोड़ का प्रावधान बजट में किया है। वहीं प्रदेश के सभी जिला अदालतों में भी सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रावधान बजट में किया गया है, जिसके लिए 20 करोड़ की राशि दी गई है।
प्रमुख विभागों को कितना मिला और पिछली बार से कितना ज्यादा
किस विभाग को क्या मिला (करोड़ रुपए में)
कृषि बजट
कितना मिला- 37498
पिछले पुनरीक्षित अनुमान से 17 फीसदी ज्यादा
सिंचाई
कितना मिला- 10 हजार 928
पिछले पुनरीक्षित अनुमान से 17 फीसदी ज्यादा
स्वास्थ्य
कितना मिला- 5689
पिछले पुनरीक्षित अनुमान से 21 फीसदी ज्यादा
उच्च शिक्षा
कितना मिला- 2 हजार 244
पिछले पुनरीक्षित अनुमान से18 फीसदी ज्यादा
महिला एवंं बाल विकास
कितना मिला- 3 हजार 722
पिछले पुनरीक्षित अनुमान से 30 फीसदी ज्यादा
नंबर गेम
- 2,04,642 करोड़ का बजट, पिछली बार था 1, 85,000 करोड़ का था बजट
- 26,780 करोड़ का घाटा संभावित
- 7.3 प्रतिशत विकास दर मध्यप्रदेश की,
(6.9 प्रतिशत देश की विकास दर थी, अक्टूबर-दिसंबर 2017 में)
- 3.84 प्रतिशत देश की अर्थव्यवस्था में योगदान प्रदेश का
(वर्ष 2004-05 में यह 3.48 प्रतिशत था)
- 37,498 करोड़ कृषि बजट, पिछली बार के मुकाबले 32957 करोड़ रुपए अधिक (इस बार कृषि से संबद्ध क्षेत्र भी समाहित)
- 8.50 करोड़ आनंदविभाग के लिए भी दिए
- स्कूली शिक्षा के लिए 21,724 करोड़ का प्रावधान। पिछले बजट में यह 19,872 करोड़ था।
इनका बजट में कोई जिक्र नहीं
- रियल एस्टेट
- पेट्रोल-डीजल के दाम कम करना।
- आईटी सेक्टर।

पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ भोपाल - रोजगार को लेकर सरकार ने नई घोषणाओं की बजाय पुरानी घोषणाओं को प्रभावी रूप से लागू कर करीब 9 लाख लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मुहैया कराने का वादा किया है। स्वरोजगार के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के तहत अगले वित्तीय वर्ष में 1 लाख 13 हजार 250 लोगों को स्वरोजगार के लिए ऋण दिलाने का दावा सरकार ने किया है। इन तीनों योजनाओं के लिए सरकार ने बजट में 774 करोड़ स्र्पए का प्रावधान किया है                                       mp budget2 2018228 23731 28 02 2018
दूसरी तरफ तकनीकी शिक्षा एवं कौशल संवर्धन विभाग के तहत कौशल विकास के लिए दी जाने वाली ट्रेनिंग से करीब साढ़े सात लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य भी सरकार ने तय किया है। इसके लिए सरकार ने करीब 120 करोड़ स्र्पए का प्रावधान किया है।
अक्टूबर 2018 तक पूरा प्रदेश होगा खुले में शौच मुक्त
स्वच्छ भरत मिशन को लेकर मप्र में हो रहे काम को देशभर में सराहा गया है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने अक्टूबर 2018 में पूरे प्रदेश को खुले में शौच से मुक्त करने की घोषणा की है। प्रदेश के सभी नगरीय निकाय खुले में शौच मुक्त घोषित हो चुके हैं। इसके साथ ही अक्टूबर 2018 तक हर घर में शौचालय निर्माण का लक्ष्य भी बजट में राज्य सरकार ने तय किया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरकार ने 2 हजार 234 करोड़ स्र्पए और शहरी क्षेत्रों के लिए 315 करोड़ स्र्पए का प्रावधान किया है। प्रदेश के 56 शहरों में सीवरेज परियोजनाएं शुरू की जा रही है, जिसमें नर्मदा नदी के किनारे के 20 शहर भी शामिल हैं। शहरी विकास विभाग के लिए इस साल 11 हजार 932 करोड़ स्र्पए का प्रावधान किया गया है।

power connection 28 02 2018पूनम पुरोहित मंथन न्यूज़ श्योपुर -बढ़ते बकाए को जमा करने के लिए बिजली कंपनी ने अब सख्त रवैया अपना लिया है। इस रवैए के चलते बिजली कंपनी ने दूरसंचार विभाग (बीएसएनएल) को 24 घंटे में बकाया जमा करने का अल्टीमेटम दे दिया।
जब तय समय में बकाया पैसा जमा नहीं हुआ तो बिजली कंपनी ने बुधवार को दोपहर 11 बजे बीएसएनएल के तीनों ऑफिसों के कनेक्शन काट दिए। बिजली गुल होते ही बीएसएनएल की व्यवस्था प्रभावित हो गई और उसे बैटरी बैकअप का सहारा लेना पड़ा।
इधर बीएसएनएल प्रबंधन का कहना है कि बकाया जमा नहीं होने का कारण बिजली बिलों की गड़बडी एक बड़ा कारण है। जो कुछ पैसा जमा किया गया उसे बिजली कंपनी ने बिलों में फीड नहीं किया और आने वाले बिलों में वह राशि जोड़कर भेज दी गई। जिसकी अब पेनाल्टी भी वसूली जा रही है। इस बात को बिजली कंपनी के पदाधिकारी सुनने को तैयार नहीं हैं।
बीएसएनएल विभाग पर बिजली का 21 लाख 89 हजार रुपए बकाया चल रहा है। जो एसडीओ टेलीफोन कन्याणपुरम कार्यालय, एई बीएसएनएल और एसडीओ टेलीफोन जयस्तंभ कार्यालय पर है। यहां बिजली के अलग अलग कनेक्शन हैं। बढ़ते बकाए को लेकर बिजली कंपनी ने मंगलवार को बीएसएनएल प्रबंधन को 24 घंटे में उक्त बकाया जमा करने का नोटिस भेज दिया।
जब नोटिस भेजे जाने के बाद बकाया जमा नहीं हुआ तो दूसरे दिन ठीक 11 बजे तीनों कार्यालयों के कनेक्टशन काट दिए। इस कार्रवाई को लेकर बीएसएनएल प्रबंधन का कहना है कि बिजली कंपनी से 5 से 7 दिन का समय मांगा गया था, लेकिन कंपनी के पदाधिकारी सुनने को तैयार नहीं है।
11 बिलों का पैसा जमा फिर भी जोड़कर भेज दिया
बीएसएनएल अधिकारियों का कहना है कि बिजली के कुछ बिलों को जो पैसा जमा किया था उसमें 11 बिल ऐसे हैं जिनका पैसा जमा होने के बाद भी नहीं काटा गया। जो बिल अगले माह आया उसमें जोड़कर भेज दिया। 11 बिलों का करीब 7 लाख रुपए ऐसा है जो जमा हो चुका है,लेकिन बिजली कंपनी ने उन बिलों का पैसा फीड नहीं किया।
उल्टे उक्त राशि की हर माह पेनाल्टी और लगा रहे हैं। 24 घंटे का समय जब दिया गया तब बिजली पदाधिकारियों से 5 से 7 दिन का समय भी मांगा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई और कनेक्शन काट दिए।
सरकारी विभागों पर लाखों का बकाया, भेजे जाएंगे नोटिस
मार्च महीने तक बकाए की वसूली का लक्ष्य बनाकर बैठी बिजली ठेका कंपनी सरकारी विभाग जो बड़े बकाएदार हैं उनको नोटिस देने की तैयारी में है। बिजली ठेका कंपनी के अनुसार पुलिस कोतवाली पर करीब 12 लाख रुपए, वनविभाग पर 4 लाख, जिला अस्पताल सिविल सर्जन पर 3 लाख 50 हजार, पशु चिकित्सालय पर 34 हजार खेल स्टेडियम का ढाई लाख सहित अन्य विभागों पर बकाए बढ़ रहा है। जिसे वसूलने के लिए ठेका कंपनी ने मार्च महीने तक का लक्ष्य बना लिया है। जिन विभागों पर बकाया है उनको पहले नोटिस दिए जाएंगे इसके बाद कनेक्शन काटने की कार्रवाई होगी। अगर शहरी क्षेत्र में बकाए की बात करें तो करीब 33 करोड़ रुपए बकाया है जिसे वसूलने के लिए बिजली कंपनी सख्त कदम उठाएगी।
इनका कहना है
बीएनएनएल विभाग पर लगातार बकाया बढ़ रहा है उसे पहले भी नोटिस दिया गया फिर भी पैसा जमा नहीं हुआ। अब 24 घंटे में बकाया जमा करने का नोटिस दिया गया फिर भी बकाया जमा नहीं हुआ तो कनेक्शन काट दिए। 
कमलकांत सिंह, डीई, मप्रमक्षेविविकं श्योपुर
बिजली कंपनी जो बिल बता रही है उसमें कुछ पैसा जमा हो चुका है, लेकिन उसे बिलों मंे फीड नहीं कराया गया। राशि कम करने की अपेक्षा दूसरे बिलों में जोड़कर भेज दी। जिसकी हमें पेनॉल्टी लग रही है। फिर भी हमने 5 से 7 दिन का समय मांगा फिर भी नहीं माने। 
आरसी शर्मा, एसडीओ, दूरसंचार
हमें तो कंपनी को बकाए की वसूली करके देना है। कई सरकारी विभागों पर लाखों रुपए बकाया है जिसे जमा नहीं कराया जा रहा है। अगर बकाया जमा नहीं होगा तो कंपनी से संबंधित विभागों को नोटिस दिलाएंगे। 
कोमल सिंह चौधरी, प्रबंधक, जय मां तारीण ठेका कंपनी


शिबपुरी/भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेन्द्र शर्मा ने विधानसभा उपचुनाव के निर्णय पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि होती है जनता जनार्दन ने इस चुनाव में जो निर्णय दिया है  उसे हम शिरोधार्य करते हैं।भारतीय जनता पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता जनसेवा के लिये संकल्पित है और हम जनसेवा के लिये सदैव डटे रहेंगे इन चुनावों के परिणाम से हमारा जनसेवा का लक्ष्य प्रभावित नही होगा।
सुरेन्द्र शर्मा ने कहा पिछले चुनाव में भारतीय जनता पार्टी कोलारस विधानसभा में 25हजार वोट से हारी थी एवं बहुजन समाजपार्टी भी इस चुनाव में लगभग 20हजार वोट प्राप्त करने में सफल रही थी उप चुनाव में बसपा प्रत्याशी न होने के कारण वह वोट भी काँग्रेस के ही प्रत्याशी को मिलने की संभावना है इस प्रकार यह अंतर लगभग 45हज़ार मतों का होता है भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी श्री देवेंन्द्र जैन एवं कार्यकर्ताओं ने अपनी मेहनत एवं पुरुषार्थ से मतों के अंतर की इस खाई को पाटने का काम किया है।
काँग्रेस नेता भी इस चुनाव की जीत पर ज्यादा खुश न हों क्योंकि यह सीट काँग्रेस की ही थी औऱ काँग्रेस ने ही जीती है,मुख्य चुनाव में भी जब सारे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की लहर थी तब भी यह सीट काँग्रेस ने जीती थी।उप चुनाव की हार जीत का असर मुख्य चुनाव पर कदापि नहीं होता 2007 में शिवपुरी विधानसभा के उपचुनाव में भी काँग्रेस विजयी हुई थी लेकिन उसके तुरंत पश्चात 2008 और फिर 2013 के मुख्य चुनाव में भारतीय जनता पार्टी मध्यप्रदेश में  सरकार बनाने में सफ़ल रही है,भारतीय जनता पार्टी 2018 में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान के नेतृत्व में लगातार चौथी बार सरकार बनायेगी और पहले से ज्यादा सीट प्राप्त करेगी।
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकताओं से मेरा आग्रह है कि वह निराश न हों,चुनाव में हार-जीत लगी रहती है आज चुनाव हारे हैं तो कल जीतेंगे भी जिन लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के लिये मतदान किया है उनके सुख दुख में साथ देने की हमारी नैतिक जिम्मेदारी है और जिन लोगों ने भाजपा को अपना मत नहीं दिया है उनका दिल हम अगले 6 महीने में जीतने का प्रयास करेंगे और अगला चुनाव अवश्य जीतेंगे।
कोलारस विधानसभा से विजयी काँग्रेस प्रत्याशी श्री महेंद्र यादव को हम शुभकामनाएं देते हैं कि वह क्षेत्र के विधायक के रूप में जनता के हित के लिए कार्य करें, विधानसभा में वह विपक्ष के विधायक की भूमिका का निर्वहन करें क्षेत्र में उन्हें उनका कर्तव्य भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता याद दिलाते रहेंगे।।
प्रकाशन हेतु सादर
सुरेन्द्रशर्मा
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
भारतीय जनता पार्टी
Mo.9074600001


शिबपुरी/भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेन्द्र शर्मा ने मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री श्री जयंत मलैया द्वारा प्रस्तुत किये गये बजट को जन हितैषी एवं लोकोपकारी बजट बताया है।
सुरेन्द्रशर्मा ने कहा कि इस बजट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का"सबका साथ-सबका विकास" एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की जनहितैषी दृष्टि का भाव स्पष्ट रूप से प्रकट हो रहा।
बजट में गाँव गरीब किसान एवं पिछड़े वर्ग की चिंता तो  है ही माध्यम वर्ग एवं  शहरों के लिये भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
इंदौर भोपाल मैट्रो के पहले चरण का काम  इस बजट के माध्यम से पूरा होगा साथ ही स्मार्ट सिटी के निर्माण को भी गति मिलेगी।
स्वाथ्य के लिये 5000 करोड़ के प्रावधान से चिकित्सा सुविधाएं बेहतर हो सकेंगी, प्रदेश में 6 नए मेडिकल कॉलेज खुलने से प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र में नये आयाम स्थापित होंगे।
कृषि क्षेत्र के लिये 37498 करोड़,सिंचाई परियोजनाओं 928 करोड़,माइक्रो सिचाई परियोजनाओं के लिये 379 करोड़ भावानंतर के लिये 300 करोड़ की राशि के प्रावधान से किसान के चेहरे पर मुस्कान खिली रहेगी।
सड़को के विकास के लिये 532 करोड़ की राशि के प्रावधान से प्रदेश में सड़कों की स्थिति और बेहतर होगी।
720 नये हाईस्कूल बनने से शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा।
महिला एवं बालविकास के लिये 2722 करोड़ के प्रावधान से महिलाओं एवं बच्चों की स्थिति बेहतर होगी।
ग्रामीण इलाकों में पेयजल के लिये 2986 करोड़ के प्रवधान से ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल की समस्या से मुक्ति मिल सकेगी।इस बजट में हर आदमी के लिये रोटी-कपड़ा-मकान देने की व्यवस्था की गई है बच्चों को पढ़ाई-युवाओं को कमाई और सबके लिये दवाई इस बजट का दृष्टिकोण है।
यह बजट हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला बजट है,यह बजट मध्यप्रदेश को स्वर्णिम मध्यप्रदेश के पथ पर ले जाने वाला बजट है।
एक श्रेष्ठ एवं उत्कृष्ट बजट हेतु प्रदेश के वित्तमंत्री श्री जयंत मलैया जी का अभिनंदन एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान सहित समस्त प्रदेश सरकार को साधुवाद।
प्रकाशन हेतु सादर
सुरेन्द्र शर्मा
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
भारतीय जनता पार्टी(म.प्र)
Mo.9074600001

MARI themes

Blogger द्वारा संचालित.