e way bill 01 04 2018मंथन न्यूज़ - बीते वित्त वर्ष में लागू हुई एकीकृत कर प्रणाली की सबसे अहम मानी जाने वाली व्यवस्था 'ई-वे बिल" 1 अप्रैल से लागू होगी। इसी के साथ प्रदेश से बाहर 50 हजार रुपए व ज्यादा कीमत का माल भेजने या मंगवाने पर ई-वे बिल जेनरेट करना अनिवार्य होगा। दावा किया जा रहा है कि दिनभर में 50 लाख लोग भी पोर्टल पर आएंगे तो भी साइट ठप नहीं होगी।
पहले 1 फरवरी से ई-वे बिल लागू होना था। इसे लागू किया भी गया लेकिन पहले दिन पोर्टल ठप होने से सरकार को कदम पीछे खींचना पड़े। इसे लागू करने से पहले नियमों में तमाम संशोधन किए गए हैं। फिलहाल सबसे बड़ी राहत देते हुए राज्य के भीतर (इंट्रास्टेट) ई-वे बिल लागू नहीं किया गया है। इसकी अवधि से लेकर अन्य कई बातों में संशोधन कर राहत दी गई है। कमर्शियल टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष केदार हेड़ा के अनुसार ई-वे बिल की व्यवस्था पोर्टल पर ही निर्भर करेगी। सरकार पोर्टल में परिवर्तन और सर्वर की क्षमता बढ़ाने का भरोसा जता रही है। दावा है कि किसी भी समय एक साथ 50 हजार लोग लॉग इन करें यानी दिनभर में करीब 40 से 50 लाख लोग ई-वे बिल जनरेट करें तो भी पोर्टल में परेशानी नहीं आएगी।
ऐसे करें जनरेट
टैक्स प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन के सचिव सीए जेपी सर्राफ के मुताबिक ई-वे बिल www.ewaybillgst.gov.in से जारी हो सकेगा। पहले कारोबारी को रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। जीएसटीएन डालते ही पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी दिखेगी। सही होने पर ओटीपी भेजने का विकल्प चुनना होगा। मोबाइल पर ओटीपी आएगा। इसके बाद यूजरनेम व पासवर्ड बना सकेंगे। इस यूजरनेम पासवर्ड से हर बार माल भेजने के लिए ई-वे बिल जनरेट होगा।
सिस्टम धीमा तो परेशानी
कर सलाहकार आरएस गोयल के मुताबिक ई-वे बिल न केवल शासन के पोर्टल बल्कि कारोबारी के निजी कम्प्यूटर सिस्टम पर भी निर्भर करेगा। ई-वे बिल के लिए जरूरी होगा कि अपने सिस्टम की फाइलों को ठीक से अरेंज करें और फालतू फाइलें हटा लें। ई-वे बिल की फाइलों के ठीक संचालन के लिए कम्प्यूटर से कैशे, कुकीज, टेम्प और बग्स भी हटाना जरूरी हैं।

Image result for डॉ. नरोत्तम मिश्रामंथन न्यूज़ -प्रत्येक समिति में एक उपयंत्री तथा एक सामाजिक कार्यकर्ता को रखा जाए जो प्रतिदिन निगरानी कर पेयजल प्रदाय की स्थिति को देखें और कमियों को दूर करें। इसके साथ गलियों में चल रहे सीवर प्रोजेक्ट के बाद सीसी सड़क का निर्माण कार्य तेजी से किया जाए। यह बात जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने नवीन कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में नगर पालिका द्वारा पेयजल, सीवर तथा सीसी रोड निर्माण की समीक्षा करते हुए कही। पीएम आवास योजना में दतिया के प्रथम स्थान पर रहने पर कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ को बधाई दी। बैठक के दौरान ग्रामीण व शहरी पेयजल में कमी पाए जाने पर जल निगम के महाप्रबंधन डीके जैन को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर मदन कुमार, जिला पंचायत सीईओ संदीप माकिन, एसडीएम आशीष कुमार गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह बुंदेला, नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल, उपाध्यक्ष योगेश सक्सेना सहित वार्ड पार्षद, ठेकेदार व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सर्वप्रथम बड़ौनकलां, सीतापुर, उपरांय व सोनागिर आदि ग्रामों में सतही नलजल योजना के तहत जल निगम द्वारा बनाई जा रही टंकियों के जानकारी प्राप्त की गई। जिसमें बताया गया कि महाप्रबंधक जल निगम सूचना के बाद भी उपस्थित नहीं हुए तथा प्रगति भी धीमी है। जनसम्पर्क मंत्री ने जल निगम के ईई, कार्यपालन यंत्री को अनुपस्थित रहने तथा कार्य में देरी का जिम्मेदार ठहराते हुए कार्य से पृथक करने के निर्देश दिए। दतिया पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री को प्रभार देने तथा एसडीएम वीरेन्द्र कटारे को ग्रामीण क्षेत्र में टंकी निर्माण में आ रहे अवरोधों को दूर करने के निर्देश दिए गए।
नगर में पेयजल की समीक्षा के दौरान कार्यपालन यंत्री नगरीय प्रशासन बृजेश करईया ने बताया कि नगर में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। अमृत योजना के तहत 132 किलोमीटर पाइप लाइन में से 90 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा चुकी है। दतिया शहर में सीवर लाइन के तहत जो सड़कें खोदी गई थी उनमें सीसी कार्य किया जा रहा है। जनसंपर्क मंत्री द्वारा जल प्रदाय की स्थिति में सुधार लाने के लिए सात समितियां बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक गली में पाइप लाइन डालने के उपरांत उसका दुरस्तीकरण करने के बाद ही दूसरा काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 15 दिन के पश्चात पुनः समीक्षा होगी और समीक्षा के दौरान स्थिति में सुधार न पाए जाने पर कार्रवाई होगी। बैठक के प्रारंभ विपिन गोस्वामी, मुकेश यादव, मौलाना तईब खांन, मान सिंह कुशवाहा, राकेश साहू आदि ने टंकियों के भर जाने के उपरांत पानी ओवरफ्लो हो जाने की शिकायत की। जिसके संबंध में जनसंपर्क मंत्री द्वारा ओवरफ्लो रोकने तथा समितियों द्वारा निगरानी की सख्त हिदायत दी।

 मंथन न्यूज़ -क्षा विभाग के सत्र 2018-19 से विभाग में एक बड़ा बदलाव जल्द होने वाला है इसकी प्रक्रिया पिछले साल जून से ही प्रारंभ हो गई थी। जब शिक्षा मंत्री ने राज्य शिक्षा केन्द्र को लोक शिक्षण संचालनालय के अधीन लाने का प्रस्ताव किया था। अब इस मामले मंें सैद्वांतिक फैसला हो गया है। विभागीय मंत्री के प्रस्ताव पर डीपीआई ने डीपीसी का पद को जल्द खत्म कर उसे डीईओ के अधीन लाने का प्रारूप बना लिया है। अब डीपीसी बतौर सहायक संचालक डीईओ कार्यलय में बैठकर जिला शिक्षा अधिकारी के अधीन काम करेंगे। इसके आलावा कक्षा 1 से कक्षा 8 वीं तक चलने बाले सर्व शिक्षा अभियान एवं 9 वीं से 10 वीं तक माध्यमिक शिक्षा अभियान के काम काज को अब एक ही छत के नीचे लाया जायेगा। कुल मिलाकर कक्षा 1 से 12 वीं कक्षा तक की परीक्षा से लेकर अन्य सभी काम जिला शिक्षा अधिकारी ही कराएंगे।
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अभी तक राज्य शिक्षा केन्द्र के तहत प्राईमरी एवं मिडिल स्कूलों में स्कूल चलो अभियान, सर्व शिक्षा अभियान, आरटीई के तहत एडमिशन जैसे काम होते हैं। इन सभी कामों की मॉनीटरिंग डीपीसी के द्वारा होती थी। डीपीआई शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था संभालता है। जिलों में डीपीआई का प्रतिनिधित्व जिला शिक्षा अधिकारी करते हैं। डीपीआई शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था संभालता है।
अब स्कूलों में पढ़ाएंगे जन शिक्षक
बदली व्यवस्था के लागू होने पर स्कूलों की मान्यता से लेकर स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति चेक करने के लिए जन शिक्षकों की जरूरत नहीं होगी। अभी तक कई जनशिक्षक डीपीसी एवं डीईओ दफतरों में डाक लाने ले जाने का ही काम करते नजर हैं। अब इन्हें स्कूलों ंमें पढ़ाने जाना होगा। जिससे शिक्षकों की कमी भी दूर होगी। शासन का दो दो दफतरों पर किया जाने बाला खर्च और समय भी बचेगा। यहां बता दें कि पिछले दो दशकों में शासन प्राथमिक शिक्षा पर राज्य शिक्षा केन्द्र के जरिए करीब 45000 करोड़ रुपए खर्च कर चुका है। नई व्यवस्था में डीपीसी आरटीई कार्यलय में सहायक संचालक बन जाएंगे। वह पहले की तरह अपना काम करते रहेंगे। लेकिन रिपोर्ट अब डीईओ को देना होगी। इससे काम काज का सरलीकरण होगा।
इनका कहना है
कक्षा 1 से 8 वीं तक चलने बाले सर्व शिक्षा अभियान और 9 वीं से दसवीं तक के माध्यमिक शिक्षा अभियान का एकीकरण किया जा रहा है। एकदम से राज्य शिक्षा केन्द्र और लोक शिक्षण संचालनालय का विलय नहीं होगा। मगर डीपीसी के काम जरूर डीईओ दफतर से संचालित होंगे।
अमिताभ अनुरागी, आरएसके प्रवक्ता भोपाल

शिवराज बोले- शोषण की व्यवस्था है संविदा, जरूरी है सुधारमंथन न्यूज़ -मध्य प्रदेश में पिछले एक महीने से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे संविदाकर्मियों उस वक्त राहत की उम्मीद जगी जब प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संविदा नियुक्ति के बारे में एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि मैं मानता हूं की संविदा व्यवस्था शोषण की व्यवस्था है और इस व्यवस्था में सुधार होना चाहिए.

हालाकि सीएम शिवराज ने कहा कि जिनको भी समस्या है वह आकर मुझसे मिले समस्या का समाधान निकाला जाएगा. आंदोलन करना हल नहीं है.

वहीं संविदानीति को खत्म करने को लेकर सीएम के बयान का संविदा कर्मचारियों ने स्वागत किया है. सीएम के बयान पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सीएम से अपील की है कि CM विभागीय स्तर की समस्याओं का निराकरण करें.

कर्मचारियों ने कहा कि अप्रेजल, आउटसोर्सिंग और पद समाप्ति के कारण संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को हर वर्ष नौकरी से निकाला जा रहा है. सीएम को इस तरफ ध्यान देना होगा.

मध्यप्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पिछले महीने हुए दो उपचुनावों की परीक्षा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के फेल होने के बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमर कसी है। इसी कड़ी में सीएम ने मजदूरों के बच्चों की पहली क्लास से लेकर रीसर्च फेलोशिप तक की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा की है।
shivraj singh chouhan announces free education to children of laborersमजदूरों से विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार इन बच्चों की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए ली गई कोचिंग का खर्च भी वहन करेगी। उन्होंने आगे कहा, 'भगवान ने यह दुनिया बनाई लेकिन मजदूरों ने इसे रहने लायक बनाया। उनके बिना यह दुनिया काम नहीं कर सकती
गौरतलब है कि एक दिन पहले शुक्रवार को सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के लिए आयु को बढ़ाकर 60 से 62 वर्ष किया गया। सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति में आरक्षण की व्यवस्था के कारण सामान्य वर्ग के कर्मचारी पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं, इस बात को ध्यान में रखकर मध्य प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि किसी परियोजना के मंजूर होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसके पूरा होने तक संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों को सोने नहीं देते। 
परियोजना पूरी होने तक पीएम मोदी हमें सोने नहीं देते: फडणवीस
फडणवीस लातूर में एक रेल कोच कारखाने की आधारशिला रखने के बाद एक सभा को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे। 
फडणवीस ने कहा कि यदि कोई परियोजना समय पर पूरी नहीं होती, मोदी जी संबंधित मंत्री और अधिकारियों को काम पूरा होने तक सोने नहीं देते। मैं चाहूंगा कि पीयूषजी डेढ़ वर्ष में इस परियोजना को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को साथ ले आएं।
उन्होंने कहा कि हम महाराष्ट्र में मेट्रो की व्यापक लाइनें बिछा रहे हैं लेकिन हमें कोच बाहर से आयात करना पड़ता है जबकि हम इसके लिए रेलवे को भुगतान करने को तैयार रहते हैं। 
यह रेलवे के इतिहास में पहली परियोजना है जिसका भूमिपूजन मंजूरी मिलने के दो महीने के भीतर ही कर दिया गया।

देश का पीएम बनने के सवाल पर योगी आदित्यनाथ ने दिया यह जवाबमंथन न्यूज़  -उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सपा-बसपा गठबंधन पर जमकर निशाना साधा. इसी बीच इस सवाल पर कि क्या वह भविष्य में कभी खुद को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नहीं, मैं किसी पद के लिए दावेदार नहीं हूं, मैं एक योगी हूं, मुझे पार्टी ने प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर दिया है, मैं प्रदेश की जनता की सेवा कर रहा हूं.’’ 
इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश में ब्रैंड मोदी या ब्रैंड योगी कमजोर हो रहा है, योगी ने कहा, ‘‘ब्रैंड मोदी देश का एक ब्रैंड बन चुका है, मोदी जी का कोई विकल्प नहीं है, लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जाता है स्थानीय मुद्दों पर नहीं. दूसरा, हम लोगों ने प्रदेश में इस एक वर्ष के अंदर कुछ अच्छा करने का प्रयास किया है, ये सारी चीजें गिनी जाएंगी.’’ 
योगी ने सपा-बसपा गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि पहले विपक्ष तय कर ले कि उसके गठजोड़ का मुखिया कौन होगा. योगी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में सपा-बसपा गठबंधन के बारे में कहा ‘‘यह गठबंधन है या सत्ता की सौदेबाजी. पहले यह तो तय हो जाए कि इस गठबंधन का नेता कौन होगा. अखिलेश यादव होंगे, मुलायम सिंह यादव या मायावती होंगी या इस गठबंधन में कांग्रेस के भी जुड़ने पर राहुल गांधी होंगे.’’ 
उन्होंने कहा कि सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस भविष्य का गठबंधन देख रही है, इस सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी पहले यह देखें कि उनकी जगह कहां पर है, साइकिल में तो दो ही सीट होती हैं, तीसरी लगती ही नहीं है.’’ 
मुख्यमंत्री ने आगामी लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के 25-30 सीटें जीतने की केन्द्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले के अंदाजे के विपरीत कहा कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों में हार के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रदेश की सभी 80 सीटें जीतेगी.
अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को लेकर देश-विदेश में लोगों की धारणा थी, उसे बीते एक साल में बदलने में कामयाबी मिली है. योगी के मुताबिक अपराधियों में पुलिस का भय कायम हुआ है. मुख्यमंत्री ने बीते एक साल में प्रदेश में एक भी फर्जी मुठभेड़ होने से इनकार किया.

योगी आदित्‍यनाथ का सपा-बसपा गठबंधन पर तंज, कहा - पहले अपने गठबंधन का मुखिया तय कर ले विपक्षमंथन न्यूज़ - उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा-बसपा गठबंधन पर तंज कसते हुए कहा कि पहले विपक्ष तय कर ले कि उसके गठजोड़ का मुखिया कौन होगा. योगी ने एक समाचार चैनल से बातचीत में सपा-बसपा गठबंधन के बारे में कहा, ‘‘यह गठबंधन है या सत्ता की सौदेबाजी. पहले यह तो तय हो जाए कि इस गठबंधन का नेता कौन होगा.... अखिलेश यादव होंगे, मुलायम सिंह यादव या मायावती होंगी.... या इस गठबंधन में कांग्रेस के भी जुड़ने पर राहुल गांधी होंगे.’’ उन्होंने कहा कि ''सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस भविष्य का गठबंधन देख रही है, राहुल गांधी पहले यह देखें कि उनकी जगह कहां पर है, साइकिल में तो दो ही सीट होती हैं, तीसरी लगती ही नहीं है.’’

मुख्यमंत्री ने आगामी लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन के 25-30 सीटें जीतने की केन्द्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले के अंदाजे के विपरीत कहा कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों में हार के बावजूद 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रदेश की सभी 80 सीटें जीतेगी. इस सवाल पर कि क्या वह भविष्य में कभी खुद को देश के प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘नहीं, मैं किसी पद के लिए दावेदार नहीं हूं, मैं एक योगी हूं, मुझे पार्टी ने प्रदेश की जनता की सेवा का अवसर दिया है, मैं प्रदेश की जनता की सेवा कर रहा हूं.’’

इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश में ब्रैंड मोदी या ब्रैंड योगी कमजोर हो रहा है, योगी ने कहा, ‘‘ब्रैंड मोदी देश का एक ब्रैंड बन चुका है, मोदी जी का कोई विकल्प नहीं है, लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जाता है स्थानीय मुद्दों पर नहीं. दूसरा, हम लोगों ने प्रदेश में इस एक वर्ष के अंदर कुछ अच्छा करने का प्रयास किया है, ये सारी चीजें गिनी जाएंगी.’’

अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को लेकर देश-विदेश में लोगों की धारणा थी, उसे बीते एक साल में बदलने में कामयाबी मिली है. योगी के मुताबिक अपराधियों में पुलिस का भय कायम हुआ है. मुख्यमंत्री ने बीते एक साल में प्रदेश में एक भी फर्जी मुठभेड़ होने से इनकार किया.

मंथन न्यूज़ -कर्नाटक में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इन दिनों प्रदेश के दौरे पर हैं। आज उनके दौरे का दूसरा दिन है। इस दौरान उन्होंने ऐलान किया कि भाजपा प्रदेश के भीतर विकास और हिन्दुत्व के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगी। राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अमित शाह कर्नाटक जागृति यात्रा निकाल रहे हैं। इस यात्रा के दौरान शाह उन इलाकों का दौरा कर रहे हैं जहां भाजपा की पकड़ मजबूत नहीं है। 
amit shahमैसूर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक में भाजपा मजबूत स्थिति में है और बिना किसी पार्टी के गठबंधन में सरकार बनाएगी। शाह ने कांग्रेस के साथ जेडीएस को घेरते हुए आरोप लगाया कि पर्दे के पीछे दोनों पार्टियों ने हाथ मिला लिया है। आप जेडीएस को वोट देंगे, तो वह कांग्रेस के खाते में ही गिना जाएगा। 
  
कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि पूरे कर्नाटक के जिस भी हिस्से में हम गए वहां सिद्धारमैया सरकार के प्रति लोगों में नाराजगी दिखाई दी। विकास के सभी पैमानों पर सिद्धारमैया सरकार फेल है। स्वास्थ सेवाएं बदहाल हैं, बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।   
लिंगायत समुदाय को अलग धर्म बनाए जाने के सवाल पर अमित शाह ने कहा कि यह कांग्रेस का राजनीतिक हथकंडा है। अपनी बात को दोहराते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस 5 साल सत्ता में रही लेकिन चुनाव से ठीक पहले इसका ऐलान राजनीतिक फायदा उठाने के लिए किया गया। कांग्रेस नहीं चाहती कि लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखने वाले बीएस येदियुरप्पा कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। 
विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के फैसले पर उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उम्मीदवारों को चुना जाएगा। प्रदेश कमेटी नामों का चयन करके संसदीय कमेटी को भेजेगी, जांच पड़ताल के बाद उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

shivraj bhopal1 30 03 2018मंथन न्यूज़ -मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी रोडमैप का खुलासा करते हुए कहा कि टिकट परफार्मेंस के आधार पर कटेंगे। हारने के लिए टिकट थोड़ी ही देंगे। हमारा मुकाबला किससे है या सोचने वाला सवाल है, क्योंकि जहां जाता हूं वहां अबकी बार..सरकार का नारा सामने आ जाता है।
सीएम के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। पूर्वोत्तर में इसकी झलक भी नजर आ गई है। प्रदेश में 'अबकी बार 200 पार" का लक्ष्य उपचुनाव नहीं बल्कि मूल चुनाव के लिए है, इसे देखेंगे। पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर चल रही अटकलों के बीच उन्होंने कहा कि मेरे दिमाग में आईएएस-आईपीएस नहीं है। दोनों ही हमारे हैं। जो जरूरी होगा, वो फैसला करेंगे। लोक निर्माण मंत्री रामपाल सिंह की पुत्रवधू प्रीति रघुवंशी की आत्महत्या के मामले में कानून अपना काम करेगा।
पांच साल का विजन- मुख्यमंत्री ने मीडिया के सामने शुक्रवार को अपना विजन बताने के साथ सवालों के इतमिनान से खुलकर जवाब दिए। उन्होंने कहा कि बिजली, सड़क और पानी (सिंचाई) के मामले में काफी काम हुआ है। सड़कों का जाल गांव-गांव तक बिछ गया है तो बिजली भरपूर है। सिंचाई का रकबा अगले पांच साल में एक लाख 10 हजार करोड़ रुपए खर्च करके 40 लाख हेक्टेयर बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री सरोवर योजना में नए तालाब खोदे जाएंगे।
बढ़ता उत्पादन गर्व और चिंता भी- कृषि उत्पादन भरपूर हो रहा है। अब उपज के उचित दाम के लिए कृषि उत्पाद निर्यात एजेंसी और वेल्यू एडिशन नीति बनाई जा रही है। एक हजार की आबादी वाले गांवों को समूह नलजल योजना से जोड़ा जाएगा।
चुनावी तैयारी और मुद्दे- हमारा मुद्दा विकास है। मंत्रियों और विधायकों के टिकट काटे जाने को लेकर कहा कि परफार्मेंस के आधार पर चीजें तय होंगी। हारने के लिए टिकट थोड़ी ही देंगे। महिलाओं को निकायों में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। विधानसभा का टिकट भी देेंगे।
पुलिस आयुक्त प्रणाली- गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जनता की सुरक्षा हमारे लिए सबसे प्रमुख है। इसके लिए जो भी आवश्यक कदम उठाना होगा वो उठाएंगे। पुलिस का खौफ होना चाहिए। महिलाओं से छेड़खानी और दुराचार करने वाले राक्षक हैं। इनके मानव अधिकार नहीं होते हैं। दुष्टों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है और आगे भी होती रहेगी।
मुकाबले में कौन, सोचना पड़ेगा- विधानसभा चुनाव में मुकाबले के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रदेश के दौरे पर जाता हूं तो कहीं सिंधिया, कहीं भूरिया और कहीं कमलनाथ सरकार सुनने को मिलता है। अलग-अलग सरकार की बात हो रही है पर देखना पड़ेगा कि चुनाव में मुकाबला किस सरकार से होता है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और अपनी जोड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि पद पर रहें या न रहें, तोमर-शिवराज की जोड़ी सलामत रहे। सिर्फ चार चुनाव हारे हैं। कोलारस और मुंगावली उपचुनाव में ऐसा बताया जा रहा था कि लैंड स्लाइड विक्ट्री होगी पर ऐसा कुछ नहीं हुआ।
तांक-झांक की इजाजत नहीं- मुख्यमंत्री ने कहा कि जन सुरक्षा कानून को लेकर मंथन किया जा रहा है पर पुलिस को किसी के घर में तांक-झांक करने की अनुमति नहीं मिलेगी। पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए है पर निजता का पूरा सम्मान किया जाएगा।

shiksha mitra 31 03 2018मंथन न्यूज़ भोपाल - राज्य सरकार शिक्षक और अध्यापकों के लिए ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता खत्म कर सकती है। इसे लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को घोषणा कर सकते हैं। दरअसल, सेवानिवृत्ति आयु सीमा 60 से बढ़ाकर 62 करने पर राज्य के कर्मचारी मुख्यमंत्री का स्वागत भी करने जा रहे हैं। यहीं घोषणा की संभावना है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी कर्मचारियों के लिए ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दिया है। दो अप्रैल से शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के पहले ही दिन से शिक्षक और अध्यापकों को एम शिक्षा मित्र एप के माध्यम से हाजिरी लगाना होगी। इसे लेकर विभाग के मंत्री विजय शाह सख्त हो गए हैं तो कैविएट दायर होने के कारण कर्मचारियों को हाईकोर्ट से भी जल्द राहत की उम्मीद नहीं है। ऐसे में कर्मचारियों ने राजनीतिक रास्ता अपनाया है। कर्मचारियों ने ई-अटेंडेंस प्रक्रिया की कमजोरियां मुख्यमंत्री चौहान को बताई हैं। इसे देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री ई-अटेंडेंस की कुछ समय के लिए स्थगित कर दें


shivraj singh 31 03 2018मंथन न्यूज़  भोपाल -राज्य स्तरीय बैगा सम्मेलन सह विकास यात्रा में शामिल होने आए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को एसईसीएल सोहागपुर के रेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में माना कि संविदा शोषण की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि शोषण की यह व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। इसलिए उनके कल्याण के लिए मैं उनको बुलाऊंगा लेकिन एक चीज मेरी मैंने हमेशा कही है, अध्यापकों का हो गया, पंचायत सचिवों का हो गया, आंगनबाड़ी की बहनों को 8 तारीख को बुला रहा हूं। जो आंदोलन नहीं कर रहा उसको मैं बुला रहा हूं। आंदोलन करें या बात करें, दोनों चीज एक साथ नहीं हो सकती। मैंने कहा है कि आंदोलन खत्म करके आ जाएं, हम बात कर लेंगे। उन्होंने कहा कि जो संविदा कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं और अपनी मांग भी रख रहे हैं, सरकार उनकी नहीं सुनेगी।
दुईजी बैगा हमारी प्रेरणा
देवगवां की दुईजी बैगा के संदर्भ में किए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वो हमारी प्रेरणा है। मैं उनसे मिलूंगा और बातचीत करूंगा। सीएम ने कहा कि जहां तक पढ़ाई का सवाल है तो बैगा सम्मेलन में हमने पूरी बात रखी है। बैगाओं में अशिक्षा अभी भी काफी है। इसके लिए नि:शुल्क पढ़ाई एकलव्य स्कूल जैसी व्यवस्था की जा रही है। दुईजी बैगा तीन दिन मजदूरी करती हैं और तीन दिन कॉलेज में पढ़ने जाती हैं। हफ्ते में एक दिन मुख्यमंत्री की कौशल विकास क्षमता की कक्षा में भी जाती हैं।
ढोलक की थाप पर बैगाओं के साथ नाचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। बैगाओं के साथ ढोलक बजाई और खुद भी नृत्य किया। बैगा सामूहिक नृत्य के साथ कलाकारों के बीच मुख्यमंत्री उतरे और कदम से कदम मिलाकर आदिवासी नृत्य किया। मुख्यमंत्री की पत्नी साना सिंह भी मौजूद रहीं। डिंडौरी जिले के समनापुर के सुफल सिंह ुर्वे की टीम के बीच मुख्यमंत्री आ गए और ढोलक बजाकर नृत्य किया।

मंथन न्यूज़ भोपाल - राज्य सरकार ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा बढ़ाने की घोषणा के 30 घंटे के भीतर कानून में संशोधन भी कर दिया। इसका फायदा 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों व कर्मचारियों को भी मिला। इसके साथ ही अगले दो साल तक कोई भी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सेवानिवृत्त नहीं होंगे। सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाने के लिए शनिवार को मप्र शासकीय सेवक (अविार्षिकी आयु) अधिनियम में संशोधन कर अध्यादेश जारी कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले को विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।retirement 31 03 2018
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कर्मचारियों की आयु सीमा बढ़ाने की घोषणा कर दी थी। इसके बाद शनिवार को सेवानिवृत्त हो रहे कई कर्मचारी दिनभर यह पता करने में जुटे रहे कि आयु सीमा बढ़ाने का लाभ उन्हें मिल रहा है या नहीं। शाम पांच बजे तक अध्यादेश जारी नहीं होने पर विंध्याचल भवन, सतपुड़ा भवन, पुलिस मुख्यालय सहित कई जगह कर्मचारियों को समारोहपूर्वक विदाई दे दी गई। हालांकि शाम छह बजे के बाद इस संबंध में अध्यादेश जारी कर दिया गया।
रिटायर हो रहे कर्मचारियों ने दिखाई की प्रति
आपको  हमने पहले ही बता दिया था कि 31 मार्च को सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारियों को भी आयु सीमा बढ़ने का फायदा मिलेगा। शनिवार को उज्जैन के डीएफओ कार्यालय में रिटायर हो रहे तीन कर्मचारी नईदुनिया की प्रति लेकर पहुंचे और डीएफओ से कहा कि तत्काल प्रभाव से आदेश लागू हो गया है। इस पर डीएफओ ने वन मुख्यालय से मार्गदर्शन मांगा, लेकिन वन मुख्यालय इसका समाधान नहीं दे सका। इसके बाद डीएफओ ने अपर मुख्य सचिव दीपक खांडेकर से एक ईमेल के जरिए मार्गदर्शन मांगा। खांडेकर ने डीएफओ से कहा कि सेवानिवृत्ति की तैयारी पूरी रखी जाए, शाम तक अध्यादेश जारी नहीं होगा तो कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति दे दी जाए।
दो साल तक नहीं होगा कोई विदाई समारोह
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को छोड़कर सरकारी कार्यालयों में अब दो साल तक कोई विदाई समारोह नहीं दिखेगा। जो अधिकारी-कर्मचारी रिटायर होने वाले थे, वे दो साल तक रिटायर नहीं होंगे।
1998 में 58 से 60 हुई थी रिटायरमेंट की उम्र
राज्य सरकार ने इससे पहले सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति की आयु 1998 में बढ़ाई थी। तत्कालीन दिग्विजय सिंह सरकार ने आयु सीमा 58 से बढ़ाकर 60 साल की थी।
राज्य पर हर साल बढ़ा डेढ़ हजार करोड़ का बोझ
सरकार के इस फैसले से राज्य सरकार पर हर साल लगभग डेढ़ हजार करोड़ रुपए का बोझ बढ़ गया है। अगले दो साल में सरकार को करीब तीन हजार करोड़ रुपए उन कर्मचारियों को देना होगा, जो रिटायर हो सकते थे। यदि सेवानिवृत्ति आयु सीमा बढ़ाने की बजाय सरकार नई भर्ती करती तो दो साल में इसका एक चौथाई यानी करीब 750 करोड़ रुपए का ही बोझ आता।
ऐसे समझें पूरा गणित 
- 4.5 लाख नियमित अधिकारी-कर्मचारी मप्र में
- 25 हजार करोड़ रुपए का हर साल वेतन बांटती है सरकार
- 5 प्रतिशत कर्मचारी हर साल होते हैं सेवानिवृत्त 
- 22,500 कर्मचारी रिटायर होते हैं हर साल
- 375 करोड़ रुपए सालाना वेतन पर खर्च होते यदि नए कर्मचारियों की नियुक्ति होती

दतिया ब्रेकिंग।


जनसम्पर्क, जल संसाधन और संसदीय कार्य मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने प्रधानमंत्री आवास योजना के क्रियान्वयन में दतिया जिले के देश में प्रथम स्थान अर्जित करने पर कलेक्टर दतिया श्री मदन कुमार और समस्त अधिकारियों/कर्मचारियों को बधाई दी। मंत्री डॉ. मिश्र ने आज दतिया जिला मुख्यालय में आयोजित एक बैठक में कहा कि दतिया अनेक योजनाओं के अमल में अव्वल है। इसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान के नेतृत्व में प्रशासनिक अमले द्वारा परिश्रम भावना से किए जा रहे कार्य को दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले भी दतिया फसल बीमा योजना, कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, खेल गतिविधियों, सांस्कृतिक आयोजन और नव गठित आनंद विभाग की गतिविधियों के संचालन में अग्रणी रहा है।


व्ही.एस.भुल्ले      
  31 मार्च 2018
इतिहास गवाह है कि उन्मादी सत्ताओं ने अनादिकाल से ही ऐश्वर्य तो खूब भोगा, मगर वह कभी भी अपने अस्तित्व को संरक्षित और सुरक्षित नहीं रख पायीं। कई दौर, काल, खंण्ड ऐसे दिव्य, भव्य और गौरवशाली रहे। मगर उन्मादी सत्ताओं का कोई भी काल, खंण्ड, दौर ऐसा नहीं रहा, जिस पर कि गर्व किया जा सके।
             सिवाये एक ही संदेश के और वह सत्य का संदेश जिस पर हम गर्व भी कर सकते है और स्वयं को गौरांवित भी मेहसूस कर सकते है। अब जबकि नियति कलयुग के हाथ है और सत्य भी अपने विराट अस्तित्व में सामने। ऐसे में उन्मादी, अहम, अहंकारी सत्ताओं का जनसेवाओं के नाम उन्माद भी स्वयं को इतिहास में स्वर्ण अक्षरों के रुप में अंकित करने जैसा है।
          देखा जाये तो पूर्व और वर्तमान व्यवस्थाओं में प्रकृति, जन, जीव, कल्याण के लिये स्वयं-भू सत्ताओं की अपनी-अपनी सोच, विचार और व्यवस्थायें रही है। जो प्रकृति जन्य, जीवन मूल्य, सिद्धान्तों के संरक्षण, सम्बर्धन के लिये संकल्पित, संघर्षरत रही और आज भी है। मगर जो भाव व्यवस्थागत आम जन, जीव के बीच अनुभूति के रुप में होना चाहिए। अगर हम कुछ समय, काल, खंण्ड को छोड़ दें, तो वह व्यवस्थागत रुप से अपर्याप्त ही रही।
            आज जब हम कबीले, राजे-रजबाड़े आक्रान्ताओं से आगे निकल स्वयं के द्वारा स्वयं के लिये स्थापित व्यवस्था के बीच है। तब भी न तो हम उन्मादी, अहम, अहंकारी सत्ताओं से निजात पा सके, न ही ऐसी सर्वकल्याणकारी व्यवस्था ही स्थापित कर, उसे मूर्तरुप दे सके। जिसमें समस्तजन, जीव कल्याण सरंक्षित, सम्र्बधित हो सके।
            ऐसा नहीं कि प्रकृति जन्य, जीवन मूल्य, सिद्धान्तों के संरक्षण, सम्बर्धन के लिये प्रयास न हुये हो, या आज भी न हो रहे हो। बल्कि प्रचलित प्रयासों में कहीं न कहीं इच्छा-शक्ति, न्याय के सिद्धान्त के भाव का कहीं न कहीं आभाव ही रहा है। जो स्वच्छन्द जीवन निर्वहन में सबसे बड़ी बाधा है। अगर प्रकृति जन्य, जीवन मूल्य, सिद्धान्त एवं न्याय के आधार पर प्रयास किये जाते या किये जाये तो कोई कारण नहीं जो प्रकृति की इतनी सुन्दर कायानात और जीवन के रुप में मौजूद अमूल्य धरोहर को सजाया, सवारा न जा सके। मगर निहित स्वार्थ और स्वयं-भू की उन्मादी धारणा, आचार, विचार, व्यवहार के आगे वह जीवन अब स्वच्छंद जीवन न होकर संघर्ष पूर्ण समस्या ग्रस्त जीवन में तब्दील होता जा रहा है।
              जिस तरह से प्रकृति में विभिन्न विधा, विद्ववान, प्रतिभाओं का प्रकृति जन-जीव, कल्याण में अपने-अपने सामर्थ अनुसार सम्बर्धन, सरंक्षण में योगदान होता है। ठीक उसी प्रकार किसी भी स्थापित व्यवस्था में इनका योगदान उनकी योग्यता अनुसार होना चाहिए जो सन्तुलन के सिद्धान्त का पालन करते हुये अपनी-अपनी क्षमताओं अनुसार अपना योगदान कर सके। फिर व्यवस्था राजतंत्र की हो, या लोकतंत्र की। सभी में यह भाव समाहित होना चाहिए और राजन या सत्ता प्रमुख को इतना योग्य होना चाहिए कि वह स्थापित मूल्य सिद्धान्तों के अनुरुप व्यवस्था संचालन में समन्वय सामजस्य स्थापित कर हर क्षेत्र में सन्तुलन और न्याय के सिद्धान्त का पूरी निष्ठा ईमानदारी से पालन कर सके, तभी सर्वकल्याण संभव है।
जय स्वराज

मंथन न्यूज शिवपुरी
हनुमान जयंती 31 मार्च को पूरे देश में मनाई जाएगी। चैत्र मास की पूर्णिमा को हनुमान जयंती मनाई जाती है। कहा जाता है भगवान बजरंग बली की पूजा में कई नियमों का पालन करना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि चैत्र माह की पूर्णिमा को ही हनुमान जी का जन्म हुआ था। 
आज हनुमान जयंती के अवसर पर दो बत्ती चौराहा समीप मंदिर चिंता हरण पर भारी मात्रा में श्रद्धालु की भीड़ उमड़ी साथ ही मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया एवं छप्पन भोग का प्रसाद बाबा चिंता हरण भगवान को चढ़ाया गया!


लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने राज्यसभा चुनाव में रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के समर्थन को लेकर बड़ा बयान दिया है. अखिलेश ने कहा है कि लगता नहीं कि वे हमारे साथ हैं. दरअसल, यूपी में हाल ही में राज्यसभा की 10 सीटों पर चुनाव हुए हैं. जिसमें एक सीट पर बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर भीमराव अंबेडकर ने चुनाव लड़ा और वो हार गए. इस चुनाव में राजा भैया की भूमिका को लेकर बड़े सवाल उठे. 

अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए उनके बारे में कहा, 'हमें राजा भैया के बारे में कुछ नहीं कहना है, उन्हें खुद सोचना चाहिए कि उन्होंने क्या किया. लगता नहीं है कि वे हमारे साथ हैं.' 

योगी से मिले थे राजा भैया
राज्यसभा चुनावों में सपा और बीएसपी के बीच एकदूसरे को समर्थन देने का करार हुआ था. मायावती ने अखिलेश यादव के वादे पर अपना उम्मीदवार उतारा था. लेकिन कई विधायकों के खुलकर क्रॉस वोटिंग होने से उन्हें हार का सामना करना पड़ा. राजा भैया भी राज्यसभा में वोट डालने के बाद सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के लिए चले गए थे.



सपा-बसपा का साथ नहीं था पसंद
हालांकि राजा भैया ने सपा-बसपा गठबंधन पर पहले ही नाराजगी जता दी थी. उन्होंने कहा कि वह सपा के साथ हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वे बीएसपी उम्मीदवार को वोट देंगे. उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा था, 'न मैं बदला हूं, न मेरी राजनैतिक विचारधारा बदली है, ‘मैं अखिलेश जी के साथ हूं,’ का ये अर्थ बिल्कुल नहीं कि मैं बसपा के साथ हूं.' अखिलेश यादव ने भी सपा को वोट करने के लिए राजा भैया का शुक्रिया अदा किया था. लेकिन बाद में संदेह होने पर उन्होंने अपने ट्वीट को हटा दिया था. 

BJP ने राजा भैया को बताया राम अवतार
इन चुनावों में बीएसपी को मात देकर विजयी हुई बीजेपी के अनिल अग्रवाल ने दो दिन पहले ही राजा भैया का शुक्रिया अदा करते हुए कहा था कि निर्दलीय विधायक राजा भैया ने उनकी नैया को बिल्कुल राम अवतार में पार कराई है. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार से बात करते हुए कहा कि दो प्रमुख खिलाड़ियों ने बीजेपी की किस्मत ही बदल कर रख दी. उन्होंने कहा, राजा भैया एक पवित्र हिंदू हैं, जिनके घर का नाम भी रामायण है. उन्होंने राम अवतार में आकर मेरी जीत सुनिश्चित की.' 

कुंडा के गुंडा
राज्यसभा चुनाव में हार के बाद मायावती ने अखिलेश यादव को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया साथ ही अखिलेश को सलाह दी कि यदि अखिलेश कुंडा के गुंडा के जाल में न फंसते तो बीएसपी प्रत्याशी जीत जाता. उन्होंने कहा कि अखिलेश अभी राजनीति में नए हैं. इसलिए उनसे यह गलती हुई है.

    





चीनियों से मिलते चेहरे वाले ये लोग खास हैं क्योंकि जहां ये रहते हैं वो दुर्गम स्थान है। चीन भारत के जिस हिस्से पर अपना दावा करता है। उसके सबसे नजदीक बसा एक गांव है काहू। अरुणाचल प्रदेश में स्थित ये गांव मेयर जनजाति के लोगों का घर है। चीन और भारत के लाइन ऑफ एक्चुअल सीमा के करीब रहने वाले ये 12 परिवारों का गांव है, जहां कुल 76 से 80 लोग रहते हैं।

गांव की खराब हालत के पीछे चीन का दबाव है। ऐसे में जिस हिस्से पर चीन अपना हक जताता है, वहां खुद लोग उसके खिलाफ बोलते हैं। वैसे तो ये गांव भारत की सीमा में आता है लेकिन चीन की दादागिरी कोई इनसे पूछे। भारत सरकार की तरफ से इन 12 असाधारण परिवारों के लिए कुछ मदद जरूर होती है लेकिन अपना हक जताने वाला चीन यहां अपनी कोई जिम्मेदारी नहीं समझता बल्कि सीमा पर उत्पात मचा कर इन लोगों में डर पैदा करता रहता है। 

भारत द्वारा विकास के प्रयासों को यहां चीन दबाता है। वहीं इंसानियत की तो कोई परवाह ही नहीं दिखती। अगर ऐसा होता तो लोगों की खुशहाली पर दोनों देश विचार करते, और चीन भारतीय प्रयासों में उसका साथ देता ना कि अपने दबाव के चलते लोगों का जीना मुश्किल करता।   

इन लोगों ने बताया है कि- हम सात पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। यहां कुल 12 परिवार हैं और 76 से 80 लोग यहां रहते हैं। इस गांव में बुनियादी सुविधाओं की कमी है, विशेषकर सड़कों की स्थिति खराब है, यहां तक कि मोबाइल नेटवर्क भी बहुत बुरा है। ना केवल बुनियादी ढांचा, गांव में शिक्षा की मूल सुविधा का भी अभाव है, क्योंकि केवल एक प्राथमिक विद्यालय है जिसके लिए उचित बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।

सबसे नजदीक मोबाइल नेटवर्क हवाई में है जिसकी दूरी इस गांव से 65 कि.मी. है। लोगों ने बताया कि हमें भारतीय सेना से बहुत मदद मिलती है क्योंकि ये हमें कॉल और अन्य सेवाएं देने में मदद करते हैं। गांव के मेयर ने कहा कि हम अनुरोध करते हैं कि बेहतर पलायन और यात्रा के लिए पुल होना चाहिए। 

ब्रेकिंग शिवपुरी

युवा मोर्चा  शिवपुरी जिला अध्यक्ष मुकेश चौहान ओर युवा मोर्चा की  टीम द्वारा केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का बड़े पुष्प हार  एवं फल से तोलकर नया बस स्टैंड पोहरी पर स्वागत किया गया!


Image result for गोपाल भार्गवपंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव  मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र ने हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर नागरिकों को शुभकामनाएं  दी है।श्री भार्गव  ने आज दतिया और डबरा में हनुमान मंदिर जाकर पूजा अर्चना की और हनुमान जन्मोत्सव पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए।


Image result for शिवराज सिंह चौहानमुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने  हनुमान जयंती पर सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री चौहान ने  कहा कि श्रीराम भक्त  हनुमान के जीवन और चरित्र से शिक्षाएं लेकर जीवन में सफलताएं प्राप्त की जा सकती है।  हनुमान जी ज्ञानी थे, गुणग्राही थे, सत्यशील थे और उच्च आदर्शों से अनुशासित थे।  उनमें संवाद कौशल था।
श्री चौहान ने कहा कि हनुमान जी की श्रीराम भक्ति से प्रेरणा लेकर जीवन के हर क्षेत्र में  सफलता पाई जा सकती है।

Image result for जयभान सिंह पवैयाउच्च शिक्षा, लोक सेवा प्रबंधन,  मंत्री श्री जयभान सिंह पवैया ने  हनुमान जयंती पर सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री  पवैयाने  कहा कि श्रीराम भक्त  हनुमान के जीवन और चरित्र से शिक्षाएं लेकर जीवन में सफलताएं प्राप्त की जा सकती है।  हनुमान जी ज्ञानी थे, गुणग्राही थे, सत्यशील थे और उच्च आदर्शों से अनुशासित थे।  उनमें संवाद कौशल था।
श्री पवैया ने कहा कि हनुमान जी की श्रीराम भक्ति से प्रेरणा लेकर जीवन के हर क्षेत्र में  सफलता पाई जा सकती है।



Image result for श्री रुस्तम सिंहमंथन न्यूज़ -लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, आुयष मंत्री  श्री रुस्तम सिंह ने  हनुमान जयंती पर सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्रीसिंह  ने  कहा कि श्रीराम भक्त  हनुमान के जीवन और चरित्र से शिक्षाएं लेकर जीवन में सफलताएं प्राप्त की जा सकती है।  हनुमान जी ज्ञानी थे, गुणग्राही थे, सत्यशील थे और उच्च आदर्शों से अनुशासित थे।  उनमें संवाद कौशल था।
श्री सिंह  ने कहा कि हनुमान जी की श्रीराम भक्ति से प्रेरणा लेकर जीवन के हर क्षेत्र में  सफलता पाई जा सकती है।


Image result for श्री रुस्तम सिंहमंथन न्यूज़ -लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, आुयष मंत्री  श्री रुस्तम सिंह ने  हनुमान जयंती पर सभी नागरिकों और श्रद्धालुओं को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्रीसिंह  ने  कहा कि श्रीराम भक्त  हनुमान के जीवन और चरित्र से शिक्षाएं लेकर जीवन में सफलताएं प्राप्त की जा सकती है।  हनुमान जी ज्ञानी थे, गुणग्राही थे, सत्यशील थे और उच्च आदर्शों से अनुशासित थे।  उनमें संवाद कौशल था।
श्री सिंह  ने कहा कि हनुमान जी की श्रीराम भक्ति से प्रेरणा लेकर जीवन के हर क्षेत्र में  सफलता पाई जा सकती है।

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