इनकम टैक्स विभाग की बड़ी चेतावनी, 4 दिन में निपटा लें ये काम नहीं तो...

 इनकम टैक्स विभाग की बड़ी चेतावनी, 4 दिन में निपटा लें ये काम नहीं तो...

31 मार्च के बाद आयकर विभाग जानकारी छुपाने वालों पर पेनाल्टी भी लगा सकता है.

टैक्सपेयर्स के लिए एक और बुरी खबर है. आयकर विभाग ने हाल ही में एक चेतावनी जारी की है. उसने कहा है कि रिटर्न फाइल करने वाले लोगों ने अगर जाने-अनजाने कोई जानकारी छुपाई है तो 31 मार्च तक वह इसे सुधार सकते हैं. 

नई दिल्लीः टैक्सपेयर्स के लिए एक और बुरी खबर है. आयकर विभाग ने हाल ही में एक चेतावनी जारी की है. उसने कहा है कि रिटर्न फाइल करने वाले लोगों ने अगर जाने-अनजाने कोई जानकारी छुपाई है तो 31 मार्च तक वह इसे सुधार सकते हैं. रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करके छुपाई जानकारी को बताया जा सकता है. 31 मार्च तक ऐसा नहीं करने पर विभाग कार्रवाई करेगा. ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिन्होंने पूरी जानकारी नहीं दी होगी. इसके लिए आयकर विभाग अलग से पेनाल्टी भी लगा सकता है.

हो सकती है जेल
आयकर विभाग ने साफ किया है कि आईटीआर में गड़बड़ी पाने का मामला अगर गंभीर होता है तो ऐसे लोगों को जेल भी जाना पड़ सकता है. विभाग ने कहा है कि अगर आपने अपने बैंक अकाउंट में बड़ी मात्रा में कैश जमा किया है या फिर हाई वैल्‍यू ट्रांजैक्‍शन किए हैं तो आपको रिवाइज्‍ड आईटीआर में उसकी जानकारी देनी होगी.

दोनों कार्रवाई भी संभव
आयकर विभाग ने साफ किया है कि गलत जानकारी या कोई जानकारी छुपाने वालों के खिलाफ दोनों तरह के मामले भी हो सकते है. मतलब ये है कि विभाग पेनाल्टी भी वसूलेगा और कार्रवाई के तहत सजा भी हो सकती है. 

कालेधन के खिलाफ एक्शन प्लान
इनकम टैक्‍स विभाग का यह एक्‍शन कालेधन के खिलाफ अभियान का ही हिस्‍सा है. हालांकि, विभाग जाने-अनजाने गलती करने वालों को मौका दे रहा है. 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न भरा जा सकता है.

 कहते हैं टैक्स एक्सपर्ट्स

टैक्‍स एक्‍सपर्ट्स के मुताबिक, नोटबंदी के बाद से ही आयकर विभाग हर ट्रांजैक्शन पर नजर रख रहा है. आयकर विभाग ने ऐसी लिस्ट भी तैयार की है, जिनके खिलाफ बेनामी संपत्ति या कालेधन का मामला मिला है. ऐसे लोगों का बचना मुश्किल है. अब सरकार ने कालेधन रखने वालों की सभी ट्रांजैक्‍शंस की जानकारी विभाग से मांगी है. विभाग के मुताबिक, जानकारी छुपाने वालों के पास मौका है कि वो गलती सुधार लें. गलती सुधारने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी.