देश के जवानों को लेकर कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे ने कही बड़ी बात,जवानों में खुशी की लहर

आज तक आपने किसी भी मंत्री को इस तरह बात कहते हुए नहीं देखा होगा जैसा की प्रदेश की एक कद्दावर मंत्री ने बुधवार को एक ऐसी बात कह डाली जिसे सुनते ही वहां पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए,वहीं वहां मौजूद जवानों में खुशी की झलक दिखाई दी। जी हां हम बात कर रहे है कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे की। जिन्होंने सीआइएटी(काउंटर इंमरजेंसी एंटी टूरिज्म स्कूल) शिवपुरी में आयोजित आरटीसी श्रीनगर के 807 नवराक्षकों के दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए कहा कि आज जब मैंने परेड के निरीक्षण में जवानों का देश के प्रति जज्बा देखा तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए।



हम तो सिर्फ पॉलीटिक्स करके कुछ काम करने का प्रयास करते हैं, लेकिन आप लोग तो देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर अपनी छाती पर गोली खाने को तैयार रहते हो। ज्ञात रहे कि सीआइएटी ने पहली बार सीआरपीएफ जवानों को बेसिक ट्रेनिंग दी,जबकि यहां पर कमांडो ट्रेनिंग दी जाती है। इस मौके पर सीआईएटी के प्राचार्य महानिरीक्षक पीके पांडेय, श्रीनगर के प्राचार्य अनिल कुमार सिंह डीआइजी के अलावा शिवपुरी कलेक्टर व एसपी भी मौजूद रहे।


सुबह 8 बजे दीक्षांत समारोह का आयोजन शुरू हुआ, जिसमें मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने खुली जीप में सवार होकर नव आरक्षकों की परेड की सलामी ली। साथ ही ट्रेनिंग के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में अव्वल रहे जवानों को पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीआइजी अनिल कुमार ने बताया कि यह बल देश ही नहीं विश्व का सबसे बड़ा अद्र्धसैनिक बल है, जिसमें 243 बटालियन हैं।


जिनमें 15 बटालियन आरएएफ, 10 बटालियन कोबरा, 5 महिला बटालियन तथा 5 सिग्रल बटालियन के अलावा स्पेशल ड्यूटी ग्रुप एवं पार्लियामेंट ड्यूटी ग्रुप भी हैं। जो कि देश ही नहीं विदेश में यूएन के झंडे तले पीस कीपर का कार्य भी बखूबी निभा रही है, जो कोसोवो, लाइबेरिया, हैती व श्रीलंका में भी तैनात रही है। कार्यक्रम के दौरान आइजी प्रमोद पांडेय ने सीआरपीएफ की ओर से मंत्री को स्मृति चिह्न व शॉल-श्रीफल देकर सम्मानित किया। मंत्री ने कहा कि मैं अपने आपको खुशनसीब समझ रही हूं कि आपके दीक्षांत समारोह में शामिल हो सकी।


34 सप्ताह की दी कठिन ट्रेनिंग 
जम्मू-कश्मीर में भी 807 नव आरक्षकों को 34 सप्ताह की कठिन ट्रेनिंग दी गई। जिसमें कानून-व्यवस्था, मानवाधिकार, फील्डक्राफ्ट, वीआईपी सुरक्षा, पुलिस जनसंपर्क के अलावा आतंकवाद व नक्सलवाद से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया। सीआईएटी के कमांडेंट जगदीश बलाई ने बताया कि सीआरपीएफ में इस बार 20 हजार जवानों की भर्ती हुई, जिसके चलते सभी 19 ट्रेनिंग सेंटर भी कम पड़ गए, इसलिए शिवपुरी सीआइएटी में पहली बार बेसिक ट्रेनिंग दी। जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी अधिक होने की वजह से जवानों को ट्रेनिंग के लिए जगह नहीं है। साथ ही वहां पर जंगल भी ऐसा नहीं है, जो शिवपुरी में है।


 


मंत्री ने दी सडक़ की सौगात
पानी का आश्वासन मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने उद्बोधन के दौरान कहा कि हाइवे से सीआइएटी के गेट तक मौजूद लिंक रोड वे बनवाएंगीं और उसके लिए राशि देंगीं। इसके अलावा उन्होंने माना कि सीआइएटी में भी पानी की समस्या है और आने वाले समय में सिंध से आने वाला पानी ट्रेनिंग सेंटर को भी दिया जाएगा।