आम सहमति बनाकर पेट्रोल-डीजल को लाएंगे जीएसटी के दायरे में : पीयूष गोयल

इंदौर। पेट्रोल-डीजल मूल्य वृद्धि को लेकर सरकार चिंतित है और बुधवार को मंत्री समूह की बैठक भी हो चुकी है। कीमत कैसे कम हो और उस पर नियंत्रण रहे, इस पर दूरदर्शी नीति तैयार हो रही है। जल्द ही उसकी घोषणा होगी। सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहती है। इस बार होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस बारे में चर्चा होगी। पेट्रोलियम मंत्री की मंशा है कि आम सहमति बनाकर पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल किया जाए।

यह बात रेल एवं वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को मीडिया से कही। शहर आए गोयल ने केंद्र सरकार की योजनाएं गिनाई और मूल्य वृद्धि, महंगाई और कृषि के विषय पर बोले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने यह कभी नहीं कहा कि 70 सालों से देश में कुछ भी काम नहीं हुआ। वे अकसर यह कहते हैं कि कामों की गति धीमी रही। कांग्रेस सरकार ने सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाया है।

गाेयल ने कहा कि मनमाने तरीके से कोल ब्लॉक, टू-जी स्पेक्ट्रम कांग्रेस के समय बांटे गए। 48 महीनों में केंद्र सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं। भ्रष्टाचार पर सख्ती से अंकुश लगा है। इसका असर देश में दिखाई दे रहा है। 25 शहरों में चार साल में नए विमानतल बने हैं। हजारों किलोमीटर पुरानी रेल लाइन बदली गई। यही कारण है कि इस साल देश में सबसे कम रेल हादसे हुए। स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सरकार आयुष्मान योजना शुरू करने जा रही है, जिसमें 50 करोड़ लोगों को पांच लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कराया जाएगा।

सफल साबित हुई भावांतर योजना

प्रदेश में किसान आंदोलन से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए कई सफल योजनाएं चलाई हैं। इस कारण पैदावार बढ़ गई है। असल परेशानी किसानों को उपज के सही दाम न मिलना है। इसके लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की, जो सफल साबित हुई है।

उपचुनावों में भाजपा उम्मीदवार के हार जाने पर उन्होंने कहा कि ऐसे नहीं है कि ज्यादातर उपचुनाव भाजपा ने जीते हैं। देश के 14 राज्यों में भाजपा की सरकार बनी है। इस साल मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव हैं और प्रदेश की जनता सही पार्टी और उम्मीदवार को चुनेगी।