चुनावी साल की बड़ी खबर, प्रदेश के 2 लाख 37 हज़ार अध्यापकों का इस दिन होगा संविलियन

भोपालः जिस संविलियन की मांग मध्य प्रदेश के अध्यापक अठ साल से करते चले आ रहे थे, वह अब जाकर चुनावी दौर में पूरा होने वाला है। प्रदेश सरकार संविलियन को लेकर सोमवार को आदेश जारी कर देगी। दरअसल, प्रदेश में फिलहाल दो लाख 37 हजार अध्यापक हैं, जिनकी करीब आठ साल से यह मांग थी कि, उनका संविलियन किया जाए, जिसे मानते हुए सरकार ने स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में संविलियन के आदेश जारी करने का फैसला लिया है।


पहले होना था फैसला, अब अगले कार्यदिवस को


कैबिनेट द्वारा 29 मई को संविलियन का फैसला लिया जा चुका था, जिसके तहत राज्य शासन ने पहले ही संविलियन को लेकर आदेश का प्रारूप तैयार कर लिया है और सभी संबंधित विभागों से प्रारूप का अनुमोदन भी किया जा चुका है। हालांकि, अब सिर्फ इसे लेकर आदेश जारी होना बाकि है, जो अगले कार्य दिवस पर पारित हो जाएगा। सरकार संविलियन के आदेश जारी करने में होने वाली देरी से बढ़ते विरोध को शांत करने के लिए जल्दी कर रही है। वैसे तो आदेश शुक्रवार को ही जारी होने थे, लेकिन किन्हीं कारणों के चलते इन्हें आगामी कार्य दिवस तक टाल दिया गया, अब सोमवार को इसे लेकर आदेश सुनाया जाएगा।


सीएम के स्वागत की हो रही तैयारी


मामले को लेकर सरकार काफी ज़ोरों शोरों पर इसकी तैयारी कर रही है, जिसे लेकर अध्यापक भी सीएम शिवराज को लेकर काफी नज़र आए और इसे लेकर उन्होंने आदेश पारित होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वागत की तैयारी कर ली है। आजाद अध्यापक संघ ने राजधानी में आयोजन करने पर विचार शुरू कर दिया है। हालांकि, वहीं, दूसरी तरफ अध्यापक संघ अब भी नाराज हैं। उइनकी मांगे हैं कि, सरकार अब भी संविलियन का आदेश जारी करने से पहले उनके द्वारा बताए गए नियमों में संशोधन कराना चाहते हैं। ये संगठन नया कैडर नहीं चाहते हैं। बल्कि सहायक शिक्षक, शिक्षक और व्याख्याता कैडर को पुनर्जीवित करने की मांग कर रहे हैं।