कलेक्टर ने मुन्नालाल को नसीहत देते हुए कहा,सही कार्य का करे भुगतान ओर गलत कार्य में करे कार्यवाही

*कलेक्टर ने मुन्नालाल को दी नसीहत,कहा संभाले अपनी जिम्मेदारी*


*-सही कार्य का करें भुगतान,गलत कार्य में करें कार्रवाई:डीएम गुप्ता*


*-जानलेबा बन सकता है सिंध की पाइप लाइन से छेड़छाड़ करना*


शिवपुरी मंथन न्युज-
हर समस्या को लेकर प्रशासन के पास पहुंचने वाले नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह को आज कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने दो टूक लहजे में नसीहत देते हुए कहा कि वह खुद अपना काम देखें नहीं तो उन्हें आगे से मौका नहीं मिल पाएगा। शिवपुरी के अलावा और जिलों में भी नगर पालिका, नगर निगम है। जहां नपा अमला खुद अपना काम देखता है। लेकिन यहां ऐसा क्यों नहीं हो पा रहा है। बात-बात पर प्रशासन की आवश्यकता क्यों पड़ती है। नपा स्वतंत्र संस्था है वह खुद अपना काम देखे और यदि कर्मचारियों की कमी है तो मुझे पत्र लिखे मैं शासन को अवगत कराकर सहयोग करूंगी। लेकिन जिम्मेदारी संभाल कर क्रियान्वयन तो नपा को ही कराना पड़ेगा। कलेक्टर श्रीमति गुप्ता ने नपाध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप लोग कुछ चीजें अपने हाथों में लीजिए कलेक्टर, एसडीएम नगर पालिका को नहीं चलाएंगे। हम आपकों सहयोग कर सकते है मॉनिटरिंग में मदद कर सकते है, आप सोचे कि सारा काम हम अपने हाथों में ले लें तो यह संभव नहीं है हमें जिले में और भी काम है। अगर किसी कार्य में परेशानी है तो हम मदद करेंगे, पुलिस फोर्स चाहिए है तो एसपी साहब उपलब्ध कराएंगे। कर्मचारी चाहिए या अन्य कोई समस्या है तो उसे भी देखेंगे लेकिन क्रियान्वयन तो आपको ही करना है। नगर पालिका में आप सभी प्लाइन करके काम करिए, मुझे अच्छा नहीं लगता कि भोपाल से टीम आकर हमारी नगर पालिका को निर्देशित करे। जो पैसा आपको मिला है, उससे काम आपको कराना है। अगर काम सही हुआ है तो भुगतान करें और अगर सही नहीं हुआ है तो कार्रवाई करें और जिन मामलों में आपको कार्रवाई का पावर नहीं है तो उन मामलों में मुझे प्रस्ताव भेंजे। हर चीज में हमें ही हस्तक्षेप क्यों करना पड़ता है। मैं सीएमओ का काम नहीं कर सकती। मैंने अभी अपनी ज्वाईनिंग के 10 दिन नगर पालिका में ही बिता दिए मुझे और भी सब डिवीजन में जाकर देखना है। आप अपनी जिम्मेदारी लीजिए। मैं एसडीएम को पिछले 7 दिन से नगर पालिका में दौड़ा रही हूं, उन्हें भी रेवन्यू के अन्य काम भी देखना पड़ते है। भरे चैम्बर में कलेक्टर द्वारा कहीं गई यह बात सुनकर नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह बगलें झांकते नजर आए। वे कलेक्टर श्रीमति शिल्पा गुप्ता के किसी भी सवाल का न ही तो जबाव दे सके और न ही वे किस समस्या को लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे थे। उसे बता पाए। लगभग 15 मिनिट चली इस बैठक में दोशियान कम्पनी के महाप्रबंधक महेश मिश्रा व विजयवर्गीय भी मौजूद थे। इन्हें भी कलेक्टर ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि भुगतान मूल्यांकन के बाद ही होगा। लेकिन किसी भी स्थिति में सिंध के पानी की सप्लाई को बंद नहीं किया जाएगा और अगर ऐसा हुआ तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें। कलेक्टर ने नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी एवं दोशियान के महाप्रबंधक महेश मिश्रा को आड़े हाथों लेते हुए सहज लहजे में फटकार भी लगाई और समझाईश भी दी।
*यह था मामला*
सिंध की पाइप लाइन में कत्थामिल के समीप लगे वाल्व में आज प्रात: के समय कुछ लोग लेजम डालकर पानी भर रहे थे। इस मामले की जानकारी जब दोशियान कम्पनी के महाप्रबंधक महेश मिश्रा को लगी तो वे अपने स्टाफ के साथ मौके पर जा पहुंचे। पानी भर रहे लोगों के साथ महेश मिश्रा व उनके स्टाफ ने झूमाझटकी कर दी। इस बात की जानकारी जब समीप मेें ही निवासरत एसडीओपी धर्मेंद्र तोमर को लगी तो वे मौके पर आ गए। एसडीओपी श्री तोमर और महेश मिश्रा के बीच तीखी बहश हो गई जिसके चलते महेश मिश्रा ने मौके पर कोतवाली पुलिस को बुला लिया। यहां पहुंची पुलिस ने जब पूरा माजरा जाना तो वह मामले में बिना कोई हस्तक्षेप किए ही वापिस आ गई तो महेश मिश्रा ने सिंध की लाइन चालू करने से हाथ खड़े कर दिए। जब नपा पदाधिकारियों ने महेश मिश्रा से सम्पर्क साधकर लाइन चालू करने के लिए कहा तो श्री मिश्रा ने उन्हें जबाव दिया कि उनके साथ एसडीओपी श्री तोमर ने अभद्रता की है और जब तक वह इस मामले की शिकायत कलेक्टर को दर्ज नहीं करा देते तब तक वह लाइन चालू नहीं करेंगे। महेश मिश्रा ने जब लाइन बंद रखने की बात कहीं तो नपा अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी, पार्षद आकाश शर्मा महेश मिश्रा के साथ उक्त मामले की शिकायत करने के लिए कलेक्टर शिल्पा गुप्ता के पास पहुंच गए। चैम्बर में मौजूद कलेक्टर शिल्पा गुप्ता पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पांडेय को महेश मिश्रा द्वारा एसडीओपी तोमर के खिलाफ कुछ वीडियो दिखाई और उनकी मौखिक शिकायत की।
*एसपी के जबाव पर जब शिकायतकर्ताओं ने साधी चुप्पी*
कलेक्टर चैम्बर में जब नपा अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह, उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी, पार्षद आकाश शर्मा, दोशियान कम्पनी के महेश मिश्रा, एसडीओपी धर्मेंद्र तोमर की शिकायत कर रहे थे। उस समय पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पांडेय भी मौके पर मौजूद थे। उक्त लोगों की शिकायत सुनने के बाद एसपी श्री पांडेय ने मुन्नालाल कुशवाह, अनिल शर्मा, आकाश शर्मा एवं महेश मिश्रा से दो टूक लहजे में कहा कि अगर आपके घर पर कोई भी घंटी बजाता है तो आप एसपी को फोन लगाते हो इस मामले की शिकायत करने के लिए आप लोग यहां तक आ गए, ये कोई तरीका नहीं है। इस मामले को लेकर आप तीनों में से किसी ने भी मुझे अवगत कराया क्या? पुलिस अधीक्षक द्वारा कही गई बात सुनकर तीनों जनप्रतिनिधि और महेश मिश्रा चुप्पी साधकर एक दूसरे के चेहरों के तरफ देखते हुए नजर आए।
*खराब मॉनिटरिंग के कारण बिगड़े हैं हालात*
एसडीओपी धर्मेंद्र तोमर की शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुंचे नपा पदाधिकारियों ने कलेक्टर शिल्पा गुप्ता को बताया कि शहर में पानी को लेकर हालात खराब है और कर्मचारी भी डरे हुए हैं। नपा पदाधिकारियों की बात सुनकर कलेक्टर शिल्पा गुप्ता ने उन्हें जबाव दिया कि शहर में जितने भी प्रायवेट हाईडेंट थे, वे सब नपा को सौंप दिए गए है। पिछले वर्ष भी जून का माह आया था, हालात इतने ज्यादा भी खराब नहीं है जितने बताए जा रहे हैं और यदि अभी भी शहर में जल आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है तो प्रायवेट टेंकरों को भी नपा से अनुबंधित करा दिया जाएगा। श्रीमति गुप्ता ने कहा कि शहर की जल समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है। नगर पालिका में अगर किसी चीज की कमी है तो वह प्लाइनिंग एंव मॉनिटरिंग की है। वह अगर सही हो जाए तो जल समस्या नहीं रहेगी।
*डीएम की बात सुनकर दोशियान के बदले सुर*
कलेक्टर चैम्बर में आज हुई बैठक के दौरान डीएम शिल्पा गुप्ता ने दोशियान कम्पनी के महाप्रबंधक महेश मिश्रा को स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी हालत में सिंध की सप्लाई बंद नहीं की जाएगी और रही बात भुगतान की तो भुगतान बिना मुल्यांकन नहीं होगा। डीएम श्रीमति गुप्ता ने नपा पदाधिकारियों से भी कहा कि वह इस बात को दिखवाए की मुल्यांकन करने में देरी क्यों हुई है और आवश्यक कार्रवाई करें। कलेक्टर की बात सुनने के बाद महेश मिश्रा के सुर बदल गए। श्री मिश्रा बोले की हम तो 24 घंटे लाइन चालू करने के लिए तैयार है नपा के पास ही टेंकरों की व्यवस्था नहीं है, इस कारण से हमें लाइन बंद करना पड़ती है। यहां बता दें कि महेश मिश्रा द्वारा पिछले 5 दिन से भुगतान कराने को लेकर नगर पालिका पर दबाव बनाने के लिए सिंध सप्लाई बंद करने की न सिर्फ धमकी दी जा रही थी बल्कि शुक्रवार के पूरे दिन दोशियान ने सप्लाई चालू नहीं की थी जिस कारण से शहर में जल संकट भी गहरा गया था।
*पाइप लाइन से की छेड़छाड़ तो जा सकती है जान*
सिंध जलावर्धन योजना की डाली गई पाइप लाइन से छेड़छाड़ करना अपनी जान जोखिम में डालने के समान है। विशेषज्ञ बताते है कि सप्लाई चालू होने की स्थिति में पाइप के भीतर ऐयर बनती है जो कि वाल्व के माध्यम से बाहर निकलती है। अगर किसी व्यक्ति द्वारा ऐयर वाल्व को बंद किया जाता है या फिर सप्लाई चालू रहने के वक्त किसी भी व्यक्ति द्वारा पाइप लाइन के साथ छेड़छाड़ की जाती है तो पाइप लाइन में ब्लास्ट होने की पूरी-पूरी संभावना रहती है। सप्लाई चालू के समय जो ब्लास्ट होता है वह प्राणघातक साबित होता है। ब्लास्ट के समय लाइन के आसपास मौजूद व्यक्तियों की जान भी जा सकती है। यहां बता दें कि बिगत रोज सतनवाड़ा पर कुछ बच्चों ने ऐयर वाल्व को बंद कर दिया था। जिसके पाइप लाइन फट गई थी। इस घटना में एक महिला साहित पांच बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।