मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव: हरसूद में कांग्रेस के पास नहीं है प्रत्याशी

2013 के चुनाव में हरसूद विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने सूरजभानु सिंह सोलंकी को मैदान में इस मंशा से उतारा था कि वे भाजपा के विजय शाह को चुनौती देंगे लेकिन ऐसा नहीं हो सका। भाजपा के बागी निर्दलीय भैयालाल माइकल के भी मैदान में होने से विजय शाह ने जीत के लिए कड़ी मेहनत की और लगभग 43 हजार वोटों से विजय हासिल की। आगामी चुनाव के लिए अब तक कांग्रेस की ओर से कोई सर्वमान्य चेहरा नजर नहीं आ रहा। कांग्रेस यहां विजय शाह के बड़े भाई अजय शाह को ही मैदान में उतारकर मुकाबला रोचक कर सकती है।
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव: हरसूद में कांग्रेस के पास नहीं है प्रत्याशी
विजय शाह के लिए इमेज परिणामएक स्थिति यह भी बन सकती है कि स्वयं विजय शाह अपने बेटे दिव्यदित्य शाह को मैदान में उतार कर स्वयं बैतूल लोकसभा से चुनाव लड़ें लेकिन यह अभी भविष्य के गर्भ में है। तमाम स्थितियों के बावजूद यह तय है कि विजय शाह के तिलिस्म को तोड़ना फिलहाल कांग्रेस के साथ ही स्वयं उनके बड़े भाई के लिए भी आसान नहीं होगा।
कुपोषण, पलायन और विस्थापन के मुद्दे पर कांग्रेस सत्तापक्ष को घेरने में नाकाम रही है। लगातार छह जीत के साथ शाह ने हरसूद को भाजपा का अभेद्य किला बना दिया है। हाल ही में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बाला बच्चन ने इसे भेदने की बात कहकर स्वीकार किया था कि यह भाजपा का किला है।
क्षेत्र की बड़ी समस्याएं -
खालवा-रोशनी क्षेत्र के गांवों में कुपोषण खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। गांवगांव तक स्कूल तो शुरू कर दिए गए लेकिन गोंड-कोरकू समुदाय की शिक्षा का स्तर अब भी अपेक्षानुरुप ऊंचा नहीं उठा है। हरसूद मुख्यालय पर विस्थापितों की रोजगार की समस्या बनी हुई है।
बड़े वादे और स्थिति -
हरसूद क्षेत्र में औद्योगिक विकास का वादा अब भी अधूरा है।
विस्थापन के 12 साल बाद भी हजारों लोग अब तक विस्थापन का दर्द नहीं भूल सके हैं। इनका दर्द दूर करने के लिए सरकार का औद्योगिक विकास का वादा पूरा नहीं हो सका है।
कुपोषण की समस्या भी लाख जतन के बावजूद बरकरार है।
जातीय समीकरण -
इस सीट पर आदिवासी गोंड और कोरकू समाज प्रभावी और निर्णायक मतदाता हैं। कांग्रेस का कोरकू प्रत्याशी मुकाबला कड़ा कर सकता है।
2013 का परिणाम -
विजय शाह - भाजपा 73008
सूरजभानु सोलंकी - कांग्रेस 30309
पिछले चुनावों में मिले वोट -
पार्टी 2003 2008
भाजपा 57.20 55.34
कांग्रेस 42.79 34.69 (वोट प्रतिशत में)
2018 में संभावित प्रत्याशी -
भाजपा - मौजूदा विधायक और केबिनेट मंत्री कुंवर विजय शाह ही एक मात्र प्रत्याशी ।
कांग्रेस - कांग्रेस की ओर से किसी की दावेदारी सामने नहीं आ रही। बाहरी प्रत्याशी की संभावना है।
मंत्री के विकास कार्यों का कांग्रेस के पास फिलहाल तोड़ नहीं -
स्कूल शिक्षा मंत्री कुंवर विजय शाह की मजबूत जमीनी पकड़ और सड़क, बिजली, शिक्षा के लिए किए गए विकास कार्यों का विकल्प कांग्रेस नहीं ढूंढ पा रही है। कांग्रेस के पास स्थानीय स्तर पर उन्हें टक्कर देने वाला प्रत्याशी ही नहीं है और इसी वजह से 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने यहां सूरजभानु सोलंकी को भेजा था लेकिन वे मतगणना स्थल पर हार का रुख देखने के बाद कभी नजर ही नहीं आए। इस बार भी शाह को घेरने की रणनीति कांग्रेस अब तक नहीं बना सकी है।
आमनेसामने -
क्षेत्र में हमने चुनाव के साथ ही जनता का भरोसा जीता है। आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं दी हैं। छात्रावासों का निर्माण कराया है, जहां रहकर विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। प्रदेश सरकार के विकास कार्यों से जनता खुश है। क्षेत्र में कांग्रेस से कोई चुनौती नहीं है। कांग्रेस क्षेत्र में खत्म हो गई है। - विजय शाह, विधायक
विरोधी दल के नेता का मत -
हरसूद विधानसभा में 25 साल से विजय शाह भाजपा विधायक हैं और मंत्री भी हैं। इसके बावजूद किसान और मजदूर वर्ग पलायन को मजबूर है। पेयजल और सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं हैं। क्षेत्र में कुपोषण से बच्चों की मौत हो रही हैं। रोकथाम के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे। स्वास्थ्य सुविधाएं न के बराबर हैं। - कमलकांत भारद्वाज, प्रदेश प्रतिनिधि, कांग्रेस