बड़ी खबरः प्रधानमंत्री मोदी से अब आसानी से नहीं मिल पाएंगे आरएसएस और भाजपा के दिग्गज नेता

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मध्यप्रदेश में भी जान का खतरा है। प्रधानमंत्री के करीब जाने से पहले मध्यप्रदेश के दिग्गज VVIP नेताओं और अधिकारियों को पहले तलाशी के दौर से गुजरना पड़ेगा। गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट में मध्यप्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए नई गाइडलाइन्स जारी की है।

गृहमंत्रालय की नई गाइडलाइन्स के मुताबिक मध्यप्रदेश के दिग्गज नेता अब सीधे प्रधानमंत्री तक नहीं पहुंच सकते हैं। मध्यप्रदेश से जाने वाले सीएम से लेकर एक कार्यकर्ता तक को कई चरणों की सुरक्षा घेरे से गुजरना पड़ेगा।

एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रधानमंत्री मोदी को चुनाव से पहले अब का सबसे बड़ा खतरा है। इसके बाद अब सुरक्षा का जिम्मा स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) ने संभाल लिया है। एसपीजी अब दिग्गज नेताओं की तलाशी लेने के बाद ही उन्हें प्रधानमंत्री तक पहुंचने की अनुमति देगी।

VVIP भी आसानी से नहीं मिल पाएंगे
नई गाइडलाइन के मुताबिक अब मध्यप्रदेश के vvip नेता भी अब प्रधानमंत्री से निश्चित दूरी बनाकर ही मिल पाएंगे।


- प्रधानमंत्री से मिलने से पहले मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों और प्रदेश के बड़े अधिकारियों की जांच की जाएगी। जब एसपीजी अपना क्लीयरेंस दे देगी तभी जाने देगी।


RSS के बड़े नेता भी नहीं मिल पाएंगे
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी की सुरक्षा अब इतनी सख्त हो गई है कि आरएसएस और भाजपा के कई दिग्गज नेता प्रधानमंत्री तक बगैर रोक-टोक पहुंच जाते थे, उन्हें कई चरणों के सुरक्षा घेरा पार करते हुए प्रधानमंत्री तक पहुंचना पड़ेगा।


 


यह भी है खास
-प्रधानमंत्री से मिलने आने वाले व्यक्ति के खानदान तक की कुंडली एसपीजी निकाल लेगी।
-जिस प्रकार अमेरिका के एयरपोर्ट पर जाने वाले लोगों की तलाशी ली जाती है उसी प्रकार मोदी से मिलने जाने वालों की तलाशी ली जाएगी।
-प्रधानमंत्री की सभा में उनके मंच पर अब 5-7 लोगों से ज्यादा कोई नहीं नजर आएगा। पहले एक ही मंच पर 25-50 लोग जमा हो जाते थे।


 


चुनाव से पहले बड़ा निर्णय
-बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख प्रचारक हैं।
-एसपीजी ने मोदी को 2019 के आम चुनाव के सिलसिले में रोड शो नहीं करने की सलाह दी है। क्योंकि इसमें किसी भी तरफ से हमले का खतरा होता है।
-जनसभाएं करने की सलाह दी है, क्योंकि जनसभाओं की सुरक्षा व्यवस्था चारों तरफ से मैनेज की जाती है।


मध्यप्रदेश राज्य भी है संवेदनशील
सूत्रों के मुताबिक मध्यप्रदेश समेत छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में नक्सलवाद बड़ी समस्या है। मध्यप्रदेश को भी गृह मंत्रालय ने संवेदनशील जोन में डाल दिया है। इन राज्यों के पुलिस प्रमुखों को प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा है।