अयोध्या से पहले मध्यप्रदेश में बनेगा राम मंदिर

भोपाल. मध्यप्रदेश में अयोध्या से पहले राम मंदिर का निर्माण होगा। उत्तरप्रदेश में सीएम आदित्यनाथ योगी ने 2019 में मंदिर निर्माण की बात कही है। इससे पहले मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते राम मंदिर के भव्य निर्माण के लिए कदम उठाए गए हैं। सत्तारूढ़ भाजपा चुनावों को देखते हुए हिन्दुत्व की राह पर यह मंदिर बनाना चाहती है। इसके लिए सरकार ने 40 लाख रुपए देगी।


वहीं, 20 लाख रुपए जनता से चंदा लेकर जुटाए जाएंगे। दरअसल, इंदौर के समीप सांवेर में राम मंदिर है। यह जीर्ण-शीर्ण हालत में है, जिसे अब भव्य स्वरूप देना तय किया गया है। इसे चुनाव पहले भव्य रूप में बनाकर बड़ा आयोजन भी किया जाएगा। दरअसल, यह परिक्षेत्र आरएसएस का गढ़ माना जाता है। यहां समीप ही उज्जैन में महाकाल मंदिर है। जबकि, इंदौर आवागमन की दृष्टि से सबसे सुविधाजनक शहर है, इसलिए सांवेर को चुना गया है। यहां जिला पंचायत के स्तर पर मंदिर की रूपरेखा तैयार की गई है।


 


हाउसिंग बोर्ड बनाएगा मंदिर
मंदिर का निर्माण कार्य हाउसिंग बोर्ड जल्द ही शुरू करेगा। भव्य जीर्णोद्धार के लिए ६३ लाख रुपए का बजट तय किया गया है। धर्मस्व विभाग ने प्रदेश के मंदिरों के लिए 20 लाख़ रुपए दिए हैं। इसके बाद २० लाख रुपए और दिए जाएंगे। बाकी बीस लाख रुपए स्थानीय स्तर पर चंदे के जरिए जुटाए जाएंगे।


 


सियासी फायदे-नुकसान का गणित
सत्ता-संगठन की मंशा है कि राम मंदिर को लेकर प्रदेश में माहौल बनाया जाए, ताकि यह संदेश जाए कि प्रदेश सरकार हिन्दुत्व के प्रति सकारात्मक है। चुनाव के समय मंदिर के नाम पर चंदा मांगने की रणनीति इसी का हिस्सा है। जनता के बीच चंदा मांगकर हिन्दू वोटरों को लुभाने की कोशिश होगी।


 


इधर चुनावी साल में घटा मंदिरों का बजट
दू सरी ओर चुनावी साल होने के बावजूद सरकार ने मंदिरों का बजट घटा दिया है। पिछले साल ३९ करोड़ रुपए का बजट मंदिरों के लिए था, लेकिन इस साल महज १८ करोड़ रुपए का बजट है। इसमें से भी अभी तक महज दो करोड़ रुपए मिले हैं। इस राशि से प्रदेशभर के मंदिरों को जीर्णोद्धार के लिए बजट दिया जा रहा है।


 


राम मंदिर को जीर्णोद्धार के जरिए भव्य स्वरूप दिया जाएगा। जल्द ही यह मंदिर बन जाएगा। इसके लिए निर्माण एजेंसी भी तय कर देंगे। सरकार से राशि मिली है, बाकी स्थानीय स्तर पर चंदे से भी जुटाई जा रही है। 
-कृष्णमुरारी मोघे, अध्यक्ष, मप्र हाउसिंग बोर्ड