मोदी सरकार उठाने जा रही है बड़ा कदम, अब इस्तेमाल से पहले देना होगा बिजली का बिल

नई दिल्ली। बिजली और नवीन एंव नवीनीकरण उर्जा मंत्री आरके सिंह ने कहा है कि अगले तीन साल में सभी बिजली मीटर स्मार्ट प्रीपेड मीटर होंगे, जिसके बाद बिजली की बिल आना बीते दिनों की बात हो जाएगी। आरके सिंह ने स्मार्ट मीटर विनिर्माताओं के साथ एक बैठक में ये बातें कहीं। उन्होंने स्मार्ट मीटर की मैन्युफैक्चरिंग पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले वक्त में इन्हीं मीटरों की मांग होगी। प्रीपेड मीटर में बिजली खर्च करने से पहले पैसा देना होगा और रिचार्ज खत्म होने के बाद बिजली कट जाएगी। ये मोबाइल रिचार्ज की तरह का होगा।

आरके सिंह ने कहा कि जरूरी है स्मार्ट प्रीपेड मीटर का प्रोडक्शन बढ़ाया जाए और इनकी कीमतों में कटौती की जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट प्रीरेड माीटर बनाना और उसकी कीमत नीचे लाना समय की जरूरत है। उर्जा मंत्रालय के अध‍िकारियों को उन्होंने कहा कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर्स को एक तय तारीख के बाद अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।

उर्जा मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर आने से बिजली के क्षेत्र में काफी बदलाव आएगा, उर्जा संरक्षण होगा, बिलों का भुगतान आसान होगा और बिजली कंपनियां भी अच्छा मुनाफा कमाएंगी। साथ ही इससे युवाओं के लिये कुशल रोजगार सृजित होंगे।

बैठक में बीआईएस (भारतीय मानक ब्यूरो) प्रमाणन, आरएफ जीपीआरएस, मौजूदा डिजिटल ढांचागत सुविधा के साथ तालमेल समेत स्मार्ट मीटर से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इसमें यह भी फैसला किया गया कि सभी तकनीकी पहलुओं पर मीटर विनिर्माताओं, बिजली वितरण कंपनियों एवं अन्य संबंधित पक्षों के साथ आगे चर्चा की जाएगी।