इस बार गुटबाजी के आधार पर टिकट वितरण नहीं होगा

भोपाल। आजादी के वक्त भारत में पूंजी और संसाधन सिर्फ कुछ लोगों के हाथ में थे। आज इस पर सबका बराबर का अधिकार है। कई वर्ग ऐसे हैं जिन पर सदियों से अत्याचार हो रहा था। उन्हें ज्यादा मौके दिए जाना जरूरी है। यदि टैलेंट है तो किसी को आरक्षण की जरूरत नहीं है। नारायण मूर्ति और उनके साथियों ने सिर्फ 5 लाख रुपए से कंपनी शुरू की थी और आज उस का टर्नओवर हजारों करोड़ रुपए में है। यह साबित करता है कि किसी भी टैलेंट को आरक्षण की वजह से नुकसान नहीं होता। यह बयान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक खास बातचीत के दौरान दिया। 

इस बार गुटबाजी के आधार पर टिकट वितरण नहीं होगा

प्रदेश कांग्रेस कमेटी में गुटबाजी के आधार पर पदों का बंटवारा हुआ। कई आरोप भी लगे और कमलनाथ की नियुक्तियों का सच जानने के लिए एआईसीसी की टीम भी शहडोल तक गई। इस बीच ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दावा किया है कि टिकट के बंटवारे में गुटबाजी नहीं होगी। मेरिट के आधार पर टिकट दिया जाएगा। जीतने योग्य प्रत्याशी का ही चयन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिवों को संभागों की जिम्मेदारी दी गई है। 1 महीने संभागों में रहेंगे और टिकट के दावेदारों की हकीकत समझेंगे। इंटरनल सर्वे के नंबर, संगठन की तहकीकात और बड़े नेताओं के आपसी समन्वय के साथ टिकट तय किए जाएंगे।

गठबंधन से पहले हमें अपना घर मजबूत करने की चिंता है

सिंधिया ने कहा कि यह हमारा विश्वास है कि जितनी भी समान विचारधारा वाली पार्टियां हैं उन्हें एक मंच पर आना चाहिए। एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए। हम चाहते हैं कि यह रिश्ता विश्वास का हो, लाभ के लिए नहीं। यह देखना पड़ेगा कि किस प्रदेश में कौन-सा दल लीड रोल में है, उसे वैसी भूमिका मिलनी चाहिए। जहां तक पिछले चुनाव में बसपा के वोट की वजह से कांग्रेस की हार का सवाल है तो मैं सिर्फ यह कह सकता हूं कि हमें अपना घर मजबूत करने की चिंता है। भाजपा तो चाहती ही यही है कि आपका घर टूटे।