भाजपा ने मंत्रियों-विधायकों से मांगा विकास यात्रा का हिसाब

भोपाल. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह १२ जून को जबलपुर के दौरे पर होंगे। इसके ठीक पहले पार्टी ने सभी मंत्रियों और विधायकों से विकास यात्रा का ब्योरा तलब किया है। उनसे कहा गया है कि वे अपनी यात्राओं का प्रजेंटेशन लेकर आएं। उनसे स्थानीय समाचार पत्रों में छपी खबरों की कटिंग और फोटोग्राफ्स भी मांगे हैं।


इस संबंध में शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर बैठक रखी गई है। दरअसल, विकास यात्रा शाह के निर्देश पर शुरू हुई थी। राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह इसका प्लान बनाकर गए थे। शीर्ष नेतृत्व को इस बात की ङ्क्षचता सता रही है कि शाह १२ जून को जबलपुर में अपने पुराने निर्देशों के संबंध में पूछताछ न कर लें।


- मंत्री-विधायक हुए परेशान
विकास यात्रा के सबूत अचानक मांगे जाने से कई मंत्री-विधायक परेशान हैं। दरअसल, उन्होंने विकास यात्रा के नाम पर महज औपचारिकता की है। वहीं, कुछ मंत्रियों ने अपने क्षेत्र में तो विकास यात्रा जोर-शोर से निकाली, लेकिन अपने प्रभार के जिलों में रुचि नहीं ली। अब उन्हें डर सता रहा है कि यात्रा का लेखा-जोखा कहीं शाह के पास न चला जाए, यदि एेसा होता है तो विधानसभा चुनाव में उनका टिकट खतरे में आ सकता है।


- १५ मई से १५ जून तक विकास यात्रा
१५ मई से १५ जून तक होने वाली विकास यात्रा में हर विधायक को अपने विधानसभा क्षेत्र में एक रूट निर्धारित करके यात्रा निकालनी थी। इस दौरान अपने क्षेत्र में विकास कार्यों के भूमिपूजन, लोकार्पण करने के साथ ही एक रथ के जरिए प्रदेश सरकार की योजनाओं का प्रचार भी करना था। जनता से संवाद और रात्रि विश्राम भी करना था। इस काम में हर जिले में भाजपा ने एक जिला महामंत्री की ड्यूटी भी लगाई थी।


अब तक महामंत्री अपने क्षेत्र के हर विधायक की रिपोर्ट संगठन के पास भेज चुके हैं। उधर, हारी हुई सीटों पर भाजपा ने जिला पंचायत-जनपद पंचायत अध्यक्षों, उस क्षेत्र के निगम-मंडल अध्यक्ष-उपाध्यक्षों की ड्यूटी लगाई थी, लेकिन इनका परफार्मेंस तो विधायकों से भी कमजोर नजर आया। जबकि, भाजपा का मकसद कांग्रेस के कब्जे की सीटों पर ज्यादा ताकत से विकास यात्रा निकालकर अपना असर बढ़ाना था।


- आनन-फानन में जोड़ा समरसता सपंर्क और भोज
भाजपा ने आनन-फानन में विकास यात्रा के साथ अनुसूचित जाति मोर्चा का समरसता संपर्क अभियान और समरसता भोज को भी जोड़ दिया है। पार्टी ने शुक्रवार को इसकी शुरुआत की। शाह पिछले साल अगस्त में समरसता भोज का फॉर्मूला देकर गए थे, लेकिन पार्टी इसे अभी तक कुछ मौकों पर ही कर पाई थी। भोपाल में पार्टी की प्रदेश मंत्री कृष्णा गौर, जिला अध्यक्ष सुरेन्द्रनाथ सिंह ने गोविन्दपुरा विधानसभा की गणेश कॉलोनी में पहुंचकर संवाद किया।


फिर समरसता भोज में भाग लिया। उधर, प्रदेश महामंत्री अजय प्रताप सिंह ने बालाघाट में तो सामान्य प्रशासन मंत्री लालङ्क्षसह आर्य ने गुना में समरसता संपर्क अभियान में भाग लिया। खाद्य मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे डिंडोरी में समरसता भोज में पहुंचे। समरसता संपर्क अभियान के तहत नेताओं को अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग बाहुल बस्तियों में पहुंचकर लोगों से संवाद के साथ भोजन भी करना है।