भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी में कमलनाथ

22 सीटों पर 25 साल से नहीं मिली कांग्रेस को जीत, भाजपा के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी में कमलनाथ - कमलनाथ ने बनाई चुनाव जीतने की रणनीति


भोपाल : प्रदेश का विधानसभा चुनाव जीतने के लिए पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ ने नया फॉर्मूला निकाला है। कमलनाथ प्रदेश की उन हारी हुई विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार घोषित करने वाले हैं जो कांग्रेस की राह में मुश्किलें बढ़ाती हैं।


इनमें से ज्यादातर सीटें मध्यभारत, महाकौशल और मालवा-निमाड़ की हैं । इनमें 22 सीटें वो हैं जो कांग्रेस 25 साल से नहीं जीती है। कांग्रेस का दावा ये भी है कि भाजपा की अपराजेय 22 सीटों में से अधिकांश सीटें इस बार कांग्रेस के पास आ जाएंगी। इन सीटों पर कांग्रेस ने विशेष रणनीति के तहत काम किया है। इन सीटों पर दस साल कांग्रेस के शासनकाल में भी भाजपा के विधायक थे।

ये 22 सीटें प्रदेश के 15 जिलों से आती हैं। कमलनाथ इस बात का संकेत दे चुके हैं कि अगले 17 सितंबर तक हारी हुई 80 सीटों के उम्मीदवारों के नाम सामने आ जाएंगे।

25 साल से हाथ नहीं आईं ये सीटें -

- खंडवा जिले की खंडवा और हरसूद - - भोपाल जिले की गोविंदपुरा - - इंदौर जिले की इंदौर - 2 और इंदौर - 4 - - भिंड जिले की मेहगांव - - मुरैना जिले की अंबा - - शिवपुरी जिले की शिवपुरी और पोहरी - - सागर जिले की सागर और रेहली - - सतना जिले की रामपुर बघेलान और रैगांव - - रीवा जिले की देवतालाब और त्यौंथर - - सीहोर जिले की सीहोर और आष्टा - - अशोकनगर जिले की अशोकनगर -- छतरपुर जिले की महाराजपुर - - सिवनी जिले की बरघाट - - जबलपुर जिले की जबलपुर कैंट - - होशंगाबाद जिले की सोहागपुर

ये है जीत की रणनीति

कांग्रेस ने इन सीटों पर जीत के लिए खास प्लान तैयार किया है। 17 सितंबर को राहुल गांधी भोपाल आने वाले हैं जहां पर वो बैठकें लेंगे और विदिशा में आम सभा भी करेंगे। कांग्रेस की कोशिश 17 सितंबर के पहले हारी हुई सीटों के उम्मीदवार घोषित करने की है।

राहुल गांधी जब दूसरे दौर में प्रदेश में यात्रा निकालने आएंगे तब कांग्रेस उनकी यात्रा को हारी हुई सीटों तक ले जाने वाली है। 25 साल से कांग्रेस की पहुंच से दूर रही विधानसभा सीटों पर दस-दस कार्यकर्ताओं की ऐसी टीम बना कर तैनात कर रही है जो चुनाव तक उन सीटों पर ही काम करेंगे, उनकी सीधी रिपोर्टिंग कमलनाथ को रहेगी। इसके अलावा टिकट को लेकर समन्वय की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह को सौंपी गई है, दिग्विजय जिला स्तर पर भी समन्वय समिति बनाने जा रहे हैं।

गठबंधन के लिए अंतिम बैठक आज

मध्यप्रदेश में बसपा के साथ गठबंधन को लेकर गुरुवार को दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है। ऐसा माना जा रहा है कि गठबंधन की बात को लेकर ये अंतिम बैठक है और इस बैठक में मप्र,छग और राजस्थान में गठबंधन और बसपा को दी जाने वाली सीटों पर फैसला कर लिया जाएगा। कांग्रेस को उम्मीद है कि बसपा से गठबंधन हारी हुई सीटें जीतने में मददगार साबित होगा।

सोशल मीडिया को और एक्टिव करेगी कांग्रेस

चुनाव के दौरान सोशल मीडिया की सक्रियता से कमलनाथ खुश नहीं हैं। कमलनाथ ने सोशल मीडिया टीम को तलब कर ये साफ कर दिया है कि उसे प्रभावी काम करना पड़ेगा और जल्द से जल्द सारी नियुक्तियां कर सोशल मीडिया का काम नजर आना चाहिए। कमलनाथ ने फेसबुक पर कमजोर प्रदर्शन को लेकर भी नाराजगी जताई,ट्विटर पर काम को उन्होंने ठीक बताया।

हमारी प्राथमिकता हारी सीटों पर पहले उम्मीदवार घोषित करने की है, राहुल गांधी के दौरे के पहले संभवत: हम 80 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर देंगे,गठबंधन का जहां तक सवाल है तो हम सबको साथ लेकर चल रहे हैं। - कमलनाथ प्रदेश अध्यक्ष,कांग्रेस -