गणवेश घोटाला: तीन 3 घंटे चला ड्रामा. अभाविप छात्र बंगले के बाहर बैठे तो कलेक्टर दूसरे रास्ते से निकलीं



कलेक्टोरेट गेट पर कलेक्टर शिल्पा गुप्ता की गाड़ी को रोकते एबीवीपी के छात्रों को हटा रहे थे पुलिसकर्मी तभी कॉलेज अध्यक्ष अनुप्रिया तंवर को चोट लगने पर साथी छात्रा महिला पुलिसकर्मी से उलझ गई।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने कलेक्टर से बातचीत की और ज्ञापन दिलाकर विवाद शांत कराया 

शिवपुरी 

सरकारी स्कूलों में बच्चों को दी जाने वाली ड्रेस घोटाले की जांच की मांग को लेकर अभाविप कार्यकर्ता शुक्रवार को कलेक्टोरेट पहुंचे। डिप्टी कलेक्टर आरए प्रजापति आए तो छात्र नेताओं ने कलेक्टर को ही ज्ञापन देने की बात कही। कलेक्टर ने दो लोगों को ज्ञापन के साथ अंदर बुलाया, लेकिन छात्र नेता एक साथ आने की जिद पर अड़ गए और नारेबाजी करने लगे। जब कलेक्टर नहीं आईं तो नाराज छात्र नेताओं ने कलेक्टोरेट के मेन गेट बंद कर बाहर सड़क पर जाम कर दिया। 

जब दोपहर में भोजन करने के लिए कलेक्टर बंगले पर जाने लगीं तो गाड़ी से उतरीं, लेकिन छात्रों ने ज्ञापन पढ़ने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि उनके पास इतना समय नहीं है। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को धक्के देकर कलेक्टर की गाड़ी निकलवाई। इससे छात्रों का आक्रोश बढ़ गया। कलेक्टर बंगले पहुंची तो छात्र भी वहां पहुंच गए। यहां नारेबाजी के बाद कलेक्टर निकलीं तो पुलिस ने फिर छात्रों को उठाया और धक्के देकर हटा दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में जाने कलेक्टर को दूसरा रास्ता बदलना पड़ा। छात्र फिर से कलेक्टोरेट पहुंचे और गेट में ताला जड़ दिया। मामला सुलझता दिखाई नहीं दिया तो भाजयुमो जिलाध्यक्ष मुकेश चौहान मौके पर पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर से बातचीत की। वीसी खत्म होने के बाद अभाविप छात्रों से ज्ञापन दिलवाया। छात्रों ने गणवेश घोटाले की जांच कर कार्रवाई की मांग रखी। यह पूरा हंगामा तीन घंटे तक चला।