खूब लगे ठहाके, बजी तालियां, जमा कवि सम्मेलन

चाँद का टुकड़ा प्लेटफ़ॉर्म तले आगमन संस्था शिवपुरी द्वारा आज इवेंट पर्यटक स्वागत केन्द्र मे किया गया जिसमे कु़.वैशाली पाल सरस्वती वदंना कर कार्यक्रम कि शुरू वाद कि गयी कार्यक्रम का संचालन राकेश    जी ने किया कवियत्री.वैशाली पाल कि कविता ने सभी का दिल जीत लिया वैशाली पाल कि
देश के उपर उनकी लिखी कु
वैशाली कि कविता- प्रणाम ऐसे वीरो को,प्रणाम उनकी वीरता  ऐसे सपूत पाकर धन्य धन्य हो उठी भारत की माटी हर घाटी को प्रमाण ऐसी देश के उपर छोटी सी बच्ची वैशाली कि कविता को सुनकर सभी युवा को देश कि याद आ गयी
इसके साथ ही कवियत्री रिया माथुर कि कविता चाय सी मौहोएबत है मेरी इस जिंदगी से क्योकि गर्म भी हो तो बहोत लुभाती है कविता के माध्यम से कवि ने अपनी जिंदगी को चाय जैसी गर्म बताया
कवि कपिल जी ने आजाद कि याद दिलाई कि किस प्रकार महात्मा गाॅधी ने भरत सिंह चंद्रशेखर जैसे वीरो का कुई मोल नही जाना कविता के मध्यम से बताया कि तुमने मोल नही जाना था चद्रशेखर कि तकदीक का साथ ही जिन्ना जैसे गद्दारो को तुमने बना रखा था खास ,सदेह किया था तुमने नेताजी कि खुद्दारी पर कविता के मध्यम से कवि कपिल जी ने जवाहर लाल नेहरू पर सवाल किया कि गद्दारो को तुम खास बना कर रखे थे देश भक्त पर सदेह किया करते थे
कवियत्री दिव्या ने अटल जी कि कविता के साथ अपनी प्रस्तुती दी   वो अटल है अटल है अटल ही रहेगे
अपने माँ पिता को फरिदे बताया ओर कवि कहती है कि इन फरिस्तो का दिल कभी न दुखना जो इन्हे पसंद हो वो काम कर जाना अब तो मै यही कहूँगी इन फरिस्ते तुम बन जाना  कवि लोगो को यही सिख देना चाह रही थी की तुम अपने माँ पिता के पसंद का ही काम करना उनको कभी दुख न पहुचँना, कु. अपूर्वा श्रीवास्तव ने बेटियों के उपर बहोत ही सुंदर कविता सुनाई..बेटी आज हो गयी है बडी बिन असरत से प्यार करती है बेटी लोगो बेटीयो का महत्व समझाया पर्यटक केन्द्र मे कविताओ से लोगो को अपने ओर ऐसे अकसर किया कि लोगो के इनकी कविता सुनकर अपने आप ही लोग कविता सुनने पर्यटक केन्द्र मे आ गये