एमपी बंद : रीवा में उपद्रवियों ने किया पथराव, अपर कलेक्टर की गाड़ी तोड़ी

मध्य प्रदेश में अब तक बंद शांतिपूर्ण चल रहा है. हालांकि . हर तरफ आंदोलनजारी सड़कों पर उतर आए हैं और धरना प्रदर्शन चल रहा है.सवर्ण आदोलंन के तहत गुरुवार को  कुछ छुटपुटमध्य प्रदेश भी बंद रहा.   पुलिस हाई अलर्ट पर रही. CM हाउस, बीजेपी कार्यालय,मंत्रालय और गृह मंत्री के बंगले पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम थे.  प्रदेश के ज़्यादातर ज़िलों में धारा 144 लागू रही. कंट्रोल रूम से सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग की गयी.  बंद को देखते हुए पूरे प्रदेश में की एसएएफ की 34 कंपनियां और 6,000 नव आरक्षक तैनात किए गए थे. कहींरीवा में रेल्वे स्टेशन पर उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. उपद्रवियों को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज कर दिया. बंद समर्थक रीवा- नई दिल्ली ट्रेन रोकने की कोशिश कर रहे थे.  उपद्रवियों ने अपर कलेक्टर की बोलेरो गाड़ी मे तोड़फोड़ कर दी.बंद के दौरान भिंड में आंदोलनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया. प्रदर्शनकारी यहां टायर रखकर हाईवे पर ट्रैफिक जाम की कोशिश कर रहे थे. जैसे ही पुलिस पहुंची उन्होंने पथराव शुरू कर दिया.  बाद में पुलिस ने सबको खदेड़ दिया. हरदा में कांग्रेस ज़िलाध्यक्ष सहित 50 से ज़्यादा कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया. ये लोग धिक्कार यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री को काले झंडे दिखाने जा रहे थे.अनुपपुर  जिले के हरद स्टेशन पर आंदोलनकारियों ने अंबिकापुर- शहडोल ट्रेन रोक ली.  100 से ज़्यादा लोग इंजन पर चढ़ गए  और प्रदर्शन किया. शहडोल में पुलिस लाठीचार्ज के बाद तनाव के हालात हैं. आंदोलनकारी न्यायिक जांच से संतुष्ट नहीं हैं वो एसपी को हटाने की मांग पर अड़ गए हैं. यहां लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव  कर दिया.भोपाल में करणी सेना के कार्यकर्ता गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह के बंगले पर पहुंच गए. इन लोगों ने बंगले का घेराव करने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाकर वापस भेज दिया. ग्वालियर में बंद समर्थकों ने हंगामा कर दिया. कार्यकर्ता यहां एक शो-रूम बंद कराने की कोशिश कर रहे थे.  फौरन पुलिस ने मामला शांत कराया. विदिशा में विधायक कल्याण सिंह के घर का घेराव कर दिया.उज्जैन ते जगोटी गांव में  पुलिस और  युवाओं में विवाद हो गया. यहां जमकर लाठियां चलीं. महिदपुर से नायब तहसीलदार और एसडीओपी मौके पर पहुंचे और पुलिस फोर्स तैनात किया.गंजबासौदा में सपाक्स कार्यकर्ताओंं ने बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के पोस्टर फाड़ दिए. अलिराजपुर  में लोग नगर पालिका भवन के सामने धरने पर बैठ गए.जबलपुरमें रानीताल चौराहे पर सवर्ण समाज के लोगो ने मेट्रो बस रोक ली.हंगामे की स्थिति देख पुलिस ने  मोर्चा संभाला. पूरा इलाका छावनी में तब्दील कर दिया गया. छतरपुर में प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी दफ़्तर के सामने प्रदर्शन कर  सांसदों- विधायकों को काले झंडे दिखाए. यहां संगठन की बैठक चल रही थी. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़कर दफ़्तर को घेर लिया.कटनी जनपद अध्यक्ष कन्हैया तिवारी ने महाबंद में शामिल होकर बीजेपी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. कन्हैया तिवारी ने कहा काले कानून के विरोध में वो पार्टी छोड़ रहे हैं. रीवा के मऊगंज से पूर्व विधायक और बीजेपी नेता लक्ष्मण तिवारी ने भी एससी एसटी एक्ट के विरोध में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से  इस्तीफा दे दिया है.सिवनी- भारत बंद के दौरान विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जलाया सीएम शिवराज सिंह का पुतला, घंसौर के कमानिया गेट पर जलाया पुतला, सड़कों पर जलाए टायर, बंद का ज़िले के हर शहरों में दिखा व्यापक असरअशोक नगर में भारत बंद के दौरान जनता ने ट्रेन रोकने की कोशिश की. शाधोरा रेल्वे स्टेशन पर काफी संख्या में लोग पटरियों पर पहुंच गए.भिंड में पुलिस ने बीजेपी विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह के बेटे पुष्पेंद्र सिंह को हिरासत में ले लिया. उनके साथ करीब 6-7 और लोगों को पकड़ा गया है. ये लोग भिंड में रैली निकाल रहे थे. पुष्पेंद्र की गिरफ़्तारी की ख़बर फैलते ही विधायक के सैकड़ों समर्थक थाने पहुंच गए और घेराव कर दिया. सुबह जैसे ही आंदोलनकारी सड़क पर उतरे उन्हें खदेड़ने के लिए खुद कलेक्टर और एसपी भी दल-बल के साथ सड़क पर उतर आए. पुलिस बल ने लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर खदेड़ने दिया.मुरैना में आंदोलनकारियों और पुलिस में झड़प हो गयी. पुलिस दिमनी सरकारी स्कूल के सामने धरने पर बैठे आंदोलन कारियों को हटाने गई थी. आंदोलनकारी अफसरों को ज्ञापन देना चाहते थे. पुलिस ने जब उन्हें हटाने की कोशिश की तो लोग भड़क गए और पुलिस से भिड़ गए. गुस्साए लोगों ने यहां शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया मुर्दाबाद के नारे लगाए. इन लोगों ने पोस्टर भी जलाए.आरोन में भी पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की खबर है. यहां आंदोलनकारी बिना अनुमति जुलूस निकाल रहे थे. श्योपुर में बंद के समर्थन में सपाक्स की रैली निकाली जा रही है. ये चम्बल नहर से चलकर बाजार में जाएगी . यहां वोट फॉर नोटा के नारे लोग लगा रहे हैं.शिवपुरी में एससी एसटी एक्ट के विरोध में युवा सड़कों पर निकले. यहां बाज़ार और स्कूल पूरी तरह बंद रहे.राजगढ़ ज़िले में लोग शहर की सड़कों पर उतर आए. ब्यावरा में लोगों ने काली पट्टी बांध कर मौन जुलूस निकाला. राजगढ़ ब्यावरा , जीरापुर, खुजनेर सारंगपुर में बंद का व्यापक असर है.दमोह में सपाक्स के भारत बंद को लेकर दमोह के साथ ग्रामीण अंचलों में बंद का खासा असर रहा. ग्रामीण अंचलों में बाइक रैली निकालकर युवाओं ने बाज़ार बंद करा दिया.हरदा में सब्जी दूध दुकानें भी नहीं खुलीं. यहां कुछ बीजेपी पदाधिकारियो की दुकानें हैं, जो खुली रहीं. यहां मुख्यमंत्री की यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली दुकानों में एक्ट के विरोध में पोस्टर लगाए गए.

होशंगाबाद में करणी सेना के लोगों ने रैली निकाली. सीहोर नगर पूरी तरह बंद रहा. यहां मेडिकल स्टोर भी दोपहर 12 बजे तक बंद हैं. सपाक्स समर्थकों ने कोतवाली चौराहे पर नारेबाज़ीडिंडौरी में जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण इलाकों में बंद रहा. कटनी में पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने पेट्रोल पंप बंद रखे. महाबंद का असर कटनी में भी रहा. सतना में बंद का ऐसा असर है कि बसों के पहिए भी थमे रहे. मंडला में लोग सड़कों पर उतरे. कई संगठन के लोगों ने बंद को समर्थन दिया.पन्ना बस स्टैंड की में बंद का असर साफ दिखा. चाय पान की दुकानें तक बंद रहीं. कई बसों को भी रद्द कर दिया गया. कटनी में सवर्ण समाज के लोग स्टेशन तिराहे पर जमा हुए और रैली निकाली.इंदौर में सवर्णों के भारत बंद को 50 से ज़्यादा संगठनों ने  समर्थन दिया. अहिल्या चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित व्यापारिक संगठन भी बंद में शामिल रहे.ग्वालियर में अप्रैल में हुए बंद से सबक लेते हुए प्रशासन ने 11 सितंबर तक सबके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं. धरना-प्रदर्शन रैली पर रोक है. पुलिस जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ पेट्रोलिंग कर रही है. PHQ के निर्देश के बाद हर जिले में फिक्स पॉइंट लगाए गए हैं. यहां पूरे संभाग में  स्कूल, बाजार और पेट्रोल पंप बंद हैं. पूरे ग्वालियर शहर में सुरक्षा के भारी इंतज़ाम हैं. शहर में 1500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. ज़िला पुलिस बल, STF, SAF और QRT टीमें तैनात की गयी..भिंड मुरैना शिवपुरी दतिया समेत कई जिलों में प्राइवेट बस नहीं चल रही हैं.भिंड में भारत बंद को लेकर प्रशासन अलर्ट है.  2 अप्रैल की हिंसा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है. यहां सुबह 4 बजे से पुलिस ने पेट्रोलिंग की. महापुरुषों की प्रतिमाओं के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए. मुरैना में फिलहाल शांति है.