वर्ल्ड गोल्डन ग्लोब रेस के दौरान हिंद महासागर में आए तूफान में फंसे कमांडर अभिलाष टॉमी को बचाया गया

दिल्ली: दक्षिण हिंद महासगर में फंसे भारतीय नौसेना के कमांडर अभिलाष टॉमी को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोशिशें कामयाबी रहीं. उन्हें बचा लिया गया है. दरअसल कमांडर अभिलाष वर्ल्ड गोल्डन ग्लोब रेस में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे, जिसे दुनिया की सबसे कठिन रेस माना जाता है जिस वक़्त ये हादसा हुआ उस वक़्त वहां हवा की रफ़्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी जबकि समंदर में 10 मीटर तक की लहरे उठ रही
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि दक्षिण हिंद महासागर को पार करते वक्त अभिलाष का सामना तूफान से हुआ. तूफान की वजह से मध्य धारा में 14 मीटर ऊंची लहरें उठ रही थीं. अभिलाष की पाल नौका को इन लहरों से गहरी क्षति पहुंची और वह खुद भी पीठ में गहरी चोट लगने से घायल हो गए. उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना के पी8आई विमान ने अभिलाष की ‘अत्यंत क्षतिग्रस्त हो चुकी’ नौका को देखा.  इस विमान ने रविवार को तड़के मॉरीशस से तड़के उड़ान भरी थी. 
प्रवक्ता ने बताया कि जब विमान नौका के ऊपर से उड़ा तब कमांडर टॉमी ने इमरजेंसी पोजिशन इंडिकेटिंग रेडियो बीकॅन (ईपीआईआरबी) से संकेत दिया. इमरजेंसी पोजिशन इंडिकेटिंग रेडियो बीकॉन (ईपीआईआरबी) एक यंत्र है जिसमें समुद्र में हादसे के मामलों में बचाव के लिए बचाव सेवाओं को संकेत दिया जाता है. उन्होंने बताया कि क्षेत्र से भारी बारिश की खबर मिली है. करीब तीन-चार घंटे बाव विमान वापस गया और अभिलाष को बचाया गया. अभिषेक ने रविवार को फ्रांस में रेस के आयोजकों से संपर्क स्थापित कर संदेश दिया था कि वह हिल नहीं पा रहे हैं और उन्हें स्ट्रेचर चाहिए. वह स्वदेश में निर्मित पोत ‘एस वी तुराया’ में थे और ‘गोल्डन ग्लोब रेस 2018’ में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे 

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को ट्वीट कर कहा था कि कमांडर टॉमी तक अगले 16 घंटे में फ्रांस का जहाज पहुंचेगा और उन्हें सुरक्षित बचा लिया जाएगा. रक्षा मंत्री ने कहा कि उन्होंने नवल स्टाफ वाइस एडमिरल अजीत कुमार पी से घायल कमांडर टॉमी की स्थिति के बारे में बातचीत की है. सीतारमण ने कहा कि टॉमी को ऑस्ट्रेलियाई नौसेना पोत एचएमएस बलार्त पर लाया जाएगा. यह पोत पर्थ से उन्हें बचाने के लिए रवाना हो चुका है. रक्षा प्रवक्ता ने कहा, 'आईएनएस सतपुड़ा और आईएनएस ज्योति तेजी से टॉमी तक पहुंचने की कोशिश में हैं.