मध्‍यप्रदेश में तेज हुआ एससी-एसटी एक्ट का विरोध, नेताओं को काले झंडे दिखाने का प्रयास

ग्वालियर/इंदौर। मध्य प्रदेश में एससी-एसटी एक्ट का विरोध तेज होता जा रहा है। रविवार को प्रदेश में कई जगह नेताओं को लोगों ने काले झंडे दिखाने का प्रयास किया।

भिंड और मुरैना की घटना के बाद रविवार को कैबिनेट मंत्री माया सिंह को काले झंडे दिखाने का प्रयास किया गया। पुलिस ने कांग्रेस की पूर्व पार्षद के बेटे अमित दुबे को पकड़ा और बाद में छोड़ दिया।

वहीं मुरैना में कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत को काले झंडे दिखाने जुटे सवर्ण समाज के युवाओं से पुलिस की झड़प हो गई। हालांकि बाद में रावत मुरैना आए ही नहीं। इधर सवर्ण समाज ने आगामी दिनों में आंदोलनों की घोषणा भी कर दी है। चार सितंबर को ग्वालियर में स्वाभिमान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। छह सितंबर को स्वैच्छिक बंद का आह्वान भी किया गया है।

मंत्रियों के बंगले की सुरक्षा बढ़ाई

विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंत्री जयभान सिंह पवैया, माया सिंह व केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बंगले की सुरक्षा बढ़ा दी है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। एएसपी शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि सभी मंत्रियों के निवास पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अगर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सुरक्षा मांगते हैं तो उन्हें भी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

सपाक्स ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को काले झंडे दिखाए, 5 गिरफ्तार

सागर। सामान्य, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक अधिकारी कर्मचारी संगठन (सपाक्स) ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह को घेरने का प्रयास किया। भाजपा मुख्यालय के सामने जब प्रदेशाध्यक्ष बैठक कर रहे थे, उस दौरान सपाक्स के सदस्यों ने काले झंडे दिखाते हुए जमकर नारेबाजी की। कुछ समय बाद पुलिस ने सपाक्स के पदाधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना के कुछ समय पहले ही भाजपा कार्यालय से गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह निकलकर गए थे।

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह रविवार को भाजपा कार्यालय में संगठन की बैठक ले रहे थे। करीब साढ़े चार बजे के आसपास कार्यालय के सामने सपाक्स कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराते हुए राकेश सिंह बाहर आओ के नारे लगाना शुरू कर दिए। ये लोग एससीएसटी एक्ट में नए संशोधन व प्रमोशन में आरक्षण का विरोध कर रहे थे। करीब 5 मिनट जमकर नारेबाजी की। 

हंगामे के बाद मौके पर मौजूद पुलिस ने सभी को घेरकर कार्यालय के गेट से दूर किया और पुलिस वाहन में बैठाकर मोतीनगर थाने ले गई। करीब 8 बजे तक सपाक्स के सभी पदाधिकारियों को यहां गिरफ्तार कर रखा गया। इन पर धारा 151 के तहत मामला दर्ज किया गया है। बाद में 25-25 हजार के निजी मुचलके पर इन्हें रिहा किया गया है। 

गंजबासौदा में कमलनाथ को दिखाए काले झंडे

गंजबासौदा (विदिशा)। एससी-एसटी एक्ट का विरोध कर रहे लोगों ने रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को हेलिपेड पर काले झंडे दिखाए। इसके बाद उन्हें ज्ञापन सौंपा। कमलनाथ ने उन्हें कांग्रेस के घोषणा पत्र में इस मुद्दे को शामिल करने का भरोसा दिया। 

रविवार को नगर में परिवर्तन यात्रा लेकर आए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ को एससी-एसटी एक्ट के विरोध में गठित मौलिक अधिकार बचाओ अभियान समिति के प्रतिनिधि मंडल ने हेलिपेड पर ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि शीघ्र ही काले कानून के विरोध में कांग्रेस ने रुख साफ नहीं किया तो सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के लोग राष्ट्रीय राजनीतिक दलों का विरोध करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने आश्वासन दिया है कि वे इस मुद्दे को कांग्रेस के घोषणा पत्र में शामिल करेंगे। हेलिपेड से सभास्थल तक दो जगह एससी-एसटी एक्ट के विरोध में लोगों ने कमलनाथ को काले झंडे दिखाए।

किसानों का कर्ज माफ करेंगे 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सभा में कहा कि अगर हमारी सरकार आएगी तो हम किसानों का कर्ज, बिजली का बिल माफ कर देंगे। हर ग्राम पंचायत में गौशाला खुलवाएंगे। बेरोजगारों को रोजगार देंगे। व्यापमं में शामिल हुए दस लाख युवाओं को उनकी फीस वापस की जाएगी। इसके अलावा कमलनाथ ने लोगों से कई वादे किए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान पर कई आरोप लगाए।

मंदसौर-नीमच में सपाक्स ने निकाली रैली, सांसद गुप्ता का जलाया पुतला

मंदसौर/ नीमच/ खंडवा। अजा-अजजा अत्याचार निवारण अधिनियम में किए गए बदलाव और आरक्षण व्यवस्था का विरोध तेज हो गया। रविवार को मंदसौर और नीमच में रैली निकाली गई।

मंदसौर के सुवासरा तहसील के ग्राम गोवर्धनपुरा में ग्रामीणों ने सांसद सुधीर गुप्ता के पुतले को चप्पल की माला पहनाकर जलाया तो ग्राम हिंगोरिया छोटा में भी नोटा के पक्ष में नारे लगाए गए।

ग्रामीणों ने बताया कि किसी भी पार्टी के जनप्रतिनिधियों ने कोई आवाज नहीं उठाई। ऐसे में दोनों पार्टियों को वोट नहीं देने का संकल्प लिया गया है। इधर, मंदसौर में सपाक्स ने वाहन रैली निकाली और सांसद के घर का घेराव कर नारेबाजी भी की। बाहर माइक से सांसद को पुकारकर जवाब भी मांगे। हालांकि उस समय सांसद घर पर नहीं थे। रैली में राजपूत, ब्राह्मण, अग्र्रवाल, माहेश्वरी सहित कई समाजों के लोग शामिल हुए। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। अब 3 सितंबर को सुबह आजाद प्रतिमा से महारैली निकलेगी, जो गांधी चौराहे तक आएगी। 

नीमच में सपाक्स ने मौन रैली निकाली। इसमें शामिल लोग तख्तियां लिए चल रहे थे। इसके बाद सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें वक्ताओं ने जमकर रोष व्यक्त किया। इसमें 30 सितंबर को भोपाल में महाप्रदर्शन करने का ऐलान किया गया।

सम्मेलन के बाद कलेक्टर के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे तहसीलदार के सी तिवारी को दिया गया। यह ज्ञापन राष्ट्रपति के नाम सौंपा गया। इधर, गांव चंपी में ग्रामीणों ने पोस्टर और बैनर लगाए कि 'यह गांव सामान्य वर्ग का है। हमें वोट मांगकर शर्मिंदा न करें। हमारा वोट सिर्फ नोटा को ही जाएगा।" इस दौरान सपॉक्स के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे। 

आर्थिक आधार पर हो आरक्षण

खंडवा। सपाक्स की रविवार को बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी वीणा घाणेकर ने कहा कि आज आरक्षण केवल नौकरियों में नहीं रह गया है, हर क्षेत्र में लागू किया जा रहा है। जहां संवैधानिक प्रावधान नहीं है, वहां भी वोट बैंक के कारण लगाया जा रहा है। इसका लाभ आरक्षित वर्ग का एक अभिजात्य वर्ग ले रहा है। जरूरतमंद अभी भी वंचित है। आरक्षण आर्थिक आधार पर लागू होना चाहिए। जातिगत आरक्षण से समाज में वैमनस्यता आ रही है।

उन्होंने कहा कि सपाक्स का गठन पदोन्न्ति में आरक्षण के खिलाफ किया गया था लेकिन बाद में इसका दायरा बढ़ गया और सवर्ण समाज के युवाओं के साथ हो रहे पक्षपात को लेकर आवाज उठ रही है। सामान्य पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग के युवाओं को नौकरियों में रोजगार के अवसरों में, स्वरोजगार की वित्तीय ऋ ण योजनाओं तथा स्कूल-कॉलेज के एडमिशन से लेकर फीस, हॉस्टल सुविधा तथा स्कॉलरशिप के मामलों में भेदभाव हो रहा है। इसके लिए आवाज उठाना होगा।