बस चंद दिन और फिर शिक्षकों को मिलेगा ये खास तोहफा!

भोपाल। चुनावी माहौल में सरकार की ओर से जल्द ही शिक्षकों को एक खास तोहफा दिया जा सकता है। माना जा रहा है कि ये तोहफा शिक्षक दिवस यानि 5 सितंबर को दिया जाएगा।


अब जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार प्रदेश सरकार पुराने शिक्षकों के पद सितंबर के दूसरे सप्ताह तक अपग्रेड करने जा रही है, वहीं स्कूल शिक्षा विभाग सूत्र बताते है कि शिक्षक दिवस पर पदनाम का तोहफा प्रदेश सरकार शिक्षकों को दे सकती है।


करीब दो से अटकी थी फाइल...
संघ के मुताबिक समयमान वेतनमान और पदोन्नति मसलों की फाइल करीब दो साल से अटकी हुई थी। दोनों ही मसलों पर शिक्षा, सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग की स्वीकृति भी मिलने के बावजूद अंतिम निराकरण के लिए मामला अटका पड़ा था।


यह मामला शासन स्तर पर फाइलों में करीब 2 वर्षों से लंबित है, लगभग 8 माह पहले मुख्यमंत्री ने अपने गृह क्षेत्र नरुसुल्लागंज में शिक्षकों को वेतन अनुरूप पदनाम देने की सार्वजनिक घोषणा की थी, लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद पद अपग्रेडेशन के मामले में कोई नीति न होने से वित्त विभाग की बार बार असहमति के कारण यह मामला आगे नही बढ़ पा रहा था। 
ऐसे में होशंगाबाद से पैदल यात्रा कर बुदनी में प्रदेश भर के हजारों नाराज शिक्षकों ने जुलाई में डेरा डाल धरना शुरू कर दिया था, लेकिन प्रदेश सरकार प्रतिनिधियों के मनाने के बाद शिक्षकों ने आन्दोलन स्थगित कर दिया था।


ये भी मांग...
इस मामले में शिक्षकों का कहना था कि शिक्षक संवर्ग के पदों पर अपग्रेडेशन एवं समायोजन के बाद ही शिक्षा विभाग और जनजातीय कल्याण विभाग में नई नियुक्ति या अन्य किसी प्रकार का समायोजन किया जाए।


वहीं जानकारों के अनुसार अब शिक्षा विभाग के योग्यता रखने वाले कुल 33199 और जनजातीय के 15867 सहायक शिक्षकों, शिक्षकों और प्राथमिक और माध्यमिक प्रधानपाठको को क्रमश: उच्च श्रेणी शिक्षक, प्रधानध्यापक माध्यमिक व व्याख्याता बनने का अवसर मिलेगा। ऐसे में शिक्षा के समतुल्य जनजातीय विभाग के शिक्षकों को भी लाभ मिलेगा!


सचिव से मुलाकात...
पूर्व में संघ के पदाधिकारी इसे लेकर स्कूल शिक्षा सचिव दीप्ति गौड़ मुखर्जी से करीब एक दर्जन बार मुलाकात कर चुके हें। लेकिन शिक्षकों के इस मसले को गंभीरता से नहीं लेने के कारण उनका गुस्सा बढ़ता जा रहा था।


ये लग रहे थे आरोप...
इस दौरान संघ के प्रदेश संयोजक सुरेशचंद्र दुबे का कहना था कि प्रदेश में मृत्यों से लेकर अधिकारियों तक त्रिस्तरीय वेतनमान का लाभ दिया जा चुका है, लेकिन शिक्षक संवर्ग को नहीं दिया जा रहा है।


इसमें हो रहीे देरी को लेकर ये भी कहा जा रहा था कि शिक्षा विभाग की गलत नीतियों का खामियाजा शिक्षक भुगत रहे हैं। वे बगैर पदोन्नति ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। पहले 28028 सहायक शिक्षकों के एक मुश्त पद अपग्रेड का प्रस्ताव तैयार किया था, निर्णय में देरी होने से तीन हजार से अधिक सहायक शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए।