*जानकी सेना संगठन का 215 बा सुंदरकांड पाठ धूमधाम से संपन्न* *स्नेह भोज के साथ किया गया सदस्यों को सम्मान पत्र का वितरण*

*शिवपुरी* विगत 4 वर्षों से लगातार सुंदरकांड कर धर्म जागरण का काम करने जानकी सेना संगठन का 215 वा सुंदरकांड जानकी सेना संगठन के अध्यक्ष विक्रम सिंह रावत के घर पर धूमधाम से संपन्न हुआ कार्यक्रम की शुरुआत में सर्वप्रथम 4 बजे सुंदरकांड का आयोजन किया गया जो पूरे 3 घंटे चला और 7 बजे से  मंच के माध्यम से मुख्य अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया स्वागत बेला के बाद सभी मुख्य अतिथियों का  जानकी सेना के संदर्भ में उद्बोधन हुआ  उद्बोधन के बाद सभी जानकी सेना सदस्यों  सम्मान पत्र देकर स्थाई सदस्यता   मुख्य अतिथियों के हाथों दिलवाई  गई आपको बता दें कि जानकी सेना संगठन पिछले 4 वर्षों में अभी तक 215 सुंदरकांड करा चुका है और बृहद होते संगठन में अभी तक 1140 सदस्य शामिल किए जा चुके हैं  जानकी सेना संगठन मैं सदस्यता पूरी तरह निशुल्क है, जानकी सेना संगठन का उद्देश्य धर्म जागरण के साथ पर्यावरण संरक्षण एवं लोगों में आपसी मेल मिलाप की भावना को जागृत करने के अलावा समाज में लुप्त होते धर्म प्रसार को चेतन रखते हुए नव युवाओं में नवचेतना के साथ संतो के मार्गदर्शन में भारतीय संस्कृति को जीवित रखने का माध्यम बताया गया है हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए विक्रम रावत ने बताया कि आज से 4 साल पहले एक छोटे से कमरे में बैठक के दौरान इस जानकी सेना संगठन  की शुरुआत की गई थी आज धीरे-धीरे यह संगठन शिवपुरी जिले भर में सुंदरकांड कराता आ रहा है हैं चाहे ग्रामीण स्तर हो या शहरी क्षेत्र सभी जगह  जानकी सेना संगठन के सदस्य बिना किसी परवाह किए पहुंचते हैं आज इस संगठन को पूरे 4 वर्ष हो चुके हैं इसलिए वर्षगांठ के साथ ही  यहां पर सभी सदस्यों का सम्मान किया गया है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम दास जी महाराज ,आचार्य विनय कटारे, केदारनाथ समाधिया,राज्य मंत्री दर्जा  राजू बाथम,अंगद सिंह तोमर,   जानकी सेना महिला अध्यक्ष गिरजा सोनी, कल्याण सिंह यादव बंटी भैया,बृजेश शालू  गोस्वामी ,मनोज गुरु,एडवोकेट गजेंद्र यादव एवं रावत समाज के अध्यक्ष यशपाल  रावत मौजूद थे I
संजय आजाद
*जानकी मां प्रदान करती हैं शक्ति का वरदान: महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम दास*
  जान की सेना के 4 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में  संगठन के सदस्यों को  आशीर्वाद देने पहुंचे  महामंडलेश्वर पुरुषोत्तम दास जी महाराज  ने उद्बोधन के दौरान रामायण का सुंदर प्रसंग सुनाते हुए कहा गया कि जानकी मैया शक्ति प्रदान करने वाली है मां जानकी के वरदान से ही पवनसुत हनुमान ने वह कार्य कर दिखाएं जो सपने में भी संभव नहीं है प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि जिस समय लक्ष्मण जी को शक्ति लगी तब पता चला कि लक्ष्मण शक्ति का सीधा संबंध सूर्य की किरणों से है यदि सूर्य की किरण लक्ष्मण जी पर पड़ गई तो उन्हें बचाना असंभव होगा यह बात सुनते ही हनुमान जी ने प्रभु की आज्ञा लेकर तुरंत अतितीव्र गति से सूर्य की ओर प्रस्थान कर दिया और कुछ ही देर बाद पहुंच गए और उन्होंने देखा कि सूर्य देवता की दोनों आंखों से अश्रु धारा बह रही है कारण पूछने पर सूर्य देव ने बताया कि मुझे रावण ने धमकाया है यदि मैं आज समय से पहले नहीं निकला तो वह मुझे खत्म कर देगा इतना सुनते ही हनुमान जी ने कहा कि तुम  रावण को मेरा नाम लेकर कहो कि हनुमान जी कह रहे हैं यदि आज समय से निकला तो वह मेरा सर्वनाश कर देंगे यह बात जब रावण को पता चली तो उसने  सूर्य की बात को सुनकर कह दिया ठीक है तुम्हें जो करना है करो तो ऐसे प्रभु श्री राम के भक्त हनुमान ने जो कार्य किए हैं वह जानकी मां के वरदान का ही प्रताप है और आज जान की सेना संगठन समाज में धर्म जागरण का कार्य कर रही है वह अतुलनीय है