खुश करने के लिए कुछ नहीं कहना, परफॉर्मेंस पर मिलेगा टिकट : सीएम शिवराज

भोपाल, बिट्टन मार्केट दशहरा मैदान में सोमवार को श्री सहस्त्रबाहु कलचुरी (कलार) महासभा के सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें भाजपा व कांग्रेस के साथ ही अन्य राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

सम्मेलन में कलार समाज ने बीजेपी से विधानसभा चुनाव में 33 टिकट की मांग समेत अन्य मांगों को दोहराया। इस पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कलार समाज की विभिन्ना मांगों पर सकारात्मक आश्वासन दिया। सीएम ने कहा कि, "कुछ भी खुश करने के लिए नहीं कहना है। पार्टी के सर्वे व कार्यकर्ताओं की सलाह, परफॉर्मेंस व अन्य पैमानों के आधार पर टिकट दिया जा सकता है।"

सीएम ने कहा कि, "कलार समाज मां, बहन और बेटियों का बहुत सम्मान करता है। हमने भी सख्त कानून बनाया, जिसमें मासूम के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले, उनके साथ दरिंदगी, दुराचार करने वालों को फांसी पर चढ़ाया जाए। अभी तक 14 लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है।"
वहीं समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलीप सूर्यवंशी ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि," जिस तरह सचिन तेंडुलकर व राहुल द्रविण को टीम से हटाने से पहले सिलेक्टर को दस बार सोचना पड़ता था, उसी प्रकार हमारे समाज के जनप्रतिनिधि का टिकट काटने से पहले सिलेक्टर को सोचना पड़े, ऐसा हमें बनने की जरूरत है।"

गौरतलब है कि कलार समाज ने भाजपा से 33 व कांग्रेस से 32 टिकटों की मांग की है। सम्मेलन में भाजपा, कांग्रेस, जनता दल यूनाइटेड समेत अन्य राजनीतिक पार्टियों के गणमान्य नागरिक व जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

'मेरे बचपन का झूला कलार समाज, बुढ़ापे का काशी भी बनेगा'

सम्मेलन में शामिल होने से पहले सीएम शिवराज ने सूर्यवंशी की मां जानकी देवी से आशीर्वाद लिया। मंच से उन्होंने कहा कि," मेरी दो मां हैं। एक जिसने मुझे जन्म दिया और दूसरी वह जिसने मुझे पाला। सीएम ने कहा कि कलार समाज मेरे बचपन का झूला है, जवानी की फुलवारी है और मेरे बुढ़ापे की काशी भी कलार समाज बनेगा।"

शराब व्यवसाय में 50 फीसदी आरक्षण की मांग

सम्मेलन में राजनीतिक प्रकोष्ठ के संयोजक राजाराम शिवहरे ने सीएम शिवराज के सामने शराब व्यवसाय में 50 फीसदी आरक्षण की मांग रखी। इसके साथ ही महेश्वर में भगवान सहस्त्रबाहु की प्रतिमा स्थापित करने व सहस्त्रबाहु जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित करने समेत अन्य मांगें रखी। सीएम ने सभी मांगों पर सोच विचारकर फैसला लेने का आश्वासन दिया।