भाजपा में चेहरा नहीं जीतने वालों को ही चुनाव का टिकट देंगे : राकेश सिंह

जबलपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने विधानसभा चुनाव में टिकट को लेकर साफ किया कि जीतने वाले उम्मीदवार पर ही पार्टी दांव लगाएगी। इसमें चेहरे को तवज्जो नहीं होगी। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के 6 अक्टूबर से शुरू हो रहे महाजनसंपर्क अभियान की जानकारी दी। कहा कि प्रदेश में चुनाव प्रचार का ये आगाज होगा। इसके संभागवार अमित शाह समीक्षा बैठक करेंगे। उन्होंने कांग्रेस को बैसाखी के बल पर चुनाव जीतने वाली पार्टी बताया। 

भाजपा के संभागीय कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने पत्रकारवार्ता कर बताया कि 6 अक्टूबर को इंदौर के राजवाड़ा से महाजनसंपर्क अभियान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रारंभ करेंगे। इसी दिन इंदौर-उज्जैन के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद 9 अक्टूबर को ग्वालियर -चंबल, 14 अक्टूबर को भोपाल-सागर और 15 अक्टूबर को जबलपुर में रीवा और शहडोल के कार्यकताओं का सम्मलेन करेंगे। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल मौजूद रहेंगे। इस बीच प्रदेशभर में हर कार्यकर्ता एक-एक मतदाता से व्यक्तिगत संपर्क प्रदेश भर में करेंगे। 

बैसाखी के भरोसे कांग्रेस

कांग्रेस के चुनाव अभियान पर राकेश सिंह ने कहा कि शिवराज के बेमिसाल काम के आगे कांग्रेस को जनता नकार रही है। कांग्रेस अध्यक्ष बने कमलनाथ को कांग्रेस ने चार बैसाखी दी। फिर महागठबंधन बनाकर बैसाखी में चुनाव जीतने की तैयारी की। अब कांग्रेस भाजपा के बागियों की बैसाखी के सहारे सत्ता में आने के सपने देख रही है। 

टिकट की दावेदारी का हक

गुटबाजी और टिकट के दावेदारों की संख्या अधिक होने के सवाल पर राकेश सिंह ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर काम करता है। दावेदारी करना पार्टी के लिए शुभ संकेत है। इससे योग्य उम्मीदवार सामने आते हैं। लेकिन एक बार पार्टी जिसकी उम्मीदवारी तय करती है, उसके बाद कार्यकर्ता और संगठन जीत के लिए पूरी ताकत से जुट जाते हैं। 

लोकसभा लडूंगा, विधानसभा नहीं

विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने इसे काल्पनिक सवाल बताया। कहा कि मेरे कार्यकर्ता मुझे लोकसभा में देखना चाहते हैं। फिर क्यों विधानसभा में मुझे भेजने की बात कर रहे हैं।

कम्प्यूटर बाबा खुद बने थे मंत्री

राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त कम्प्यूटर बाबा के इस्तीफे को लेकर राकेश सिंह ने कहा कि उन्हें जबरन मंत्री नहीं बनाया गया। कम्प्यूटर बाबा मर्जी से मंत्री बने। उन्होंने संतों की नाराजगी के सवाल पर कहा कि संत समाज भाजपा के साथ हमेशा खड़ा है।