एमपी: मेनिफेस्टो में आरएसएस शाखा 'बैन' पर बवाल, बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र पर बवाल मच गया है। पार्टी ने सरकारी भवनों और उसके परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 'शाखा' नहीं चलने देने की बात शामिल की है। इसको लेकर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया है।

भोपाल
मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र पर बवाल मच गया है। पार्टी ने सरकारी भवनों और उसके परिसरों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की 'शाखा'  नहीं चलने देने की बात शामिल की है। इसको लेकर बीजेपी ने कड़ा ऐतराज जताया है। एक ओर जहां बीजेपी नेता इस मामले को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इसे शामिल किए जाने को सही ठहराया है। 

ई-अटेंडेंस समाप्त करने की बात
इसके अलावा उस पन्ने पर लोकायुक्त का गठन नए सिरे से करने, ई-अटेंडेंस समाप्त करने की बात भी कही गई है. इसके साथ ही लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जांच के लिए जांच आयोग गठित करने का वादा भी किया गया है.


किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ
कांग्रेस ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिये शनिवार को अपना घोषणापत्र जारी करते हुए वादा किया कि प्रदेश में सत्ता में आने पर किसानों के दो लाख रुपये तक के कर्ज माफ किये जाएगें. इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रदेश के युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को वेतन अनुदान देने का भी वचन दिया है. कांग्रेस ने प्रदेश के किसानों को कृषि भूमि रजिस्ट्री शुल्क में छूट देने और छोटे किसानों को कन्या विवाह हेतु 51,000 रुपये की सहायता देने का भी वादा किया है.


112 पन्ने का 'वचन पत्र' जारी
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने पत्रकार वार्ता में पार्टी का 112 पन्ने का 'वचन पत्र' जारी करते हुए इसे प्रदेश की जनता की आवाज बताया और कहा कि इसे समाज के हर वर्ग के साथ गहन विचार विचार विमर्श के बाद तैयार किया गया है. कांग्रेस द्वारा जारी किये गये इस वचन पत्र में कर्मचारी, हस्तशिल्पी, आम जनता, महिला, पत्रकार सहित सभी वर्गो के लिये कुछ न कुछ अच्छा करने का वादा किया गया है, लेकिन सबसे अधिक किसान और युवा वर्ग पर ध्यान दिया गया है.

बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, 'ऐसा लगता है कि इन दिनों कांग्रेस का एक ही अजेंडा है- मंदिर नहीं बनने देंगे, शाखा नहीं चलने देंगे।' वहीं बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, 'कांग्रेस ने संघ पर प्रतिबंध लगाने का वचन दिया है, अच्छा होता, अगर कांग्रेस सिमी जैसे आतंकवादी संगठनों पर प्रतिबंध लगाती। लेकिन वहां क्यों लगाएंगे, आपकी राजनीति तुष्टिकरण व वोटबैंक की जो है।' कैलाश ने कहा कि जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी। 


हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा, 'कांग्रेस की मति भ्रष्ट हो गई है। मध्य प्रदेश के मेनिफेस्टो में देशभक्त RSS के शाखा लगाने पर रोक की बात करती है और देशद्रोही नक्सलवादियों को क्रांतिकारी कहती है।' वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कांग्रेस के घोषणापत्र में शामिल वादे का समर्थन करते हुए कहा, 'आरएसएस एक राजनीतिक संस्था है, यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो कांग्रेस ने घोषणा पत्र में कहा है कि सरकारी इमारतों में संघ की शाखाओं को बंद कर दिया जाएगा, मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगता है।' उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी जब तक नौकरी कर रहे हैं तब तक उन्हें खुले रूप से किसी भी राजनीतिक दल के साथ नहीं आना चाहिए।