ईवीएम में हुई गड़बड़ी के लिये सिर्फ कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक जिम्मेदार:-बी.एल. कान्ताराव।

भोपाल। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कान्ता राव ने सभी जिलों को फरमान जारी किया है कि ईवीएम की सुरक्षा में किसी भी तरह की चूक के लिए कलेक्टर एवं एसपी सीधे तौर  पर जिम्मेदार होंगे। कांताराव सागर और खरगोन में ईवीएम मतदान के दो दिन बाद स्ट्रॉंग रूप में पहुंचने पर उठे सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि देरी से आई ईवीएम को अलग-अलग रखवाया गया है। गड़बड़ी की जांच की जा रही है। 


कड़े सुरक्षा घेरे में ईवीएम 
राव ने कहा कि सभी 51 जिलों में स्ट्रॉग रूम की सुरक्षा केन्द्रीय सुरक्षा बल द्वारा 24 घण्टे की जा रही है। इसके साथ ही दूसरा घेरा विशेष सशस्त्र बल द्वारा संपादित किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था मतगणना पूर्ण होने तक यथावत रहेगी। स्ट्रॉग रूम में डबल लॉक सिस्टम है, जिसकी एक चाबी जिला निर्वाचन अधिकारी के पास तथा दूसरी चाबी संबंधित क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के पास है। केन्द्रीय पुलिस बल स्ट्रॉग रूम की आंतरिक परिधि सुरक्षा व्यवस्था में तैनात है तथा राज्य के सशस्त्र पुलिस बल बाहरी परिधि में सुरक्षा के लिए तैनात हैं।
अभ्यर्थियों कर सकेंगे स्ट्र्रांग रूम की निगरानी
अभ्यर्थियों को स्ट्रांग रूम के सुरक्षा इंतजाम पर गहन नजर रखने के लिए अपने प्रतिनिधियों को तैनात करने के लिए लिखित में सूचना दी गई है। उन्हे आंतरिक परिधि के बाहर रहने की अनुमति दी गई, जहां से वे स्ट्रॉग रूम के प्रवेश द्वार को देख सकें, यदि स्ट्रांग रूम के प्रवेश द्वार को सीधे नहीं देखा जा सकता है तो ऐसी अवस्था में सीसीटीवी की व्यवस्था है जिससे वे स्ट्रांग रूम के प्रवेश द्वार की निगरानी स्क्रीन पर देख सकें। स्ट्रॉग रूम के पास नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्यशील है। पुलिस अधिकारी के साथ एक राजपत्रित अधिकारी को स्ट्रॉग रूम की सुरक्षा के लिए 24 घंटे ड्यूटी पर रखा गया है।  
सागर और खरगोन में देरी से पहुंची ईवीएम को अलग-अलग रखवाया है। खाली ईवीएम को भी अलग रखा है। इसमें प्रत्याशियों की भी सहमति है। फिलहाल इस मामले में कार्रवाई जैसी स्थिति नहीं बनी है। जिलों में चूक तो हुई है। 


वीएल कांताराव, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, मप्र