अयोध्या: राम मंदिर मामले में उद्धव ठाकरे का मोदी सरकार पर हमला, कहा- कुंभकर्ण को जगाने आया

उद्धव ने पीएम मोदी के 56 इंच के सीने पर किया कटाक्ष कि मंदिर बनाने के लिए सीने में दम होना चाहिए, क्योंकि कितने इंच का भी सीना हो, लेकिन अगर मंदिर नहीं बना सकते हो तो सब बेकार है। हमें बस राम मंदिर बनाने की तारीख चाहिए। बाकी बातें तो बाद में होती रहेंगी, पहले राम मंदिर कब बनाओगे इसकी तारीख बताओ।

अयोध्या में आज और कल (25 नवंबर) प्रवेश पाना है तो पहचान पत्र साथ होना जरूरी है। क्योंकि शिवसेना और विहिप के कार्यक्रमों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। गलियों तक बैरीकेडिंग है। सुरक्षाकर्मी बिना पहचान पत्र के जाने नहीं दे रहे है। ड्रोन कैमरा, सीसीटीवी कैमरा व एटीएस की टीम भी लगाई गई है। सुरक्षा व्यवस्था के सुपरविजन के लिए शासन के निर्देश पर पांच आईपीएस अफसर एवं पीएसी के तीन कमांडेंट रैंक के अधिकारी भी पहुंच गए हैं।
दरअसल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे राम की नगरी अयोध्या आज दोपहर दो बजे पहुंचेंगे। लक्ष्मण किला में आयोजित आशीर्वाद समारोह में वह शिरकत करेंगे। इस समारोह में रामनगरी के लगभग सभी प्रमुख धर्माचार्यों को आमंत्रित किया गया है। समारोह में अयोध्या के संत-महंत व शीर्ष धर्माचार्य शिवसेना प्रमुख श्री ठाकरे को आशीर्वाद देंगे।

इस दौरान शिवसेना प्रमुख हिन्दू धर्माचार्यों से राममन्दिर निर्माण के मुद्दे पर वार्ता भी करेंगे। इसके बाद श्री ठाकरे शाम पांच बजे अयोध्या के लक्ष्मण घाट पर सरयू आरती करेंगे। इसी कड़ी में 25 नवम्बर को भी श्री ठाकरे अयोध्या में मौजूद रहेंगे। इसी दिन विश्व हिन्दू परिषद की ओर से विराट धर्मसभा का भी आयोजन किया जा रहा है। धर्मसभा में श्री ठाकरे के  शामिल होने के बारे में अभी अन्तिम निर्णय नहीं हो सका है।
 भक्तमाल आश्रम के पास होगी धर्मसभा 
शनिवार  को विश्व हिन्दू परिषद ने अयोध्या में धर्मसभा का आयोजन किया है। मुख्य मंदिर से दो किलोमीटर दूर भक्तमाल आश्रम के पास 90 बीघा जमीन पर यह धर्मसभा होगी। धर्मसभा में प्रमुख रूप से जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी, हंसदेवाचार्य (हरिद्वार) व रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य (चित्रकूट), ऋषिकेश के महंत डॉ. रामेश्वर दास वैष्णव, श्री रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास सहित अन्य दिग्गज संत शामिल होंगे। आयोजकों का दावा है कि इस धर्मसभा में 2.5 लाख रामभक्त इकट्ठा होंगे। इसे विहिप का शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। अगर इतनी भीड़ अयोध्या पहुंची तो यह 1992 के बाद सबसे बड़ा जमावड़ा होगा। मुख्यमंत्री ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए हैं। आयोजकों का दावा है कि देश के कोने-कोने से रामभक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं।