मोदी सरकार का बड़ा फैसला, करतारपुर कॉरिडोर को दी मंजूरी

चुनाव प्रचार के बाद भाजपा अब मतदान प्रतिशत को बढ़ाने पर जोर दे रही है। पिछले चुनावों के आंकड़ों को देखकर पार्टी मान रही है कि वोट प्रतिशत बढ़ने से सीधे भाजपा को फायदा होगा। लिहाजा इस बार मतदान के दिन सभी कार्यकर्ताओं को 10.30 तक वोट डालने का फरमान मिला है। इसके बाद कार्यकर्ता बूथ स्तर पर उन चेहरों को मतदान स्थल तक लाने में जुटेंगे जिनका वोट पार्टी को मिल सकता है।

पिछले कई चुनाव में मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के काम में कार्यकर्ता खुद वोट करने में चूक कर जाते थे। कई आखिरी वक्त में इस काम को अंजाम देते थे। ऐसे पार्टी के पक्के वोट का नुकसान होने का अंदेशा बना रहता है। इस बार पार्टी के लिए हर वोट कीमती है। संगठन भी समझ रहा है कि हार-जीत के अंतर में एक-एक वोट की बड़ी भूमिका होगी। ऐसे में पार्टी के वोट सुबह करीब 3.30 घंटे के शुरुआती दौर में ही पड़ जाएं, ताकि पार्टी के पक्ष में उस वक्त माहौल बन सके। गली-मोहल्लों से लोग एक साथ जब सुबह ही वोट डालने निकलेंगे तो उनके मन में पार्टी के समर्थन को लेकर सकारात्मक भाव बनेगा। पार्टी ने पहले ही मतदाता सूची के पेज प्रभारी बना रखे हैं। संगठन ने पेज के हिसाब से पार्टी समर्थक मतदाताओं को चिन्हित कर रखा है। मतदान के वक्त पेज में चिन्हित चेहरे मतदान केन्द्र तक सुबह ही पहुंच सकें इसके लिए प्रयास किए जाएंगे।

रुझानों का भी शुरू होगा आकलन-

भाजपा सुबह से वोटिंग करवाने के फार्मूले से बूथ स्तर पर वोटिंग के प्रतिशत से हार-जीत के आकलन करेगी। पेज प्रभारियों से उनके इलाके के वोटर की जानकारी ली जाएगी। इसके आधार पर अनुमान लगेगा कि कितने भाजपा के समर्थन में वोट पड़े। दोपहर तक यदि संगठन को महसूस हुआ कि वोटिंग कमजोर हुई है तो उस क्षेत्र में ज्यादा सक्रियता के साथ लोगों को वोटिंग के लिए मतदान केन्द्र तक भेजने की कोशिश की जाएगी।