कश्मीर मुठभेड़ को सेना बताया सर्जिकल ऑपरेशन, निशाने पर था लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर

सेना ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में जिस मुठभेड़ में छह आतंकवादी मारे गए हैं, वह सेना का सर्जिकल ऑपरेशन थी।


नई दिल्ली। सेना ने शुक्रवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में जिस मुठभेड़ में छह आतंकवादी मारे गए हैं, वह सेना का सर्जिकल ऑपरेशन थी। 15वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए. के. भट्ट ने आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर आजाद मलिक सहित छह आतंकवादियों की मौत को सर्जिकल ऑपरेशन बताया। उत्तरी कश्मीर के बारामूला में संवाददाताओं से बात करते हुए भट्ट ने कहा कि हमला बहुत तेज और सटीक था। उन्होंने कहा कि सेना को कोई हानि नहीं होने के कारण अभियान सफल रहा। कोर कमांडर ने कहा कि जो भी बंदूक उठाएगा, उसे खत्म कर दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि दक्षिण कश्मीर में उत्तर कश्मीर से ज्यादा आतंकवादी हैं। आतंकवादी कश्मीर के लोगों को आतंकित कर रहे हैं।


जम्मू एवं कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच शुक्रवार को मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक शीर्ष कमांडर समेत छह आतंकवादी मारे गए। दोनों पक्षों के बीच अनंतनाग के बिजबेहरा के सेतकीपोरा गांव में शुक्रवार तड़के मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, एलईटी के स्थानीय कैडर के रूप में पहचाने गए आतंकवादी छिपे हुए स्थान के अंदर मारे गए। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आतंकवादियों की उपस्थिति की विशेष खुफिया सूचना के आधार पर पुलिस और सेना ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। अधिकारी के अनुसार कि जैसे ही तलाशी अभियान शुरू किया गया, आतंकवादियों ने जवानों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में छह आतंकवादी मारे गए। सूत्रों ने कहा कि एलईटी का शीर्ष कमांडर आजाद मलिक और उसका सहयोगी बासित मीर अनंतनाग जिले में हुए मुठभेड़ में मारे गए छह आतंकवादियों में शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, आजाद मलिक उन तीन आतंकवादियों में शामिल था, जो वरिष्ठ पत्रकार और राइजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी की हत्या में शामिल थे। श्रीनगर के प्रेस इंक्लेव में राइजिंग कश्मीर के कार्यालय के बाहर 14 जून को मास्क लगाए दो बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर बुखारी और उनके दो सुरक्षा गार्ड की हत्या कर दी थी।अनंतनाग से मिली रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवादियों के शवों को उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। मुठभेड़ की खबर फैलते ही, जिले में स्वत: बंद की स्थिति पैदा हो गई। स्थानीय युवाओं ने कई जगहों पर आजादी के पक्ष में नारे लगाकर सुरक्षाबलों पर पथराव किया। अधिकारियों ने प्रदर्शन को और तेज होने से रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा स्थगित कर दी। स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र में ट्रेन सेवा स्थगित कर दी है।