PM बोले- मोदी आएगा और चला जाएगा, लेकिन यह देश अटल रहेगा

नई दिल्ली। जनता से 'मन की बात' करने रविवार को सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर रेडियो पर आए। उत्साह के साथ उन्होंने अपने खास कार्यक्रम के 50वें गोल्डेन जुबली एपिसोड की शुरुआत की। इस दौरान एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, मोदी आएगा और चला जाएगा लेकिन यह देश अटल रहेगा। इसी वजह से मैंने इस कार्यक्रम को राजनीति से दूर रख आपकी समस्याओं और विकास पर केंद्रित रखा।

इसलिए जरूरी है करतारपुर कॉरिडोर

करतारपुर कॉरिडोर का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, अगले वर्ष 2019 में हम गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश-पर्व मनाने जा रहे हैं। उन्होंने समाज को हमेशा सत्य, कर्म, सेवा, करुणा और सौहार्द का मार्ग दिखाया। गुरु नानक जी से जुड़े पवित्र स्थलों के मार्ग पर एक ट्रेन भी चलाई जायेगी। भारत सरकार ने करतारपुर कॉरीडोर बनाने का एक बड़ा महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, ताकि भारत के लोग पाकिस्तान के करतारपुर में गुरु नानक देव जी के पवित्र स्थल के दर्शन कर सकें।
एक पत्र का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, लोकतंत्र बाबा साहब के स्वभाव में रचा-बसा था। वो कहते थे कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्य कहीं बाहर से नहीं आए हैं। संविधान सभा में उन्होंने अपील की थी कि इतने संघर्ष के बाद मिली स्वतंत्रता की रक्षा हमें अपने खून की आखिरी बूंद तक करनी है। 26 नवम्बर को 'संविधान दिवस' है। ये दिन उन महान विभूतियों को याद करने का दिन है जिन्होंने हमारा संविधान बनाया। 26 नवम्बर, 1949 को हमारे संविधान को अपनाया गया था। उन्होंने बताया कि, संविधान ड्राफ्ट करने के इस ऐतिहासिक कार्य को पूरा करने में संविधान सभा को 2 साल, 11 महीने और 17 दिन लगे। हमारे संविधान में खास बात यही है कि इसमें अधिकार और कर्तव्य के बारे में विस्तार से वर्णन किया गया है।
इसलिए मोदी रेडियो पर करते हैं 'मन की बात'

हिमाचल का एक किस्सा सुनाते हुए मोदी ने कहा कि, साल 1998 में मैं चाय पीने के लिए एक गुमटी पर रुका था वहां एक युवक ने मुझे मिठाई खिलाई और कहा 'सर चाय के साथ ही आप मिठाई खाओ, क्योंकि भारत ने आज परमाणु प्ररिक्षण किया है। वह लगातार रेडियो सुन रहा था उसी वक्त मुझे अहसास हुआ कि रेडियो जन-जन से जुड़ा हुआ है। इससे ताकतवर माध्यम कोई दूसरा नहीं हो सकता। इसलिए मैंने लोगों तक पहुंचने के लिए रेडियो को चुना।
मल्टीटास्किंग होने में गलत कुछ नहीं

युवाओं को खास मैसेज देते हुए पीएम मोदी ने कहा, बड़ा सोचें, बड़े सपने देखें और सफलता की ओर बढ़ते रहे। मुझसे कई लोग कहते हैं कि आजकल के युवा बड़े ही महत्वकांक्षी होते जा रहे हैं। वे एक साथ कई सारी चीजें करना चाहते हैं, जो गलत है। लेकिन, मैं कहता हूं कि 'यही तो है न्यू इंडिया' मल्टीटास्किंग होने में गलत कुछ नहीं है।

मोदी ने किया मीडिया का जिक्र

'सेल्फी विद डॉटर' का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, मीडिया के सहयोग से हरियाणा से शुरू हुए एक छोटे से अभियान को लोकप्रियता मिली। सैकड़ों लोगों ने अपनी बेटियों के साथ फोटो शेयर की और इस सोच को अभियान का रूप दे दिया। इसके साथ ही मोदी ने सफाई अभियान, सड़क सुरक्षा अभियान और नशा मुक्त भारत अभियान का भी जिक्र किया।

रीजनल आवाज में लोग मुझे करते हैं कॉपी

पीएम मोदी ने कहा, मुझे बहुत अच्छा लगता है जब लोग मुझे कॉपी करते हैं। खासकर तब जब लोग मुझे खुद की रीजनल भाषा में कॉपी करके मेरी बातें अपने क्षेत्र के लोगों को सुनाते हैं। उन 30 मिनट में वे मोदी ही बन जाते हैं, उन्हें देखकर और सुनकर ऐसा लगता है मनो मैं उनसे जुड़ा हुआ हूं। ये इस कार्यक्रम की सफलता और लोकप्रियता का एक उदाहरण।

'मन की बात' शुरू करने का उद्देश्य

कार्यक्रम के अंत में पीएम ने कहा कि, मई 2014 में जब मैंने एक 'प्रधान-सेवक' के रूप में कार्यभार संभाला था। उस वक्त मेरे मन में इच्छा थी कि देश की एकता, भव्य इतिहास, उसका शौर्य, भारत की विविधताएं हमारे समाज के रग-रग में समायी हुई अच्छाइयां, जज़्बा, त्याग, तपस्या इन सारी बातों को,जन-जन तक पहुंचाना चाहिये। आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले ही कार्यक्रम से जुड़े विभिन्न पहलुओं, लोगों की सहभागिता, विभिन्न विषयों एवं कार्यक्रमों के बारे में लोगों की राय जानने के लिए 'मन की बात' सर्वे कराया गया। 'मैं आपसे आग्रह करता हूं कि इस कार्यक्रम के बारे में हो रहे सर्वेक्षण में हिस्सा लें। आपके विचार बहुत उपयोगी होंगे।'

कब हुई थी कार्यक्रम की शुरुआत

प्रधानमंत्री के इस मासिक कार्यक्रम की शुरुआत अक्टूबर, 2014 में हुई थी। पहली कड़ी में उन्होंने लोगों से कम से कम खादी का एक वस्त्र उपयोग करने की अपील की थी। पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री की अपील के बाद खादी की बिक्री में 120 फीसद का इजाफा दर्ज किया गया था।

इन मुद्दों पर बात कर चुके हैं पीएम मोदी

'मन की बात' के जरिए प्रधानमंत्री स्वच्छता और स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा और परीक्षा के मुद्दों पर बात कर चुके हैं। यही नहीं योग से लेकर बेटियों की सुरक्षा पर भी उन्होंने न सिर्फ चर्चा की है, बल्कि लोगों को जागरूक भी किया।

बराक ओबामा ने भी की थी 'मन की बात'

साल 2015 में तो प्रधानमंत्री के साथ तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम में शिरकत की थी और देश के लोगों के साथ अपने मन की बात की थी।