100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देने से पहले सरकार लगा रही सबसिडी का हिसाब

जबलपुर। 100 रुपए में 100 यूनिट बिजली देने की स्कीम लागू करने से पहले सरकार पूरा हिसाब-किताब लगा रही है। कांग्रेस का मंत्रिमंडल तय होने के साथ ही सरकार मध्यमवर्ग और किसानों को बिल में राहत देने की तैयारी हो रही है। शनिवार को पॉवर मैनेजमेंट कंपनी ने तीनों वितरण कंपनी के वाणिज्य प्रमुखों के साथ सरकार से उपभोक्ता को मिलने वाली हर तरह की छूट का ब्यौरा लिया। अभी तक लागू योजना की जानकारी जुटाई। किसानों को सरकार की ओर से सालाना करीब 9 हजार करोड़ रुपए की सबसिडी मिल रही है। इसे सरकार और बढ़ाने के मूड में है।

पॉवर मैनेजमेंट कंपनी के भोपाल स्थित कार्यालय में बैठक हुई। जिसमें तीनों विद्युत वितरण कंपनी ने अपने-अपने क्षेत्र के उपभोक्ताओं को मिल रही छूट का डाटा दिया। सरल, बीपीएल, एससीएसटी और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को जो सबसिडी मिल रही है उसकी जानकारी दी। इसके अलावा किसानों को मिलने वाली सबसिडी की जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि मौजूदा वक्त में करीब 85 फीसदी बिल की राशि सबसिडी में किसानों को मिल रही है। कांग्रेस की नई सरकार इस सबसिडी की राशि को करीब 92 फीसदी तक पहुंचाना चाहती है।
बिजली अधिकारियों ने बताया कि पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी हर माह करीब 10 करोड़ रुपए 30 यूनिट खपत वाले घरेलू उपभोक्ताओं को टैरिफ में सबसिडी देती है। इसके अलावा 2600 करोड़ रुपए कृषि पंप उपभोक्ता को सबसिडी दी जा रही है। करीब 41 करोड़ रुपए की छूट सरल योजना में मौजूदा उपभोक्ता को दे रहे हैं। इसके अलावा यदि सरकार 100 यूनिट बिजली की खपत पर 100 रुपए का बिल देती है तो कितना नुकसान बिजली कंपनी को उठाना होगा इसका आंकलन किया जा रहा है। बताया जाता है कि ऊर्जा विभाग के अधिकारियों को पूरा ब्यौरा उपलब्ध करा दिया गया है। जल्द ही वो इस मामले में प्रमुख सचिव के साथ बैठक कर प्रस्ताव पर फैसला करेंगे।