मध्यप्रदेश में मतगणना से पहले कांग्रेस को लगा बड़ा झटका, 11 दिसंबर को होनी है काउंटिंग

भोपाल. चुनाव परिणाम से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट से शुक्रवार विधानसभा चुनाव में 5 जिलों में ईवीएम मशीनों से जुड़ी गड़बड़ियों के मामले में कांग्रेस को झटका लगा है। हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि मतदान वाली सभी ईवीएम मशीनें कड़े सुरक्षा घेरे में सुरक्षित रखी हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा के लिए सेंट्रल आर्म्ड मिलिटरी फोर्स का त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। कांग्रेस को सभी वैकल्पिक सुरक्षात्मक उपायों से अवगत भी कराया गया है। ऐसी स्थिति में ईवीएम और स्ट्रांग रूम के लिए कोई कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है। कांग्रेस की याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एसके सेठ और जस्टिस विजय शुक्ला की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए फैसला दिया।



सुरक्षा के कड़े इंतजाम: हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग के द्वारा यह बताया गया है कि वोटिंग वाली ईवीएम और वोटिंग के लिए उपयोग नहीं की गई ईवीएम के लिए अलग-अलग सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरे प्रदेश में मतदान के तुरंत बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीन सील कर दी गई थीं और अब इन मशीनों को काउंटिंग के दिन खोला जाएगा। बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 28 नबंवर को हुई थी और मतगणना 11 दिसंबर को होगी।


क्या था कांग्रेस की याचिका में: विधानसभा चुनाव में वोटिंग के दौरान कई पोलिंग बूथों पर ईवीएम के गड़बड़ी की शिकायतें थी। जिसके बाद मप्र कांग्रेस कमेटी ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर करते हुए कहा था कि सतना, भोपाल, सागर और खंडवा जिले में में मतदान के बाद ईवीएम मशीनों में व्यापक स्तर पर गड़बडिय़ां हुई हैं। कांग्रेस ने मांग की थी कि हाईकोर्ट अपनी निगरानी में एसआईटी गठित करे और जिन जिलों में ईवीएम की शिकायत हैं उनके गड़बडिय़ों की जांच कराए। कोर्ट में चुनाव आयोग के वकील सिद्धार्थ सेठ ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने 2 और 4 दिसंबर को सभी स्थानों के संबंध में बिंदुवार जांच रिपोर्ट भारत निर्वाचन आयोग के साथ ही कांग्रेस को भी भेज दी थी। बता दें कि कांग्रेस वोटिंग वाले दिन से ही ईवीएम में गड़बड़ी का मुद्दा उठा रही है।