राम जन्मभूमि परिसर में नमाज की अनुमति मांगने पर कोर्ट ने लगाया 5 लाख का जुर्माना

लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या में विवादित राम जन्मभूमि परिसर में नमाज अदा करने की अनुमति मांगने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने ऐसी फिजूल की याचिका दायर करने वाले याची पर पांच लाख रुपये का हर्जाना भी लगा दिया है।

यह आदेश जस्टिस डीके अरोड़ा व जस्टिस आलोक माथुर की बेंच ने रायबरेली के अल-रहमान चैरिटेबिल ट्रस्ट के ट्रस्टी शरीफ की ओर से दायर याचिका पर दिया। याची की ओर से कहा गया था कि विवादित परिसर के जिस हिस्से पर हाई कोर्ट ने दीवानी वाद में मुस्लिम पक्ष का हक माना था, उस हिस्से पर उसे नमाज अदा करने की इजाजत दी जाय।

कोर्ट ने कहा कि बिना कानूनी आधार के इस प्रकार कोई याचिका कैसे दायर की जा सकती है। कोर्ट ने कहा कि याचिका केवल सस्ती लोकप्रियता पाने के लिए दायर की गयी है। कोर्ट ने यह कहते हुए ट्रस्ट पर पांच लाख रुपये का हर्जाना ठोक दिया।

कोर्ट ने कहा कि यदि याची यह रकम स्वयं अदा नहीं करता तो जिलाधिकारी राजस्व वसूली की भांति यह राशि याची से वसूल करेंगे। दरअसल, विवादित विध्वंस ढांचा प्रकरण में चल रहे दीवानी वाद में आये फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल यथास्थिति बनाये रखने के आदेश दे दिये थे।