खुशखबरी: सरकार देने जा रही है कर्मचारियों को ये खास तोहफा! जानिये कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी...

भोपाल। वर्ष 2019 के चुनावों से पहले केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने की लगातार कोशिश में है। चर्चा है कि ऐसे में अब सरकार आने वाले विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनावों में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है।


दरअसल कई राज्यों में विधानसभा चुनावों का माहौल है। लोकसभा चुनावों के बाद हरियाणा, महाराष्ट्र, झारखंड के विधानसभा चुनाव अक्टूबर 2019 में होने हैं। वहीं जम्मू कश्मीर के चुनावों को लेकर भी सुगबुगाहट बनी हुई है।


पूर्व में दावा किया जा रहा था कि केंद्रीय कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का फायदा नए साल में मिलेगा। लेकिन, सैलरी कितनी बढ़ेगी इस पर कोई स्थिति साफ नहीं है। साथ ही कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि उनकी मांग स्वीकार की जा सकती है। क्योंकि, अगले साल आम चुनाव होने हैं और केंद्र सरकार चुनाव से पहले कोई जोखिम नहीं लेना चाहेगी।


यही वजह है कि केंद्र की मोदी सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं ले रही थी। इसे लेकर 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों की नजर केंद्र सरकार की टिकी हैं।


चर्चा है कि केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत एक अलग चैनल के माध्यम से वेतन वृद्धि मिल सकती है। ये डियरनेटस अलांउस (डीए) के जरिए हो संभव होगा।


इसके पहले, सातवें वेतन आयोग लागू होने के साथ ही सरकार ने डीए को पूरी तरह से हटाकर शून्य कर दिया था। लेकिन दैनिक मांग में आने वाली चीजों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद डीए में बढ़ोतरी की उम्मीद जतार्इ जा रही है।


सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। लेकिन, उसका ऐलान अभी नहीं होगा। इस पर पीएम मोदी से चर्चा होनी है, ऐसे में अगले साल आम चुनाव हैं इसलिए सरकार कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि आम चुनाव से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ऐलान किए जा सकते हैं।


जानकारों का कहना है कि 26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस के मौके पर इस तरह के ऐलान पहले भी होते रहे हैं, इसलिए यह दिन इस वजह से खास है कि लाल किले से पीएम मोदी अपने इस कार्यकाल के आखिरी भाषण में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अपनी झोली खोल देंगे।


हालांकि, 15 अगस्त को भी पीएम मोदी से ऐसी ही उम्मीदें की गई थीं, लेकिन जानकारों का मानना है कि 26 जनवरी को यह ऐलान करना सरकार की मजबूरी होगी। क्योंकि, इसके बाद 1 फरवरी को आम बजट है। सूत्रों की मानें तो बजट में सातवें वेतन आयोग से सरकारी खजाने पर पड़ने वाले बोझ को भी शामिल किया जा सकता है।



इस माह से होगी बढ़ोतरी!...
बढ़ती मांग के बाद सरकार फिर से डीए बहाल करेगी। वर्तमान में, केंद्रीय कर्मचारियों को 9 फीसदी का डीए मिलता है। उनके वेतन में बढ़ोतरी डीए के माध्यम से होती है। हाल ही में इसे 7 फीसदी से बढ़ाकर 9 फीसदी किया गया था।


इस संबंध में जानकारों का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डीए लागू होने एक अच्छी खबर है। सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों को इसका फायदा आगामी मार्च 2019 से मिलना शुरू हो जाएगा इसके बाद उनके वेतन में इसी अनुरूप में बढ़ोतरी होगी। यदि केंद्र वर्तमान में, 2.57 गुना स्तर के ऊपर फिटमेंट फैक्टर कारक को बढ़ाकर वेतन बढ़ाता है तो यह बेहतर होगा।



जानिये कितनी बढ़ेगी आपकी सैलरी...
सातवें वेतन आयोग के तहत, 18,000 रुपए की बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारियों को 1620 रुपए का डीए मिलने की चर्चा है। बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी मेट्रिक्स के आधार पर तय होती है।


जानकारों के अनुसार मान लीजिए किसी कर्मचारी को 1620 रुपए का डीए मिलता है, जो कि 18000 रुपए का 9 फीसदी है। ये आंकड़ा जुलार्इ 2018 में डीए में 2 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद है। डीए में 2 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद न्यूनतम 360 रुपए की बढ़ोतरी होगी।


वहीं दूसरी ओर दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांगों में से एक पर सहमति जता दी है। कर्मचारी राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली पर आधारित नई पेंशन योजना (NPS) को पुरानी पेंशन योजना (OPS) से बदलने की मांग कर रहे थे।


अब दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को तोहफा देते हुए दिल्ली विधानसभा में नई पेंशन योजना को पुरानी पेंशन योजना से बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है।


दिल्ली विधानसभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार 26 नवंबर 2018 को भारत सरकार से आग्रह किया गया कि मोदी सरकार तत्काल प्रभाव से नई पेंशन स्कीम को खत्म करके दिल्ली एनसीआर में काम कर रहे सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक बार फिर से सभी सुविधाओं के साथ पुरानी पेंशन स्कीम लागू करें।


पुरानी पेंशन योजना के विपरीत नई पेंशन स्कीम कर्मचारियों को निवेश पर गारंटेड रिटर्न या न्यूनतम पेंशन की कोई गारंटी नहीं देता है। एनपीएस पारिवारिक पेंशन या सामाजिक सुरक्षा प्रदान नहीं करता है। नई पेंशन स्कीम जरूरत पड़ने पर लोन सुविधा प्रदान नहीं करता है।


इसके अलावा नई पेंशन स्कीम वार्षिक वृद्धि और डीए पर वृद्धि भी प्रदान नहीं करता है। एनपीएस कर्मचारियों को मेडिकल इमरजेंसी को पूरा करने के लिए अपने पेंशन फंड से पर्याप्त धन वापस लेने की अनुमति नहीं देता है।


यहां एनपीएस कर्मचारियों को शेयर बाजारों और उन ताकतों की दया पर छोड़ देता है जो बाजार में छेड़छाड़ कर रहे हैं। एनपीएस पेंशन फंड से निकासी पर ड्रैकोनियन प्रतिबंध लगाता है।


एनपीएस बीमा कंपनियों को सेवानिवृत्ति के बाद भी कम से कम दस साल तक वार्षिकी खरीदने के लिए मजबूर करने के साथ कर्मचारियों का शोषण करने की अनुमति देता है, और संविधान में निहित कल्याणकारी राज्य की भावना के विपरीत चलता है।