कांग्रेस ने यदि कर्जमाफी कि तो कर्मचारियो को वेतन देने के लाले पड़ जायेगे

भोपाल। एक तरफ कांग्रेस सत्ता में आते ही अपने कर्जमाफी के वादे को पूरा करने मे जुटी हुई है, वही दूसरी तरफ प्रदेश के पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया ने कांग्रेस के इस फैसले पर सवाल उठाए है। उन्होंने कर्जमाफी की इस घोषणा को प्रदेश के लिए आर्थिक संकट बताया है। मलैया का कहना है कि पहले ही प्रदेश में वित्तीय स्थिति ठीक नही है ऐसे में कर्जमाफी से प्रदेश के खजाने की स्थिति और गंभीर हो जाएगी।आने वाले समय में वेतन के लाले पड़ जाएंगे।

दरअसल, मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने चुनाव प्रचार के दौरान लगातार किसानों की कर्जमाफी की बात कही थी।इसे उन्होंने अपने वचन पत्र में शामिल भी किया था। अब जबकि प्रदेश में कमलनाथ के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बनने जा रही है, तो किसानों की कर्जमाफी की बात भी जोर पकड़ रही है। इसी बीच कमलनाथ की ताजपोशी से पहले प्रदेश के वित्तमंत्री रहे जयंत मलैया ने कहा कांग्रेस पर हमला बोला है। उन्होंने कर्जमाफी को प्रदेश में आने वाला आर्थिक संकट बताया है। उन्होंने कांग्रेस के कर्जमाफी के वादे से प्रदेश के खजाने की स्थिति गंभीर हो जाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस कदम से प्रदेश में वेतन के लाले पड़ जाएंगे।

जैसा हमें खजाना मिला था हमने वैसा ही लौटाया 

इसके साथ ही कांग्रेस द्वारा मध्यप्रदेश की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठाने औऱ श्ववेत पत्र लाने पर मलैया ने कहा कि 15 साल पहले कांग्रेस ने जिस हालत में खजाना दिया था,आज हमने भी उन्हें वैसी ही स्थिति में लौटाया है। उन्होंने कहा कि मप्र पर राष्ट्रीयकृत बैंकों का 34 से 36 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बाकी है। सब कुछ मिलाकर देखा जाए तो मप्र एक लाख 65 हजार करोड़ रुपए के कर्ज में है और करीब दो हजार करोड़ रुपए का आेवर ड्रॉफ्ट है। यदि कर्जमाफी होती है तो विकास के सारे काम बंद हो जाएंगे।

2 लाख तक का कर्जा होगा माफ

कांग्रेस अपने वादे के मुताबिक किसानों का कर्ज माफ करने जा रही है। इसके लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू हो गई है। इस संबंध में बैंकों से कर्जमाफी का ब्योरा मांगा गया है। किसानों पर जो कर्ज है, वह सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का है।  सहकारिता अधिकारियों ने बताया कि हमारे पास 40.96 लाख किसानों पर 56 हजार करोड़ का कर्ज होने का अनुमान है।  कर्जमाफी के ब्लूप्रिंट में 2 लाख तक का कर्जा माफ करने की योजना है। कर्जमाफी के दायरे में सहकारी और राष्ट्रीयकृत बैंक दोनों आएंगे। कर्जमाफी का फायदा ओवरड्यू और समय पर लेनदेन करने वाले किसानों को कर्ज खाते में वर्तमान कर्जराशि के आधार पर माफी मिलेगी। कर्जमाफी से राज्य पर करीब 60 हजार करोड़ रुपए का वित्तीय भर आएगा। कर्जमाफी के ब्लूप्रिंट में माफी के लिए राशि जुटाने का जरिया भी शामिल है।