अजय सिंह आचार संहिता को ठेंगा दिखा रहे सीएम पर पलटवार करते हुए नरोत्तम बोले कि सरकार आ रही तो कैबिनेट की बैठक बुलाने में क्या आपत्ति

भोपाल चुनाव परिणाम आने के पहले शिवराज कैबिनेट की बैठक को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान मच गया है 5 दिसंबर को सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कैबिनेट की बैठक बुलाई है बैठक के एजेंडे में करीब दर्जनभर प्रस्ताव शामिल किए जा रहे हैं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने इस बैठक पर आपत्ति जताई है नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि सीएम आचार संहिता को ठेंगा दिखा रहे हैं लोकतंत्र की मर्यादा का माखौल उड़ाया जा रहा है आचार संहिता के दौरान सिर्फ आपातकालीन विजयपथ सीएम बैठक कर सकते हैं लेकिन अभी ऐसा कोई विषय नहीं है बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी मैं भी कैबिनेट बैठक को संविधान के विपरीत बताया है वही सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा कहते हैं कि जब सरकार आ रही है तो कैबिनेट की बैठक बुलाने में क्या आपत्ति है कॉन्ग्रेस बेवजह विवाद कर रही है

सभी राजनीतिक दलों के अपने अपने तर्क

नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा शिवराज मुख्यमंत्री जैसे जिम्मेदार और संवैधानिक पद पर रहते हुए आचरण संहिता का उल्लंघन और लोकतंत्र की व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने का गंभीर अपराध
कर रहे हैं यह लोकतंत्र की मान्य परंपराएं नहीं है सीएम खुद विधानसभा खुद एक विधानसभा सीट से उम्मीदवार है ऐसे में भी सिर्फ आपातकालीन समय में ही दायित्वों का निर्वहन कर सकते हैं अजय सिंह ने इसे राजस्थान चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करार दिया है साथ ही कहा है कि प्रदेश के अधिकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास है कि सरकार उनकी बन रही है बहुजन समाज पार्टी की विधायक शीला त्यागी कहती हैं कि जब तक परिणाम नहीं आते तब तक सरकार बैठक लेकर कोई फैसला नहीं कर सकती संविधान विशेषज्ञों से बात कर इस मामले में. उचित कदम उठाएंगे आम आदमी पार्टी की तरफ से सीएम प्रोजेक्ट किए गए आलोक अग्रवाल कहते हैं कि यह असंवैधानिक है भाजपा चुनाव हार रही है इसीलिए कैबिनेट बैठक कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है

नई नीति नहीं बना सकती सरकार

संविधान विशेषज्ञ सुभाष कश्यप कहते हैं कि मौजूदा सरकार चुनाव परिणाम के पहले कैबिनेट बैठक बुला सकती है और रूटीन फैसले और कामकाज भी कर सकती है यह सरकार नई पॉलिसी नहीं बना सकती और नए नियम भी लागू नहीं कर सकती या फिर ऐसे फैसले नहीं ले सकती जिसके सरकार परिवर्तन के बाद. बदलने की गुंजाइश हो!