कमलनाथ की कैबिनेट में नए चेहरों को मौका नहीं, मंत्रियों के नाम राहुल ही तय करेंगे

भोपाल| 15वीं विधानसभा का पहला सत्र नए साल में होगा। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात कर सत्र को लेकर चर्चा की। 20 मिनट की इस मुलाकात के बाद सीएम ने मीडिया को बताया कि 7 जनवरी से विधानसभा सत्र शुरू होगा। पहले दिन विधायकों को शपथ दिलाई जाएगी। 8 जनवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि पहली बार जीत कर आने वाले विधायकों को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। मंत्रिमंडल में सपा-बसपा को शामिल करेंगे या नहीं, इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों ने समर्थन के लिए कोई शर्त नहीं रखी थी, इसलिए उनके विधायकों को मंत्रिमंडल में रखें या नहीं, इस पर फैसला उन दलों के नेता ही लेंगे। इस मीटिंग के बाद मुख्यमंत्री दिल्ली चले गए। वह शुक्रवार को केंद्रीय पर्यवेक्षक एके एंटनी से मिलकर मंत्रिमंडल के नामों पर विचार करेंगे। इसके बाद नामों की सूची कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को देंगे। फिर राहुल इन पर अंतिम मुहर लगाएंगे। 

राज्यपाल 25 से 30 तक बाहर : राज्यपाल 25 दिसंबर की शाम से 30 दिसंबर तक राजधानी से बाहर रहेंगी। इससे पहले मंत्रिमंडल के शपथ लेने की संभावना है।