आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद शिवपुरी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के खाते में छात्रवृत्ति व आवास योजना का भुगतान शीघ्र कराने हेतु जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।
        नगर मंत्री आदित्य पाठक ने जानकारी देते हुए बताया कि सत्र 2018-19 समाप्त हो चुका है और नया सत्र प्रारंभ होने को है परंतु अभी तक अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को  छात्रवृत्ति व आवास भत्ता नहीं मिला है जो कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों के साथ जिला प्रशासन के द्वारा अन्याय किया जा रहा है और इसी अन्याय के खिलाफ आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने जिलाधीश महोदय के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
पाठक ने बताया कि मध्यप्रदेश में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई  करने हेतु छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। वहीं साथ ही ऐसे विद्यार्थी जिन्हें छात्रावास में प्रवेश नहीं मिला पर रूम में किराए से रह कर पढ़ाई कर रहे है ऐसे छात्रों को छात्र आवास योजना के माध्यम से रूम किराए की राशि  प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जाती है। जिससे गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाई करने में किसी भी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े लेकिन देखा जाए तो जिला प्रशासन ने पूरा वर्ष बीतने के बावजूद व नया सत्र शुरू होने को है लेकिन प्रथम वर्ष में अध्ययनरत हजारों छात्रों के छात्रवृत्ति व छात्र आवास योजना की राशि विद्यार्थियों को प्रदान नहीं की गई है । जिससे छात्रों को काफी समस्या से जूझना पड़ रहा है जिससे जिला प्रशासन के प्रति छात्रों के मन में आक्रोष है।
विद्यार्थी परिषद ने लंबे समय से छात्रवृत्ति के विषय में पूर्व की  सरकार को भी अवगत कराया गया कि विद्यार्थियों  की छात्रवृत्ति समय पर प्राप्त हो जिससे की विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना ना करना पड़े । इसे  मुद्दे को लेकर जिला स्तर से लेकर प्रदेश  स्तर तक आंदोलन किये गये जिससे पूर्व की सरकार ने छात्र हित को ध्यान रखते हुए छात्रवृत्ति व आवास योजना की राशि का भुगतान समय पर किया जाता था। परंतु इस वर्ष नई कांग्रेस सरकार आने के बाद छात्रों की छात्रवृत्ति समय पर जमा ना होना चिंता का विषय है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नगरमंत्री आदित्य पाठक ने  चेतावनी देते हुए कहा कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि शीघ्र अति शीघ्र छात्रवृत्ति व आवास योजना की राशि का भुगतान किया जाए जिससे कि गरीब छात्र अपनी पढ़ाई आसानी से कर सके। यदि 5 दिवस के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला प्रशासन के खिलाफ सडकों पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला शासन की होगी।
            इस दौरान विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक वेदांश सविता, नगर मंत्री आदित्य पाठक, मयंक राठौर,संकल्प जैन,देवेश धानुक,प्रदुम्न गोस्वामी,अभिषेक वाल्मीकि, राजकुमार शाक्य,मिट्ठू जाटव, साहिल माथुर,जय शाक्य,सुनील शाक्य,मिट्ठू जाटव,ऋषभ शेजवार, अमन खटीक,राजकुमार आदिवासी, दीपा जाटव के साथ साथ आधा सैकड़ा से अधिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

भोपाल। भोपाल कलेक्टर की नियुक्ति में देरी पर सियासत गरमाते ही राज्य शासन ने राजधानी की कमान बैतूल कलेक्टर तरुण पिथौड़े को सौंप दी है। बुधवार शाम पिथौड़े का पदस्थापना आदेश जारी हो गया। वहीं पिथौड़े की नई पदस्थापना के बाद बैतूल कलेक्टर का जिम्मा संचालक बजट तेजस्वी एस. नायक को सौंपा है। नायक पिछले कुछ महीनों से मंत्रालय में पदस्थ हैं।

शासन ने बुधवार शाम कुछ जिलों में कलेक्टरों की नई पदस्थापना की है। भोपाल कलेक्टर का पद पिछले पांच दिन से खाली था। शासन ने पांच जून को सुदाम पंढरीनाथ खाड़े को भोपाल से हटाकर मंत्रालय में अपर सचिव बनाया था और भोपाल नगर निगम आयुक्त बी. विजय दत्ता को कलेक्टर का प्रभार सौंपा था।



इस अवधि में शासन ने दो दर्जन से ज्यादा आईएएस अफसरों के तबादले किए, लेकिन भोपाल कलेक्टर की पदस्थापना नहीं की गई थी। इसे लेकर एक दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य सरकार पर निशाना साधा था।

वहीं शासन ने बीएस जामौद को दतिया कलेक्टर बनाया है। जामौद को लोकसभा उपचुनाव के पहले मुंगावली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में गड़बड़ी के चलते 20 फरवरी 2018 को अशोकनगर कलेक्टर के पद से हटाया गया था। तब से वे मंत्रालय में कार्य कर रहे हैं। 

नाम-- वर्तमान पदस्थापना--नवीन पदस्थापना

अलोक कुमार सिंह -- उप सचिव चिकित्सा शिक्षा -- प्रबंध संचालक मप्र कृषि उद्योग विकास निगम (उद्यानिकी विभाग को सेवाएं सौंपते हुए)

B.S जामौद -- कलेक्टर दतिया -- उप सचिव गृह तथा कार्यपालक संचालक आपदा प्रबंध संस्थान (अतिरिक्त प्रभार)

विशेष गढ़पाले -- अवकाश से लौटने पर -- प्रबंध संचालक मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी

सतेंद्र सिंह -- उप सचिव मप्र शासन -- कलेक्टर सतना

भोपाल|भोपाल रेंज के आईजी योगेश देशमुख ने माना है कि बच्चियों और महिलाओं से जुड़े अपराधों में भोपाल पुलिस कम...


भोपाल|भोपाल रेंज के आईजी योगेश देशमुख ने माना है कि बच्चियों और महिलाओं से जुड़े अपराधों में भोपाल पुलिस कम संवेदनशील नजर आती है। अब भोपाल पुलिस के हर अफसर और निचले स्टाफ को संवेदनशील तो होना ही पड़ेगा। आईजी होने के नाते मुझे कुछ कमियां नजर आई हैं। इन्हें दूर करने के लिए मैंने विश्लेषण भी शुरू कर दिए हैं। दो दिन पहले कमला नगर थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय छात्रा बेबी से ज्यादती के बाद हुई हत्या के मामले का हवाला देते हुए देशमुख ने ये बात मीडिया से कही। भोपाल आईजी का पद संभालने के बाद मंगलवार रात पुलिस कंट्रोल रूम में हुई उनकी ये पहली प्रेस कांफ्रेंस थी। आईजी ने कहा कि बच्चियों से जुड़े इस तरह के अपराध यूं तो छिपकर ही होते हैं। यदि ऐसा होते हमारे किसी स्टाफ को नजर आ गया तो आरोपी पर गोली भी चलेगी। भोपाल में किसी को लगता है कि गैंगवार कर लेंगे। तो इसे हम सहन नहीं कर सकेंगे। बगैर किसी दबाव के हमें पता है कि ऐसे अपराधियों से कैसे निपटना है? 

शिवपुरी, 10 जून 2019/ लालगढ़ आबादी फीडर पर प्रातः 06 बजे से प्रातः 11 बजे तक, उपकेन्द्र डाकबंगला के विवेकानंद फीडर पर प्रातः 06 बजे से प्रातः 11 बजे तक तथा 11 के.व्ही. भेड़फार्म फीडर पर 11 जून 2019 को विद्युत प्रवाह बंद रहेगा। 
उक्त फीडरों के बंद रहने से ग्राम लालगढ़, मानपुर, झूंड, झलवासा, टोंगरा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र, विवेकानंद काॅलोनी, सहगल टेंक आउस का क्षेत्र, माधव नगर, गणेश कालोनी, नबाव साहब रोड़, मनियर पार्क, वर्मा कालोनी टोंगरा रोड़ के साथ आई.टी.व्ही.पी. गेट के सामने राईन मार्केंट, राघवेन्द्र नगर आदि से जुड़े समस्त क्षेत्र प्रभावित रहेंगे। 

कोई बोला-श्रीमंत कभी हार नहीं सकते, यही अति विश्वास ले डूबा, तो किसी ने संगठन में निष्क्रिय लोगों को तवज्जो को बताया जवाबदेह शिवपुरी  प्रतिनिधि सिंधिया परिवार के गढ़ कहे जाने वाले गुना शिवपुरी लोकसभा सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की हार से कांग्रेस पार्टी सदमे में हैं। हार के बाद बीते रोज पहली बार शिवपुरी पहुंचे सिंधिया ने सोमवार

कोई बोला-श्रीमंत कभी हार नहीं सकते, यही अति विश्वास ले डूबा, तो किसी ने संगठन में निष्क्रिय लोगों को तवज्जो को बताया जवाबदेह


सिंधिया परिवार के गढ़ कहे जाने वाले गुना शिवपुरी लोकसभा सीट पर ज्योतिरादित्य सिंधिया की हार से कांग्रेस पार्टी सदमे में हैं। हार के बाद बीते रोज पहली बार शिवपुरी पहुंचे सिंधिया ने सोमवार को झांसी रोड स्थित सिंधिया जनसपंर्क कार्यालय में सुबह 11ः15 से 3ः15 तक करीब 4 घंटे की लंबी रायशुमारी कांग्रेस के बूथ लेवल कार्यकर्ताओं व मंडलम अध्यक्षों के साथ बंद कमरे में की
। भावुक दिखाई दे रहे सिंधिया ने जिले की तीन विधानसभा कोलारस, शिवपुरी व पिछोर के ग्रामीण व शहरी संगठन पदाधिकारियों को एक एक कर बुलाया और उनसे हार के कारणों को मौखिक व लिखित रूप में पूछा। इस दौरान पदाधिकारियों ने हार के अलग-अलग कारण गिनाए गए। किसी ने कहा कि श्रीमंत नहीं हार सकते, यह अति विश्वास भी कार्यकर्ताओं को करो या मरो की मानसिकता में नहीं ले गया। जितना परिश्रम किया जाना था, उतना नहीं हुआ। जिसका नतीजा रहा कि मतदाता ये कहता रहा कि वोट तो मोदी को दूंगा पर जीतेंगे तो महाराज ही। इसी तरह किसी कार्यकर्ता ने साफ शब्दों में कहा कि मंडल व जिला संगठन में जिन पदाधिकारियों को तवज्जो दी गई, उन्होंने अपेक्षित काम नहीं किया। कार्यकर्ताओं के साथ उनका तालमेल नहीं हुआ।भावुक होकर कार्यकर्ता निकले कमरे से

समीक्षा के दौरान कोलारस, शिवपुरी व पिछोर के कई पदाधिकारी जब सिंधिया से बंद कमरे में चर्चा के बाद बाहर निकल रहे थे तो वे भावुक नजर आए। कुछ तो बाहर निकलते समय आंसू तक पोंछते दिखे। कार्यकर्ता ये समझ नहीं पा रहे थे कि चूक कहां हुई और हुई तो उसका समय रहते पता लगाने में नाकामयाब क्यों रहे।

टिकट पर भी खड़े किए सवाल

कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने हार के कारणों में विधानसभा चुनाव के दौरान सिंधिया कोटे से दिए गए टिकिट चयन पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि खासतौर पर शिवपुरी विस सीट पर जिस तरह अप्रत्याशित ढंग से कांग्रेस के पुराने व अनुभवी नेताओं का दरकिनार कर नए चेहरे को टिकट दे दिया गया उससे भी कांग्रेसी नेता व कार्यकर्ता हतोत्साहित हुए। जिसका नतीजा इस चुनाव में कार्यकर्ता स्तर से अपेक्षित प्रयास के अभाव के रूप में सामने आया।

गेट पर बैठे नजर आए कांग्रेस जिलाध्यक्ष

सिंधिया जिस कमरे में मुलाकात कर रहे थे, उस कमरे के बाहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ यादव बैठे नजर आए। उन्होंने बारी बारी से अंदर लोगों को जाने दिया। किसी बात को लेकर उनके और पूर्व मंत्री भैया साहब लोधी के बीच कुछ गर्म बात भी हुई बाद में सिंधिया के निज सचिव ने बीच बचाव किया। सबसे आखिर में सिंधिया से मुलाकात के लिए मौजूद कांग्रेस नेताओं को 10-10 की संख्या में अंदर भेजा गया। प्रभारी मंत्री इस दौरान जनसंपर्क कार्यालय भी आए। उनके साथ एसपी राजेश सिंह चंदेल भी मौजूद थे। मंत्री ने एक तरफ ले जाकर एसपी से बात की। वहीं कुछ आवेदक भी मंत्री को घेरे दिखाई दिए, जिनसे आवेदन लेकर मंत्री ने संबंधित को भेज दिए। धूप के चलते मंत्री छाता लगाए नजर आए।

अंदर कमरे में सिंधिया मुलाकात कर रहे थे और बाहर मौजूद कांग्रेस जिलाध्यक्ष बैजनाथ यादव और पूर्व मंत्री भैया साहब लोधी आपस में बात करते हुए।

बांबे कोठी पर मंत्रियों से अलग-अलग की चर्चा

शिवपुरी। सिंधिया बीती देर रात शिवपुरी आ गए थे और बांबे कोठी पर रात्रि विश्राम किया जिसके बाद सोमवार की सुबह मंत्रियों से कोठी पर ही अलग अलग बातचीत की। रात को ही उन्होंने संकेत दे दिए थे कि महेन्द्र सिसोदिया, प्रद्युमन तोमर, इमरती देवी से वे सुबह बात करेंगे। सुबह करीब 1 घंटे से अधिक देर तक वह मंत्रियों से मंत्रणा करते रहे। हालांकि इस दौरान क्या बात हुई यह अंदर की बात बाहर नहीं आ सकी है। इधर मीडिया से बात करते हुए प्रभारी मंत्री प्रघुमन तोमर ने कहा कि सिंधिया शहर की आवाम को जल्द सिंध का पानी पिलाना चाहते थे। पूरे प्रयास करके पानी शहर भी आ गया लेकिन विपक्ष ने ऐसा झूठ फैलाया कि जनता उनके झांसे में आ गई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वे लोग झूठ को बार बार कहते हैं जोर से कहते हैं जिससे लोग भ्रम में फस जाते हैं। उन्होंने कहा कि 15 साल की काई को हम सब मिलकर दूर करेंगे और शिवपुरी को एक नई विकास की धारा से जोड़ेगे। उन्होंने कहा कि कल बैठक ली थी और फिर से बैठक लेने आ रहा हूं। यह सिलसिला तब तक चलेगा जब तक शहर की समस्याएं दूर नहीं हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि सिंधिया के साफ निर्देश हैं कि शहर के लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कल पोहरी चौराहे पर जिस गड्ढे को बंद करने के निर्देश दिए थे आज वह बंद हो गया है। यदि ऐसा न होता तो दोषियों पर केस दर्ज कराकर ही रहता।

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सांसद भले ही नहीं हूं पर जनसेवक था और आखिरी सांस तक रहूंगाः सिंधिया


हार के बाद पहली बार शिवपुरी आए सिंधिया ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि प्रजातंत्र में जनता भगवान है। जनता का जनादेश सिर माथे पर है। मैं इसे स्वीकार करता हूं। जनता के प्रति मेरी प्रतिबद्धता थी और रहेगी। भले ही मैं अब सांसद नहीं हूं, लेकिन इस क्षेत्र के लिए सांसद से ज्यादा मैं खुद को जनसेवक की भूमिका में देखता हूं और आखिरी सांस तक जनसेवक रहूंगा।

सिंधिया से जब पूछा गया कि क्षेत्र के लिए आपको विकास का मसीहा माना जाता है, बावजूद हार क्यों हुई। सिंधिया का कहना था कि ये लंबे विश्लेषण का विषय है, लेकिन यह तय है कि कमियां जरूर रही होंगी, मैं मतदाता और अन्नादाता को हमेशा भगवान मानता हूं। अंतरआत्मा से यह बात कहता हूं कि कमियों को ढूंढ़कर सुधार करेंगे। पहले स्वयं की कमियों को ढूंढूंगा, फिर संगठन की कमियों को भी तलाशेंगे। उसके बाद जनता के बीच फिर जाऊंगा। मुझे यकीन है कि जनता का विश्वास फिर हमारे साथ होगा और हम जीतेंगे, हार का कोई एक कारण नहीं है

शिवपुरी, 10 जून 2019/ मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शिवपुरी टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के साथ जिले में कैरियर काउंसिलिंग द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 17 जून 2019 को प्रातः 10 बजे से गांधी पार्क मानस भवन, शिवपुरी में आयोजित की जाएगी। जिले के कक्षा 12वीं में औसतन कम मार्कस लाने वाले सभी विद्यार्थियों के अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपने बच्चों को उचित कैरियर मार्गदर्शन प्राप्त करने हेतु कार्यशाला में भेजें। जिससे विद्यार्थियों द्वारा अपने भविष्य की नई राह का चुनाव किया जा सके।
अनुविभागीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी जिला पर्यटन संवर्धन परिषद शिवपुरी अतेन्द्र सिंह गुर्जर ने बताया कि कैरियर काउंसिलिंग माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यटन विभाग द्वारा स्थापित आई.एच.एम.ग्वालियर द्वारा ऐसे प्रशिक्षणार्थियों को कैरियर संबंध में उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा तथा मध्यप्रदेश के विभिन्न संस्थानों डिप्लोमा, डिग्री कोर्सेज एवं सर्टिफिकेट कोर्सेज में प्रवेश दिलाकर पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार मुहैया कराने में सहयोग प्रदान किया जाएगा। 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित होने के उपरांत कम अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को अपने कैरियर के चुनाव में कठिनाई उत्पन्न होती है तथा विद्यार्थी अपने कैरियर से भटक कर दिशाहीन कोर्सेज में दाखिल लेकर पछतावा का अनुभव करते है। 
यह एक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों में सीधे प्रवेश का माध्यम है, परंतु औसत अंक प्रापत करने वाले विद्यार्थियों को इसकी जानकारी न होन के कारण वे इसके व्यापक लाभ से वंचित रह जाते है एवं अनावश्यक काॅलेज एवं संस्थानों में दिशाहीन कोर्सेज में दाखिला लेकर अपना भविष्य अंधकार मय बना लेते है। मध्यप्रदेश शासन द्वारा इस कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य यह है कि इस कार्यशाला में आने वाले विद्यार्थियों का काउंसिलिंग कर रूचि एवं योग्यतानुसार विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए प्रेरित किया जाएगा। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित संस्थाओं जैसे-एफसआई, एसआईएचएम, आईएचएम, एमपीआईएचटीटीएस आदि में उपलब्ध कोर्सेज एवं पर्यटन के क्षेत्र में उपलब्ध कैरियर की संभावनाओं के अवसर की जानकारी अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाकर उन्हें लाभाविंत करना है। 
इस कार्यशाला में जिला प्रशासन के सहयोग से विद्यार्थियों के लिए इवेन्ट ले-आउट काउंसिलिंग प्रपत्र, काउंसिलिंग स्टाॅल एवं अन्य व्यवस्थाएं की गई है। इस कार्यशाला के दौरान छात्रों को रजिस्ट्रेशन फार्म प्रदाय किया जाएगा तथा उनका पंजीयन कराया जाएगा। इसके उपरांत उनका काउंसिलिंग किया जाकर उन्हें उचित मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। 

शिवपुरी
गुना-शिवपुरी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र के सांसद डाॅ.कृष्णपाल सिंह की अध्यक्षता में 11 जून 2019 को दोपहर 01 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष शिवपुरी में विभागीय योजनाओं से संबंधित बैठक आयोजित की गई है। 
प्रभारी कलेक्टर श्री एच.पी.वर्मा ने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए है कि संबंधित अधिकारी अपने विभाग से संबंधित संचालित समस्त योजनाओं की अद्यतन जानकारी की दो प्रतियों के साथ नियत दिनांक, समय एवं स्थान पर उपस्थित होना सुनिश्चित करें। 

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शिवपुरी-()भाजपा सांसद डॉक्टर के पी यादव के शिवपुरी में प्रथम नगर आगमन पर  कार्यकर्ताओं एवं मतदाताओं का आभार  सभा की तैयारियों को लेकर भाजपा की जिला बैठक संपन्न हुई जिसमें भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सुशील रघुवंशी ने बताया कि डॉ के पी यादव गुना शिवपुरी लोकसभा क्षेत्र के सांसद महोदय के द्वारा दिनांक 11 जून 2019 को स्थानीय माधव चौक चौराहे के समीप एचडीएफसी बैंक के सामने सम्मानीय मतदाताओं के द्वारा भारतीय जनता पार्टी व मोदी जी शिवराज जी की योजनाओ पर विश्वास व्यक्त करते हुए मुझे इस संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधि बनाए जाने पर आभार सभा का आयोजन किया जा रहा है । माननीय सांसद डॉ के पी यादव जी दोपहर 1:00 बजे शिवपुरी पहुचेंगे और स्थानीय जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे ।बैठक के उपरांत शिवपुरी नगर में विशाल आभार सभा का आयोजन व भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यकारिणी के द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया जावेगा। माननीय सांसद जी का सांसद बनने के बाद यह प्रथम औपचारिक भ्रमण है सम्मानीय भाजपा के पदाधिकारी एवं समस्त कार्यकर्ताओं और नागरिकों से आग्रह है कि शिवपुरी गुना लोकसभा के लोकप्रिय सांसद के प्रथम नगर आगमन पर उनका स्वागत बंधन अभिनंदन करें और सभी से आग्रह है कि साय काल 6:00 बजे आयोजित आभार सभा में सभी सम्मानीय नागरिक गण अपनी उपस्तिथि प्रदान करे।इस बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री सुशील रघुवंशी,श्री अजीत जैन,श्री अशोक खण्डेलवाल,श्री तेजमल सांखला,श्री राजू बाथम, श्री ओमी जैन, श्री हेमन्त ओझा,डॉ राकेश राठौर,श्री अमित भार्गब, श्री धनपाल यादव,श्री मुकेश चौहान,श्री केरन सिंह लोधी,श्रीमती लक्ष्मी जाटव, श्रीमती सरोज धाकड़ आदि उपस्तिथ रहे।



   


विधानसभा सचिवालय शून्यकाल और ध्यानाकर्षण की सूचनाएं ऑनलाइन लेने की व्यवस्था शुरू कर रहा है। इस सत्र से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी।

भोपाल. आमजन की आवाज उठाने के लिए विधानसभा में दी जाने वाली ध्यानाकर्षण और शून्यकाल की सूचना अब ऑनलाइन होने जा रही है। विधायक अब घर बैठकर ही सदन को ये सूचना दे सकेंगे। यह व्यवस्था आठ जुलाई से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र से शुरू हो जाएगी।


वर्तमान में विधायकों को ये सूचनाएं विधानसभा सचिवालय में उपस्थित होकर लिखित रूप मेंं देना होती हैं। विधानसभा सचिवालय संदेशवाहक के हाथों इसे राज्य सरकार को भेजता है। विधानसभा सचिवालय से मंत्रालय तक सूचनाएं पहुंचने में कई बार देरी के कारण उनके जवाब भी देरी से आते हैं।

अब कार्यसूची का इंतजार नहीं

अभी तक यह होता रहा है कि विधायक द्वारा ध्यानाकर्षण और शून्यकाल सहित अन्य सूचनाओं के माध्यम से मांगी गई जानकारी को विधानसभा सचिवालय सरकार को जवाब के लिए भेज देता है, लेकिन सचिवालय कार्य सूची का इंतजार करता रहता है। कार्यसूची में विषय शामिल होने पर इसके जवाब सचिवालय को भेजे जाते हैं, अब ऐसा नहीं होगा। वर्तमान में विधायकों को लिखित प्रश्न पूछने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था है।

विधानसभा सचिवालय शून्यकाल और ध्यानाकर्षण की सूचनाएं ऑनलाइन लेने की व्यवस्था शुरू कर रहा है। इस सत्र से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी। ऑफलाइन व्यवस्था जारी रहेगी।
- एपी सिंह, प्रमुख सचिव, विधानसभा

मुझे बनाओ कांग्रेस का प्रोबेशनरी प्रेसिडेंट : असलम

इधर, पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेरखान ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि उनको दो साल के लिए पार्टी का प्रोबेशनरी प्रेसिडेंट बनाया जाए। असलम ने लिखा है कि लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद असंतोष और मंथन में डूबी कांग्रेस में नए-नए बयान आ रहे हैं। पार्टी अनिर्णय और अनिश्चितता की स्थिति में है।

मुझे जिस तरह ओलंपिक में मौका मिला, यहां भी मिलना चाहिए। राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस पिछड़ रही है। दूसरे नेता भी मेरी तरह हिम्मत दिखाएं। सिर्फ कमरों में बैठकर कांग्रेस और राहुल की बुराई से कुछ नहीं होगा। हमें मिलकर नए सिरे से काम करना होगा। पार्टी संविधान में व्यवस्था है कि अध्यक्ष इस्तीफा दे दें तो कांग्रेस वर्किंग कमेटी अस्थायी अध्यक्ष नियुक्त कर सकती है।

जेल में बंद मोहम्मद जाहिद और मोहम्मद असलम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाले मोहम्मद जाहिद एक जुआरी है. उसके दोस्त उसे सट्टा किंग के नाम से भी बुलाते हैं. वहीं मामले में दूसरा आरोपी मोहम्मद असलम पहले भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है. 

अलीगढ़ केस: गिरफ्त में आया तीसरा दरिंदा, चौथे की तलाश जारी
प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम मेहंदी है. वह दूसरे आरोपी मोहम्मद जाहिद का भाई है. सूत्रों के मुताबिक जब बच्ची की लाश मिली थी तो मेहंदी मौके से फरार हो गया था. भागते वक्त मेहंदी ने कहा था जिसको जो करना है कर लो.

इससे पहले जेल में बंद मोहम्मद जाहिद और मोहम्मद असलम को लेकर बड़ा खुलासा हुआ. मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी करने वाला मोहम्मद जाहिद एक अच्छा खासा जुआरी है. उसके दोस्त उसे सट्टा किंग के नाम से भी बुलाते हैं. वहीं मामले में एक और आरोपी मोहम्मद असलम बच्ची की बेरहमी से हत्या करने से पहले और भी कई वारदातों को अंजाम दे चुका है. 

उसे पहले भी गिरफ्तार किया जा चुका है. उसे अपनी रिश्तेदार की बच्ची के साथ यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. असलम को 2014 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. दूसरा मामला दिल्ली के गोकुलपुरी का है. उसपर 2017 में छेड़छाड़ और अपहरण का मामला दर्ज हुआ था. इतना ही नहीं उसने करीब एक साल पहले अपनी पत्नी की पिटाई की थी. हालांकि लोगों ने बीच बचाव किया था.

बता दें कि इस मामले में 4 आरोपी हैं. इनमें से 2 अब भी फरार हैं, जबकि मोहम्मद जाहिद और मोहम्मद असलम पुलिस की गिरफ्त में हैं.  इस केस में 5 पुलिसवालों को सस्पेंड भी किया गया है. जिन पुलिसवालों का निलंबन किया गया है उनमें कुशलपाल सिंह (इंस्पेक्टर), सत्यवीर सिंह ( एसआई) अरविंद कुमार (एसआई), शमीम अहमद (एसआई), राहुल यादव (कांस्टेबल) हैं.



बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छह सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया है. वहीं राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है.

बता दें कि 30 मई की शाम को खेलते-खेलते मासूम गायब हो गई थी. अगले दिन यानि 31 मई को घरवालों ने उसके लापता होने की शिकायत पुलिस से की. 2 जून को बच्ची की लाश उसी के घर के आसपास सड़ी गली हालत में कूड़े के ढेर में मिली. घरवालों का आरोप है कि पूरे दो दिनों तक पुलिस सुस्ती बरतती रही.

मासूम की लाश मिलने के बाद जब लोगों का गुस्सा फूटा तो पुलिस ने मुख्य आरोपी जाहिद को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का दावा है कि इसने 5 हजार रुपयों के लिए सबक सिखाने की धमकी दी थी और इसी ने बच्ची को मार डाला. बाद में पुलिस ने जाहिद के साथी को भी गिरफ्तार कर लिया. अब पुलिस इन आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट लगाकर कार्रवाई में जुटी है.

मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने एसपी क्राइम की अगुवाई में छह सदस्यीय एसआईटी टीम का गठन किया, जिसमें एसपी देहात मणिलाल पाटीदार टीम के प्रभारी रहेंगे. जांच के लिए फॉरेंसिक लैब की भी मदद ली जा रही है.


थाने का किया घेराव 


यूपी के अलीगढ़ से इंसानियत को शर्मसार करने वाली एक ऐसी घटना इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है जो हर किसी को झकझोर रही है। क्या आम लोग और क्या नेता-अभिनेता... सभी एक स्वर में इस घटना की निंदा कर रहे हैं। मामला मात्र 10 हजार रुपए के कर्ज के लिए ढाई साल की मासूम की हत्या का है। चंद रुपये के लिए मासूम को अगवा कर लिया गया और बाद में उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। बच्ची का शव कुछ ऐसी हालत में मिला कि पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर भी समझ नहीं पाए कि पोस्टमॉर्टम करें तो कैसे। जानिए इस दिल दहला देने वाली वारदात का पूरा घटनाक्रम...


30 मई को घर के बाहर से हुई गायब

अलीगढ़ के थाना टप्पल इलाके में ढाई साल की बच्ची का शव मिलने से दो जून को सनसनी फैल गई। मामले का खुलासा हुआ तो पता चला कि यह शव ढाई साल की मासूम का है। वह 30 मई को घर के बाहर से खेलती हुई लापता हो गई थी। 31 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उसके बाद पुलिस को 2 जून की सुबह शव जेल गए आरोपी जाहिद के घर के पास मिला था। कूड़े के ढेर में उसका शव सफाई कर्मचारी को दिखाई दिया। जैसे ही बच्ची का शव सफाईकर्मी को दिखा उसने पुलिस के पास जाकर मामले की जानकारी दी। जिसके बाद एसएसपी आकाश कुलहरि और विधायक खैर अनूप प्रधान मौके पर पहुंचे।

यहीं मिला था मासूम का शवमंथन न्यूज
यहीं मिला था मासूम का शव 

क्या हुआ 2 जून को, कैसे मिला लापता का शव

रविवार तड़के काननूगोयान से एक गली छोड़कर कोट मोहल्ले में महिला सफाईकर्मी ने कूड़े के ढेर से कपड़े के एक बंडल को कुत्तों को खींचते हुए देखा। इसी दौरान तमाम लोग वहां पहुंच गए। कपड़े की गठरी खोलकर देखी गई तो उसमें ढाई साल की मासूम का क्षत-विक्षत शव मिला। सूचना पर पहुंची टप्पल पुलिस ने शव को आनन-फानन पोस्टमार्टम के लिए भेजा। यह जानकारी होते ही लोग भड़क गए।
परिजनों के साथ सैकड़ों की संख्या में लोगों ने पीछा कर शव लेकर जा रही गाड़ी को कुराना के पास रुकवा लिया। इसके बाद शव टप्पल थाने के सामने रख दिया और अलीगढ़-पलवल मार्ग पर जाम लगा दिया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने थाने का घेराव कर पुलिस के  खिलाफ नारेबाजी की और टप्पल एसओ को निलंबित करने की मांग की। यह लोग आरोपी जाहिद और उसके पूरे परिवार को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। ब्लाक प्रमुख के पति ऋषिपाल सिंह मैनेजर, डॉ. चंद्रप्रकाश पांचाल व कर्मवीर सिंह भाजपा नेता भी लोगों के साथ धरने पर बैठे रहे।
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बिलखते परिजन 

दुपट्टे से गला घोंटकर की हत्या, भूसे में दबाया था शव

आरोपियों के विषय में बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि जाहिद पर उनके दस हजार रुपये शेष थे। रुपये मांगने पर उससे विवाद हुआ था। उसी दिन जाहिद ने देख लेने व बेइज्जती का बदला लेने की धमकी दी थी। इसी बदले की भावना से उसने असलम संग मिलकर साजिश बनाई और 30 जून को जब बच्ची खेलते हुए जाहिद के दरवाजे पर पहुंच गई तो उसे बिस्कुट देने के बहाने अपने घर में ले गया। फिर उसकी दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी और उसके शव को भूसे की बुर्जी में दबा दिया। जब उसमें से दुर्गंध आई तो शव को बाहर लाकर फेंक दिया गया। यह खुलासा मासूम की हत्या में गिरफ्तार दोनों आरोपियों जाहिद व उसके दोस्त असलम ने किया है।

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सूंघते हुए आरोपी जाहिद के घर पहुंचा खोजी कुत्ता

कूड़े के ढेर में जहां पर शव मिला था, वहीं डॉग स्क्वायड सबसे पहले पहुंचा। वहां से सूंघते हुए खोजी कुत्ता कोट मोहल्ला निवासी जाहिद पुत्र अब्बास के घर तक पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने जाहिद को हिरासत में ले लिया। दरअसल चार-पांच दिन पहले लड़की के पिता और जाहिद के बीच विवाद हुआ था। जाहिद ने धमकी भी दी थी। इसीलिए मासूम के लापता होने के बाद से जाहिद के परिवार पर लड़की के पिता और उनका परिवार आशंका जता रहा था। थाने का घेराव कर रहे भीड़ के गुस्से को देखते हुए टप्पल पुलिस ने आरोपी जाहिद को किसी दूसरे थाने में भेज दिया है।

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पुलिस - फोटो  मंथन न्यूज

शव गल जाने से साक्ष्य हुए लुप्त, नहीं मिला 

तीन डॉक्टरों के पैनल की राय पर गौर करें तो शव गलने से उसकी हत्या के साक्ष्य विलुप्त हो चुके हैं। उसका सीधा हाथ या तो जानवरों ने खा लिया है, या फिर गलने से कहीं अलग छिटककर गिर गया है। दोपहर में पोस्टमार्टम के दौरान भी गलन के हालात कुछ ऐसे ही थे कि डॉक्टर जहां से भी शव को पकड़ रहे थे, वहां से हिस्सा अलग होने के कगार पर था। पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि बच्ची से दुष्कर्म नहीं हुआ था और मौत की वजह जानने को विसरा सुरक्षित किया है। 

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बच्ची का शव गलने से विलुप्त हुए साक्ष्य, जानवरों ने खाया हाथ

कड़ी सुरक्षा के बीच शाम को पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच किया। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम के बाद यह तो साफ किया कि शव कम कम तीन से चार दिन पुराना है। शरीर में किसी नुकीले वस्तु के निशान हैं। गला हुआ और जानवरों द्वारा खाए जाने के अंदेशे पर यह निशान जानवरों के पंजे के होने का भी अंदेशा है।


इस्लामाबाद। इन दिनों बेहद गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे पाकिस्तान में खाने को भले ही पैसे नहीं हो लेकिन आतंकियों को पाला जा रहा है। हालांकि, इसी आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव, खाली खजाने और भारत के कड़े रुख से परेशान पाकिस्तान अब बातचीत की राह तलाश रहा है।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कश्मीर समेत सभी मसलों पर बातचीत की इच्छा जताई है। कहा है कि पाकिस्तान बातचीत से सभी विवादों को हल करना चाहता है।

पाक पीएम इमरान ने यह पत्र मीडिया में आई उस खबर के बाद लिखा है जिसमें कहा गया था कि एससीओ सम्मेलन के दौरान बिश्केक में पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय मुलाकात से भारत ने इन्कार कर दिया है। बिश्केक में मोदी और इमरान भाग लेने जाएंगे।

शुक्रवार को ही पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर को पत्र लिखकर सभी मसलों पर बातचीत की इच्छा का इजहार किया और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयासों के लिए प्रतिबद्धता जताई।

लोकसभा चुनाव में जीत के बाद मोदी को टेलीफोन पर बधाई देते हुए इमरान ने बातचीत शुरू करने की इच्छा जताई थी लेकिन मोदी ने जवाब में पहले हिंसा और आतंकवाद को खत्म कर भरोसा कायम करने को जरूरी बताया था। अब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में क्षेत्रीय विकास के लिए दोनों देशों के साथ काम करने को जरूरी बताया गया है। इससे दोनों देशों के लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत एकमात्र रास्ता बताया गया है।

पुलवामा हमले से बिगड़ी बात

फरवरी में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देश युद्ध के कगार पर पहुंच गए थे। 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना के विमानों ने पाकिस्तान में घुसकर बालाकोट स्थित आतंकी शिविर पर हमला किया था और सैकड़ों आतंकी मार गिराए थे। अगले दिन पाकिस्तान ने भी जम्मू-कश्मीर में जवाबी हमला करने की कोशिश की लेकिन भारतीय वायुसेना के सतर्क होने की वजह से उसके विमानों को वापस भागना पड़ा था। इस तनाव को खत्म करने और साथ काम करने की इच्छा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 26 मई की टेलीफोन वार्ता में जताई थी।



   


भोपाल में राज्य के वरिष्ठ नेताओं की कोर कमेटी की बैठक...

भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा को करीब 15 साल सत्ता से बेदखल करने के बाद पुन: सत्ता में काबिज हुई कांग्रेस ने कमलनाथ को मध्यप्रदेश की बागडोर सौंपी, तभी से प्रदेश में कांग्रेस के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। दरअसल चुनाव के पहले से कमलनाथ ही कांग्रेस के अध्यक्ष बने जो अब तक इस सीट पर भी काबिज हैं।


लेकिन कमलनाथ के हाथ सत्ता की डोर आते है अध्यक्ष पद को लेकर तमाम तरह की अटकलें कांग्रेस के अंदर व बाहर शुरू हो गईं। वहीं इसके कुछ ही समय बाद मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनावों के दौरान मिली करारी हार ने एक बार फिर मध्य प्रदेश कांग्रेस संगठन में बदलाव की चर्चा को तेज कर दिया।


ऐसे में पार्टी में चिंतन-मंथन, बैठकों का दौर शुरू हो गया। यहां तक की हार के कारणों के लिए राहुल गांधी ने सब मुख्यमंत्रियों से दिल्ली में चर्चा भी की और वे वापस भी लौट आए, लेकिन इस दौरान राहुल गांधी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिल्ली में ही रोक लिया, जिसके बाद सिंधिया के अध्यक्ष बनने की चर्चाएं तेज हो गईं।

सूत्रों के मुताबिक शनिवार को पार्टी की कोर कमेटी की बैठक होने से पहले ही एक बार फिर संभावित अध्यक्ष को लेकर तकरार तेज हो गई है। वहीं प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष व सीएम कमलनाथ इन दिनों दिल्ली प्रवास पर हैं और उनके इस प्रवास को लोकसभा चुनाव के नतीजों और नए प्रदेश अध्यक्ष की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर अब पार्टी में नया अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है। ऐसे में अध्यक्ष पद के दावेदारों में जो नाम सामने आ रहे हैं, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, अरुण यादव, राज्य सरकार के मंत्री बाला बच्चन, जीतू पटवारी शामिल बताए जाते हैं।


किस मंत्री ने किसे अध्यक्ष बनाने की रखी मांग...
वहीं इससे पहले मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री प्रद्युम्न सिंह और इमरती देवी नए अध्यक्ष के तौर पर सिंधिया को पार्टी की कमान सौंपे जाने की मांग कर चुके हैं। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई और विधायक लक्ष्मण सिंह ने सिंधिया को पार्टी की कमान न दिए जाने की बात कही है।

उनका मानना है कि सिंधिया के पास समय की कमी है, क्योंकि वह उत्तर प्रदेश में पार्टी का काम देख रहे हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। ऐसे में एक तरफ जहां सिंधिया का दबे स्वर में विरोध हो रहा है, वहीं पार्टी के भीतर से आदिवासी को संगठन की कमान सौंपे जाने की आवाज जोर पकड़ रही है।

दूसरी ओर मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने खुले तौर पर मंत्री बाला बच्चन को पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने की पैरवी की है। वर्मा के अनुसार राज्य में 22 प्रतिशत आबादी जनजातीय वर्ग से है। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनाने में इस वर्ग का योगदान है। साथ ही बाला बच्चन सक्षम और अनुभवी नेता हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदार सौंपी जानी चाहिए।


कोर कमेटी की बैठक आज...
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार के चलते राज्य की 29 सीटों में से सिर्फ एक सीट में ही जीत मिली है। ऐसे में राज्य के वरिष्ठ नेताओं की कोर कमेटी की शनिवार को भोपाल में बैठक होने वाली है। इस बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ के अलावा प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया हिस्सा लेंगे। बैठक में नए अध्यक्ष, लोकसभा चुनाव में हार के कारणों सहित अन्य मसलों पर चर्चा संभावित है।

वहीं जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष का चयन आसान नहीं होगा, क्योंकि भले ही गुटबाजी दिखाई न दे, लेकिन इस समय वह राज्य में चरम पर है। इन स्थितियों में एक सर्वमान्य अध्यक्ष आसानी से चुना जा सकेगा, इसमें संदेह बना है।


जानकारों का यह भी मानना है कि जब कमलनाथ अध्यक्ष चुने गए थे, तब पार्टी में विरोध इसलिए नहीं हुआ, क्योंकि अधिकतर नेता उनसे उपकृत थे वहीं इस दौरान सिंधिया को मुख्यमंत्री पद की आस थी, जिसके चलते वे भी मैदान मे नहीं आए। इसके अलावा कमलनाथ समन्वय में खास महारत रखते हैं।

वहीं अब सिंधिया की हार जहां उनके अध्यक्ष पद के लिए रोड़ा बन रही है, वहीं सिंधिया के कुछ समर्थक सिंधिया की हार के लिए कांग्रेस के ही कुछ बड़े नेताओं को जिम्मेदार मानते हैं। जिसके चलते अब वे उन्हें हर कीमत पर अध्यक्ष पद पर बैठाना चाहते हैं।

मालेगांव बम विस्‍फोट में आरोपी साध्‍वी प्रज्ञा ठाकुर गुरुवार को एनआईए की विशेष अदालत में पेश हुईं। कोर्ट में जज के सवालों के जवाव में उन्होंने कहा कि मुझे कुछ नहीं पता है। गुरुवार को खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए भोपाल से बीजेपी सांसद कोर्ट में पेश नहीं हुई थीं।

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हाइलाइट्स
  • मालेगांव धमाकों की आरोपी प्रज्ञा ठाकुर मुंबई में एनआईए की विशेष कोर्ट के सामने पेश
  • प्रज्ञा ने जज के पूछे सवालों के जवाब में कुछ पता नहीं होने की बात दोहराई
  • गुरुवार को भी केस की सुनवाई थी, लेकिन प्रज्ञा पेशी के लिए कोर्ट नहीं पहुंची थीं
  • खराब स्वास्थ्य का हवाला देने के बाद गुरुवार को प्रज्ञा ने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था

मुंबई 
मालेगांव बम धमाकों की आरोपी भोपाल से सांसद प्रज्ञा ठाकुर आज मुंबई की विशेष एनआईए कोर्ट में पेश हुईं। कोर्ट में जज के सवालों के जवाब में उन्होंने कोई जानकारी नहीं होने की बात कही। मालेगांव में हुए बम धमाकों पर जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे कुछ पता नहीं है। कोर्ट ने पिछले सप्ताह ही धमाकों के सभी आरोपियों को सप्ताह में कम से कम 1 बार पेश होने का निर्देश दिया था। गुरुवार को खराब स्वास्थ्य का 

सुनवाई के दौरान विशेष एनआईए जज ने प्रज्ञा ठाकुर से पूछा कि अब तक जितने भी गवाहों से पूछताछ हुई है, उनसे यह निकलकर सामने आया है कि 29 सितंबर 2008 को विस्‍फोट हुआ था। इस बारे में आपको क्‍या कहना है? इसके जवाब में प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि मैं कुछ नहीं जानती। कोर्ट में जज ने जब भोपाल से बीजेपी सांसद से पूछा कि क्या आपको पता है या आपके वकील ने आपको सूचना दी है कि अब तक कुल कितने गवाहों से पूछताछ हो चुकी है? इस पर उन्होंने फिर कहा, 'मुझे कुछ नहीं पता।' 

गुरुवार को कोर्ट में पेश नहीं हुई थीं प्रज्ञा 
इससे पहले ठाकुर ने कहा था कि उनका स्‍वास्‍थ्‍य खराब है, इसलिए वह कोर्ट में पेश नहीं हो सकती हैं। खराब स्वास्थ्य के कारण कोर्ट में पेश नहीं होनेवाली प्रज्ञा ठाकुर गुरुवार को ही राजपूत समाज के एक कार्यक्रम में पहुंची थीं। उनकी निकट सहयोगी संध्‍या ने बताया कि दीदी प्रज्ञा अस्‍वस्‍थ हैं। उन्‍हें बुधवार को निजी अस्‍पताल में भर्ती कराया गया था। संध्‍या के दावे के विपरीत प्रज्ञा ठाकुर गुरुवार को महाराणा प्रताप की जयंती पर राजपूत समाज के एक कार्यक्रम में शामिल हुईं। 

सप्ताह में एक बार कोर्ट में पेश होने का आदेश 
एनआईए कोर्ट ने ब्लास्ट के सभी आरोपियों को सप्ताह में कम से कम एक बार कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। प्रज्ञा फिलहाल स्वास्थ्य कारणों से जमानत पर बाहर हैं। प्रज्ञा के खिलाफ अनलॉफुल ऐक्टिविटीज प्रिवेंशन ऐक्ट के तहत मुकदमा चल रहा है। 

भोपाल से सांसद बनीं प्रज्ञा 
अप्रैल 2017 में साध्वी प्रज्ञा को 9 साल कैद में रहने के बाद सशर्त जमानत दी गई थी। इसके बाद 30 अक्टूबर 2018 को कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी 7 पर आतंकी साजिश और हत्या के आरोप तय किए गए थे। प्रज्ञा ने भोपाल लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीतकर सांसद बन गईं। उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह को 3,64,822 वोटों के अंतर से हराया

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