अमित शाह- मोदीजी का कार्यकाल बेदाग, 2019 में फिर से बनाएंगे सरकार

दिल्ली। 2014 की बड़ी लड़ाई से पहले दिल्ली के जिस रामलीला मैदान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंखनाद किया था, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भी वहीं से बिगुल बजेगा। शुक्रवार को यहां भाजपा की अब तक की सबसे बड़ी दो दिवसीय भाजपा राष्ट्रीय परिषद की बैठक का शुभारंभ हो चुका है। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह पूरे देश से आए हजारों कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देंगे।
इस अधिवेशन का उद्घाटन मोदी के अलावा वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह व अन्य नेताओं ने किया।

 बैठक की शुरुआत के साथ ही भाजपा अध्यक्ष ने अपने संबोधन में पिछले एक हफ्ते में केंद्र सरकार द्वारा सवर्ण आरक्षण और व्यापारियों को जीएसटी में छूट की सौगात दी है। आरक्षण के इस फैसले के बाद अब युवाओं के सपने पूरे होंगे। पीएम ने करोड़ो युवाओं के विकास का रास्ता खोला है।

शाह ने कहा कि हम इन फैसलों के लिए प्रधानमंत्री का अभिनंदन करते हैं। साथ ही जीएसटी में छूट का दायरा बढ़ाने का फैसला भी ऐतिहासिक है।

2014 में हमको जो देश मिला उसमें भ्रष्टाचार का बोलबाला था, लेकिन मोदी सरकार बेदाग है। कार्यकर्ता अपनी सरकार की बेदाग छवि को लेकर चुनाव में जाएं। मां और बेटे दोनों जमानत पर हैं। उनके द्वारा हड़पी हुई संपति को कोर्ट ने खाली करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने माना की राफेल सौदा पाक साफ है। सरकार बनते ही हमने कालेधन के खिलाफ कदम उठाया और एसआईटी का गठन किया।

राम मंदिर के निर्माण में कांग्रेस रोड़े अटका रही है। लेकिन राम मंदिर वहीं बनेगा जहां राम का जन्म हुआ। संवैधानिक रूप से राम मंदिर बनाने के लिए कटिबद्ध हैं। और कोर्ट के जरिए जल्द हल निकालने की कोशिशें जारी है।

इस अधिवेशन में सरकार की उपलब्धियों के बखान और विपक्षी दलों को कठघरे में खड़ा करने के साथ-साथ कार्यकर्ताओं का मनोबल भी बढ़ाया जाएगा। वस्तुतः दो दिनों के इस मंथन के बाद कार्यकर्ताओं और नेताओं को सीधे जमीन पर उतरने का निर्देश होगा।

जनवरी 2014 में इसी रामलीला मैदान में बतौर प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मानचित्र पर भारत को सबल रूप से खड़ा करने की अपनी सोच रखी थी। चुनाव से पहले वह राष्ट्रीय परिषद की आखिरी बैठक थी। उसमें उन्होंने खासतौर से तकनीक, पर्यटन, परंपरा, व्यापार और टैलेंट की बात की थी।

इस बार वह सरकार की उपलब्धियों के बारे में तो बताएंगे ही। निचले स्तर पर हुए बदलाव, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा को लेकर उठाए गए कदमों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि में निखार का भी उल्लेख होगा। अमित शाह जहां शुक्रवार को परिषद में उद्घाटन भाषण देंगे तो मोदी शनिवार को समापन भाषण देंगे। बताते हैं कि बैठक में तीन प्रस्ताव भी पारित किए जाएंगे जिसमें राजनीति और सुरक्षा से जुड़ा प्रस्ताव अहम होगा।

माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह बारी-बारी से विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का करारा जवाब भी देंगे। वहीं, ओबीसी आयोग, तीन तलाक, आरक्षण जैसे मुद्दों पर विपक्ष के रुख पर भी सवाल उठाया जाएगा। महागठबंधन में चल रही खींचतान पर तंज भी होगा। इस बैठक में 10 हजार से ज्यादा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के आने की उम्मीद है।

दो दिनों में राज्यों पर भी अलग-अलग चर्चा होगी। प्रदेश नेतृत्व को निर्धारित समय में कामकाज का पूरा ब्योरा दिया जाएगा। ध्यान रहे कि कुछ ही दिन पहले शाह ने लोकसभा चुनाव की तैयारियों के लिए 17 समितियां भी बनाई हैं। राज्यों के प्रभारियों और सहप्रभारियों की नियुक्ति भी हो चुकी है। इस दो दिवसीय परिषद में सभी को जीत के मंत्र के साथ चलने का निर्देश दिया जाएगा और 2014 से भी बड़ी जीत का संकल्प दोहराया जाएगा।