गुजरात में आज से लागू हो जाएगा सवर्ण आरक्षण कानून

अहमदाबाद। आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को दस फीसद आरक्षण देने संबंधी विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है और राष्टपति भी इस पर मुहर लगा चुके हैं। अब गुजरात के मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है कि मकर संक्रांति यानि 14 जनवरी से यह कानून उनके प्रदेश में लागू हो जाएगा। गुजरात इस व्यवस्था को लागू करने वाला पहला राज्य होगा।

उठाना चाहते हैं फायदा तो यह कागज रखें तैयार

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में 10 फीसदी आरक्षण पर बीते दिनों संसद की मुहर लग गई। लोकसभा के बाद राज्यसभा ने भी सामान्य वर्ग के गरीबों को आरक्षण देने संबंधी 124वें संविधान संशोधन विधेयक को 165 वोटों से पारित कर दिया।

इस बिल में शर्ते रखी गईं हैं जो यह तय करेंगी कि किसे इस आरक्षण का फायदा मिलेगा और किसे नहीं। अगर आप भी इस श्रेणी में आते हैं तो इसका फायदा लेने कि लिए आपको कुछ कागजात तैयार रखने होंगे।

आधार कार्ड : अगर आप आरक्षण का लाभ लेने वाले उम्मीदवार हैं और अभी तक आधार कार्ड नहीं है, तो आपकी परेशानी बढ़ जाएगी। आधार कार्ड भारतीय नागरिक होने के पहचान के तौर पर दिखाया जाता है। इसे नौकरी में अनिवार्य कर दिया गया है।

पैन कार्ड : पैन कार्ड भी जरूरी दस्तावेजों की श्रेणी में आता है। अगर आपने अभी तक पैन कार्ड नहीं बनवाया है, तो जल्द ही इसके लिए आवेदन कर दें। वर्तमान में पैन कार्ड सभी नौकरी और सेवाओं के लिए अनिवार्य कर दिया गया है।

आय प्रमाण पत्र : चूंकि सामान्य वर्ग को आरक्षण आर्थिक आधार पर मिल रहा है इसलिए आपको माता-पिता की आय दिखानी होगी। इसके लिए आपको माता-पिता का आय प्रमाण पत्र बनवाना होगा। इसके लिए कई राज्यों में ऑनलाइन आवेदन करना होता है।
इन्हें मिलेगा लाभ

- जिनकी सालाना आय आठ लाख से कम हो

- जिनकेपास पांच एकड़ से कम की खेती की जमीन हो

- जिनके पास 1000 वर्ग फीट से कम का घर हो

- जिनके पास किसी नगर निगम में 109 गज से कम अधिसूचित जमीन हो

- जिनके पास किसी नगर निगम में 209 गज से कम की गैर-अधिसूचित जमीन हो

- जो अभी तक किसी भी तरह के आरक्षण के तहत नहीं आते हों